big news
कैबिनेट विस्तार के बाद मंत्रियों को सौंपे गए जिलों के प्रभार, जानें किस मंत्री को मिली किस जिले की जिम्मेदारी ?

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में हाल ही में कैबिनेट विस्तार देखने को मिला था। जिसमें पांच नए कैबिनेट मंत्री बनाए गए। इसके बाद अब सीएम धामी ने मंत्रियों जिलों के प्रभार सौंप दिए हैं।
Table of Contents
कैबिनेट विस्तार के सीएम धामी ने मंत्रियों को सौंपे जिलों के प्रभार
कैबिनेट विस्तार के सीएम धामी ने मंत्रियों को जिलों के प्रभार सौंप दिए हैं। नियोजन विभाग ने इसके आदेश भी जारी कर दिए हैं। बता दें कि जहां पहले मंत्रियों पर दो-दो जिलों के प्रभार थे। तो वहीं अब मंत्रियों का बोझ हल्का हो गया है। लेकिन मंत्री गणेश जोशी और भरत चौधरी को दो-दो जिलों का प्रभारी बनाया गया है।
किस मंत्री को मिली किस जिले की जिम्मेदारी ?
नियोजन विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक कैबिनेट डॉ. धन सिंह रावत को अल्मोड़ा, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज को हरिद्वार, रेखा आर्य को पिथौरागढ़, गणेश जोशी को टिहरी व रुद्रप्रयाग, सुबोध उनियाल को देहरादून की जिम्मेदारी मिली है।

जबकि भरत चौधरी को चमोली व चंपावत, मदन कौशिक को पौड़ी, सौरभ बहुगुणा को उत्तरकाशी, खजान दास को नैनीताल, प्रदीप बत्रा को ऊधमसिंह नगर और राम सिंह कैड़ा को बागेश्वर की जिम्मेदारी मिली है।
जानें किस मंत्री के पास है कौन सा विभाग ?
| मंत्री का नाम | जिला प्रभार | प्रमुख मंत्रालय / विभाग |
|---|---|---|
| सतपाल महाराज | हरिद्वार | लोक निर्माण, ग्रामीण निर्माण, संस्कृति, धर्मस्व, पर्यटन, सिंचाई, लघु सिंचाई, सामान्य प्रशासन, भारत-नेपाल उत्तराखंड नदी परियोजनाएं |
| गणेश जोशी | टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग | कृषि, कृषि शिक्षा, कृषि विपणन, उद्यान, फलोद्योग, रेशम विकास, सैनिक कल्याण |
| डॉ. धन सिंह रावत | अल्मोड़ा | विद्यालयी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, सहकारिता |
| सुबोध उनियाल | देहरादून | वन, निर्वाचन, विधायी एवं संसदीय कार्य, चिकित्सा स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा |
| रेखा आर्या | पिथौरागढ़ | महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, खाद्य नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले, खेल, युवा कल्याण |
| सौरभ बहुगुणा | उत्तरकाशी | पशुपालन, दुग्ध विकास, मत्स्य पालन, गन्ना विकास, चीनी उद्योग, प्रोटोकॉल, कौशल विकास |
| खजान दास | नैनीताल | समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण, भाषा |
| भरत चौधरी | चमोली, चंपावत | ग्राम्य विकास, लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग |
| मदन कौशिक | पौड़ी | पंचायतीराज, आपदा प्रबंधन, पुनर्वास, आयुष, आयुष शिक्षा, पुनर्गठन, जनगणना |
| प्रदीप बत्रा | ऊधम सिंह नगर | परिवहन, सूचना प्रौद्योगिकी, सुराज, विज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी |
| राम सिंह कैड़ा | बागेश्वर | शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, जलागम प्रबंधन |
Uttarakhand
पहाड़ों का मानसून मैदानों की ओर शिफ्ट? उत्तराखंड में बारिश का बदला पैटर्न, वैज्ञानिक भी हैरान

Uttarakhand Monsoon : उत्तराखंड में मानसून का पैटर्न बदल रहा है। हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई है जिसके मुताबिक उत्तराखंड में पहाड़ों से ज्यादा अब मैदानी इलाकों में भारी बारिश हो रही है। इस रिपोर्ट ने वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया है।
Table of Contents
उत्तराखंड में बदल रहा मानसून का पैटर्न
उत्तराखंड के मानसून को लेकर एक अध्ययन में मौसम के बदलते पैटर्न की तस्वीर सामने आई है। लंबे समय के बारिश के आंकड़ों के विश्लेषण से संकेत मिले हैं कि मानसून के दौरान अब पहाड़ी इलाकों की तुलना में मैदानी क्षेत्रों में भारी बारिश वाले दिनों की संख्या अधिक दर्ज हो रही है।
पहाड़ों का मानसून मैदानों की ओर हो रहा शिफ्ट?
बता दें कि ये अध्ययन मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह और मौसम विज्ञानी रोहित थपलियाल ने किया है, जिसे एक अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित किया गया है। शोधकर्ताओं ने वर्ष 1983 से 2023 तक यानी 41 साल के मानसूनी बारिश के आंकड़ों का अध्ययन किया।
इसके लिए उत्तराखंड के चार मौसम केंद्रों को आधार बनाया गया। इनमें देहरादून और पंतनगर को मैदानी क्षेत्र, जबकि मुक्तेश्वर और टिहरी को पहाड़ी क्षेत्र का प्रतिनिधि माना गया।

देहरादून में सबसे ज्यादा भारी बारिश वाले दिन
अध्ययन में भारी, बहुत भारी और अत्यधिक भारी बारिश वाले दिनों का औसत निकाला गया। इसके अनुसार मानसून के दौरान देहरादून में ऐसे दिनों की औसत संख्या 7.1 रही। पंतनगर में यह आंकड़ा 4.2 दिन दर्ज हुआ।
वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में मुक्तेश्वर में औसतन 2.3 दिन और टिहरी में केवल 1.7 दिन भारी या उससे अधिक बारिश वाले रहे। आंकड़ों की तुलना करने पर मैदानी इलाकों के दोनों केंद्र पहाड़ी क्षेत्रों के दोनों केंद्रों से आगे नजर आए। यानी पिछले चार दशकों के आंकड़ों के आधार पर अध्ययन ये संकेत देता है कि मानसून के दौरान भारी बारिश की घटनाएं मैदानी क्षेत्रों में अपेक्षाकृत ज्यादा हो रही हैं।
जुलाई-अगस्त में हो रही सबसे ज्यादा बारिश
अध्ययन में जुलाई और अगस्त को उत्तराखंड के मानसून के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण महीने बताया गया है। जुलाई में राज्य में औसतन 417.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज होती है, जबकि अगस्त में औसत बारिश करीब 385.7 मिलीमीटर रहती है।
इन दोनों महीनों में भारी बारिश वाले दिनों की संख्या भी अधिक रहती है। साथ ही, जून और सितंबर की तुलना में जुलाई और अगस्त में बारिश के पैटर्न में साल-दर-साल बदलाव अपेक्षाकृत कम देखा गया।

भारी बारिश का बड़ा हिस्सा मैदानी क्षेत्रों में
शोध में भारी, बहुत भारी और अत्यधिक भारी बारिश को एक साथ ‘चरम बारिश’ की श्रेणी में रखा गया। अध्ययन के मुताबिक मानसून के दौरान होने वाली कुल बारिश में इस तरह की चरम बारिश का हिस्सा देहरादून में औसतन 37 प्रतिशत है।
पंतनगर में यह हिस्सेदारी 33 प्रतिशत दर्ज की गई। इसके मुकाबले मुक्तेश्वर में 24 प्रतिशत और टिहरी में 19 प्रतिशत बारिश चरम बारिश की श्रेणी में आती है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि अध्ययन में शामिल चार मौसम केंद्रों में मैदानी क्षेत्रों में मानसूनी बारिश का अपेक्षाकृत बड़ा हिस्सा भारी या उससे अधिक तीव्रता वाली बारिश के रूप में दर्ज हुआ है।
प्रदे बदलते मौसम पैटर्न पर बढ़ी चिंता
उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में बारिश के स्वरूप में बदलाव का असर सड़क, यातायात, नदियों और पहाड़ी ढलानों पर भी पड़ सकता है। खासतौर पर कम समय में होने वाली तेज बारिश अचानक जलभराव, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड जैसी परिस्थितियों का खतरा बढ़ा सकती है।
हालांकि, ये अध्ययन केवल चार मौसम केंद्रों के 41 वर्षों के आंकड़ों पर आधारित है। इसलिए पूरे उत्तराखंड में बारिश के बदलते स्वरूप को समझने के लिए अन्य क्षेत्रों और अधिक मौसम केंद्रों के आंकड़ों का अध्ययन भी महत्वपूर्ण होगा।
big news
देहरादून के फाइव स्टार होटलों में छापा, किचन में मचा हड़कंप, जांच के लिए भेजे गए सैंपल

Dehradun News : खाद्य पदार्थों में मिलावट और गुणवत्ता के मानकों से किसी भी तरह का समझौता रोकने के लिए उत्तराखंड में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़े होटल प्रतिष्ठानों की जांच तेज कर दी है। इसी क्रम में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने देहरादून-मसूरी रोड स्थित प्रमुख फाइव स्टार होटलों में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया।
Table of Contents
देहरादून के फाइव स्टार होटलों में छापा
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान के दौरान टीमों ने बड़े होटलों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने होटल के किचन, स्टोर रूम और खाद्य सामग्री के रखरखाव से जुड़ी व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा।
छापे से फाइव स्टार होटलों के किचन में मचा हड़कंप
जांच के दौरान खाद्य पदार्थों के भंडारण, कच्चे माल की गुणवत्ता, पैकेज्ड फूड की स्थिति, साफ-सफाई और खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखने के इंतजामों की भी पड़ताल की गई। अधिकारियों ने होटल संचालकों और खाद्य कारोबारियों को निर्धारित खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता नियमों का पालन करने के निर्देश दिए।

दो होटलों से लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूने
निरीक्षण के दौरान विभाग की टीम ने दो अलग-अलग बड़े होटलों से खाद्य पदार्थों के सैंपल भी लिए। एक होटल से मसाले का नमूना, जबकि दूसरे होटल से तैयार दाल का सैंपल जांच के लिए लिया गया है। दोनों नमूनों को प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एनालॉग पनीर पर भी विभाग की नजर
अभियान के दौरान विभाग ने विशेष रूप से एनालॉग पनीर और अन्य गैर-दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर भी जांच की। अधिकारियों ने खाद्य कारोबारियों को स्पष्ट किया कि किसी भी उत्पाद की गुणवत्ता, लेबलिंग, स्रोत या निर्धारित मानकों में गड़बड़ी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य होटल और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने कारोबारियों से साफ-सफाई बनाए रखने और खाद्य सुरक्षा से जुड़े सभी नियमों का सख्ती से पालन करने को कहा है।
big news
उत्तराखंड में भूकंप से डोली धरती, टिहरी और उत्तरकाशी में महसूस किए गए भूकंप के झटके

Earthquake in Uttarakhand : उत्तराखंड के उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल जिलों में सोमवार देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। उत्तरकाशी में भूकंप की तीव्रता 4.2 दर्ज की गई, जबकि टिहरी गढ़वाल में 2.0 तीव्रता का हल्का झटका आया। दोनों जिलों में भूकंप के कारण फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
Table of Contents
उत्तराखंड में भूकंप से डोली धरती
उत्तराखंड में रविवार रात और सोमवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। उत्तरकाशी जिले में भूकंप का असर यमुना घाटी और गंगा घाटी के कई इलाकों में महसूस किया गया। देर रात अचानक धरती हिलने से लोगों में दहशत फैल गई। कई लोग एहतियात के तौर पर अपने घरों से बाहर निकल आए।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक, उत्तरकाशी में भूकंप का झटका रात करीब 1:21 बजे महसूस किया गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार इसकी तीव्रता 4.2 रही।
राजगढ़ी क्षेत्र के आसपास बताया जा रहा है केंद्र
भूकंप का केंद्र उत्तरकाशी जिले में बताया गया है। इसकी गहराई जमीन के अंदर करीब 10 किलोमीटर दर्ज की गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र बड़कोट तहसील मुख्यालय के पास राजगढ़ी क्षेत्र के आसपास बताया जा रहा है।

तेज झटके के बावजूद जिले में अभी तक किसी बड़े नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है। प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
टिहरी में 2.0 तीव्रता का भूकंप
उत्तरकाशी के अलावा टिहरी गढ़वाल जिले के कीर्तिनगर और घनसाली क्षेत्र में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। यहां भूकंप की तीव्रता 2.0 दर्ज की गई।
यह भूकंप जमीन के करीब 5 किलोमीटर नीचे आया था। इसकी तीव्रता कम होने के कारण झटके हल्के रहे। टिहरी जिले में भी भूकंप से किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।
Cricket19 hours agoLKK vs NRK Dream11 Prediction Match 16 TPL 2026: Pitch Report, Playing XI & Fantasy Tips
Cricket19 hours agoTGC vs ITT Dream11 Prediction Match 17 TNPL 2026 : Pitch Report, Playing XI & Fantasy Tips
Uttarakhand24 hours agoहरिद्वार में कांवड़ मेला सकुशल संपन्न, पुलिस-प्रशासन ने सहयोगियों को किया सम्मानित
Haridwar22 hours agoकांवड़ मेला खत्म होने के बाद हरिद्वार में 7000 मीट्रिक टन कूड़ा, घाटों की सफाई में जुटे कर्मचारी
Dehradun21 hours agoसीएम धामी से मिले शेफ केशव नेगी, दिल्ली होटल अग्निकांड केस में थे फंसे…
uttarakhand weather5 hours agoउत्तराखंड वालों सावधान! इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, देखें वेदर अपडेट
Cricket2 hours agoAsian Games 2026 Cricket Full Schedule: पुरुष और महिला मैचों की तारीखें, टीम और वेन्यू डिटेल्स
Breakingnews2 hours agoहल्द्वानी में नाबालिग से कुकर्म की कोशिश, स्थानीय लोगों ने आरोपी को पकड़कर पीटा





































