big news
भारत-चीन सीमा पर बड़ी उपलब्धि, मलारी स्टील पुल से सेना और नीति घाटी को नई ताकत…

Chamoli news: मलारी स्टील ब्रिज से मिलेगी भारत को मजबूती, नीती घाटी के दर्जनों गांवों में बढ़ेगा पर्यटन
Chamoli news: चमोली जिले में भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाले मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारत को मिली महत्वपूर्ण सफलता। सीमा सड़क संगठन (BRO) ने ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत स्यून गदेरे के पास 104 मीटर लंबे स्टील ब्रिज का निर्माण लगभग पूरा कर लिया है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के तहत, अगले साल तक इस पुल को यातायात के लिए खोलने की योजना है, जिससे सीमांत क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।
मुख्य बिंदु
भारत चीन सीमा को जोड़ेगा Malari Steel Bridge
इसके साथ ही, दुर्गम हिमालयी क्षेत्र में बने इस स्टील ब्रिज को इंजीनियरिंग की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। सीमांत क्षेत्र में इतने बड़े स्टील ब्रिज का निर्माण पहली बार किया गया है। परिणामस्वरूप, भारतीय सेना और आईटीबीपी की चौकियों तक रसद सामग्री और भारी सैन्य वाहनों की आवाजाही पहले से कहीं अधिक आसान और सुरक्षित हो सकेगी, जिससे सीमा सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
नीति घाटी और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
इसी कड़ी में, ढाक वार्ड की जिला पंचायत सदस्य आरुषि बुटोला ने बताया कि इस पुल के बन जाने से नीति घाटी के दो दर्जन से अधिक गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पहले से मौजूद कई पुल जर्जर स्थिति में थे, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी। अब, इस नए और मजबूत स्टील ब्रिज से ग्रामीणों की आवाजाही सुरक्षित होगी और क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

सामाजिक-आर्थिक विकास में अहम भूमिका
एसडीएम जोशीमठ चंद्रशेखर वशिष्ठ ने इस पुल को सेना के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इससे नीति घाटी के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इसके परिणामस्वरूप, पर्यटकों को सुरक्षित यात्रा का लाभ मिलेगा, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। BRO का ये प्रोजेक्ट सामरिक महत्व के साथ-साथ सीमांत क्षेत्रों के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा।
Read more…
नीति घाटी से सामने आई बर्फ़बारी की सुन्दर तस्वीरें, साल के पहले दिन मौसम हुआ मेहरबान
उत्तराखंड: ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने बढ़ाई सीमा चौकसी, नेपाल और चीन सीमा पर कड़ी निगरानी…
चमोली : शिफ्ट बदलते ही टनल में टकराईं लोको ट्रेनें, पीपलकोटी में बड़ा हादसा, 88 मजदूर घायल
Malari Steel Bridge कहाँ बनाया जा रहा है?
Malari स्टील ब्रिज उत्तराखंड के चमोली जिले में भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाले मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्यून गदेरे के पास बनाया जा रहा है।
Malari Steel Bridge की लंबाई कितनी है?
इस स्टील ब्रिज की कुल लंबाई 104 मीटर है, जिसे सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत बनाया जा रहा है।
Malari स्टील ब्रिज कब तक यातायात के लिए खुलेगा?
BRO के अनुसार Malari Steel Bridge को अगले वर्ष तक आम यातायात और सैन्य उपयोग के लिए खोलने की योजना है।
big news
2027 चुनाव से पहले भाजपा में हलचल! जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण ने थामा कांग्रेस का हाथ

देहरादून। उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनाव से पहले भाजपा को झटका देते हुए मशहूर गायक जुबिन नौटियाल के पिता और पूर्व भाजपा नेता रामशरण नौटियाल ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। सोमवार,को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उनके इस कदम ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गया है। अब सबकी नजरें इस बात पर रहेंगी कि रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी का आगामी चुनाव और चकराता क्षेत्र की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।
Table of Contents
1.रामशरण नौटियाल कांग्रेस में शामिल
2.कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में ली सदस्यता
3.भाजपा छोड़कर कांग्रेस में वापसी
कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में थामा पार्टी का हाथ
नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रामशरण नौटियाल ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और चकराता विधायक प्रीतम सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने रामशरण नौटियाल का स्वागत करते हुए उन्हें पार्टी में शामिल किया।
भाजपा छोड़कर कांग्रेस में लौटे रामशरण नौटियाल
रामशरण नौटियाल का कांग्रेस से पुराना राजनीतिक जुड़ाव रहा है। वर्ष 2014 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता ली थी। अब लगभग 12 साल बाद उन्होंने दोबारा कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। भाजपा से इस्तीफा देने से पहले उन्होंने पार्टी में उचित सम्मान नहीं मिलने की बात कही थी। उनके इस्तीफे के बाद से ही उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, जिन पर अब कांग्रेस में शामिल होने के साथ विराम लग गया है।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले तेज हुई सियासी हलचल
उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। ऐसे में रामशरण नौटियाल का भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होना प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। उनकी वापसी का चकराता और जौनसार-बावर क्षेत्र की राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। साथ ही, आगामी चुनाव में कांग्रेस उन्हें किस तरह की भूमिका देती है, इस पर भी राजनीतिक नजरें रहेंगी।
big news
दुष्यंत गौतम ने संभाली सिक्किम के राज्यपाल की कमान, गंगटोक में ली शपथ

देहरादून।सिक्किम में नए राज्यपाल के रूप में दुष्यंत कुमार गौतम ने पदभार संभाल लिया है। सोमवार को गंगटोक स्थित लोक भवन में आयोजित समारोह में उन्होंने राज्यपाल पद की शपथ ली सिक्किम हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ए. मुहम्मद मुस्ताक ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग सहित कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी इस समारोह में मौजूद रहे। इसके साथ ही सिक्किम में दुष्यंत कुमार गौतम की नई संवैधानिक पारी की शुरुआत हो गई है।

लोक भवन में हुआ शपथ ग्रहण समारोह
सिक्किम की राजधानी गंगटोक स्थित लोक भवन में सोमवार को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान सिक्किम हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ए. मुहम्मद मुस्ताक ने दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल पद की शपथ दिलाई। इससे एक दिन पहले रविवार को गौतम गंगटोक के बुरतुक हेलीपैड पहुंचे थे, जहां राज्य के वरिष्ठ नेताओं और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।समारोह में मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग, सिक्किम विधानसभा की उपाध्यक्ष राजकुमारी थापा, मंत्रिपरिषद के सदस्य, विधायक, गंगटोक नगर निगम के प्रतिनिधि, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। शपथ ग्रहण के साथ ही दुष्यंत कुमार गौतम ने सिक्किम के राज्यपाल के रूप में अपनी नई जिम्मेदारी संभाल ली।

भाजपा संगठन से राज्यसभा तक का सफर
दुष्यंत कुमार गौतम भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। वह दिल्ली नगर निगम में पार्षद के रूप में काम कर चुके हैं। मार्च 2020 में वह हरियाणा से राज्यसभा के लिए चुने गए थे और अगस्त 2022 तक सांसद रहे। अब सिक्किम के राज्यपाल के रूप में उनकी नई जिम्मेदारी शुरू हुई है।
Uttarakhand
राज्यपाल बनने के बाद सीएम धामी से मिले डॉ. ढाल सिंह बिसेन, मुख्यमंत्री ने किया स्वागत

देहरादून। उत्तराखंड के नवनियुक्त राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। राज्यपाल पद की शपथ लेने के बाद हुई इस मुलाकात में मुख्यमंत्री ने उनका स्वागत किया और नई जिम्मेदारी संभालने पर शुभकामनाएं दीं।

डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखंड के नौवें राज्यपाल के रूप में ली शपथ
डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने सोमवार को देहरादून के लोक भवन में उत्तराखंड के नौवें राज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें शपथ दिलाई। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह का स्थान लेते हुए नई जिम्मेदारी संभाल ली।

सीएम धामी ने दी बधाई और शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. ढाल सिंह बिसेन को राज्यपाल बनने पर बधाई देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की। मुख्यमंत्री ने उनके राजनीतिक अनुभव और जनसेवा के प्रति योगदान का उल्लेख करते हुए उम्मीद जताई कि उनके मार्गदर्शन से प्रदेश के विकास कार्यों को गति मिलेगी।शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन के बीच हुई मुलाकात को प्रदेश के संवैधानिक नेतृत्व के बीच एक महत्वपूर्ण औपचारिक मुलाकात के तौर पर देखा जा रहा है।
Uttarakhand13 hours agoउत्तराखंड में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, 23 से 26 अक्टूबर तक के लिए अलर्ट जारी
Uttarkashi13 hours agoउत्तरकाशी में जंगल में बैल चराने गए व्यक्ति की खाई में गिरने से मौत, जंगली जानवर के हमले की आशंका
Uttarakhand12 hours agoउत्तराखंड में कांग्रेस की न्याय यात्रा कल से, चार दिशाओं से सरकार को घेरेगी पार्टी
Dehradun9 hours agoट्रेन में यात्री का सामान चोरी होने पर रेलवे देगा मुआवजा, राज्य आयोग ने सुनाया फैसला
Breakingnews11 hours agoपिरान कलियर दरगाह से वायुसेना अधिकारी का बेटा लापता, लावारिस हालत में मिला बैग
Pauri7 hours agoकोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर भदालीखाल के पास खाई में गिरी बस, मौके पर मची चीख-पुकार














































