Uttarakhand
देहरादून: गणेश गोदियाल ने आम बजट को बताया दिशाहीन, कहा उत्तराखंड के हाथ फिर लगी निराशा

DEHRADUN: गणेश गोदियाल ने केन्द्रीय बजट को दिशाहीन और जनता को बरगलाने वाला बताया
DEHRADUN: उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने केन्द्र की मोदी सरकार के आम बजट को दिशाहीन, प्रतिगामी, विकास अवरोधी, अपने उद्योगपति मित्रों का पोषक तथा आम आदमी के हितों के खिलाफ मंहगाई और बेरोजगारी बढ़ाने वाला बजट बताया है।
गणेश गोदियल ने केंन्द्रीय आम बजट को बताया दिशाहीन
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केन्द्रीय आम बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केन्द्रीय वित्त मंत्री ने एकबार फिर से दिशाहीन, प्रतिगामी, विकास विरोधी, मंहगाई व बेरोजगारी बढ़ाने वाला तथा देश की आर्थिक वृद्धि पर चोट पहुंचाने वाला बजट है। केन्द्रीय बजट में उत्तराखंड जैसे छोटे राज्यों और आम आदमी की घोर उपेक्षा की गई है। देश के वित्त मंत्री ने बजट में एकबार फिर से आंकडों की बाजीगरी ही दिखाई है।
वित्त मंत्री सीतारमण द्वारा आम बजट में तीन कर्तव्यों आर्थिक वृद्धि मे तेजी, जन आकांक्षाओं को पूरा करना तथा सबका साथ सबका विकास जैसी कोरी बातें ही की गई हैं। केन्द्रीय बजट में सात उच्चगति रेल कॉरिडोर विकसित किये जाने की बात 100 स्मार्ट सिटी विकसित किये जाने जैसे जुमले छोड़े गये हैं।
गोदियाल ने कहा कि कोरी घोषणायें कर जनता को बरगलाने की कोशिश
गणेश गोदियाल ने स्मार्ट सिटी मिशन, प्रदूषण, स्वास्थ्य और किसानों की आय जैसे मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि पूर्व के बजट की भांति किसानों और आम आदमी की आय में वृद्धि जैसी कोरी घोषणायें कर उन्हें बरगलाने की कोशिश की गई है। इस बार मोदी सरकार ने ‘‘तीन कर्तव्य’’ के रूप में नया जुमला छोड़ा गया है। केन्द्रीय बजट न तो नई दिशा दिखाता है और न ही किसी बड़े बदलाव का संकेत देता है। बजट में प्रमुख कार्यक्रमों और योजनाओं के लिए बजटीय आवंटन की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। केवल मोदी सरकार ने वास्तविक और ज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश मात्र की है।
केन्द्रीय बजट से आम आदमी के हाथ केवल निराशा
कुल मिलाकर केन्द्रीय बजट से आम जनता को निराशा हाथ लगी है। केंद्रीय बजट में महंगाई कम करने की कहीं बात नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से केन्द्रीय आम बजट में लगातार की जा रही कोरी घोषणाओं व जुमलेबाजी तथा अपने चहेते उद्योग पतियों को लाभ पहुंचाने वाले बजट में वित्तीय प्रबन्धन का नितांत अभाव है। जहां एक ओर महंगाई से जनता के सिर का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है वहीं देश का आम आमी विदेशी कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बजट में योजनाओं और कार्यक्रमों के बजटीय आवंटन में पारदर्शिता का नितांत अभाव है। बजट के प्रावधानों से देश की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था में विकास दर दहाई का आंकडा भी नहीं छू पायेगी और न ही रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सात उच्चगति रेल कॉरिडोर विकसित किये जाने की घोषणा की गई है परन्तु जो हवाई अड्डे वर्तमान में स्थापित हैं उनकी हालत खस्ता हो चली है उसके लिए बजट मे कोई प्रावधान नहीं किया गया है। केन्द्र सरकार द्वारा कृषकों की आय बढ़ाने तथा आम आदमी बढ़ाने की बात बार-बार की जाती है परन्तु इन वर्गों की आय में वृद्धि करने का कोई प्रावधान बजट में नहीं किया गया है।
बजटीय आवंटन में पारदर्शिता का नितांत अभाव
गणेश गोदियाल ने कहा कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत आम बजट में तीन कर्तव्य नाम से नया जुमला छोड़ते हुए कोरी घोषणाओं का अंबार लगाया गया है परन्तु उन्हें पूरा करने के लिए पैसा कहां से आएगा इसका कोई उल्लेख नहीं है। बजट में गरीब, किसान तथा युवा वर्ग की पूरी तरह उपेक्षा की गई आम जनता को मंहगाई से निजात दिलाने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है। आम बजट में नौजवानों के भविष्य की घोर उपेक्षा की गई है इस बजट से देश में रोजगार के अवसर घटेंगे, किसान, गरीब व आम आदमी के लिए इस बजट में कुछ भी नहीं है तथा केन्द्रीय बजट मात्र कुछ पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने वाला बजट है।
मध्यम वर्ग के हितों पर बजट में सबसे अधिक चोट
मध्यम वर्ग के हितों पर बजट में सबसे अधिक चोट की गई है। नौकरी पेशा व्यक्ति को सबसे अधिक नुकसान हुआ है, 4 से 8 लाख में 5 प्रतिशत टैक्स लगाकर मध्यम वर्ग के नौकरी पेशा वर्ग के गाल पर टैक्स का तमाचा मारा गया है। इनकम टैक्स छूट के स्लैबों मे की गई बढ़ोत्तरी ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। महिला सुरक्षा, किसानों, बेरोजगार नौजवानों के लिए इस बजट में कोई विषेष प्रावधान नजर नही आता है। रोजगार के सृजन तथा महिलाओं के सशक्तिकरण एवं सम्मान की बात केवल मोदी सरकार की लच्छेदार भाषणों का हिस्सा मात्र रही है बजट मे उसके लिए कोई प्रावधान नहीं है।
केन्द्रीय बजट से उत्तराखंड के हाथ निराशा
गणेश गोदियाल ने कहा कि केन्द्रीय आम बजट में उत्तराखंड को एक बार फिर से निराशा हाथ आई है। आपदा प्रभावित राज्य होने के बावजूद उत्तराखण्ड राज्य के दैवीय आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए बजट में कोई भी प्रावधान नहीं किया गया है। केन्द्र सरकार ने अपने बजट में उत्तराखण्ड जैसे आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील राज्य को रेल कनेक्टिविटी और एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कुछ भी नहीं दिया है। कुल मिलाकर आम बजट में अपने उद्योगपति मित्रों के हित साधन कर देश के आम आदमी की घोर उपेक्षा की गई है।
Haridwar
हरिद्वार में गंगा स्नान के दौरान हादसा, तेज बहाव में बहा कांवड़िया, तलाश जारी

Haridwar News : हरिद्वार में चल रहे कांवड़ मेले के बीच गंगा स्नान के दौरान हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को हरकी पैड़ी के नजदीक धनुष पुल के नीचे एक कांवड़िया गंगा के तेज बहाव की चपेट में आकर लापता हो गया।
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हरिद्वार में गंगा स्नान के दौरान तेज बहाव में बहा कांवड़िया
हरिद्वार में गंगा स्नान के दौरान तेज बहाव में कांवड़िया बह गया। मिली जानकारी के मुताबिक कांवड़िया सुरक्षा के लिए लगाई गई रेलिंग के बाहर जाकर गंगा में स्नान कर रहा था। इसी दौरान उसने गहरे पानी में छलांग लगा दी। पानी का बहाव तेज होने के कारण वो खुद को संभाल नहीं सका और देखते ही देखते गंगा की धारा के साथ बह गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही पलों में वो नजरों से ओझल हो गया।
जल पुलिस ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन
कांवड़िए के गंगा में बहने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक टीम हरकत में आ गई। जल पुलिस के जवानों ने नाव और उपलब्ध अन्य संसाधनों के जरिए गंगा में तलाशी अभियान शुरू किया। टीम नदी के आसपास के संभावित स्थानों पर भी कांवड़िए की तलाश कर रही है।
हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि घटनास्थल के पास मौजूद एक शिवभक्त गंगा स्नान के दौरान वीडियो बना रहा था। इसी दौरान उसके कैमरे में कांवड़िए के गंगा में छलांग लगाने और तेज बहाव में बहने का घटनाक्रम रिकॉर्ड हो गया। वीडियो सामने आने के बाद एक बार फिर गंगा घाटों पर सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
प्रतिबंधित स्थानों पर स्नान से लगातार हो रहे हादसे
कांवड़ मेले को देखते हुए हरकी पैड़ी और आसपास के घाटों पर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं और कांवड़ियों से लगातार अपील की जा रही है कि वे निर्धारित और सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें। इसके साथ ही तेज बहाव वाले क्षेत्रों और प्रतिबंधित स्थानों पर जाने से बचने के निर्देश भी दिए जा रहे हैं।
इसके बावजूद कई श्रद्धालु सुरक्षा के लिए लगाई गई रेलिंग को पार कर नदी के ऐसे हिस्सों में पहुंच जाते हैं, जहां पानी की गहराई और बहाव का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। ऐसे स्थानों पर जरा सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
Udham Singh Nagar
खटीमा रेलवे स्टेशन के पास दो शव मिलने से हड़कंप, पुलिस मामले की जांच में जुटी

Khatima News : ऊधम सिंह नगर जिले के खटीमा में रेलवे स्टेशन के पास दो लोगों के शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू कर दी। एक ही स्थान पर दो शव मिलने के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं होने लगी हैं।
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खटीमा रेलवे स्टेशन के पास दो शव मिलने से हड़कंप
ऊधम सिंह नगर जिले के खटीमा में दो लोगों के शव मिलने से सनसनी मच गई। मामला रेलवे स्टेशन वार्ड नंबर-6 के पास का है। बताया जा रहा है कि शनिवार देर रात पुलिस को सूचना मिली कि यहां दो व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में पड़े हुए हैं। सूचना मिलते ही बाजार चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक जीवन सिंह चुफाल पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। मौके पर दोनों व्यक्ति मृत अवस्था में मिले।
संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से मचा हड़कंप
पुलिस के मुताबिक मृतकों में एक की पहचान राजेंद्र सिंह सामंत, पुत्र पद्म सिंह सामंत के रूप में हुई है। वो खटीमा में वेस्ट व्यू होटल के सामने रहता था और परचून की दुकान चलाता था। दूसरे मृतक की पहचान विनोद, पुत्र शोभन सिंह के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 47 वर्ष बताई जा रही है और वो ग्राम नगला तहर, थाना डिलारी, जनपद मुरादाबाद का रहने वाला था।
एक जगह दो शव मिलने से बढ़ी पुलिस की चुनौती
एक ही स्थान पर दो लोगों के शव मिलने की सूचना के बाद पुलिस ने तत्काल घटनास्थल को सुरक्षित कर दिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जनपदीय फील्ड यूनिट और एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया। विशेषज्ञ टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य जुटाए।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि दोनों की मौत किन परिस्थितियों में हुई। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों और स्थानीय निवासियों से भी पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा पुलिस घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
दोनों शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने के कारण पुलिस हर संभावित पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। फिलहाल मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही दोनों की मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
एक ही जगह पर दो शव मिलने की घटना ने स्थानीय लोगों को भी हैरान कर दिया है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच के लिए टीमें गठित कर दी हैं और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है। जांच पूरी होने और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मामले की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
Haldwani
हल्द्वानी की रेणु धरियाल ने रचा इतिहास, 8 फीट 10 इंच लंबे बालों से बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

Haldwani News : बालों को लंबा करने का शौक हल्द्वानी की रेणु धरियाल के लिए अब विश्व रिकॉर्ड बन चुका है। वर्षों तक बाल न कटवाने के उनके फैसले ने उन्हें दुनिया की सबसे लंबे बालों वाली जीवित महिला बना दिया है।
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हल्द्वानी की रेणु धरियाल ने रचा इतिहास
हल्द्वानी की रेणु के बालों की लंबाई 271.50 सेंटीमीटर यानी करीब 8 फीट 10 इंच दर्ज की गई है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने अप्रैल में हल्द्वानी पहुंचकर रेणु के बालों की जांच और आधिकारिक माप की प्रक्रिया पूरी की। माप की पुष्टि के बाद उनके नाम यह विश्व रिकॉर्ड दर्ज किया गया।
8 फीट 10 इंच लंबे बालों से बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
रेणु धरियाल ने इस उपलब्धि के साथ यूक्रेन की आलिया नासिरोवा का पिछला रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। नासिरोवा के बालों की लंबाई 257.33 सेंटीमीटर यानी करीब 8 फीट 5 इंच दर्ज की गई थी।
रेणु के बाल उनसे कई सेंटीमीटर अधिक लंबे हैं। उनकी इस उपलब्धि की एक और खास बात यह है कि उनके बालों की लंबाई दुनिया के सबसे लंबे व्यक्ति रहे रॉबर्ट वाडलो की 272 सेंटीमीटर ऊंचाई के लगभग बराबर है।

2015 से आज तक नहीं कटवाए बाल
रेणु ने वर्ष 2015 में बाल कटवाना बंद कर दिया था। उस समय उनके लिए ये सिर्फ व्यक्तिगत पसंद और शौक था। धीरे-धीरे बालों की लंबाई बढ़ती गई और उन्होंने इसे एक खास उपलब्धि में बदलने का फैसला किया।
करीब एक दशक तक बालों को लगातार बढ़ाने और उनकी देखभाल करने के बाद रेणु ने विश्व रिकॉर्ड की दौड़ में कदम रखा। अब उनकी मेहनत का नतीजा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में सामने आया है।
लंबे बालों की देखभाल भी किसी चुनौती से कम नहीं
इतने लंबे बालों को संभालना रेणु के लिए रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है। बालों को जमीन से दूर रखने और उन्हें व्यवस्थित रखने के लिए वह विशेष तरीके से चोटी बनाती हैं। बालों को धोने, सुखाने और सुलझाने में भी उन्हें काफी समय लग जाता है। इतनी लंबाई के बावजूद रेणु अपने बालों की देखभाल में कोई लापरवाही नहीं बरततीं।
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