Dehradun
सीएम धामी की कैबिनेट बैठक हुई समाप्त, 36 प्रस्तावों पर लगी मुहर, पढ़िए….

देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में हुई बैठक में 36 प्रस्तावों पर मुहर लगी है. मुख्य रूप से नगर निकायो के लिए ओबीसी आरक्षण एक्ट को विचलन से मंजूरी मिलने के बाद संबंधित प्रस्ताव को मंत्रीमंडल के सम्मुख रखा गया था. जिसपर मंत्रीमंडल ने निकायो के ओबीसी आरक्षण एक्ट के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत कर दिया है. इसके साथ ही मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा को नगर निगम बनाने की मंजूरी मंत्रीमंडल में दे दी है।

शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल ने बताया कि कैबिनेट बैठक के दौरान 36 प्रस्तावों पर मुहर लगी है. जिसमें मुख्यरूप से पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा को नगर निगम बनाने के प्रस्ताव पर मंजूरी मिल गई है. डोईवाला अभी तक सी ग्रेड की नगर पालिका थी जिसको सी-वन ग्रेड में लाने के प्रस्ताव पर मंजूरी मिल गई है. ऐसे में सरकार बहुत जल्द निकाय चुनाव कराने की दिशा में आगे बढ़ेगी. साथ ही कहा कि निकायो के ओबीसी आरक्षण एक्ट के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है. ऐसे में नगर निकायो के पहले सीमांकन की कार्य पूरा होगा उसके बाद ओबीसी का आरक्षण कर निकाय चुनाव कराया जाएगा।
- नगर पालिका परिषद डोईवाला का उच्चीकरण श्रेणी 3 से 1 में किया गया।
- उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 एवं उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 में संशोधन को विधानसभा के पटल पर रखने को मंजूरी।
- नगर पालिका परिषद नगला की सीमा से गोविंद वल्लभ पंत यूनिवर्सिटी को बाहर किया जाएगा।
- खेल विश्विद्यालय की सघण्या के लिए उत्तराखंड खेल विवि विधेयक, 2024 को विधानसभा के पटल पर रखने की मंजूरी।
- उत्तराखंड होम गार्ड कल्याण कोष संशोधन, नियमावली 2024 को प्रख्यापित करने को मंजूरी।
- उत्तराखंड लोक तथा निजी संपत्ति क्षति वसूली अध्यादेश 2024 को विधेयक के लिए विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा।
- पंचकेदार-पंचबद्री को उत्तराखंड पर्यटन युनेस्को विश्व धरोहर स्थल में शामिल किए जाने के लिए संस्थान के चयन को मंजूरी।
- जेडए-एलआर एक्ट उत्तर प्रदेश जमीदारी विनाश और भूमि अधिनियम 1950, संशोधन के लिए विधेयक लाने को मंजूरी।
- पौड़ी जिले के कोटद्वार में नवीन केंद्रीय विद्यालय की स्थापना हेतु प्रस्तावित भूमि का निशुल्क आवंटन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त राज्य में नवीन केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए निशुल्क भूमि आवंटित की जाएगी।
- उत्तराखंड पर्यटन उद्यमी प्रोत्साहन योजना 2024 के प्रख्यापन किए जाने के संबंध में केबिनेट की मंजूरी।
- अन्य पिछड़ा जाति ( पूर्व दशम एवं दशमोत्तर ) तथा ई.बी.सी छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत भारत सरकार द्वारा निर्गत नवीन दिशा निर्देशों को प्रदेश में लागू किए जाने के संबंध में कैबिनेट की मंजूरी।
- उत्तराखंड अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग में अधिनियम के प्राविधानुसार आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2020 – 21 तथा 2021 – 22 को विधानसभा के पटल पर रखे जाने के संबंध में कैबिनेट की मंजूरी।
- उत्तराखंड कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग ( लिपिकवर्गीय ) सेवा नियमावली 2024 के प्रख्यापन के संबंध में कैबिनेट की मंजूरी।
- उत्तराखंड पुलिस उप निरीक्षक और निरीक्षक ( नागरिक पुलिस/ अभिसूचना ) सेवा (संशोधन ) नियमावली 2024 के प्रख्यापन के संबंध में कैबिनेट की मंजूरी।
- होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के अंतर्गत केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान हेतु पदों के सृजन संबंधी शासनादेश संख्या 3 दिनांक 3 जनवरी 2017 में भाषायी त्रुटि और कतिपय पदों के वेतनमान / ग्रेड वेतन / पदनाम को निम्रकृत / संशोधित किए जाने के संबंध में कैबिनेट की मंजूरी।
- उत्तराखंड नगर निगम ( स्थानो और पदों का आरक्षण एवं आवंटन ) नियमावली 2024 व उत्तराखंड नगर पालिका ( स्थानो और पदों का आरक्षण एवं आवंटन ) नियमावली 2024 के प्रख्यापन के संबध में कैबिनेट की मंजूरी।
- नगर पालिका परिषद अल्मोड़ा को उच्चीकृत कर नगर निगम बनाए जाने के संबंध में कैबिनेट की मंजूरी।
- नगर पालिका परिषद पिथौरागढ़ को उच्चीकृत कर नगर निगम बनाए जाने के संबंध में कैबिनेट की मंजूरी।
- सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम नीति 2015 ( यथासंशोधित ) के अंतर्गत प्रदत्त वित्तिय प्रोत्साहनों की अनुमन्यता हेतु CAF पर सैद्धांतिक स्वीकृति की तिथि के संबंध में छूट प्रदान किए जाने पर कैबिनेट की मंजूरी।
- ग्राम्य विकास विभाग-उत्तराखंड ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर की सूची में अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव, ग्राम्य विकास एवं आयुक्त , ग्राम्य विकास को उत्तराखंड ग्राम विकास एवं पंचायतीराज संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस में सदस्य के रूप में शामिल किए जाने को मंजूरी।
- उत्तराखंड खनन(अवैध खान, परिवहन एवं भण्डारण का निवारण) नियमावली 2024 के नियम-14 के उपनियम(5) में संशोधन किए जाने हेतु एक मुश्त योजना(वन टाइम सेटलमेंट) योजना को पुनः लागू किये जाने के संबंध में मंजूरी प्रदान की गई।
- उत्तराखंड भूतल एवं खनिकर्म खनिज पर्यवेक्षक सेवा नियमावली 2024 के प्रख्यापन को मंजूरी।
- उत्तराखंड भू-तत्व एवं खनिकर्म अधीनस्थ प्राविधिक सेवा नियमावली 2024 के प्रख्यापन को मंजूरी।
- समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत देहरादून के रायवाला में 50 वृद्धजनों की क्षमता वाले नवनिर्मित वृद्ध एवं अशक्त आवास गृह के संचालन हेतु कुल 7 पदों के सृजन को मंजूरी। इसके अतिरिक्त राज्य के प्रत्येक जनपद में वृद्ध एवं अशक्त आवास गृह के निर्माण को मंजूरी।
- उत्तराखंड प्रादेशिक आर्म्ड कांस्टेबलरी अधीनस्थ अधिकारी सेवा(संशोधन) नियमावली 2024 के प्रख्यापन को मंजूरी।
- उत्तराखंड बंदी की मृत्यु पर प्रतिकर/मुआवजा राशि के भुगतान की नीति(2024) को मंजूरी। इसके अंतर्गत 2 लाख से 5 लाख तक कि मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी।
- उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ की हड़ताल अवधि में वेतन का समायोजन संबंधित कार्मिकों के उपार्जित अवकाश किये जाने के संबंध में निर्णय।
- कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग के अंतर्गत सगंध पौधा केंद्र, सेलाकुई में फील्ड सहायक/मास्टर ट्रेनर के 9 अस्थाई पद सृजित करने को मंजूरी।
- कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग के अंतर्गत भगवानपुर मंडी को प्रधान मंडी बनाया जाएगा।
- शहरी विकास विभाग के अंतर्गत नगर पालिका परिषद रामनगर के सीमा विस्तार को मंजूरी।
- शहरी विकास विभाग के अंतर्गत नगर पालिका परिषद कर्णप्रयाग से सेमीग्वाड़ क्षेत्र को पृथक किये जाने के संबंध में मंजूरी।
- विज्ञान एवं प्रद्योगिकी विभाग, सूचना प्रद्योगिकी सुराज एवं विज्ञान प्रद्योगिकी अनुभाग-2 के अंतर्गत संचालित स्वयतशासी संस्था, उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रद्योगिकी परिषद(u-cost) में रिक्त पदों को अनफ्रीज कर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ किये जाने के संबंध में 6 पद फ्रीज को अनफ्रीज कर दिया गया है।
Breakingnews
धामी कैबिनेट में 15 प्रस्तावों पर मुहर, मजदूरों, युवाओं और गौपालकों के लिए गए बड़े फैसले

Dhami Cabinet Decisions : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में 15 प्रस्तावों पर फैसला लिया गया। बैठक में स्वास्थ्य, कार्मिक, कौशल विकास, परिवहन समेत कई विभागों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
Table of Contents
धामी कैबिनेट में 15 प्रस्तावों पर मुहर
आज हुई कैबिनेट की बैठक में 15 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। कैबिनेट ने गोपालन योजना में सामान्य वर्ग को भी शामिल करने का निर्णय लिया है। पात्र लोगों को सब्सिडी मिलेगी और वे गाय या भैंस खरीद सकेंगे।
श्रमिकों के लिए बड़ा फैसला
- कैबिनेट ने उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली को मंजूरी दी। इसके तहत श्रमिकों को हर महीने की 7 तारीख तक वेतन देना होगा। पुरुष और महिला कर्मचारियों को समान काम के लिए समान मजदूरी का प्रावधान भी किया गया है।

पढ़े धामी कैबिनेट के प्रमुख फैसले
- GST संशोधित अध्यादेश को मंजूरी।
- नैनीताल हाईकोर्ट के लिए हल्द्वानी गौलापार में 30 हेक्टेयर जमीन देने का फैसला।
- राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय हल्द्वानी के लिए 122 पदों के सृजन को मंजूरी।
- जल जीवन मिशन में केंद्र की गाइडलाइंस लागू होंगी।
- कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति भी सहकारी समिति का सदस्य बन सकेगा।
- मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार के लिए यूपी से समझौता होगा।
वन विकास निगम की सेवा नियमावली में संशोधन
- औद्योगिक नियमावली को मंजूरी, श्रमिक शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर।
- छंटनी किए गए कर्मचारियों को दोबारा अवसर देने का प्रावधान।
- वन विकास निगम की सेवा नियमावली में संशोधन, स्केलर पद के लिए 100 अंकों की परीक्षा होगी।
- ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए जड़ी-बूटियों से जुड़ी उच्चाधिकार प्राप्त समिति में संशोधन किया जा सकेगा।
Dehradun
मसूरी में बारिश के बीच पहाड़ी से गिरे बोल्डर, सरकारी आवास को भारी नुकसान

Mussoorie News : मसूरी में लगातार हो रही बारिश के बीच गनहिल की पहाड़ी से बोल्डर गिरने से कचहरी परिसर स्थित सरकारी आवासों पर खतरा बढ़ गया है। बोल्डरों की चपेट में आने से एक कमरे का बड़ा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि दूसरे कमरे की दीवार भी दोबारा ढह गई। भवन के अन्य हिस्सों में भी दरारें आने की सूचना है।
Table of Contents
मसूरी में बारिश के बीच पहाड़ी से गिरे बोल्डर
मसूरी में लगातार हो रही बारिश के कारण गनहिल की पहाड़ी से बोल्डर गिरने के कारण हड़कंप मच गया। कचहरी परिसर स्थित सरकारी आवासों पर बोल्डर गिरने के कारण खतरा बढ़ गया है। घटना के बाद सरकारी आवास में रहने वाले परिवारों में डर का माहौल है। बताया जा रहा है कि बुधवार से पहाड़ी से रुक-रुककर बोल्डर गिर रहे हैं, जिसके चलते खतरा लगातार बना हुआ है।
पांच परिवारों ने एसडीएम कार्यालय में बिताई रात
खतरे को देखते हुए सरकारी आवास में रहने वाले पांच परिवारों को रात सुरक्षित स्थान पर गुजारनी पड़ी। सभी परिवारों ने पूरी रात एसडीएम कार्यालय के एक हॉल में रहकर बिताई। प्रभावित लोगों का कहना है कि पहाड़ी से बोल्डर गिरने का सिलसिला थम नहीं रहा है और ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

कचहरी कर्मचारी गोविंद सिंह नेगी के मुताबिक, जिस सरकारी आवास में पांच परिवार रह रहे हैं, वो फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। बोल्डर गिरने से भवन को काफी नुकसान पहुंचा है और मौजूदा हालात में वहां रहना जोखिम भरा हो गया है।
प्रशासन से तत्काल मदद की मांग
प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से मौके का जल्द निरीक्षण कराने और तत्काल सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है। इसके साथ ही परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करने और पहाड़ी से लगातार गिर रहे बोल्डरों के खतरे का स्थायी समाधान निकालने की अपील की गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण मसूरी के कई पहाड़ी क्षेत्र संवेदनशील हो गए हैं। ऐसे में अगर समय रहते सुरक्षा के ठोस इंतजाम नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में किसी बड़े हादसे का खतरा बढ़ सकता है।
Dehradun
नारी निकेतन में अब जेल जैसा माहौल नहीं, मिलेगा परिवार जैसा घर!, उत्तराखंड में बन रहा ‘आलंबन गांव’

Uttarakhand News : नारी निकेतन में रहने वाली महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के लिए उत्तराखंड सरकार एक बड़ी और संवेदनशील पहल करने जा रही है। अब नारी निकेतन में रहने वाली महिलाओं और बच्चों को जेल जैसी बंदिशों का एहसास नहीं होगा, बल्कि उन्हें परिवार जैसा माहौल देने की तैयारी की जा रही है।
Table of Contents
नारी निकेतन में अब जेल जैसा माहौल नहीं, मिलेगा परिवार जैसा घर!
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से इसके लिए ‘आलंबन गांव’ विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य नारी निकेतन में रहने वाली महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित माहौल के साथ-साथ घर जैसा अपनापन और स्वतंत्रता देना है।
उत्तराखंड में बन रहा ‘आलंबन गांव’
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक आईएएस बंशीलाल राणा के मुताबिक, नारी निकेतन में आने वाली कई महिलाएं और बच्चे खुद को एक बंद संस्थान या जेल जैसी जगह पर महसूस करते हैं। यही वजह है कि कई बार बच्चे वहां से निकलने या भागने की कोशिश तक करने लगते हैं।
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए विभाग अब ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है, जहां रहने वाले लोगों को संस्थागत माहौल के बजाय परिवार जैसा वातावरण मिल सके।
16 घरों में मिलेगा परिवार जैसा माहौल
प्रस्तावित आलंबन गांव में कॉटेज और छोटे घर विकसित किए जाएंगे। यहां एक परिवार की तर्ज पर लोगों को रखा जाएगा। योजना के मुताबिक, एक यूनिट में करीब दो महिलाएं, चार बच्चे और एक किशोरी को शामिल किया जाएगा। इस तरह उन्हें एक परिवार की तरह साथ रहने का अवसर मिलेगा।
हर यूनिट में अलग किचन जैसी सुविधाएं भी होंगी, ताकि वहां रहने वाली महिलाओं और बच्चों को रोजमर्रा के जीवन में ज्यादा स्वतंत्रता और जिम्मेदारी का अनुभव हो सके। प्रस्तावित परिसर में कुल 16 घर विकसित किए जाएंगे, जिनमें करीब 88 लोगों के रहने की व्यवस्था होगी।

जेल नहीं, रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स जैसा होगा माहौल
आलंबन गांव की सबसे खास बात यही होगी कि यहां रहने वाली महिलाओं और बच्चों को यह महसूस न हो कि वे किसी जेल या बंद संस्थान में रह रहे हैं। इसके बजाय पूरा परिसर एक रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स की तरह विकसित किया जाएगा, जहां सुरक्षा के साथ रहने, पढ़ाई, दैनिक जीवन और सामाजिक विकास से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
परिसर को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना है। यहां आंगनबाड़ी केंद्र भी खोले जाएंगे। जरूरत पड़ने पर प्राथमिक विद्यालय की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा सकती है। इस पहल का मकसद सिर्फ महिलाओं और बच्चों को रहने की जगह देना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां वे खुद को सुरक्षित, सम्मानित और परिवार का हिस्सा महसूस कर सकें।
5 एकड़ जमीन की हो रही है तलाश
आलंबन गांव विकसित करने के लिए करीब 5 एकड़ जमीन की आवश्यकता बताई गई है। विभाग की पहली प्राथमिकता देहरादून जिले या उसके आसपास जमीन तलाशने की थी, लेकिन फिलहाल उपयुक्त जमीन उपलब्ध नहीं हो पाई है। अब विभाग की ओर से हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में जमीन की तलाश की जा रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि हरिद्वार में इसके लिए उपयुक्त जमीन मिल सकती है।
इसके अलावा उत्तरकाशी जिले के चिन्यालीसौड़ में भी एक जमीन को लेकर संभावनाएं देखी जा रही हैं। विभाग यह जांच कर रहा है कि वहां की जमीन और परिस्थितियां आलंबन गांव के निर्माण के लिए उपयुक्त हैं या नहीं।
महिलाओं और बच्चों को मिलेगा नया जीवन
आलंबन गांव की यह योजना सिर्फ एक नया भवन या परिसर तैयार करने की कवायद नहीं है, बल्कि नारी निकेतन में रहने वाली महिलाओं और बच्चों के प्रति सोच में बदलाव की कोशिश भी है।
अगर यह योजना धरातल पर उतरती है तो संस्थागत जीवन की जगह उन्हें परिवार जैसा माहौल, बेहतर स्वतंत्रता और सामाजिक वातावरण मिल सकेगा। इससे बच्चों और महिलाओं के मानसिक और सामाजिक विकास में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
Cricket24 hours agoML vs TRT Dream11 Prediction Match 25: Pitch Report, Playing 11 & Fantasy Tips
Cricket10 hours agoSOB vs MO Dream11 Prediction Match 26: Dream11 Team Today The Hundred 2026
Uttarakhand2 hours agoHaridwar News: कांवड़ मेले के बीच दो घरों में चोरी का खुलासा, 3 शातिर गिरफ्तार; ₹5 लाख कैश बरामद
Cricket1 hour agoSUL-W vs WEF-W Dream11 Prediction Match 27: The Hundred Women 2026
Accident3 hours agoUttarkashi Accident News : गंगोत्री हाईवे पर टला बड़ा हादसा , खाई के मुहाने पर अटका कांवड़ यात्रियों से भरा एक पिकअप





































