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संविधान दिवस पर देहरादून पुलिस लाइन में मुख्य कार्यक्रम, मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल

देहरादून: संविधान दिवस के अवसर पर पूरे राज्यभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। राजधानी देहरादून में पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलन कर किया।
प्रदेश भर में मनाया जा रहा संविधान दिवस
आज पूरे राज्यभर में संविधान दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी मे राजधानी देहरादून स्थित पुलिस लाइन मे भी मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहुंचे। जहाँ कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
अपने सम्बोधन मे मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि संविधान दिवस हम सभी को हमारे संविधान की महानता और हमारे कर्तव्यों की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों के अंदर अपने संविधान के प्रति सम्मान का भाव जगाने के लिए इसे एक पर्व की तरह मानने के लिए कहा है।
प्रदेश की डेमोग्राफी से कोई छेड़छाड़ न कर पाए, इसके लिए लागू हैं सख्त कानून
साथ ही कहा कि हमारे देश मे कई ऐसे क़ानून जो गैरजरुरी थे, उन्हें खत्म करने का काम भी प्रधानमंत्री मोदी ने किया है। साथ ही उन्होंने राज्य में मजबूत कानून व्यवस्था बनाने की बात कही। जिससे राज्य के लोगों को त्वरित रूप से न्याय मिलेगा। उत्तराखंड राज्य में भी समान नागरिक संहिता, सख्त नक़ल विरोधी क़ानून, लव जेहाद, मदरसा बोर्ड समाप्त करना हो या अन्य क़ानून जो राज्य मे बनाएं गए हैँ उनका उदेश्य यही है कि राज्य की डेमोग्राफी के साथ कोई छेड़छाड़ न कर सके।
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Telegram Ban इन इंडिया: भारत में क्यों लगी टेलीग्राम पर पाबंदी? जानें क्या है पूरा मामला और छात्रों पर इसका असर

Telegram Ban इन इंडिया : मुख्य बिंदु (Quick Highlights)
- अस्थायी प्रतिबंध: केंद्र सरकार ने भारत में प्रसिद्ध मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम (Telegram) पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है।
- NEET-UG 2026 री-एग्जाम: यह कदम 21 जून 2026 को होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा की शुचिता बनाए रखने और फ्रॉड रोकने के लिए उठाया गया है।
- एडिटिंग फीचर पर रोक: ऐप पर मैसेज एडिट करने वाले फीचर को 30 जून 2026 तक ब्लॉक कर दिया गया है।
- NTA का रुख: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है और इसे छात्रों के हित में बताया है।
भूमिका: भारत में टेलीग्राम पर क्यों लगा प्रतिबंध?
भारत में सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल जितनी तेजी से बढ़ा है, उतनी ही तेजी से इनके दुरुपयोग के मामले भी सामने आए हैं। हाल ही में भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए देश में लोकप्रिय क्लाउड-बेस्ड मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम (Telegram) पर अस्थायी प्रतिबंध (Temporary Restriction) लगाने का निर्देश दिया है।
यह प्रतिबंध आगामी NEET-UG 2026 री-एग्जामिनेशन (पुनर्परीक्षा) को ध्यान में रखते हुए लगाया गया है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA (National Testing Agency) ने सरकार के इस कड़े कदम का पुरजोर स्वागत किया है। सरकार का मानना है कि परीक्षा के दौरान और उसके ठीक बाद टेलीग्राम के जरिए अफवाहें फैलाने और “पेपर लीक” के झूठे दावे करके छात्रों को ठगने वाले गिरोह सक्रिय हो जाते हैं, जिन्हें रोकना बेहद जरूरी है।
क्या है पूरा मामला? MeitY और NTA का बड़ा फैसला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, MeitY ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की सिफारिशों पर कार्रवाई करते हुए टेलीग्राम ऐप तक पहुंच को 22 जून 2026 तक के लिए सीमित कर दिया है। इसके अलावा, ऐप के एक बेहद महत्वपूर्ण टूल—मैसेज एडिटिंग फीचर (Message-Editing Feature)—पर भी 30 जून 2026 तक के लिए रोक लगा दी गई है।
NTA द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह कदम संगठित चीटिंग नेटवर्क (Organised Cheating Networks) और साइबर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए उठाया गया है। ये अपराधी टेलीग्राम प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल छात्रों को गुमराह करने, फर्जी प्रश्नपत्र बेचने और परीक्षा की विश्वसनीयता को प्रभावित करने के लिए करते रहे हैं।
टेलीग्राम का ‘मैसेज एडिटिंग फीचर’ जांच के घेरे में क्यों आया?
कई लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर टेलीग्राम के मैसेज एडिट करने वाले फीचर से सरकार को क्या परेशानी थी? NTA ने इसका विस्तार से खुलासा किया है।
NTA के अनुसार, “टेलीग्राम का मैसेज-एडिटिंग फीचर साइबर अपराधियों के लिए एक बड़ा हथियार बन गया था। चैनल एडमिनिस्ट्रेटर परीक्षा खत्म होने के बाद अपने पुराने पोस्ट को एडिट कर देते थे और उसमें असली प्रश्नपत्र की पीडीएफ या तस्वीरें अटैच कर देते थे। चूंकि टेलीग्राम पर एडिट करने के बाद भी मूल टाइमस्टैम्प (Original Timestamp) नहीं बदलता, इसलिए ऐसा लगता था कि वह पेपर परीक्षा से कई घंटे पहले ही लीक हो गया था।”
इस लूपहोल का फायदा उठाकर धोखाधड़ी करने वाले लोग सोशल मीडिया पर फर्जी “पेपर लीक” के सबूत तैयार करते थे, जिससे न केवल छात्रों में मानसिक तनाव पैदा होता था, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली पर भी सवाल खड़े हो जाते थे। इसी वजह से सरकार ने इस फीचर को जून के अंत तक ब्लॉक रखने का निर्देश दिया है।
साइबर फ्रॉड नेटवर्क पर क्रैकडाउन: अहमदाबाद और बिहार पुलिस की कार्रवाई
टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने के पीछे सिर्फ आशंकाएं नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे पुख्ता खुफिया जानकारी और पुलिसिया कार्रवाई भी शामिल है। गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने इस पूरे मामले में टेलीग्राम-आधारित फ्रॉड और भ्रामक अभियानों के खिलाफ समन्वय स्थापित किया है।
हाल के दिनों में कई ऐसे टेलीग्राम चैनलों, ग्रुप्स और बॉट्स (Bots) को टेकडाउन (हटाया) किया गया है, जो NEET परीक्षा के पेपर देने के नाम पर लाखों रुपये की मांग कर रहे थे।
प्रमुख राज्य एजेंसियों की कार्रवाई:
- अहमदाबाद सिटी साइबर क्राइम ब्रांच की गिरफ्तारी: अहमदाबाद पुलिस ने हाल ही में एक अंतर-राज्यीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह टेलीग्राम पर कई फर्जी चैनल चला रहा था। जांचकर्ताओं के अनुसार, इस नेटवर्क ने महज एक महीने में लगभग 1,000 मोबाइल नंबरों से संपर्क किया था और करीब 1.5 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन किया था।
- बिहार पुलिस की एडवाइजरी: बिहार पुलिस ने भी छात्रों और अभिभावकों के लिए एक सार्वजनिक परामर्श (Public Advisory) जारी किया है, जिसमें उन्हें टेलीग्राम पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा करने वाले ठगों से सावधान रहने को कहा गया है।
टेलीग्राम बैन का आम यूजर्स और छात्रों पर क्या असर होगा?
सरकार और NTA दोनों ने ही यह स्पष्ट किया है कि यह एक बेहद सीमित और अस्थायी (Temporary) उपाय है। वैध टेलीग्राम यूजर्स की असुविधा को कम करने के लिए कुछ दिशानिर्देश स्पष्ट किए गए हैं:
- नए मैसेज भेजने पर रोक नहीं: मैसेज एडिटिंग फीचर के सस्पेंड होने से यूजर्स की नए मैसेज भेजने या प्राप्त करने की क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वे पहले की तरह चैट कर सकेंगे।
- सीमित अवधि: टेलीग्राम ऐप पर एक्सेस का यह प्रतिबंध केवल परीक्षा के आसपास की अवधि यानी 22 जून तक ही लागू रहेगा, जिसके बाद इसे सामान्य कर दिया जाएगा।
| प्रतिबंध का प्रकार | कब तक प्रभावी रहेगा? | मुख्य उद्देश्य |
| टेलीग्राम ऐप एक्सेस प्रतिबंध | 22 जून 2026 तक | परीक्षा के दिन और उससे पहले पेपर लीक की अफवाहों को रोकना। |
| मैसेज एडिटिंग फीचर ब्लॉक | 30 जून 2026 तक | परीक्षा के बाद पुराने पोस्ट्स को एडिट कर फर्जी सबूत बनाने से रोकना। |
NTA की छात्रों से अपील: “पेपर लीक” के झूठे दावों पर न करें भरोसा
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने एक बार फिर दोहराया है कि NEET का कोई भी प्रश्नपत्र सुरक्षित परीक्षा प्रक्रिया से बाहर मौजूद नहीं है। परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित माहौल में आयोजित की जा रही है।
एजेंसी ने छात्रों को आगाह किया है कि कुछ टेलीग्राम चैनल पेपर देने के बदले कुछ हजार रुपये से लेकर कई लाख रुपये तक की मांग कर रहे हैं। ये सभी दावे 100% फर्जी और धोखाधड़ी का हिस्सा हैं। छात्र और अभिभावक किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चल रहे ऐसे दावों के झांसे में न आएं।
निष्कर्ष और आधिकारिक सलाह
21 जून 2026 को होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा देश के लाखों मेडिकल उम्मीदवारों के भविष्य से जुड़ी है। परीक्षा की शुचिता (Integrity) और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए सरकार का टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने का फैसला कड़ा जरूर है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में यह बेहद जरूरी कदम माना जा रहा है।
छात्रों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश:
- परीक्षा से जुड़ी किसी भी नई जानकारी, गाइडलाइंस या अपडेट के लिए केवल NTA की आधिकारिक वेबसाइट और आधिकारिक संचार माध्यमों पर ही भरोसा करें।
- यदि कोई व्यक्ति या ग्रुप आपको परीक्षा का पेपर एडवांस में देने का लालच देता है या पैसे मांगता है, तो इसकी सूचना तुरंत अपने नजदीकी साइबर क्राइम सेल को दें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज कराएं।
परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का ऐसा नियमन समय की मांग है, ताकि किसी भी होनहार छात्र का भविष्य अंधकार में न जाए।
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देहरादून में हुई वकील की हत्या मामले का हुआ खुलासा, छोटे भाई ने ही गोली मारकर उतारा था मौत के घाट

Dehradun News : देहरादून में रविवार रात पटेल नगर के बुड्ढी गांव में हुई वकील की हत्या मामले का पुलिस ने महज 10 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। जिस वारदात को घर में घुसकर की गई हत्या बताया जा रहा था, उसकी सच्चाई सामने आई तो हर कोई हैरान रह गया। पुलिस के मुताबिक युवक की हत्या उसके अपने छोटे भाई ने की थी।
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देहरादून में हुई वकील की हत्या मामले का हुआ खुलासा
बुड्डी गांव में रविवार रात सोहेल हारून की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शुरुआती जानकारी में परिजनों ने अज्ञात बदमाशों के घर में घुसकर वारदात करने की बात कही थी। लेकिन पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
सीसीटीवी फुटेज में घटना के दौरान किसी बाहरी व्यक्ति के घर में आने-जाने के सबूत नहीं मिले। वहीं घर की तलाशी के दौरान बाथरूम से एक देशी पिस्टल बरामद हुई। पुलिस का शक मृतक के छोटे भाई शाहिद पर गया।

छोटे भाई ने ही गोली मारकर उतारा था मौत के घाट
पूछताछ में शाहिद ने हत्या की बात कबूल कर ली। पुलिस के मुताबिक गलत आदतों और फिजूलखर्ची को लेकर बड़े भाई द्वारा बार-बार टोके जाने से वो नाराज था।
कुछ दिन पहले पिता के खाते से पैसे निकालने को लेकर दोनों के बीच विवाद और मारपीट भी हुई थी। इसी रंजिश में शाहिद ने अपने बड़े भाई की गोली मारकर हत्या कर दी और फिर पुलिस को गुमराह करने के लिए अज्ञात हमलावरों की कहानी गढ़ दी।
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देहरादून में घर में घुसकर वकील की गोली मारकर हत्या, गुस्साई भीड़ में शव को सड़क पर रख किया प्रदर्शन

Dehradun News : राजधानी देहरादून से बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां पटेल नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित बुड्ढी गांव में बदमाशों ने एक वकील की घर में घुसकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद से इलाके में सनसनी मच गई है।
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देहरादून में घर में घुसकर वकील की गोली मारकर हत्या
देहरादून के पटेल नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित बुड्ढी गांव में एक अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या किए जाने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना देर रात की बताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच की शुरू
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अधिवक्ता सोहेल अपने कमरे में ही थे। जबकि उनका भाई दूसरे कमरे में खाना खा रहा था। इसी दौरान गोली चलने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर जब परिजन बाहर पहुंचे तो सोहेल फर्श पर पड़ा था और घटना में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की। पुलिस टीम आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके।

गुस्साई भीड़ में शव को सड़क पर रख किया प्रदर्शन
घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव को शिमला बाईपास रोड पर रखकर प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। काफी देर की बातचीत के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी घटनास्थल का दौरा कर जांच की प्रगति की समीक्षा की। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।
वहीं, सड़क जाम और प्रदर्शन के दौरान हुई गतिविधियों को लेकर पुलिस कानूनी पहलुओं की भी समीक्षा कर रही है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
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