Jharkhand
कुएं में कूदे व्यक्ति को बचाने की कोशिश में चार की चली गयी जान, इलाके में शोक….

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले के चारही इलाके में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जिसमें कुएं से एक व्यक्ति को बचाने के प्रयास में चार लोगों की जान चली गई। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, यह घटना जिले के चारही इलाके में हुई।
घटनाक्रम
पुलिस ने बताया कि सुंदर कर्मली (27 वर्ष) का अपनी पत्नी रूपा देवी के साथ घरेलू विवाद हुआ। गुस्से में आकर उसने अपनी मोटरसाइकिल सहित कुएं में छलांग लगा दी। सुंदर को बचाने के लिए चार लोगों ने कुएं में उतरने की कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्यवश सभी की जान चली गई। मृतकों की पहचान राहुल कर्मली (26), विनय कर्मली, पंकज कर्मली और सूरज भुइयां (सभी 24 वर्ष) के रूप में हुई है।
पुलिस का कदम और सुरक्षा उपाय
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को बाहर निकाला। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर कुएं को ढक दिया है और आसपास जाने पर रोक लगा दी है। यह घटना पूरे इलाके में शोक का कारण बन गई है।
आसपास के लोग हैरान और दुखी
यह घटना सभी के लिए एक बड़ा आघात है, और पूरे इलाके में दुख का माहौल है। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
Crime
झारखण्ड के पूर्व CM चम्पई सोरेन के पोते की संदिग्ध परिस्थियों में मौत, मनाली के होमेस्टे से मिला शव
मनाली में चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन की मौत, दोस्तों के साथ गया था घूमने
Champai Soren grandson Death: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के पर्यटन स्थल मनाली से एक बड़ी खबर सामने आई है. जहां झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. वीर सोरेन का शव मनाली के सिमसा क्षेत्र स्थित एक होम स्टे से बरामद किया गया. वो अपने दो दोस्तों के साथ घूमने के लिए मनाली आया था.
ये भी पढ़ें_ Dehradun Crime: युवती को चापड़ दिखाकर धमकाने वाला आरोपी गिरफ्तार
मुख्य बिंदु
झारखण्ड के पूर्व CM के पोते की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
पुलिस के मुताबिक, वीर सोरेन अपने दोस्तों के साथ होम स्टे में ठहरा हुआ था. 23 फरवरी को सभी दोस्त सोलंग और सेथन क्षेत्र घूमने गए थे और देर रात करीब 12:30 बजे वापस कमरे में लौटे. उस समय वीर सोरेन सो रहा था, लेकिन दोस्तों के जगाने पर उसने सिर में तेज दर्द होने की शिकायत की. इसके बाद साथियों ने ऑनलाइन दवा मंगवाकर उसे दी, जिससे कुछ देर बाद वह फिर सो गया.
ये भी पढ़ें_ हिमाचल प्रदेश में भीषण बस दुर्घटना, हादसे में 9 की मौत 40 घायल
रात को सिरदर्द के बाद दोपहर में अचानक बिगड़ी तबीयत
लेकिन अगले दिन दोपहर करीब 2 बजे कमरे से गिरने की आवाज सुनाई दी. जब उसके दोस्त अंदर पहुंचे तो वीर सोरेन बिस्तर से नीचे गिरा हुआ मिला. इसके बाद घबराए साथियों ने तुरंत उसे वाहन से सिविल अस्पताल मनाली पहुंचाया. रास्ते में उसकी हालत और बिगड़ गई तथा उसके मुंह से झाग निकलने लगा, जिससे स्थिति गंभीर हो गई.
ये भी पढ़ें_ मसूरी में सिविल अस्पताल के पास घर के कमरे में लगी आग, एक व्यक्ति की जिंदा जलकर मौत
Champai Soren grandson Death – पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने काफी देर तक सीपीआर देने की कोशिश की, लेकिन आखिरकार उसे मृत घोषित कर दिया गया. पुलिस को अस्पताल से सूचना मिलने के बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया. प्रारंभिक जांच में शरीर पर किसी भी तरह के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा.
Jharkhand
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का 81 वर्ष की उम्र में निधन

रांची: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन अब हमारे बीच नहीं रहे। 81 वर्षीय दिशोम गुरु ने दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे राज्य ही नहीं, देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है।
शिबू सोरेन केवल एक नेता नहीं थे, वे एक आंदोलन थे – आदिवासी समाज की पहचान, उनके अधिकारों की लड़ाई का चेहरा। लंबी बीमारी से जूझने के बाद उन्होंने चिर विश्राम ले लिया।
उनके बेटे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक भावुक संदेश में लिखा, “आज मैं शून्य हो गया हूं।” शब्दों में पिता के चले जाने का दर्द साफ महसूस हो रहा था।
झारखंड के लोग, जो उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे थे, अब दुख और स्तब्धता में डूबे हैं। दिल्ली में पूरा सोरेन परिवार उनके अंतिम क्षणों में साथ रहा।
राष्ट्रीय नेतृत्व ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिबू सोरेन के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने उन्हें “जनता के प्रति समर्पित ज़मीनी नेता” बताया और कहा कि वे आदिवासी समाज, गरीबों और वंचितों के सशक्तिकरण के लिए आजीवन समर्पित रहे। प्रधानमंत्री ने हेमंत सोरेन से फोन पर बात कर संवेदना भी प्रकट की।
झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने भी कहा, “शिबू सोरेन जनजातीय अस्मिता और अधिकार के सशक्त स्वर थे। उनका योगदान राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही क्षेत्रों में अविस्मरणीय रहेगा।”
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें एक प्रख्यात जननेता बताया और कहा कि उनका जाना न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है।
राजनीतिक बिरादरी में शोक
भाजपा के वरिष्ठ नेता और झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने दुख प्रकट करते हुए कहा, “उनका जाना झारखंड के लिए एक गहरा धक्का है।”
राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव सहित राजद परिवार ने भी गहरी संवेदना जताई। लालू प्रसाद ने भावुक होकर कहा, “वह हमारे साथी थे, हम साथ मिलकर काम करते थे। यह एक निजी क्षति है।”
एक युग का अंत
शिबू सोरेन का जीवन संघर्षों और आंदोलन से भरा रहा। आदिवासी अधिकारों की लड़ाई से लेकर झारखंड राज्य के निर्माण तक, उन्होंने हर मोर्चे पर अपनी भूमिका निभाई। वे तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे और झामुमो के संस्थापक सदस्य व संरक्षक के रूप में उन्होंने राज्य की राजनीति को दिशा दी।
आज, जब वे हमारे बीच नहीं हैं, तो ऐसा लगता है जैसे एक पूरी पीढ़ी मौन हो गई हो। पर उनकी यादें, उनके संघर्ष और उनके विचार हमेशा झारखंड की मिट्टी में गूंजते रहेंगे।
Automobile
अक्षम पाए गए 182 शिक्षक और कर्मियों को अनिवार्य रिटायरमेंट का नोटिस जारी…

देहरादून: उत्तराखंड शिक्षा विभाग ने शारीरिक और मानसिक रूप से अक्षम 182 शिक्षक और कार्मिकों के खिलाफ अनिवार्य रिटायरमेंट की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग ने इन शिक्षकों और कर्मचारियों की पहचान करने के बाद उन्हें नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्हें अनिवार्य रिटायरमेंट से पहले अपना पक्ष रखने का समय दिया जा रहा है।
शिक्षा महानिदेशक झरना कामठान ने बताया कि यह कदम राज्य सरकार की स्वास्थ्य और कार्यक्षमता के आधार पर कर्मचारियों की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन करने के निर्देश के तहत उठाया गया है। विभाग द्वारा चिन्हित किए गए ये शिक्षक और कार्मिक शारीरिक या मानसिक रूप से अक्षम पाए गए हैं, जिनकी कार्यक्षमता सामान्य शैक्षिक दायित्वों के निर्वहन में प्रभावी नहीं रही है।
अपना पक्ष रखने का अवसर
इन 182 शिक्षक और कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है, जिसमें उन्हें विभाग द्वारा निर्धारित समय के भीतर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जा रहा है। यदि कोई शिक्षक या कर्मी इस निर्णय पर आपत्ति जताता है, तो उसकी समीक्षा की जाएगी और अंतिम निर्णय लेने से पहले सभी तथ्यों को ध्यान में रखा जाएगा।
#Dehradun #EducationDepartment #RetirementNotice #TeachersRetirement #PhysicallyChallengedEmployees #UttarakhandEducation #RetirementProcess #MentalHealth #EducationImprovement #EmployeeRights
big news13 hours agoउत्तराखंड में आज होगा एक घंटे ब्लैक आउट !, एक घंटे तक अंधेरे में डूबेगा पूरा प्रदेश, जानें वजह ?
Cricket14 hours agoMUL vs ISL Dream11 Match 4 PSL 11(28-March-2026)
Cricket14 hours agoRCB vs SRH Dream11 1st Match IPL 2026 – 28 March 2026
big news14 hours agoविधानसभा चुनावों से पहले दलबदल का सिलसिला शुरू, राजकुमार ठुकराल समेत 6 बड़े चेहरे आज कांग्रेस में होंगे शामिल
Dehradun13 hours agoउत्तराखंड में जून में शुरू हो सकता है SIR, वोटर लिस्ट में नाम को लेकर है कोई भी कन्फ्यूजन तो ऐसे करें दूर
Roorkee8 hours agoतमंचों का ट्रांजिट फेल! खानपुर पुलिस का बड़ा एक्शन, एक सप्लायर गिरफ्तार, एक फरार
Breakingnews9 hours agoउत्तराखंड में बड़ा सियासी उलटफेर, बीजेपी के इन नेताओं ने थामा कांग्रेस का दामन, देखें लिस्ट
Cricket14 hours agoIPL 2026: आईपीएल के 19वें सीजन का आज से होगा आगाज़, RCB बनाम SRH के बीच होगा पहला मुकाबला…












































