big news
LUCC घोटाले में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, 46 लोगों पर मुकदमा दर्ज

देहरादून: उत्तराखंड में सीबीआई ने LUCC घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। हाईकोर्ट द्वारा जारी आदेश पर सीबीआई ने 46 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। ये मामला प्रदेश के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक आंका जा रहा है।
LUCC घोटाले में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, LUCC कोऑपरेटिव सोसायटी द्वारा निवेशकों से करोड़ों रुपये जमा कर धोखाधड़ी करने का आरोप है। सोसायटी के सदस्यों के खिलाफ प्रदेश के लगभग हर जिले से कुल 18 मुकदमे पहले से ही दर्ज हैं। इस घोटाले में सिनेमा जगत से जुड़े दो नाम कंपनी के ब्रांड एंबेसडर अभिनेता श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ भी मौजूद हैं। दोनों के खिलाफ देहरादून के रायपुर थाने में 6 करोड़ 27 लाख रुपये की धोखाधड़ी के एक मामले में मुक़दमा दर्ज किया गया है।
कई चरणों में हुए आरोपियों के खिलाफ आंदोलन
LUCC धोखाधड़ी में मुख्य रूप से महिलाओं को निशाना बनाया गया था। महिलाओं की ओर से इस मामले में कई बार प्रदर्शन किए गए। इनमें इसी साल मार्च से प्रदर्शन शुरू हुए। पहले कोर्ट परिसर में महिलाओं ने आंदोलन किए। इसके बाद सितंबर महीने में पीड़ित सड़कों पर आने को मजबूर हो गए।
सौ करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप
सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद घोटाले में शामिल अन्य आरोपियों में सनसनी मची हुई है। निवेशकों ने उम्मीद जताई है कि अब उन्हें न्याय मिलेगा और उनकी जमा रकम वापस मिल सकती है। सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसी जल्द ही आरोपियों की संपत्ति और लेनदेन की भी जांच कर सकती है। बता दें सहकारिता मंत्रालय से कथित रूप से रजिस्टर सोसाइटी ने आरडी, एफडी और एमआईपी जैसे स्कीमों के नाम पर उत्तराखंड में निवेशकों करीब से 100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। साथ ही कंपनी अन्य राज्यों में भी सक्रिय थी। LUCC के खिलाफ उत्तराखंड के सात जिलों में केस दर्ज है। ज्यादातर शिकायतों में कहा गया है कि सोसाइटी ने निवेशकों को झूठे दस्तावेज और सहकारिता मंत्रालय से जुड़े होने का हवाला देकर झांसे में लिया और धोखाधड़ी की।
big news
खतरे के निशान के करीब पहुंची गंगा, हरिद्वार में अलर्ट, 24 घंटे निगरानी पर प्रशासन

Haridwar News : पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब हरिद्वार में भी दिखाई देने लगा है। गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और अब खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है।
Table of Contents
खतरे के निशान के करीब पहुंची गंगा, हरिद्वार में अलर्ट
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश में नदी-नाले उफान पर हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण हरिद्वार में गंगा का जलस्तर खरते के निशान के पास पहुंच गया है। हालात को देखते हुए सिंचाई विभाग, आपदा प्रबंधन और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर पर 24 घंटे रखी जा रही नजर
गंगा के बढ़ते जलस्तर पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। प्रशासन लोगों से भी गंगा तटों और निचले इलाकों में सतर्कता बरतने की अपील कर रहा है।

तभी भी खतरे के निशान तक पहुंच सकता है गंगा का जलस्तर
एसडीओ भारत भूषण शर्मा ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और यह खतरे के निशान के करीब पहुंच चुका है। यदि इसी तरह लगातार वर्षा जारी रही तो जलस्तर खतरे के निशान को भी छू सकता है।
टीम और संबंधित अधिकारी 24 घंटे अलर्ट मोड पर
एसडीओ ने बताया कि विभाग, आपदा प्रबंधन टीम और संबंधित अधिकारी 24 घंटे अलर्ट मोड पर हैं। पहाड़ी क्षेत्रों के अधिकारियों से लगातार संपर्क बना हुआ है और जलस्तर की हर अपडेट उच्च अधिकारियों को भी दी जा रही है। हमारी पूरी कोशिश है कि किसी भी संभावित स्थिति से समय रहते प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
big news
सिडकुल में युवती के साथ गैंगरेप !, अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म के आरोप, पुलिस जांच में जुटी

US Nagar News : उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में सिडकुल क्षेत्र में कार्यरत एक युवती ने तीन युवकों पर कथित रूप से अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Table of Contents
सिडकुल में युवती के साथ गैंगरेप !
सिडकुल से युवती के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। युवती ने तीन युवकों पर अपहरण कर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। पीड़िता के मुताबिक शनिवार रात वो अपनी एक सहेली और दो परिचित युवकों के साथ भूरारानी रोड क्षेत्र में मौजूद थी। इसी दौरान बाइक पर आए तीन युवकों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि तीनों ने धमकाते हुए चारों को उनकी ही बाइक पर बैठाकर गदरपुर की ओर ले जाना शुरू कर दिया।
युवती का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म के आरोप
शिकायत में बताया गया है कि रास्ते में मौका मिलने पर एक युवक और एक युवती चलती बाइक से कूदकर किसी तरह भागने में सफल रहे। हालांकि दूसरी युवती और उसके साथ मौजूद युवक आरोपियों के कब्जे में ही रहे। आरोप है कि बाद में युवक को रास्ते में छोड़ दिया गया, जबकि युवती को आरोपी अपने साथ ले गए।
युवती को अंडरपास के पास छोड़कर फरार हुए बदमाश
पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और पूरी रात उसे अपने कब्जे में रखा। रविवार सुबह उसे मेट्रोपोलिस अंडरपास के पास छोड़कर तीनों फरार हो गए। इसके बाद पीड़िता ने अपने परिचितों और पुलिस को घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता को सुरक्षित अपने साथ लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया और बयान दर्ज किए गए।
पुलिस मामले की जांच में जुटी
सीओ सिटी रुद्रपुर विभव सैनी ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
big news
Rishikesh News: दिसंबर तक बंद रहेगा ऋषिकेश का राम झूला, जानें क्यों लिया गया ये फैसला ?

Rishikesh News : ऋषिकेश के प्रसिद्ध रामझूला पुल को मरम्मत कार्य के चलते आम लोगों की आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) नरेंद्र नगर के अनुसार पुल के व्यापक पुनर्वास का काम शुरू हो चुका है और इसे दिसंबर 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मरम्मत पूरी होने के बाद ही पुल को दोबारा जनता के लिए खोला जाएगा।
Table of Contents
दिसंबर तक बंद रहेगा ऋशिकेष का राम झूला
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, रामझूला पुल लंबे समय से जर्जर स्थिति में था और इसे राज्य के असुरक्षित पुलों की सूची में शामिल किया गया था। आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद सरकार ने मरम्मत कार्य के लिए करीब 10 करोड़ रुपये की मंजूरी दी, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया गया।
मरम्मत के कारण लिया गया ये फैसला
मरम्मत के दौरान गंगा नदी के भीतर स्थित पुल के 20 पाइलों (आधार स्तंभों) को मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा पुल में लगे 440 सस्पेंडर वायर भी बदले जा रहे हैं, ताकि इसकी संरचनात्मक मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
वर्ष 1985 में निर्मित ये सस्पेंशन पुल लगभग 220 मीटर लंबा और 3 मीटर चौड़ा है। रामझूला मुनि की रेती और स्वर्गाश्रम क्षेत्र को जोड़ने वाला एक प्रमुख संपर्क मार्ग होने के साथ-साथ धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

2023 में बारिश के कारण पुल के सहायक तार हो गए थे क्षतिग्रस्त
गौरतलब है कि 17 अगस्त 2023 को भारी बारिश और गंगा के जलस्तर में तेज वृद्धि के कारण पुल के कुछ सहायक तार क्षतिग्रस्त हो गए थे और संरचना में दरारें आने के बाद दोपहिया वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई थी। इससे पहले जुलाई 2019 में भी कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी।
लोक निर्माण विभाग का कहना है कि मरम्मत कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि दिसंबर के अंत तक रामझूला को सुरक्षित रूप से फिर से आम जनता और श्रद्धालुओं के लिए खोला जा सके।
Cricket22 hours agoSUL-W vs MSG-W Dream11 Team Match 10: Pitch Report, Playing XI & Fantasy Tips
Cricket10 hours agoSUL vs MSG Dream11 Team Prediction Match 10 | Pitch Report & Playing XI
uttarakhand weather8 hours agoउत्तराखंड में आज भारी बारिश का अलर्ट, मैदानी जिलों में बाढ़ की चेतावनी जारी, 5 जिलों में स्कूल बंद
Haridwar8 hours agoकांवड़ मेले से पहले बड़ा खुलासा! केमिकल से बन रहा था मिलावटी पनीर, 50 किलो जब्त
Breakingnews5 hours agoउत्तराखंड में भारी से भारी बारिश का अलर्ट, चारधाम यात्रा को दो दिन के लिए किया स्थगित
Cricket6 hours agoकौन हैं Saransh Jain? जाने करियर, आंकड़े और उनके ऑलराउंड सफर की पूरी कहानी..
Haldwani6 hours agoहल्द्वानी में खौफनाक मंजर! उफनती भाखड़ा नदी में फंसे दो लोग, बाल-बाल बची जान
big news4 hours agoखतरे के निशान के करीब पहुंची गंगा, हरिद्वार में अलर्ट, 24 घंटे निगरानी पर प्रशासन











































