Kotdwar
जल संसथान में मिलीभगत का खेल , AE रिटायरमेंट के बाद भी फाइलों पर करते रहे साइन ,जानिए पूरी कहानी…

कोटद्वार – कोटद्वार में जल संस्थान की अनियमितताओं का मामला सामने आया है, जहां कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते एक सहायक अभियंता (AE) ने रिटायरमेंट के बाद भी फाइलों पर साइन कर पेयजल कनेक्शन की अनुमति देते रहे….
AE बी.आर. चौधरी का रिटायरमेंट दिसंबर में हो गया था…लेकिन उन्हें 6 महीने का सेवा विस्तार दिया गया, जो अगस्त में खत्म हो गया। इसके बावजूद, वे सितंबर में भी फाइलों पर साइन करते रहे और कई पेयजल कनेक्शन स्वीकृत किए। यह घटना कर्मचारियों की मिलीभगत और संस्थान की अनदेखी को उजागर करती है।
इस अनियमितता ने जल संस्थान के कर्मचारियों के बीच सवाल उठाए। क्या चौधरी वास्तव में अभी भी अधिकारिक रूप से काम कर रहे थे? उनकी साइन की गई फाइलें किसके आदेश पर थीं?
#Bigfeat, #JalSansthan, #AssistantEngineer, #kept, #signing, #files, #evenafter, #retirement, #kotdwar, #uttarakhand
Uttarakhand
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी ने वित्त पोषित परियोजना के अंतर्गत विकास कार्यों का किया निरीक्षण….

विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड एवं विधायक कोटद्वार ऋतु खण्डूडी भूषण ने आज एडीबी (एशियन डेवलपमेंट बैंक) द्वारा वित्त पोषित पेयजल एवं आधारभूत अवसंरचना परियोजना के अंतर्गत वार्ड संख्या 04 से 26 तक संचालित विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न वार्डों में निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्यों के क्रियान्वयन का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस अवसर पर उन्होंने कोटद्वार के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि यह परियोजना शहर के भविष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है और इसके पूर्ण होने के बाद कोटद्वार की पेयजल व्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं तथा आमजन को अनावश्यक असुविधा न हो। साथ ही, निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का भी पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए।

ऋतु खण्डूडी भूषण ने कहा कि एडीबी परियोजना पूर्ण होने के बाद वार्ड संख्या 04 से 26 सहित पूरे नगर क्षेत्र के हजारों नागरिकों को स्वच्छ एवं नियमित पेयजल आपूर्ति का लाभ मिलेगा। पुरानी एवं जर्जर पाइपलाइन की समस्याओं से राहत मिलेगी, जल आपूर्ति अधिक सुचारु होगी, पानी की बर्बादी कम होगी तथा भविष्य की बढ़ती आबादी की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मजबूत पेयजल व्यवस्था विकसित होगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना कोटद्वार के समग्र एवं दीर्घकालिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण कर उन्हें शीघ्र लाभान्वित किया जाए।
इस अवसर पर परियोजना प्रबंधक जतिन सिंह सैनी, सहायक अभियंता (AE) सुमित कुमार, कनिष्ठ अभियंता (JE) विश्रुत, डीएससी मैनेजर नरेंद्र सिंह तथा ठेकेदार प्रतिनिधि दीपक व्यास , विधायक प्रतिनिधि महेश नेगी ( मुन्ना फौजी ) , कमल नेगी , दीपक गौड़ आदि उपस्थित रहे।
Kotdwar
लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग को कोर्ट से मंजूरी, 18 गांवों के 40 हजार ग्रामीणों को सीधा लाभ

लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग से हटाई गई रोक, ग्रामीणों में ख़ुशी की लहर
Laldhang Chillarkhal Road: उत्तराखंड की बहुप्रतीक्षित लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग परियोजना को लेकर बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने सड़क निर्माण पर लगी रोक हटा दी है, जिससे वर्षों से अटकी इस अहम परियोजना के फिर से शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है. कोर्ट के इस फैसले के बाद से ग्रामीणों में ख़ुशी की लहर है.
मुख्य बिंदु
Laldhang Chillarkhal Road परियोजना को कोर्ट से मंजूरी
इस दौरान, सुनवाई में गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने इंटरवेंशन एप्लीकेशन दायर कर क्षेत्रीय जनहित का पक्ष मजबूती से रखा. वहीं, नई दिल्ली से सांसद बांसुरी स्वराज ने उनके अधिवक्ता के रूप में अदालत में प्रभावी पैरवी की. सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने निर्माण पर लगी रोक समाप्त कर दी.
लम्बे समय से बाधित था निर्माण कार्य
दरअसल, लगभग 11.5 किलोमीटर लंबी इस मोटर मार्ग परियोजना का करीब 4.7 किलोमीटर हिस्सा सेंट्रल फॉरेस्ट एरिया से होकर गुजरता है. इसी वजह से, पर्यावरणीय स्वीकृतियों और आपत्तियों के कारण निर्माण कार्य लंबे समय तक बाधित रहा था, जिससे स्थानीय लोगों को वर्षों तक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा.
कोटद्वार से हरिद्वार की दूरी होगी कम
वहीं,ये सड़क कोटद्वार क्षेत्र को सीधे लालढांग से जोड़ती है, जिससे हरिद्वार और मैदानी इलाकों तक पहुंच काफी सुगम हो जाती है. फिलहाल, लोगों को लंबे और घुमावदार रास्तों से गुजरना पड़ता है, जिससे समय और ईंधन दोनों की अतिरिक्त खपत होती है. बरसात के मौसम में हालात और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाते हैं.
काफी समय से चल रही थी सड़क निर्माण की मांग
लंबे समय से, स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण इस सड़क को ऑल वेदर रोड के रूप में विकसित करने की मांग कर रहे थे. उनका कहना है कि सड़क के अभाव में स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और रोजगार तक पहुंच प्रभावित होती है, जबकि आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में गंभीर दिक्कतें आती हैं.
18 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ
इस फैसले से, करीब 18 गांवों और 40 हजार से अधिक आबादी को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है. सड़क बनने से व्यापार, कृषि, दुग्ध उत्पादन और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. इसी कड़ी में, कोटद्वार विधायक और विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने इसे ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए कहा कि यह सड़क क्षेत्र के लिए जीवन रेखा है और उनके निरंतर प्रयासों से आज यह सकारात्मक परिणाम सामने आया है.
Kotdwar
KOTDWAR: रिश्ते हुए शर्मसार, नाबालिग बेटी ने सौतेले पिता पर लगाए दुष्कर्म के आरोप

सौतेले पिता पर बेटी से दुष्कर्म के आरोप, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल
मुख्य बिंदु
KOTDWAR RAPE CASE: उत्तराखंड के पौड़ी जिले के कोटद्वार से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक खबर सामने आई है. जहाँ पर एक नाबालिग की गुमशुदगी ने ऐसे राज खोले हैं जिससे मानवता भी शर्मसार हो जाए. नब्लिग़ ने अपने सौतेले पिता पर दुष्कर्म के गंभीर आरोप लगाए हैं. फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
ये भी पढ़ें- रिश्ते हुए शर्मसार , पिता ने बेटी को ही बना दिया हवस का शिकार |
पीड़िता की माँ ने कोतवाली में दर्ज कराई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट
जानकारी के मुताबिक, कोटद्वार कोतवाली में 6 फरवरी को एक महिला ने उसकी बेटी की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी. जिसमें पीड़िता की माँ ने बताया था कि उसकी बेटी 6 फरवरी की सुबह 7 बजे से घर से लापता हो गई है. मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी पौड़ी सर्वेश पंवार ने तत्काल पुलिस टीम गठित कर खोजबीन के निर्देश दिए.
पुलिस को CCTV से मिले अहम सुराग, नाबालिग सकुशल बरामद
पुलिस ने मामले की छानबीन के करते हुए CCTV फुटेज खंगाले जिस से अहम् सुराग हाथ लगे. पीडिता अपनी नानी के घर बीएल रोड चली गई थी. पुलिस जब नानी के घर पहुंची तो नानी ने बताया कि बच्ची बहुत दरी हुई थी. उसने अपने माता-पिता के साथ रहने से इनकार कर दिया था. नानी ने उसे सिगड़ी क्षेत्र में किसी परिचित के घर छोड़ दिया था.
ये भी पढ़ें- रुड़की: सगी माँ ने अपने दूसरे शौहर से अपनी ही बेटी का करवाया यौन शोषण
KOTDWAR RAPE CASE, पिता पर लगाए दुष्कर्म के आरोप
पुलिस ने बच्ची को सकुशल अपने कब्जे में लेकर जब पूछताछ की तो उसका बयान रोंगटे खड़े कर देने वाला था. बच्ची ने बताया कि 5 फरवरी की रात सोते समय उसके पिता ने उसके साथ दुष्कर्म किया. जिससे डरकर सुबह बच्ची घर से भाग निकली.
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल
नाबालिग के बयान के आधार पर पुलिस ने मामले में आरोपी पर BNS और POCSO अधिनियम के तहत मुकादम दर्ज कर लिया है. पुलिस ने बताया कि आरोपी को भी 7 फरवरी को नजीमाबाद रोड से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
Cricket13 hours agoSophia Gardens Cricket Ground, Cardiff: इतिहास, रिकॉर्ड्स, पिच रिपोर्ट और महत्वपूर्ण जानकारियां
Cricket19 hours agoIND vs ENG Dream11 Prediction 2nd ODI 2026: बेस्ट Dream11 टीम, पिच रिपोर्ट, प्लेइंग XI और कप्तान विकल्प
big news14 hours agoप्रेम कहानी का खौफनाक अंत!, BSF जवान ने की शादीशुदा प्रेमिका की हत्या, फिर खुद भी खाया जहर
Champawat15 hours agoharela 2026 : ‘एक पेड़ माँ के नाम’ से गूंजा हरेला, CM धामी ने हरित उत्तराखंड का दिया मंत्र
Breakingnews14 hours agoसिलक्यारा टनल में फिर से बड़ा हादसा, लाइनिंग गिरने से एक श्रमिक की मौके पर ही मौत
Cricket10 hours agoZim vs Ban Dream11 Team 2nd T20I 2026: फैंटेसी क्रिकेट गाइड, पिच रिपोर्ट और बेस्ट प्लेइंग-XI
Breakingnews9 hours agoदेहरादून में बड़ा खुलासा!, ठगी करता पकड़ा गया पूर्व मुख्य सचिव का बेटा, पुलिस ने किया गिरफ्तार
Dehradun7 hours agoकल देहरादून आएंगे राहुल गांधी, ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों से करेंगे सीधा संवाद








































