Uttarakhand
Best Places To Visit In Uttarakhand:उत्तराखंड के 10 सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थल

Best Places To Visit In Uttarakhand : भारत के उत्तर में स्थित उत्तराखंड को “देवभूमि” यानी देवताओं की भूमि कहा जाता है। हिमालय की ऊंची-ऊंची बर्फ से ढकी चोटियों, कल-कल बहती पवित्र नदियों, घने जंगलों और प्राचीन मंदिरों से समृद्ध यह राज्य हर साल करोड़ों पर्यटकों, ट्रैकर्स और आध्यात्मिक झुकाव वाले लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यदि आप भी अपनी व्यस्त और भागदौड़ भरी जिंदगी से थोड़ा ब्रेक लेना चाहते हैं और प्रकृति की गोद में कुछ पल सुकून के बिताना चाहते हैं, तो उत्तराखंड से बेहतर कोई विकल्प नहीं हो सकता।
इस लेख में हम आपको उत्तराखंड के 10 सबसे खूबसूरत और बेहतरीन पर्यटन स्थलों (Best places to visit in Uttarakhand) के बारे में विस्तार से बताएंगे, जहां की यात्रा आपके जीवन के सबसे यादगार अनुभवों में से एक बन जाएगी।
Best Places To Visit In Uttarakhand
1. ऋषिकेश: योग और रोमांच का वैश्विक केंद्र
गंगा नदी के तट पर बसा ऋषिकेश न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में “योग की राजधानी” के रूप में जाना जाता है। आध्यात्मिक शांति की तलाश करने वालों के साथ-साथ यह जगह एडवेंचर के शौकीनों के लिए भी एक स्वर्ग है।
- मुख्य आकर्षण: लक्ष्मण झूला, राम झूला, त्रिवेणी घाट पर शाम की भव्य गंगा आरती, और नीलकंठ महादेव मंदिर।
- रोमांचक गतिविधियां: व्हाइट वाटर राफ्टिंग (White Water Rafting), बंजी जंपिंग, कैंपिंग और क्लिफ जंपिंग।
- क्यों जाएं: यदि आप मानसिक शांति के साथ-साथ थोड़े एडवेंचर का अनुभव करना चाहते हैं, तो ऋषिकेश आपकी सूची में सबसे ऊपर होना चाहिए।

2. नैनीताल: झीलों की खूबसूरत नगरी
कुमाऊं की पहाड़ियों में बसा नैनीताल उत्तराखंड का एक बेहद लोकप्रिय हिल स्टेशन है। यह चारों ओर से ऊंचे पहाड़ों और खूबसूरत झीलों से घिरा हुआ है। नैनीताल को “झीलों का शहर” भी कहा जाता है।
- मुख्य आकर्षण: नैनी झील (Naini Lake), नैना देवी मंदिर, मॉल रोड, टिफिन टॉप (डोरोथी सीट) और स्नो व्यू पॉइंट।
- रोमांचक गतिविधियां: नैनी झील में नौकाविहार (Boating), केव गार्डन की सैर, और मॉल रोड पर शाम की वॉक।
- क्यों जाएं: परिवारों और हनीमून कपल्स के लिए यह जगह एकदम सही है, जहां का शांत मौसम और ठंडी हवाएं आपका दिल जीत लेंगी।
3. मसूरी: पहाड़ों की रानी
देहरादून से महज 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मसूरी को “पहाड़ों की रानी“ कहा जाता है। ब्रिटिश काल से ही यह हिल स्टेशन पर्यटकों की पहली पसंद रहा है। यहां से दिखने वाली शिवालिक पर्वत श्रृंखला और दून घाटी का नजारा बेहद अद्भुत होता है।
- मुख्य आकर्षण: केम्प्टी फॉल (Kempty Fall), गन हिल, कंपनी गार्डन, क्लाउड्स एंड, और प्रसिद्ध लेखक रस्किन बॉन्ड का पसंदीदा गंतव्य “लैंडौर”।
- रोमांचक गतिविधियां: केबल कार राइड, ट्रेकिंग और मॉल रोड पर शॉपिंग।
- क्यों जाएं: यदि आप वीकेंड पर दिल्ली या आस-पास के इलाकों से एक छोटी और खूबसूरत ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो मसूरी सबसे बेहतरीन विकल्प है।

4. औली: भारत का मिनी स्विट्जरलैंड
यदि आपको बर्फबारी (Snowfall) और स्कीइंग (Skiing) का शौक है, तो औली आपके लिए जन्नत से कम नहीं है। चमोली जिले में स्थित औली भारत के सबसे बेहतरीन स्कीइंग डेस्टिनेशन्स में से एक है, जिसे “भारत का मिनी स्विट्जरलैंड” भी कहा जाता है।
- मुख्य आकर्षण: औली आर्टिफिशियल लेक, जोशीमठ से औली तक की केबल कार (Asia’s longest ropeway), और त्रिशूल व नंदा देवी चोटियों का शानदार नजारा।
- रोमांचक गतिविधियां: स्कीइंग, स्नोबोर्डिंग, और गुरसो बुग्याल तक ट्रेकिंग।
- क्यों जाएं: सर्दियों के मौसम में बर्फ की सफेद चादर को करीब से देखने और विंटर स्पोर्ट्स का मजा लेने के लिए औली जरूर जाएं।

5. चोपता: उत्तराखंड का स्विट्जरलैंड
गढ़वाल क्षेत्र में स्थित चोपता एक छोटा और बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है, जिसे “उत्तराखंड का स्विट्जरलैंड” कहा जाता है। यह जगह अभी भी व्यावसायिकता से काफी दूर है, जिससे यहां की प्राकृतिक सुंदरता पूरी तरह से प्राकृतिक और अछूती बनी हुई है।
- मुख्य आकर्षण: तुंगनाथ मंदिर (दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर) और चंद्रशिला चोटी।
- रोमांचक गतिविधियां: तुंगनाथ और चंद्रशिला तक की ट्रेकिंग, बर्ड वाचिंग और जंगलों में कैंपिंग।
- क्यों जाएं: प्रकृति प्रेमियों और शांत वातावरण की तलाश करने वाले ट्रैकर्स के लिए चोपता एक आदर्श स्थान है।
6. फूलों की घाटी (Valley of Flowers)
यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर स्थलों में शामिल “वैली ऑफ फ्लावर्स” चमोली जिले में स्थित है। यह घाटी सैकड़ों प्रजातियों के जंगली फूलों से ढकी रहती है, जो मानसून के मौसम में पूरी तरह खिलते हैं।
- मुख्य आकर्षण: विभिन्न प्रकार के दुर्लभ फूल (जैसे ब्रह्मकमल), कस्तूरी मृग और नीली भेड़ जैसे दुर्लभ जीव।
- रोमांचक गतिविधियां: घांघरिया से वैली ऑफ फ्लावर्स तक का खूबसूरत और चुनौतीपूर्ण ट्रेक।
- क्यों जाएं: यदि आप प्रकृति के सबसे जादुई और रंग-बिरंगे रूप को देखना चाहते हैं, तो जुलाई से सितंबर के बीच यहां का प्लान बनाएं।

7. मुंसियारी: हिमालय का प्रवेश द्वार
पिथौरागढ़ जिले में स्थित मुंसियारी को “लिटिल कश्मीर” भी कहा जाता है। यह बर्फ से ढकी पंचाचूली (Panchachuli) चोटियों के आधार के रूप में कार्य करता है। ट्रेकर्स के लिए यह जगह किसी वरदान से कम नहीं है।
- मुख्य आकर्षण: पंचाचूली चोटियों का दृश्य, मिलम ग्लेशियर, रालम ग्लेशियर और नंदा देवी मंदिर।
- रोमांचक गतिविधियां: ग्लेशियर ट्रेकिंग, कैंपिंग और स्थानीय कुमाऊंनी संस्कृति का अनुभव।
- क्यों जाएं: भीड़भाड़ से दूर, हिमालय की शांत और विशाल चोटियों को एकदम करीब से महसूस करने के लिए मुंसियारी एक बेहतरीन ऑफबीट डेस्टिनेशन है।
8. हर्षिल घाटी: सेब के बागानों का स्वर्ग
उत्तरकाशी जिले में भागीरथी नदी के तट पर स्थित हर्षिल एक बेहद शांत और खूबसूरत गांव है। यह जगह अपने घने देवदार के जंगलों, सेब के बागानों और चारों ओर फैले पहाड़ों के लिए प्रसिद्ध है।
- मुख्य आकर्षण: भागीरथी नदी का किनारा, मुखबा गांव (गंगोत्री माता का शीतकालीन निवास), और सेब के विशाल बागान।
- रोमांचक गतिविधियां: प्रकृति की सैर (Nature Walks), फोटोग्राफी और स्थानीय गढ़वाली जीवनशैली को समझना।
- क्यों जाएं: यदि आप एक ऐसी जगह की तलाश में हैं जहां केवल नदियों की कल-कल आवाज और पक्षियों की चहचहाहट हो, तो हर्षिल आपके लिए ही है।
9. केदारनाथ और बद्रीनाथ: आध्यात्मिक चेतना के मुख्य केंद्र
उत्तराखंड की यात्रा तब तक अधूरी मानी जाती है जब तक कि आप इसके प्रसिद्ध “चार धाम” के दर्शन न कर लें। इनमें केदारनाथ (भगवान शिव का निवास) और बद्रीनाथ (भगवान विष्णु का निवास) सबसे प्रमुख हैं।
- मुख्य आकर्षण: 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक केदारनाथ मंदिर, अलकनंदा नदी के तट पर स्थित बद्रीनाथ मंदिर और तप्त कुंड।
- रोमांचक गतिविधियां: गौरीकुंड से केदारनाथ तक का 16 किलोमीटर का कठिन लेकिन आध्यात्मिक रूप से ऊर्जावान ट्रेक।
- क्यों जाएं: मानसिक शांति, सनातन संस्कृति की गहरी जड़ों को महसूस करने और पहाड़ों के बीच असीम श्रद्धा का अनुभव करने के लिए इन धामों की यात्रा अवश्य करें।
10. जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क: वन्यजीवों का रोमांच
नैनीताल जिले में स्थित जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क भारत का सबसे पुराना और सबसे प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान है। यह मुख्य रूप से अपने रॉयल बंगाल टाइगर्स (Royal Bengal Tigers) के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।
- मुख्य आकर्षण: ढिकला ज़ोन, रामगंगा नदी, विभिन्न प्रकार के वन्यजीव जैसे हाथी, हिरण, और पक्षियों की सैकड़ों प्रजातियां।
- रोमांचक गतिविधियां: ओपन जीप सफारी, कैंटर सफारी और नदी के किनारे बने जंगलों के रिसॉर्ट्स में ठहरना।
- क्यों जाएं: वन्यजीव प्रेमियों और एडवेंचर के शौकीनों के लिए जंगल सफारी का यह अनुभव बेहद रोमांचक और थ्रिलिंग होता है।
उत्तराखंड घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Uttarakhand)
उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि आप यहां साल के अलग-अलग महीनों में अलग-अलग अनुभवों के लिए आ सकते हैं:
| मौसम | महीने | क्यों जाएं? |
| गर्मियां (Summer) | मार्च से जून | हिल स्टेशंस (मसूरी, नैनीताल) पर सुहावने मौसम और चार धाम यात्रा के लिए सबसे उपयुक्त। |
| मानसून (Monsoon) | जुलाई से सितंबर | वैली ऑफ फ्लावर्स और चारों ओर फैली हरियाली को देखने के लिए अच्छा है (हालांकि इस समय भूस्खलन का खतरा रहता है)। |
| सर्दियां (Winter) | अक्टूबर से फरवरी | औली में स्कीइंग, बर्फबारी का मजा लेने और मुंसियारी व चोपता में विंटर ट्रेक के लिए बेस्ट। |
उत्तराखंड यात्रा के लिए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स (Travel Tips)
- मौसम की जानकारी रखें: पहाड़ों पर मौसम बहुत तेजी से बदलता है। यात्रा पर निकलने से पहले मौसम का पूर्वानुमान (Weather Forecast) जरूर चेक करें, विशेषकर मानसून के दौरान।
- गर्म कपड़े साथ रखें: यदि आप गर्मियों में भी जा रहे हैं, तो शाम के समय के लिए हल्के ऊनी कपड़े और यदि सर्दियों में जा रहे हैं, तो भारी जैकेट, थर्मल और दस्ताने साथ ले जाना न भूलें।
- अग्रिम बुकिंग (Advance Booking): पीक सीजन (जैसे मई-जून या दिसंबर-जनवरी) के दौरान होटल, रिसॉर्ट्स और सफारी की बुकिंग पहले से ही करा लें ताकि किसी परेशानी से बचा जा सके।
- स्थानीय संस्कृति और प्रकृति का सम्मान करें: देवभूमि एक अत्यंत पवित्र और प्राकृतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र है। यात्रा के दौरान प्लास्टिक का उपयोग कम से कम करें, गंदगी न फैलाएं और स्थानीय परंपराओं का सम्मान करें।
निष्कर्ष
उत्तराखंड एक ऐसा राज्य है जो हर तरह के यात्री को कुछ न कुछ अनोखा प्रदान करता है। चाहे आप एक ट्रैकर हों जो पहाड़ों को फतह करना चाहता है, एक प्रकृति प्रेमी हों जो शांत नजारों को कैमरे में कैद करना चाहता है, या एक श्रद्धालु हों जो ईश्वर के चरणों में शीश नवाना चाहता है—उत्तराखंड की यह देवभूमि आपकी सभी इच्छाओं को पूरा करती है। तो देर किस बात की? अपने बैग पैक कीजिए, अपनी पसंदीदा जगहों का चुनाव कीजिए और निकल पड़िए उत्तराखंड की एक जादुई और अविस्मरणीय यात्रा पर!
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धामी कैबिनेट की बैठक हुई समाप्त, 10 प्रस्तावों पर लगी मुहर, एक क्लिक में पढ़ें सभी फैसले

Dhami Cabinet Decisions : सीएम धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक समाप्त हो गई है। मंत्रिमंडल की बैठक में 10 प्रस्तावों पर मुहर लगी है।
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धामी कैबिनेट की बैठक हुई समाप्त
सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता आज सचिवालय में शाम चार बजे से कैबिनेट की बैठक शुरू हुई। बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। जिसके बाद 10 प्रस्तावों पर मंत्रिमंडल की मुहर लगी है। उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग/कयाकिंग संशोधन नियमावली 2026 को CX^FCX[N CS
10 प्रस्तावों को मिली मंत्रिमंडल की मंजूरी
- 1. पिथौरागढ़ स्थित नन्ही परी संस्थान के लिए लगभग तीन हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
- 2. तकनीकी विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग कॉलेज के विकास के लिए 14.857 हेक्टेयर भूमि तकनीकी शिक्षा विभाग के नाम स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया।
- 3. प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत अक्षय पात्र फाउंडेशन, श्रीनगर अब सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को पका हुआ मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराएगा।
- 4. उत्तराखंड राज्य भंडारण निगम के 68 नियमित कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली।

कुंभ मेले के ऑडिट कार्यों के लिए दो नए पद सृजित
- 1. कुंभ मेले के ऑडिट कार्यों को बेहतर बनाने के लिए वरिष्ठ लेखाधिकारी और अधिशासी अभियंता के एक-एक नए पद सृजित करने का फैसला लिया गया।
- 2. लेखाकार सहित अन्य पदों पर पदोन्नति के लिए नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई। अब पदोन्नति ज्येष्ठता (सीनियरिटी) के आधार पर की जाएगी।
- 3. बापूग्राम, बिंदुखत्ता और 54 बग्गा से जुड़े भूमि अधिकार मामलों के समाधान के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी। समिति अपनी रिपोर्ट और प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजेगी।
- 4. कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2027-28 से मदरसा बोर्ड के लिए बजट में अलग से प्रावधान समाप्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।
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सौरभ बहुगुणा बने उत्तराखंड के सबसे पावरफुल मंत्री !, आदेश जारी होने के बाद चर्चाओं के बाजार गर्म

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड सरकार के एक आदेश ने नई सियासी बहस छेड़ दी है। अब 5 करोड़ रुपये से बड़ी योजनाओं का विवरण सीधे मुख्यमंत्री के पास नहीं, बल्कि पहले युवा मंत्री सौरभ बहुगुणा के अवलोकन के लिए भेजा जाएगा। इस फैसले ने उनके बढ़ते राजनीतिक कद और सरकार की रणनीति को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
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सौरभ बहुगुणा बने उत्तराखंड के सबसे पावरफुल मंत्री !
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैबिनेट के सबसे युवा मंत्री सौरभ बहुगुणा को एक खास जिम्मेदारी दी है। अब विभिन्न विभागों की 5 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली जनहित योजनाओं का पूरा ब्योरा और ब्रीफ नोट पहले सौरभ बहुगुणा के पास भेजा जाएगा।
इसके बाद इसकी प्रति मुख्यमंत्री कार्यालय को भी भेजी जाएगी। बकायदा इसके लिए आदेश भी जारी किया गया है। लोगों का कहना है कि मंत्री सौरभ बहुगुणा अब उत्तराखंड सरकार के सबसे ज्यादा पावरफुल मंत्री बन गए हैं।
आदेश जारी होने के बाद चर्चाओं के बाजार गर्म
मुख्यमंत्री के प्रमुख निजी सचिव की ओर से सभी मंत्रियों के मुख्य, वरिष्ठ और निजी सचिवों को जारी पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बड़ी योजनाओं का विस्तृत विवरण सौरभ बहुगुणा के अवलोकन के लिए भेजा जाए। आदेश सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

यही सवाल अब सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है। धामी कैबिनेट में कई अनुभवी और वरिष्ठ मंत्री मौजूद हैं। इसके बावजूद इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सबसे युवा मंत्री को सौंपे जाने को लेकर अलग-अलग राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। क्या ये सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था है या फिर भविष्य की किसी बड़ी रणनीति का संकेत हैं।
वरिष्ठ मंत्री भी देंगे युवा मंत्री को रिपोर्ट
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अब वरिष्ठ मंत्रियों को अपनी विभागीय बड़ी योजनाओं का विवरण सीधे मुख्यमंत्री के बजाय पहले एक युवा कैबिनेट मंत्री को भेजना होगा। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस नई व्यवस्था को मंत्रिमंडल के भीतर किस तरह लिया जाता है।

इस आदेश के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। आने वाले दिनों में ये साफ होगा कि यह फैसला केवल फाइलों तक सीमित रहता है या फिर उत्तराखंड सरकार के सत्ता समीकरणों में किसी बड़े बदलाव की शुरुआत साबित होता है। फिलहाल मुख्यमंत्री कार्यालय के इस एक आदेश ने सौरभ बहुगुणा को राज्य की सियासत के सबसे चर्चित चेहरों में जरूर ला खड़ा किया है।
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केसी वेणुगोपाल का बड़ा दावा, बोले- कांग्रेस है एकजुट, राम मंदिर पर भी दिया बड़ा बयान

Uttarakhand Politics : कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल अपने दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे के तहत गुरुवार को देहरादून पहुंचे। दौरे के दूसरे दिन आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने उत्तराखंड कांग्रेस में गुटबाजी की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और संगठन मजबूती के साथ कार्य कर रहा है।
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केसी वेणुगोपाल का बड़ा दावा, बोले- कांग्रेस एकजुट है
एआईसी के राष्ट्रीय महासचिव के.सी. वेणुगोपाल दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंचे हैं। दौरे के दूसरे दिन आज उन्होंने कांग्रेस मुख्यालय देहरादून में प्रेसवार्ता कर पार्टी की चुनावी तैयारियों की जानकारी दी।
इस दौरान कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि चुनावी तैयारियों के लिए वे उत्तराखंड आए हैं। इस दौरान उन्होंने पार्टी नेताओं के साथ पॉलिटिकल अफेयर्स की बैठक और विधायकों व पूर्व विधायकों से भी मुलाकात की भी जानकारी साझा की।

कांग्रेस के सभी नेता एकजुट होकर लडेंगे चुनाव
केसी वेणुगोपाल कांग्रेस के सभी नेता एकजुट होकर आगामी चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे जिसके लिए सरकार को बदलने के लिए माहौल बनाना होगा। राष्ट्रीय महासचिव ने बेरोजगारी, पलायन और पेपर लीक को प्रमुख मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उत्तराखंड के लिए एक बड़ा घोषणा पत्र भी लाएगी।
कांग्रेस में नहीं है कोई गुटबाजी – कुमारी शैलजा
प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने कहा कि कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है। साथ ही उन्होंने अयोध्या चंदा चोरी और बद्रीनाथ धाम में हुई चोरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की। शैलजा ने अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में कांग्रेस के शीर्ष नेता भी उत्तराखंड आएंगे और निश्चित रूप से आगामी चुनावों में कांग्रेस प्रदेश की सियासत में अपनी जगह बनाएगी।
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