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वरिष्ठ पत्रकार पंकज मिश्रा की संदिग्ध मौत, हादसा या षडयंत्र ?, दो दिन पहले ही सिस्टम पर उठाए थे सवाल…

Dehradun journalist Pankaj Mishra : राजधानी देहरादून से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। सोमवार रात राजपुर थानाक्षेत्र की दून विहार कॉलोनी में देहरादून के वरिष्ठ पत्रकार 52 वर्षीय पंकज मिश्रा (Dehradun journalist Pankaj Mishra) संदिग्ध परिस्थितयों में मौत हो गई। इस मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं क्योंकि पंकज मिश्रा के भाई ने दो लोगों पर उनकी हत्या के आरोप लगाए हैं।
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Dehradun journalist Pankaj Mishra की संदिग्ध मौत
देहरादून के वरिष्ठ पत्रकार पंकज मिश्रा की संदिग्ध मौत ने पत्रकार जगत में हलचल मचा दी है। मिली जानकारी मुताबिक सोमवार रात को Pankaj Mishra (52) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। वरिष्ठ पत्रकार की मौत के बाद ये सामने आया है कि सोमवार रात उन्होंने दो लोगों के साथ बैठकर शराब पी थी। शराब पीने के दौरान ही उनके बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते ये विवाद इतना बढ़ा की बात हाथापाई तक पहुंच गई। यहां तक की मामले को शांत कराने के लिए पुलिस को तक पुलाना पड़ा था।

Pankaj Mishra की संदिग्ध मौत हादसा या षडयंत्र ?
पुलिस का कहना है कि इस दौरान पंकज मिश्रा नशे में धुत थे। जिस वजह से उन्होंने शिकायत करने से मना कर दिया और वो वापस लौट गई थी। इसी के कुछ ही घंटों बाद यानी मंगलवार सुबह उन्हें पकंज मिश्रा के बेसुध होने की खबर मिली। जिसके बाद वो फिर मौके पर पहुंचे। जिसके बाद डॉक्टरों ने पकंज मिश्रा को मृत घोषित कर दिया।
पंकज मिश्रा के भाई ने लगाए हत्या के आरोप
Pankaj Mishra की मौत को लेकर चर्चाओं के बाजार तब गर्म हो गए जब उनके भाई ने उनकी हत्या होने के आरोप लगाए हैं। उनके भाई ने पुलिस को लिखित तहरीर दी है कि अमित सहगल के खिलाफ हत्या, लूट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। अरविंद के मुताबिक अमित सहगल वही व्यक्ति है, जिसके साथ शराब पीने के बाद पंकज का विवाद हुआ था।
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि अमित सहगल एक अन्य व्यक्ति के साथ जाखन स्थित पंकज के घर पहुंचा और वहां पंकज के साथ बेरहमी से मारपीट की। अरविंद ने बताया कि झगड़े के दौरान भाभी ने मोबाइल फोन से वीडियो बनाना शुरू किया, जिससे नाराज होकर आरोपियों ने उनके साथ भी हाथापाई की और फोन छीनकर फरार हो गए।परिजनों का कहना है कि मारपीट में गंभीर रूप से घायल पंकज ने कुछ घंटों बाद दम तोड़ दिया। तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश में दबिश देना शुरू कर दिया है।

दो दिन पहले ही सिस्टम पर उठाए थे सवाल…
आपको बता दें कि अपनी मौत के दो दिन पहले ही पंकज मिश्रा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था। जिसमें उन्होंने सिस्टम पर कई सवाल उठाए थे। उन्होंने कई पत्रकारों और बड़े औहदों पर बैठे लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस पोस्ट में उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जांच की मांग की थी। लेकिन अगली सुबह ही उनके द्वारा ये पोस्ट हटा दी गई। इतना ही नहीं उन्होंने माफी मांगते हुए एक और फेसबुक पोस्ट की और इसी रात कथित पत्रकार उनके घर पहुंचे और उनके साथ मारपीट की। इसकी अगली सुबह वो अपने घर में मृत पाए गए। उनकी मौत के बाद परिजन लगातार हाई लेवल की जांच की मांग कर रहे हैं।
पत्रकारों की हो रही है हत्या – कांग्रेस
परिजनों की मांग पर ही Pankaj Mishra का दूसरी बार पोस्टमार्टम कराया गया है और उनका विसरा भी सुरक्षित रखा गया है। देहरादून ही नहीं प्रदेश के साथ ही प्रदेश के बाहर भी अब ये मामला तूल पकड़ रहा है। लोग इसकी जांच की मांग कर रहे हैं।
कांग्रेस का कहना है कि पत्रकारों की हत्या की जा रही है। जबकि बीजेपी का इस पूरे मामले पर कहना है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था के लिए खुद मुख्यमंत्री गंभीर है। अगर इस मामले में कोई दोषी है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अब देखना ये होगा कि सरकार इस मामले में अगला कदम क्या उठाती है ? और क्या सरकार के कदमों से पकंज मिश्रा का परिवार संतुष्ट होता है या नहीं।
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पौड़ी में गुलदार ने घास काटने गई महिला को बनाया निवाला, घसीटते हुए ले गया जंगल की ओर…

Pauri News : पौड़ी गढ़वाल जिले के लैंसडाउन विधानसभा क्षेत्र के नैनीडांडा विकासखंड स्थित बणासी तल्ली गांव में शनिवार सुबह गुलदार के हमले में एक महिला की जान चली गई। इस दर्दनाक घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में भय और शोक का माहौल है।
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पौड़ी में गुलदार ने महिला को बनाया निवाला
पौड़ी गढ़वाल में एक बार फिर गुलदार का आतंक देखने को मिला है। अपने पालतू मवेशियों के लिए घास लेने गई महिला को गुलदार ने अपना निवाला बना लिया। मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह गांव की दो महिलाएं शांति देवी और सुशीला देवी रोजमर्रा की तरह जंगल में घास काटने गई थीं।
इसी दौरान झाड़ियों में छिपे गुलदार ने अचानक सुशीला देवी पर हमला कर दिया। हमला इतना अचानक और तेज था कि महिला को बचाव का मौका नहीं मिला। गुलदार उन्हें घसीटते हुए जंगल की ओर ले गया।
गुलदार ने घास काटने के दौरान किया हमला
हमले के समय साथ मौजूद शांति देवी ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और जंगल में महिला की तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद घटनास्थल से कुछ दूरी पर सुशीला देवी का शव बरामद हुआ। इस घटना से पूरे क्षेत्र में मातम छा गया।

वन विभाग ने शुरू की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हो गई। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही गुलदार की तलाश के लिए अभियान भी चलाया जा रहा है। घटना की सूचना क्षेत्रीय विधायक महंत दिलीप रावत को भी दे दी गई है।
हादसे के बाद से स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग के प्रति नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार की गतिविधियां बढ़ रही हैं, लेकिन प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। इसके साथ ही लोगों ने गुलदार को आदमखोर घोषित करने और जल्द से जल्द पकड़ने की मांग की है।
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हरिद्वार जमीन घोटाले में बड़ी कार्रवाई, IAS अफसर को किया बर्खास्त, तत्कालीन DM पर हुआ ये एक्शन

Haridwar News : हरिद्वार जमीन घोटाले में उत्तराखंड सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले की जांच और समीक्षा के बाद कई अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
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हरिद्वार जमीन घोटाले में IAS अफसर को किया बर्खास्त
प्रकरण में तत्कालीन नगर आयुक्त हरिद्वार नगर निगम वरुण चौधरी को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर की संस्तुति की गई है। वहीं, तत्कालीन जिलाधिकारी हरिद्वार कर्मेंद्र सिंह को अपने पदीय दायित्वों और कर्तव्यों के समुचित निर्वहन में गंभीर लापरवाही का दोषी मानते हुए उनके विरुद्ध दीर्घ शास्ति (मेजर पनिशमेंट) अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया है। दोनों अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को संस्तुति भेजी जा रही है।
तत्कालीन DM पर भी हुआ एक्शन
उस समय कार्यरत एसडीएम अजयवीर सिंह के विरुद्ध परनिंदा प्रविष्टि दर्ज करने और उनकी तीन वेतनवृद्धियां रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं। गौरतलब है कि हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद मामले के सामने आते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया था।

प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं के संकेत मिलने पर तत्कालीन जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह और पूर्व नगर आयुक्त वरुण चौधरी सहित कई अधिकारियों को निलंबित किया गया था। इसके बाद विशेष जांच और ऑडिट के माध्यम से पूरे प्रकरण की गहन पड़ताल कराई गई।
भ्रष्टाचार के मामलों में नहीं होगा समझौता – सीएम धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि शासन-प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित सर्वोपरि है तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।
धामी सरकार की इस कार्रवाई को राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है, जिसने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनधन के दुरुपयोग और पद के दुरुपयोग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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अंकिता भंडारी केस से जुड़े ऑडियो विवाद में सुरेश राठौर को राहत, कोर्ट से मिली जमानत
Uttarakhand Politics : बड़ी खबर – पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौर को मिली जमानत
Uttarakhand Politics : पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौर को अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े एक सोशल मीडिया पोस्ट मामले में जमानत मिल गई है।
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अंकिता भंडारी केस से जुड़े ऑडियो विवाद में सुरेश राठौर को राहत
अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े एक सोशल मीडिया पोस्ट मामले में गिरफ्तार किए गए पूर्व विधायक सुरेश राठौर को अदालत से राहत मिल गई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) रवि प्रकाश की अदालत ने उन्हें सशर्त जमानत प्रदान की है।
पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौर को मिली जमानत
अदालत ने सुरेश राठौर की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें एक लाख रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के दो जमानतदार प्रस्तुत करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया है।
मामला डालनवाला कोतवाली में दर्ज एक मुकदमे से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर कथित रूप से आपत्तिजनक सामग्री साझा किए जाने के आरोप में सुरेश राठौर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) के तहत केस दर्ज किया गया था।
14 जून 2026 को पुलिस ने किया था गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस ने 14 जून 2026 को मामले में बीएनएस की धारा 308(6) भी जोड़ी थी। इसके बाद सुरेश राठौर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था।
सुनवाई के बाद अदालत ने मामले के तथ्यों और प्रस्तुत दलीलों पर विचार करते हुए उन्हें जमानत देने का निर्णय लिया। फिलहाल मामले की जांच और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं जारी हैं।
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