Dehradun
‘आभार एवं अभिनन्दन समारोह’ कार्यक्रम में सीएम धामी ने किया प्रतिभाग, बोले सरकार जनता की परेशानी को अपनी परेशानी समझकर उसका कर रही निदान।

उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ द्वारा विभिन्न लंबित मांगों पर शासनादेश निर्गत किए जाने पर मुख्यमंत्री का किया आभार व्यक्त।
इंजीनियर हमारे राज्य की प्रगति का मुख्य स्तंभ है: मुख्यमंत्री।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखना तकनीकि संगठनों की जिम्मेदारी है : मुख्यमंत्री।
बुनियादी ढांचों / निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से न हो कोई समझौता : मुख्यमंत्री।
सरकार जनता की परेशानी को अपनी परेशानी समझकर उसका निदान कर रही है: मुख्यमंत्री।
देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ द्वारा आयोजित ‘आभार एवं अभिनन्दन समारोह’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर महासंघ की विभिन्न लंबित मांगों पर शासनादेश निर्गत किए जाने पर महासंघ पदाधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के सभी पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य के कुशल और प्रतिभाशाली इंजीनियर, राष्ट्र एवं राज्य के निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। इंजीनियर हमारे राज्य की प्रगति का मुख्य स्तंभ है। उन्होंने कहा राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथन अनुसार 21वी सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का बनाने पर निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के अंतर्गत बनने वाले बुनियादी ढांचे, विभिन्न विकास योजनाओं, सरकारी भवनों, आदि हमारी प्रदेश में विकास को सुनिश्चित करता है। ऐसे में इन बुनियादी ढांचों /निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नही होना चहिए। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखना तकनीकि संगठनों के ही हम सबकी जिम्मेदारी है। इस बात का विशेष तौर पर ध्यान रखें कि राज्य में किसी भी विकास योजना / परियोजना बुनियादी ढांचे के विकास से लेकर तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाने में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्वेस्टर ग्लोबल समिट में 3.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक के एमओयू साइन हुए। अब तक 71,000 करोड़ रुपए एमओयू की ग्राउंडिंग हो चुकी है। योजनाओ के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने यूआईडीबी का गठन किया है। कालसी में हरीपुर धाम विकसित किया जा रहा है। कैंची धामी, मां पूर्णागिरी मन्दिर का विकास कार्य जारी है। 30 नई नीतियों को लाया गया है। विकास के चौमुखी कार्य प्रगति पर हैं। राज्य सरकार प्रदेश की जनता के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता, सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून लागू , धर्मांतरण कानून, दंगारोधी कानून जैसे बड़े एवं कड़े फैसले लिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की वर्षों से लम्बित समस्याओं का समाधान किया है। विभिन्न अभियन्त्रण विभागों में काम कर रहे कनिष्ठ अभियन्ता और अपर सहायक अभियन्ताओं के लिए वाहन भत्ते में वृद्धि करने के निर्णय के साथ, प्रथम बार सहायक अभियन्ताओं को भी वाहन भत्ते के रूप में 4000 रुपए अनुमन्य किए गए हैं, साथ ही 1000 कनिष्ठ अभियन्ताओं को 10 वर्ष की निरन्तर सेवा पर उच्च वेतन का लाभ प्रदान किया गया है। कनिष्ठ अभियन्ताओं को अपर सहायक अभियन्ता के पदों में वेतन विसंगति को दूर करने का निर्णय भी लिया गया है । इससे निश्चित ही सरकार के प्रयासों के माध्यम से कनिष्ठ अभियन्ताओं और सहायक अभियन्ताओं के मनोबल में वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता की परेशानी को अपनी परेशानी समझकर उसका निदान कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के साथ चलने का मंत्र दिया है। हम समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। देवभूमि को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाना हम सब की सामूहिक ज़िम्मेदारी है।
Dehradun
उत्तराखंड पुलिस की वर्दी में जंतर-मंतर पहुंचा सस्पेंड कांस्टेबल, बयान से मची सनसनी

Uttarakhand News : दिल्ली में चल रहे CJP के आंदोलन के दौरान उत्तराखंड पुलिस के लंबे समय से निलंबित चल रहे सिपाही शेर सिंह द्वारा मंच से तथाकथित “इस्तीफा” देने का प्रदर्शन चर्चा का विषय बना हुआ है। इस घटनाक्रम के बाद ये प्रश्न उठ रहे हैं कि जो व्यक्ति पिछले एक वर्ष से अधिक समय से निलंबित है और सक्रिय पुलिस सेवा में नहीं है, उसके द्वारा दिया गया यह तथाकथित इस्तीफा आखिर किस पद से है तथा इसका वास्तविक औचित्य क्या है।
Table of Contents
उत्तराखंड पुलिस की वर्दी में जंतर-मंतर पहुंचा सस्पेंड कांस्टेबल
मिली जानकारी के मुताबिक शेर सिंह वर्ष 2025 से एक गंभीर आपराधिक प्रकरण में नामजद होने के बाद उत्तराखंड पुलिस से निलंबित चल रहा है। उसके विरुद्ध थाना गंगनहर, जनपद हरिद्वार में मु०अ०सं० 415/2025 के अंतर्गत भारतीय दंड संहिता की धाराओं 420, 467, 468, 471, 120-बी तथा भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 111(2)(बी), 351(2) एवं 352 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
आपराधियों का साथ देने के हैं आरोप
जांच में ये तथ्य सामने आए कि हरिद्वार-रुड़की क्षेत्र के कुख्यात गैंगस्टर प्रवीण वाल्मीकि, जिसके विरुद्ध हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण, अवैध वसूली और भूमि पर अवैध कब्जे सहित अनेक गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और जो वर्तमान में जेल में निरुद्ध है, द्वारा संचालित आपराधिक गिरोह में शेर सिंह की भी सक्रिय भूमिका पाई गई।
आरोप है कि शेर सिंह ने मनीष बॉलर, हसन अब्बास जैदी और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर स्थानीय लोगों को डराकर उनकी भूमि पर अवैध कब्जा करने व उससे आर्थिक लाभ अर्जित करने में सहयोग किया।

भूमि पर अवैध कब्जा कर उसे फर्जी तरीके से बेचा
जांच के अनुसार, रुड़की निवासी एक विधवा महिला और उसके परिवार को गैंग द्वारा लगातार धमकाया गया। आरोप है कि पीड़िता के भाई और देवर पर पहले गैंग द्वारा गोलीबारी की गई। जिसके बाद भयवश पीड़िता अपने बच्चों सहित अन्य स्थान पर रहने चली गई। इसी दौरान उसकी भूमि पर अवैध कब्जा कर उसे फर्जी तरीके से बेच दिया गया।
प्रकरण में ये भी सामने आया कि उस समय उत्तराखंड पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात शेर सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कुख्यात अपराधी प्रवीण वाल्मीकि से सितारगंज जेल एवं रुड़की न्यायालय में कई बार मुलाकात की, पीड़िता और उसके परिवार को मुकदमा वापस लेने के लिए धमकाने का प्रयास किया। आरोप है कि न्यायालय में पेशी के दौरान भी पीड़िता को अपराधी के सामने ले जाकर डराया-धमकाया गया तथा गैंग के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर विवादित भूमि के अवैध सौदे से लाभ अर्जित किया गया।
15 सितंबर 2025 को गिरफ्तारी के बाद किया गया था सस्पेंड
प्रकरण में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के उपरांत शेर सिंह को दिनांक 15 सितंबर 2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया था। बाद में उसे 7 नवंबर 2025 को माननीय उच्च न्यायालय, नैनीताल से जमानत प्राप्त हुई। गिरफ्तारी के उपरांत विभागीय कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था और वह तब से सक्रिय पुलिस सेवा में नहीं है।
Dehradun
मसूरी जाने से पहले पढ़ लें ये खबर!, सिर्फ इस समय खुलेगा मार्ग, प्रशासन ने जारी किए नए नियम

Mussoorie Road Update : लगातार बारिश और भूस्खलन से प्रभावित मसूरी-देहरादून मार्ग पर फिलहाल राहत की खबर है। पानी वाले बैंड क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सड़क की अस्थायी मरम्मत पूरी होने के बाद प्रशासन ने सीमित शर्तों के साथ मार्ग पर यातायात बहाल करने का फैसला लिया है।
Table of Contents
मसूरी जाने से पहले पढ़ लें ये खबर!, सिर्फ इस समय खुलेगा मार्ग
20 जुलाई को भारी बारिश के कारण पानी वाले बैंड क्षेत्र में सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। सुरक्षा कारणों से मार्ग पर यातायात रोक दिया गया था ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना या जनहानि न हो।
अब लोक निर्माण विभाग (PWD) ने आवश्यक मरम्मत कार्य पूरा कर सड़क को अस्थायी रूप से वाहन संचालन योग्य बना दिया है। इसके बाद उप जिलाधिकारी (एसडीएम) ने मार्ग पर यातायात शुरू करने के आदेश जारी किए हैं।
प्रशासन ने सुरक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
मसूरी के उप जिलाधिकारी राहुल आनंद ने कहा कि यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि सड़क की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस व संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

रात में केवल जरूरी वाहनों को मिलेगी अनुमति
प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक इस मार्ग पर केवल अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही आवाजाही की अनुमति दी जाएगी। सामान्य वाहनों का प्रवेश इस अवधि में प्रतिबंधित रहेगा।
तीनों पालियों में तैनात रहेगा पुलिस बल
मसूरी कोतवाली और राजपुर थाना पुलिस को पूरे मार्ग पर तीनों शिफ्टों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस न केवल यातायात को नियंत्रित करेगी, बल्कि भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी भी करेगी। साथ ही रात के समय मार्ग पर सघन चेकिंग अभियान भी चलाया जाएगा।
Breakingnews
UTU Paper Leak मामले में बड़ी कार्रवाई, पेपर लीक करने वाला सहायक प्रोफेसर गिरफ्तार

UTU Paper Leak : उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) की सेमेस्टर परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में दून पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सहायक प्रोफेसर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अभियुक्त ने परीक्षा से पहले छात्रों को व्हाट्सएप ग्रुप और आंतरिक पोर्टल के माध्यम से प्रश्नपत्र से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल साझा किए थे।
Table of Contents
UTU Paper Leak मामले में पेपर लीक करने वाला गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनय कुमार पटेल की शिकायत पर प्रेमनगर कोतवाली में मामला दर्ज किया गया। शिकायत में बताया गया कि 8 जुलाई 2026 को आयोजित सम-सेमेस्टर परीक्षा के संबंध में विश्वविद्यालय को एक ई-मेल प्राप्त हुआ था। ई-मेल में दावा किया गया था कि 3 जुलाई को शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के एक सहायक प्रोफेसर ने परीक्षा से पहले छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप में महत्वपूर्ण प्रश्न साझा किए थे।
व्हट्सअप ग्रुप के माध्यम से पेपर किए थे लीक
विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच समिति ने मामले की जांच की। जांच के दौरान ये सामने आया कि परीक्षा से पहले छात्रों के साथ साझा किए गए कई प्रश्न वास्तविक प्रश्नपत्र से काफी हद तक मेल खाते थे। इसके बाद विश्वविद्यालय ने मामले की सूचना पुलिस को दी।

पुलिस ने आरोपी को देहरादून से किया गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून के निर्देश पर पुलिस ने साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई तेज की। दस्तावेजी साक्ष्यों, गवाहों के बयान और अन्य उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर आशीष कुमार गुप्ता, सहायक प्रोफेसर, शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, झाझरा को गिरफ्तार कर लिया गया।
अभियुक्त के कब्जे से मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की शुरू
पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच भी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि प्रश्नपत्र किस तरह साझा किए गए और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल थे। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
Cricket16 hours agoIND vs ZIM Dream11 Team 2nd T20I 2026: Match Prediction, Pitch Report & Top Picks
Dehradun21 hours agoमसूरी जाने से पहले पढ़ लें ये खबर!, सिर्फ इस समय खुलेगा मार्ग, प्रशासन ने जारी किए नए नियम
uttarakhand weather21 hours agoउत्तराखंड में आज भी होगी तेज बारिश, मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए जारी किया अलर्ट
big news18 hours agoऋषिकेश जाने वालों के लिए बड़ा अपडेट, बजरंग सेतु चलने के लिए देना होगा किराया !
Cricket19 hours agoDharamshala Cricket Stadium (HPCA) | इतिहास, क्षमता, रिकॉर्ड और पूर्ण जानकारी
Chamoli20 hours agoदिल्ली पुलिस कार्रवाई के विरोध में गोपेश्वर में छात्रों का प्रदर्शन, निकाला कैंडल मार्च और मशाल जुलूस
Rudraprayag15 hours agoऊखीमठ में नदी से अधेड़ का शव मिलने से मचा हड़कंप, पुलिस मामले की जांच में जुटी
Dehradun14 hours agoउत्तराखंड पुलिस की वर्दी में जंतर-मंतर पहुंचा सस्पेंड कांस्टेबल, बयान से मची सनसनी






































