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CM धामी का सख्त एक्शन: नकली कफ सिरप पर statewide छापेमारी, बच्चों की जान से खिलवाड़ नहीं चलेगा

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्यभर में अवैध, असुरक्षित और निम्न गुणवत्ता वाली कफ सिरप दवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की टीमें प्रदेश के हर जिले में सक्रिय हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में शुरू यह अभियान अब तक की सबसे व्यापक कार्रवाई के रूप में सामने आया है। स्वास्थ्य सचिव व आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार और अपर आयुक्त व ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी की देखरेख में पूरे प्रदेश में दवा विक्रेताओं, थोक आपूर्तिकर्ताओं और मेडिकल स्टोरों पर औचक निरीक्षण चल रहा है।

देहरादून में सबसे बड़ी छापेमारी
आज एफडीए की टीम ने देहरादून में बड़े पैमाने पर छापेमारी की। आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर औषधि निरीक्षक मानेंद्र सिंह राणा के नेतृत्व में टीम ने चकराता रोड, किशननगर चौक, बल्लूपुर चौक, कांवली रोड, बल्लीपुर चौक और प्रेमनगर क्षेत्रों में मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में बच्चों को दी जाने वाली खांसी और सर्दी-जुकाम की दवाओं के क्रय-विक्रय पर तत्काल रोक लगाई गई। जिन दुकानों में यह दवाएं भंडारित थीं, उन्हें मौके पर सील कर दिया गया। विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि इन औषधियों का विक्रय अगली सूचना तक न करें। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि कई विक्रेताओं ने स्वयं संज्ञान लेकर इन दवाओं को पहले ही दुकान से हटा दिया था। टीम ने मौके पर 11 सिरप के नमूने जांच के लिए लिए। जांच में Coldrif, Respifresh-TR और Relife जैसे सिरप किसी भी मेडिकल स्टोर में उपलब्ध नहीं पाए गए।

उधम सिंह नगर में 40 नमूनों की जांच हेतु भेजेप्रदेश में बच्चों के लिए बनाए गए खांसी के सिरप पर कार्रवाई के तहत उधम सिंह नगर जनपद में औषधि विभाग की टीम ने अभियान तेज कर दिया है। वरिष्ठ औषधि निरीक्षक नीरज कुमार और औषधि निरीक्षक निधि शर्मा के नेतृत्व में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 10 पेडियाट्रिक कफ सिरप के नमूने जांच हेतु लिए गए हैं। इन सिरप में Dextromethorphan Hydrobromide, Chlorpheniramine Maleate और Phenylepherine Hydrochloride जैसे तत्व पाए गए हैं। अब तक जिले से कुल 40 कफ सिरप नमूने फॉर्म-17 में लेकर विश्लेषण के लिए प्रयोगशाला भेजे जा चुके हैं।

हरिद्वार व रुड़की में भी सख्त कार्रवाई, 15 नमूने जांच हेतु भेजे
इसी क्रम में हरिद्वार जनपद में भी औषधि विभाग ने अभियान को और तेज किया है। अपर आयुक्त के निर्देशों पर रुड़की के एयरन हॉस्पिटल, विनय विशाल हॉस्पिटल तथा हरिद्वार के मेट्रो हॉस्पिटल से कुल 15 कफ सिरप के नमूने परीक्षण हेतु लिए गए हैं। औषधि निरीक्षक अनीता भारती के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दौरान संबंधित प्रतिष्ठानों से लिए गए नमूनों को विश्लेषण के लिए भेज दिया गया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, हरिद्वार जिले से अब तक कुल 39 नमूने जांच हेतु लिए जा चुके हैं।
हल्द्वानी में सरकारी अस्पताल से लिए गए नमूने
नैनीताल जनपद के हल्द्वानी में भी एफडीए की कार्रवाई जारी रही। Soban Singh Jeena Base Hospital की ड्रग स्टोर से तीन कफ सिरप के नमूने जांच के लिए लिए गए। सभी नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण हेतु औषधि विश्लेषणशाला, देहरादून भेजा गया है।
कोटद्वार में ‘Respifresh TR’ सिरप का स्टॉक सीज
पौड़ी जिले के कोटद्वार में एफडीए टीम ने कल रात से छापेमारी अभियान चलाया, जो आज भी जारी रहा। कार्रवाई के दौरान जानलेवा घोषित Respifresh TR कफ सिरप का स्टॉक कई मेडिकल स्टोरों से सीज किया गया। आज भी टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों से तीन नए नमूने परीक्षण के लिए लिए हैं।
चौखुटिया-चांदीखेत में भी सख्त कार्रवाई
अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया और चांदीखेत में आज एफडीए की टीम ने छह मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान Respifresh TR सिरप (Batch No. R01GL2523) की 12 बोतलें जब्त की गईं। यह सिरप पहले ही एनएसक्यू (Non-Suitable Quality) घोषित किया जा चुका है। टीम ने चार कफ सिरप के नमूने जांच हेतु एकत्र किए।
रुद्रप्रयाग में 4 नमूने लिए गए, सैंपल भेजे जांच को
रुद्रप्रयाग जनपद के तिलवाड़ा क्षेत्र में औषधि निरीक्षकों की टीम ने रिटेल और थोक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर चार नमूने कफ सिरप के लिए संकलित किए। दवाओं की गुणवत्ता जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उत्तरकाशी में चार सिरपों पर प्रतिबंध
जनपद उत्तरकाशी में औषधि निरीक्षक मोहम्मद ताजिम के नेतृत्व में छापेमारी की गई। टीम ने बच्चों में प्रयुक्त चार प्रकार के कफ सिरपों के नमूने लिए और देहरादून की प्रयोगशाला को भेजे। औषधि निरीक्षक ने सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को चेतावनी दी कि निम्नलिखित सिरप किसी भी हालत में न रखें और न बेचें — Dextromethorphan Hydrobromide Syrup (KL-25/148), Coldrif (SR-13), Respifresh TR (R01GL2523) और Relife (LSL25160)। साथ ही निर्देश दिए गए कि 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप बिल्कुल न दिया जाए और वयस्कों को भी केवल डॉक्टर की सलाह पर ही दवाएं दी जाएं।
अब तक 148 नमूने जांच के लिए भेजे गए
प्रदेशभर में जारी छापेमारी के दौरान अब तक 148 नमूने जांच के लिए भेजे गये। इसके साथ ही आज देहरादून में 11, कोटद्वार में 3, हल्द्वानी में 3, अल्मोड़ा में 4, रुद्रप्रयाग में 4 और उत्तरकाशी में 4 नमूने लिए गए हैं। अभियान के दौरान दर्जनों प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया गया है और कई स्थानों पर संदिग्ध स्टॉक जब्त कर सीलिंग की कार्रवाई की गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा बच्चों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हमारी सरकार हर उस तत्व के खिलाफ सख्त है जो बच्चों की जान से खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा। दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा पर किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। यह कार्रवाई बच्चों के जीवन की सुरक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का बयान
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा एफडीए की कार्रवाई यह संदेश दे रही है कि उत्तराखंड में बच्चों की सेहत सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनता से अपील है कि बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी सिरप या दवा बच्चों को न दें। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि केवल प्रमाणित और सुरक्षित औषधियां ही जनता तक पहुंचें।
स्वास्थ्य सचिव व आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान
स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा राज्यभर में एफडीए की टीमें सक्रिय हैं। जिन सिरपों को जांच के लिए भेजा गया है, उनकी रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सभी जिलों में मेडिकल स्टोरों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि संदिग्ध बैच नंबर की औषधियां तुरंत हटाई जाएं।
ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी का बयान
अपर आयुक्त और ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने कहा एफडीए का अभियान निरंतर जारी रहेगा। पिछले चार दिनों में 27 नमूने जांच हेतु लिए जा चुके हैं और कई प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग की टीमें दिन-रात फील्ड में सक्रिय हैं। हमारा लक्ष्य है कि किसी भी असुरक्षित औषधि को बाजार से पूरी तरह समाप्त किया जाए।
एफडीए की जनता से अपील
एफडीए ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि यदि किसी मेडिकल स्टोर या वितरक के पास उपरोक्त प्रतिबंधित सिरप पाया जाए तो तुरंत स्थानीय औषधि निरीक्षक या एफडीए कार्यालय को सूचित करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण, जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर जो निर्णायक कदम उठाया है, वह प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा की नई मिसाल है। औषधि विभाग की यह मुहिम न सिर्फ संदिग्ध औषधियों पर रोक लगाने में अहम भूमिका निभा रही है, बल्कि यह संदेश भी दे रही है कि धामी सरकार बच्चों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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बड़ी खबर : UKSSSC ने अचानक टालीं दो परीक्षाएं, अभ्यर्थी जरूर जान लें ये अपडेट

Uttarakhand Jobs : उत्तराखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अहम खबर है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने समूह ग के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए निर्धारित दो लिखित परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं।
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UKSSSC ने अचानक टालीं दो परीक्षाएं
उत्तराखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर लोगों को लिए बड़ खबर सामने आ रही है। यूकेएसएसएससी ने दो परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। 25 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित कनिष्ठ सहायक, आशुलिपिक ग्रेड-1 और वैयक्तिक सहायक की परीक्षा के साथ ही 1 नवंबर 2026 को होने वाली सहायक लेखाकार और अन्य संबंधित पदों की परीक्षा शामिल है।
अपरिहार्य कारणों से लिया गया फैसला
आयोग की ओर से 18 अक्टूबर को जारी विज्ञप्ति में परीक्षाएं स्थगित करने की जानकारी दी गई। सचिव एनएस डुंगरियाल की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, अपरिहार्य कारणों के चलते यह निर्णय लिया गया है। दोनों परीक्षाओं की नई तिथियां बाद में घोषित की जाएंगी। ऐसे में संबंधित भर्तियों के अभ्यर्थियों को अब संशोधित परीक्षा कार्यक्रम का इंतजार करना होगा।

25 अक्टूबर को प्रस्तावित परीक्षा में कनिष्ठ सहायक, आशुलिपिक ग्रेड-1 और वैयक्तिक सहायक के पद शामिल थे। वैयक्तिक सहायक के पद सिविल न्यायालय और कुटुंब न्यायालय से संबंधित हैं। वहीं, 1 नवंबर को विभिन्न विभागों में सहायक लेखाकार और अन्य पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित होनी थी।
इन पदों की परीक्षा 25 अक्टूबर को ही होगी
आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी भर्ती परीक्षाएं स्थगित नहीं की गई हैं। लाइनमैन, मनोवैज्ञानिक, प्रशिक्षक और अनुदेशक पदों के लिए परीक्षा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 25 अक्टूबर 2026 को ही आयोजित की जाएगी।
इन पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को तय कार्यक्रम के मुताबिक अपनी तैयारी जारी रखनी होगी। वहीं, स्थगित परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को नई तारीखों की जानकारी के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाले अपडेट नियमित रूप से देखते रहने की सलाह दी गई है।
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BJP को लगेगा एक और झटका ? कांग्रेस में आने वाला है बड़ा नेता, हरक सिंह का दावा

Uttarakhand News : उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दल-बदल की चर्चाएं तेज होने लगी हैं। पूर्व बीजेपी नेता रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी के बाद अब कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने बीजेपी को एक और झटका लगने का दावा किया है।
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BJP को लगेगा एक और झटका ?
हरक सिंह रावत ने दावा किया है ति बीजेपी के वरिष्ठ नेता यशपाल बेनाम से उनकी दो-तीन बार बातचीत हो चुकी है और वो उनके संपर्क में हैं। हरक सिंह रावत के मुताबिक, यशपाल बेनाम बीजेपी से इस्तीफा दे चुके हैं और भविष्य में कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, कांग्रेस में उनकी संभावित एंट्री को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
कांग्रेस में आने वाला है बड़ा नेता
रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी पर हरक सिंह रावत ने कहा कि नौटियाल पहले कांग्रेस में ही थे, लेकिन बाद में बीजेपी में चले गए थे। अब उनकी पार्टी में वापसी हुई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच पहले चर्चा हुई थी।

इसमें पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रीतम सिंह, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य समेत अन्य नेताओं की राय ली गई थी। इसके बाद दिल्ली में पार्टी आलाकमान की मौजूदगी में रामशरण नौटियाल को कांग्रेस में शामिल कराया गया।
हरक सिंह रावत ने नौटियाल की वापसी का किया स्वागत
हरक सिंह रावत ने नौटियाल की वापसी का स्वागत करते हुए कहा कि इससे कांग्रेस संगठन को मजबूती मिलेगी और बीजेपी को राजनीतिक नुकसान हो सकता है। वहीं, यशपाल बेनाम को लेकर उनके बयान ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
हरक सिंह ने बेनाम को अपना छोटा भाई बताते हुए कहा कि दोनों के बीच कई बार बातचीत हुई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या यशपाल बेनाम कांग्रेस में शामिल होंगे या उत्तराखंड की राजनीति में कोई नया मोड़ आएगा।
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विजयदशमी पर सीएम धामी ने दी शुभकामनाएं, प्रदेशवासियों के लिए की सुख-समृद्धि की कामना

देहरादून: विजयदशमी और दशहरे के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है।
सत्य और सदाचार अपनाने का संदेश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विजयदशमी हमें अहंकार त्यागकर सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आपसी सहयोग और सद्भाव बनाए रखते हुए सामाजिक समरसता को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाकर समाज में नैतिक मूल्यों और सकारात्मक सोच को बढ़ावा दिया जा सकता है।
भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में उतारने की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भगवान श्रीराम की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने प्रभु श्रीराम से सभी के सुख, शांति और कल्याण की कामना करते हुए कहा कि हर घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहे।
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