Dehradun
सीएम धामी की कैबिनेट बैठक हुई समाप्त, 36 प्रस्तावों पर लगी मुहर, पढ़िए….

देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में हुई बैठक में 36 प्रस्तावों पर मुहर लगी है. मुख्य रूप से नगर निकायो के लिए ओबीसी आरक्षण एक्ट को विचलन से मंजूरी मिलने के बाद संबंधित प्रस्ताव को मंत्रीमंडल के सम्मुख रखा गया था. जिसपर मंत्रीमंडल ने निकायो के ओबीसी आरक्षण एक्ट के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत कर दिया है. इसके साथ ही मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा को नगर निगम बनाने की मंजूरी मंत्रीमंडल में दे दी है।

शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल ने बताया कि कैबिनेट बैठक के दौरान 36 प्रस्तावों पर मुहर लगी है. जिसमें मुख्यरूप से पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा को नगर निगम बनाने के प्रस्ताव पर मंजूरी मिल गई है. डोईवाला अभी तक सी ग्रेड की नगर पालिका थी जिसको सी-वन ग्रेड में लाने के प्रस्ताव पर मंजूरी मिल गई है. ऐसे में सरकार बहुत जल्द निकाय चुनाव कराने की दिशा में आगे बढ़ेगी. साथ ही कहा कि निकायो के ओबीसी आरक्षण एक्ट के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है. ऐसे में नगर निकायो के पहले सीमांकन की कार्य पूरा होगा उसके बाद ओबीसी का आरक्षण कर निकाय चुनाव कराया जाएगा।
- नगर पालिका परिषद डोईवाला का उच्चीकरण श्रेणी 3 से 1 में किया गया।
- उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 एवं उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 में संशोधन को विधानसभा के पटल पर रखने को मंजूरी।
- नगर पालिका परिषद नगला की सीमा से गोविंद वल्लभ पंत यूनिवर्सिटी को बाहर किया जाएगा।
- खेल विश्विद्यालय की सघण्या के लिए उत्तराखंड खेल विवि विधेयक, 2024 को विधानसभा के पटल पर रखने की मंजूरी।
- उत्तराखंड होम गार्ड कल्याण कोष संशोधन, नियमावली 2024 को प्रख्यापित करने को मंजूरी।
- उत्तराखंड लोक तथा निजी संपत्ति क्षति वसूली अध्यादेश 2024 को विधेयक के लिए विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा।
- पंचकेदार-पंचबद्री को उत्तराखंड पर्यटन युनेस्को विश्व धरोहर स्थल में शामिल किए जाने के लिए संस्थान के चयन को मंजूरी।
- जेडए-एलआर एक्ट उत्तर प्रदेश जमीदारी विनाश और भूमि अधिनियम 1950, संशोधन के लिए विधेयक लाने को मंजूरी।
- पौड़ी जिले के कोटद्वार में नवीन केंद्रीय विद्यालय की स्थापना हेतु प्रस्तावित भूमि का निशुल्क आवंटन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त राज्य में नवीन केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए निशुल्क भूमि आवंटित की जाएगी।
- उत्तराखंड पर्यटन उद्यमी प्रोत्साहन योजना 2024 के प्रख्यापन किए जाने के संबंध में केबिनेट की मंजूरी।
- अन्य पिछड़ा जाति ( पूर्व दशम एवं दशमोत्तर ) तथा ई.बी.सी छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत भारत सरकार द्वारा निर्गत नवीन दिशा निर्देशों को प्रदेश में लागू किए जाने के संबंध में कैबिनेट की मंजूरी।
- उत्तराखंड अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग में अधिनियम के प्राविधानुसार आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2020 – 21 तथा 2021 – 22 को विधानसभा के पटल पर रखे जाने के संबंध में कैबिनेट की मंजूरी।
- उत्तराखंड कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग ( लिपिकवर्गीय ) सेवा नियमावली 2024 के प्रख्यापन के संबंध में कैबिनेट की मंजूरी।
- उत्तराखंड पुलिस उप निरीक्षक और निरीक्षक ( नागरिक पुलिस/ अभिसूचना ) सेवा (संशोधन ) नियमावली 2024 के प्रख्यापन के संबंध में कैबिनेट की मंजूरी।
- होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के अंतर्गत केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान हेतु पदों के सृजन संबंधी शासनादेश संख्या 3 दिनांक 3 जनवरी 2017 में भाषायी त्रुटि और कतिपय पदों के वेतनमान / ग्रेड वेतन / पदनाम को निम्रकृत / संशोधित किए जाने के संबंध में कैबिनेट की मंजूरी।
- उत्तराखंड नगर निगम ( स्थानो और पदों का आरक्षण एवं आवंटन ) नियमावली 2024 व उत्तराखंड नगर पालिका ( स्थानो और पदों का आरक्षण एवं आवंटन ) नियमावली 2024 के प्रख्यापन के संबध में कैबिनेट की मंजूरी।
- नगर पालिका परिषद अल्मोड़ा को उच्चीकृत कर नगर निगम बनाए जाने के संबंध में कैबिनेट की मंजूरी।
- नगर पालिका परिषद पिथौरागढ़ को उच्चीकृत कर नगर निगम बनाए जाने के संबंध में कैबिनेट की मंजूरी।
- सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम नीति 2015 ( यथासंशोधित ) के अंतर्गत प्रदत्त वित्तिय प्रोत्साहनों की अनुमन्यता हेतु CAF पर सैद्धांतिक स्वीकृति की तिथि के संबंध में छूट प्रदान किए जाने पर कैबिनेट की मंजूरी।
- ग्राम्य विकास विभाग-उत्तराखंड ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर की सूची में अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव, ग्राम्य विकास एवं आयुक्त , ग्राम्य विकास को उत्तराखंड ग्राम विकास एवं पंचायतीराज संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस में सदस्य के रूप में शामिल किए जाने को मंजूरी।
- उत्तराखंड खनन(अवैध खान, परिवहन एवं भण्डारण का निवारण) नियमावली 2024 के नियम-14 के उपनियम(5) में संशोधन किए जाने हेतु एक मुश्त योजना(वन टाइम सेटलमेंट) योजना को पुनः लागू किये जाने के संबंध में मंजूरी प्रदान की गई।
- उत्तराखंड भूतल एवं खनिकर्म खनिज पर्यवेक्षक सेवा नियमावली 2024 के प्रख्यापन को मंजूरी।
- उत्तराखंड भू-तत्व एवं खनिकर्म अधीनस्थ प्राविधिक सेवा नियमावली 2024 के प्रख्यापन को मंजूरी।
- समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत देहरादून के रायवाला में 50 वृद्धजनों की क्षमता वाले नवनिर्मित वृद्ध एवं अशक्त आवास गृह के संचालन हेतु कुल 7 पदों के सृजन को मंजूरी। इसके अतिरिक्त राज्य के प्रत्येक जनपद में वृद्ध एवं अशक्त आवास गृह के निर्माण को मंजूरी।
- उत्तराखंड प्रादेशिक आर्म्ड कांस्टेबलरी अधीनस्थ अधिकारी सेवा(संशोधन) नियमावली 2024 के प्रख्यापन को मंजूरी।
- उत्तराखंड बंदी की मृत्यु पर प्रतिकर/मुआवजा राशि के भुगतान की नीति(2024) को मंजूरी। इसके अंतर्गत 2 लाख से 5 लाख तक कि मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी।
- उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ की हड़ताल अवधि में वेतन का समायोजन संबंधित कार्मिकों के उपार्जित अवकाश किये जाने के संबंध में निर्णय।
- कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग के अंतर्गत सगंध पौधा केंद्र, सेलाकुई में फील्ड सहायक/मास्टर ट्रेनर के 9 अस्थाई पद सृजित करने को मंजूरी।
- कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग के अंतर्गत भगवानपुर मंडी को प्रधान मंडी बनाया जाएगा।
- शहरी विकास विभाग के अंतर्गत नगर पालिका परिषद रामनगर के सीमा विस्तार को मंजूरी।
- शहरी विकास विभाग के अंतर्गत नगर पालिका परिषद कर्णप्रयाग से सेमीग्वाड़ क्षेत्र को पृथक किये जाने के संबंध में मंजूरी।
- विज्ञान एवं प्रद्योगिकी विभाग, सूचना प्रद्योगिकी सुराज एवं विज्ञान प्रद्योगिकी अनुभाग-2 के अंतर्गत संचालित स्वयतशासी संस्था, उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रद्योगिकी परिषद(u-cost) में रिक्त पदों को अनफ्रीज कर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ किये जाने के संबंध में 6 पद फ्रीज को अनफ्रीज कर दिया गया है।
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उत्तराखंड बना पूर्णत साक्षर राज्य, राज्यपाल गुरमीत सिंह ने प्रस्ताव को दी मंजूरी

Uttarakhand News : उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा देने का प्रस्ताव हाल ही में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में पारित किया गया था। बुधवार को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने इस प्रस्ताव को अपनी औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है।
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उत्तराखंड अब पूर्ण साक्षर राज्य घोषित
उत्तराखंड ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए खुद को देश के पूर्ण साक्षर राज्यों की सूची में शामिल कर लिया है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और उल्लास (Understanding Lifelong Learning for All in Society – ULLAS) कार्यक्रम के निर्धारित मानकों को पूरा करने के बाद राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने की मंजूरी प्रदान कर दी है।
प्रदेश की साक्षरता दर अब 98 प्रतिशत से अधिक
राज्य के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने जानकारी दी कि प्रदेश की साक्षरता दर अब 98 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। ये उपलब्धि केंद्र सरकार के उल्लास कार्यक्रम के तहत तय किए गए लक्ष्यों को पूरा करने के बाद मिली है।

वयस्क शिक्षा पर रहा विशेष फोकस
उल्लास कार्यक्रम के तहत 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के निरक्षर लोगों को शिक्षित करने पर विशेष जोर दिया गया। अभियान के दौरान वयस्कों को पढ़ना-लिखना सिखाने के साथ-साथ जीवनोपयोगी कौशल, व्यावसायिक प्रशिक्षण और सतत शिक्षा से भी जोड़ा गया।
इस अभियान को सफल बनाने के लिए सामाजिक संगठनों, कॉरपोरेट संस्थाओं और स्वयंसेवकों का सहयोग लिया गया। कई गांवों को गोद लेकर वहां निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने का अभियान चलाया गया।
महिलाओं और वंचित वर्गों को मिली प्राथमिकता
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य वंचित वर्गों को प्राथमिकता दी गई। विशेष रूप से उन क्षेत्रों में अभियान को तेज किया गया, जहां महिला साक्षरता दर 60 प्रतिशत से कम थी।
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देहरादून : लक्ष्मण सिद्ध के जंगल में खो गईं 5 महिलाएं, SDRF ने ऐसे बचाई जान

Dehradun News : देहरादून के हर्रावाला क्षेत्र में मंगलवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब लक्ष्मण सिद्ध मंदिर के पास स्थित घने जंगल में घूमने गई पांच महिलाएं रास्ता भटक गईं। काफी प्रयास के बावजूद जब वे जंगल से बाहर नहीं निकल सकीं तो स्थानीय पुलिस के माध्यम से इसकी सूचना राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) को दी गई। जिसके बाद उनका सफल रेस्क्यू किया गया।
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घने जंगल में भटकी पांच महिलाओं के लिए बनी SDRF जीवनरक्षक
घने जंगल में भटकी पांच महिलाओं के लिए SDRF जीवनरक्षक बनी। सात जुलाई 2026 को सायंकाल डीसीआर देहरादून और चौकी हर्रावाला से राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) को सूचना प्राप्त हुई कि चौकी हर्रावाला क्षेत्रान्तर्गत लक्ष्मण सिद्ध मंदिर के निकट घने जंगल में पांच महिलाएं रास्ता भटक गई हैं।
खुद बाहर निकलने में असमर्थ हैं। सूचना प्राप्त होते ही SDRF वाहिनी मुख्यालय से मुख्य आरक्षी शैलेंद्र रावत के नेतृत्व में अलर्ट टीम को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

जंगल में12 किलोमीटर भीतर तक चलाया गया अभियान
घटनास्थल पर पहुंचकर SDRF टीम ने स्थानीय पुलिस और वन विभाग के साथ संयुक्त रूप से सर्च अभियान प्रारंभ किया। घने जंगल, दुर्गम भू-भाग व चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद टीम ने लगातार पैदल सर्चिंग करते हुए लगभग 12 किलोमीटर भीतर तक अभियान संचालित किया।
सभी पांचों महिलाओं को सकुशल किया रेस्क्यू
लगातार अथक प्रयासों के उपरांत SDRF टीम ने जंगल के भीतर सभी पांचों महिलाओं को सकुशल खोज निकाला। इसके पश्चात टीम ने सभी महिलाओं को सुरक्षित रेस्क्यू करते हुए पैदल जंगल से बाहर निकालकर रोड हेड तक पहुंचाया तथा उन्हें सकुशल चौकी हर्रावाला के सुपुर्द किया।
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Best Places To Visit In Dehradun : देहरादून में घूमने की बेहतरीन जगहें (2026 गाइड)

Best Places To Visit In Dehradun : पूरी गाइड
संक्षिप्त उत्तर: देहरादून में घूमने की सबसे अच्छी जगहों में रॉबर्स केव, सहस्त्रधारा, टपकेश्वर मंदिर, मिंड्रोलिंग मठ (बुद्ध टेंपल), फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट और मालसी डियर पार्क शामिल हैं। यह शहर हिमालय की तलहटी में बसा है, इसलिए यहां प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिक स्थल और साहसिक गतिविधियां एक साथ मिलती हैं। दो-तीन दिन का ट्रिप पूरे शहर को कवर करने के लिए काफी है।
देहरादून सिर्फ एक पड़ाव नहीं है जहां से मसूरी या ऋषिकेश निकल जाएं — यह अपने आप में एक पूरी यात्रा है। दून वैली में बसा यह शहर एक तरफ धार्मिक आस्था के केंद्र समेटे है, तो दूसरी तरफ गुफाओं और झरनों जैसे नेचर स्पॉट्स भी। अगर आप पहली बार यहां जा रहे हैं, तो यह गाइड आपको बताएगी कि कौन सी जगहें वाकई देखने लायक हैं और कौन सी छोड़ी जा सकती हैं।
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देहरादून में घूमने की टॉप जगहें
1. रॉबर्स केव (गुच्चूपानी)
यह देहरादून की सबसे पॉपुलर जगहों में से एक है, खासकर परिवारों और दोस्तों के ग्रुप के लिए। यहां एक संकरी गुफा से होकर बहता पानी है, जिसमें चलते हुए आप ठंडे पानी में पैर डुबो सकते हैं। चट्टानें फिसलन भरी होती हैं, इसलिए ग्रिप वाले जूते साथ रखना ठीक रहता है। गर्मियों में यहां भीड़ ज्यादा होती है, इसलिए सुबह जल्दी पहुंचना बेहतर विकल्प है।

2. सहस्त्रधारा
“हजार धाराएं” नाम की यह जगह अपने सल्फर युक्त झरनों के लिए जानी जाती है, जिनमें त्वचा रोगों को ठीक करने के गुण माने जाते हैं। यहां रोपवे राइड भी उपलब्ध है, जो पूरी घाटी का नजारा दिखाती है। मानसून के महीनों में झरने अपने पूरे उफान पर होते हैं, हालांकि उस दौरान रास्ते थोड़े फिसलन भरे हो सकते हैं।
3. टपकेश्वर मंदिर
भगवान शिव को समर्पित यह गुफा मंदिर शहर के सबसे शांत और आध्यात्मिक अनुभवों में से एक है। गुफा की छत से लगातार टपकता पानी शिवलिंग पर गिरता है, जो इसकी खासियत है। अगर आप भीड़भाड़ से बचना चाहते हैं, तो सुबह 7-8 बजे के आसपास पहुंचें — उस समय मंदिर लगभग खाली और बेहद शांत रहता है।
4. मिंड्रोलिंग मठ (बुद्ध टेंपल)
क्लेमेंट टाउन में स्थित यह मठ भारत के सबसे बड़े बौद्ध केंद्रों में गिना जाता है। यहां की ग्रेट स्तूप, रंगीन भित्तिचित्र और शांत ध्यान कक्ष इसे फोटोग्राफी और आध्यात्मिक शांति दोनों के लिए आदर्श बनाते हैं। चौथी मंजिल से पूरी दून वैली का 360-डिग्री नजारा देखा जा सकता है।
5. फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (FRI)
औपनिवेशिक स्थापत्य कला का बेहतरीन नमूना, FRI की इमारत इतनी भव्य है कि पहली नजर में यह किसी पुरानी फिल्म का सेट लगती है। परिसर में छह संग्रहालय हैं जो वन विज्ञान से जुड़ी जानकारी देते हैं। हरे-भरे लॉन में टहलना और तस्वीरें लेना यहां का सबसे बड़ा आकर्षण है।
6. मालसी डियर पार्क (देहरादून जू)
शिवालिक पहाड़ियों की तलहटी में बसा यह पार्क परिवारों के लिए एक बेहतरीन पिकनिक स्पॉट है। यहां हिरण, नीलगाय, मोर और अन्य पक्षी देखे जा सकते हैं। बच्चों के लिए झूले और खाने-पीने के स्टॉल भी मौजूद हैं।
7. लाच्छीवाला
हरिद्वार-ऋषिकेश रोड पर स्थित लाच्छीवाला साल के पेड़ों से घिरा एक शांत पिकनिक स्पॉट है। यहां प्राकृतिक जलकुंड हैं जहां नहाने का मजा लिया जा सकता है। भीड़भाड़ वाले टूरिस्ट स्पॉट्स से दूर, शांति चाहने वालों के लिए यह जगह एकदम सही है।
8. असन बैराज
पक्षी प्रेमियों के लिए असन बैराज किसी खजाने से कम नहीं। यहां सर्दियों में साइबेरिया और मध्य एशिया से प्रवासी पक्षी आते हैं। दूरबीन साथ ले जाना न भूलें, क्योंकि बर्ड वॉचिंग यहां का मुख्य आकर्षण है।
9. पल्टन बाजार और घंटाघर
शॉपिंग और स्ट्रीट फूड के शौकीनों के लिए पल्टन बाजार देहरादून का दिल है। यहां से थोड़ी दूर घंटाघर (क्लॉक टावर) शहर का ऐतिहासिक प्रतीक है, जहां शाम को घूमना और चाट-गोलगप्पे खाना एक स्थानीय अनुभव है।
देहरादून घूमने का सबसे अच्छा समय
देहरादून जाने के लिए मार्च से जून और अक्टूबर से फरवरी के महीने सबसे उपयुक्त माने जाते हैं। इस दौरान न ज्यादा गर्मी होती है, न कड़ाके की ठंड।
- मार्च-जून: सैर-सपाटे और आउटडोर एक्टिविटी के लिए बेहतरीन मौसम
- जुलाई-सितंबर: मानसून के दौरान हरियाली अपने चरम पर, लेकिन झरनों के पास सावधानी जरूरी
- अक्टूबर-फरवरी: ठंडा और साफ मौसम, फोटोग्राफी के लिए आदर्श
देहरादून कैसे पहुंचें
देहरादून हवाई, रेल और सड़क तीनों मार्गों से अच्छी तरह जुड़ा है।
- हवाई मार्ग: जॉली ग्रांट एयरपोर्ट प्रमुख शहरों से सीधी उड़ानों से जुड़ा है
- रेल मार्ग: देहरादून रेलवे स्टेशन दिल्ली सहित कई शहरों से सीधी ट्रेन सेवा से जुड़ा है
- सड़क मार्ग: NH-72 के जरिए बस और टैक्सी से भी आसानी से पहुंचा जा सकता है
शहर के अंदर घूमने के लिए ऑटो, कैब और शेयर्ड टैक्सी आसानी से उपलब्ध हैं।
देहरादून के आसपास घूमने की जगहें
अगर आपके पास एक-दो दिन अतिरिक्त हैं, तो इन जगहों को भी अपने ट्रिप में शामिल करें:
- मसूरी — पहाड़ियों की रानी, मॉल रोड और केम्प्टी फॉल्स के लिए मशहूर
- ऋषिकेश — रिवर राफ्टिंग और गंगा आरती के लिए जाना जाने वाला योग नगरी
- हरिद्वार — गंगा किनारे बसा आध्यात्मिक शहर, हर की पौड़ी की आरती जरूर देखें
यात्रा के लिए कुछ जरूरी टिप्स
- 2-3 दिन का समय शहर के मुख्य आकर्षणों को अच्छे से कवर करने के लिए पर्याप्त है
- गुफा और झरने वाली जगहों पर ग्रिप वाले जूते पहनें
- मानसून में सहस्त्रधारा और लाच्छीवाला जाने से पहले मौसम जरूर चेक करें
- सुबह जल्दी निकलने से भीड़ से बचा जा सकता है और फोटो भी बेहतर आती हैं
- धार्मिक स्थलों पर जाते समय शालीन कपड़े पहनना उचित रहता है
देहरादून की खूबसूरती इसकी विविधता में है — एक तरफ शांत मंदिर, दूसरी तरफ रोमांचक गुफाएं, और थोड़ी दूर पहाड़ों की गोद में बसे हिल स्टेशन। अगली बार जब उत्तराखंड जाने का प्लान बनाएं, तो देहरादून को सिर्फ रुकने की जगह न समझें — इसे अपनी यात्रा का एक अहम पड़ाव बनाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. देहरादून में घूमने के लिए कितने दिन काफी हैं? देहरादून के मुख्य आकर्षणों को अच्छे से देखने के लिए 2 से 3 दिन पर्याप्त हैं। अगर मसूरी या ऋषिकेश भी साथ में कवर करना है, तो 4-5 दिन का समय रखें।
2. देहरादून जाने का सबसे अच्छा समय कौन सा है? मार्च से जून और अक्टूबर से फरवरी के महीने देहरादून घूमने के लिए सबसे उपयुक्त माने जाते हैं, क्योंकि इस दौरान मौसम सुहाना रहता है।
3. देहरादून में सबसे लोकप्रिय जगहें कौन सी हैं? रॉबर्स केव, सहस्त्रधारा, टपकेश्वर मंदिर, मिंड्रोलिंग मठ और फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट देहरादून की सबसे लोकप्रिय जगहों में गिने जाते हैं।
4. क्या देहरादून परिवार के साथ घूमने के लिए अच्छी जगह है? हां, मालसी डियर पार्क, लाच्छीवाला और रॉबर्स केव जैसी जगहें परिवारों और बच्चों के लिए खासतौर पर उपयुक्त हैं।
5. देहरादून कैसे पहुंचा जा सकता है? जॉली ग्रांट एयरपोर्ट से हवाई मार्ग, देहरादून रेलवे स्टेशन से ट्रेन, और NH-72 के जरिए सड़क मार्ग से देहरादून आसानी से पहुंचा जा सकता है।
6. क्या देहरादून से मसूरी और ऋषिकेश जाना आसान है? बिल्कुल। मसूरी करीब 35 किलोमीटर और ऋषिकेश लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर है, दोनों जगह टैक्सी या बस से 1-1.5 घंटे में पहुंचा जा सकता है।
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