Kotdwar
जल संसथान में मिलीभगत का खेल , AE रिटायरमेंट के बाद भी फाइलों पर करते रहे साइन ,जानिए पूरी कहानी…

कोटद्वार – कोटद्वार में जल संस्थान की अनियमितताओं का मामला सामने आया है, जहां कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते एक सहायक अभियंता (AE) ने रिटायरमेंट के बाद भी फाइलों पर साइन कर पेयजल कनेक्शन की अनुमति देते रहे….
AE बी.आर. चौधरी का रिटायरमेंट दिसंबर में हो गया था…लेकिन उन्हें 6 महीने का सेवा विस्तार दिया गया, जो अगस्त में खत्म हो गया। इसके बावजूद, वे सितंबर में भी फाइलों पर साइन करते रहे और कई पेयजल कनेक्शन स्वीकृत किए। यह घटना कर्मचारियों की मिलीभगत और संस्थान की अनदेखी को उजागर करती है।
इस अनियमितता ने जल संस्थान के कर्मचारियों के बीच सवाल उठाए। क्या चौधरी वास्तव में अभी भी अधिकारिक रूप से काम कर रहे थे? उनकी साइन की गई फाइलें किसके आदेश पर थीं?
#Bigfeat, #JalSansthan, #AssistantEngineer, #kept, #signing, #files, #evenafter, #retirement, #kotdwar, #uttarakhand
Kotdwar
लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग को कोर्ट से मंजूरी, 18 गांवों के 40 हजार ग्रामीणों को सीधा लाभ

लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग से हटाई गई रोक, ग्रामीणों में ख़ुशी की लहर
Laldhang Chillarkhal Road: उत्तराखंड की बहुप्रतीक्षित लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग परियोजना को लेकर बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने सड़क निर्माण पर लगी रोक हटा दी है, जिससे वर्षों से अटकी इस अहम परियोजना के फिर से शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है. कोर्ट के इस फैसले के बाद से ग्रामीणों में ख़ुशी की लहर है.
मुख्य बिंदु
Laldhang Chillarkhal Road परियोजना को कोर्ट से मंजूरी
इस दौरान, सुनवाई में गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने इंटरवेंशन एप्लीकेशन दायर कर क्षेत्रीय जनहित का पक्ष मजबूती से रखा. वहीं, नई दिल्ली से सांसद बांसुरी स्वराज ने उनके अधिवक्ता के रूप में अदालत में प्रभावी पैरवी की. सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने निर्माण पर लगी रोक समाप्त कर दी.
लम्बे समय से बाधित था निर्माण कार्य
दरअसल, लगभग 11.5 किलोमीटर लंबी इस मोटर मार्ग परियोजना का करीब 4.7 किलोमीटर हिस्सा सेंट्रल फॉरेस्ट एरिया से होकर गुजरता है. इसी वजह से, पर्यावरणीय स्वीकृतियों और आपत्तियों के कारण निर्माण कार्य लंबे समय तक बाधित रहा था, जिससे स्थानीय लोगों को वर्षों तक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा.
कोटद्वार से हरिद्वार की दूरी होगी कम
वहीं,ये सड़क कोटद्वार क्षेत्र को सीधे लालढांग से जोड़ती है, जिससे हरिद्वार और मैदानी इलाकों तक पहुंच काफी सुगम हो जाती है. फिलहाल, लोगों को लंबे और घुमावदार रास्तों से गुजरना पड़ता है, जिससे समय और ईंधन दोनों की अतिरिक्त खपत होती है. बरसात के मौसम में हालात और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाते हैं.
काफी समय से चल रही थी सड़क निर्माण की मांग
लंबे समय से, स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण इस सड़क को ऑल वेदर रोड के रूप में विकसित करने की मांग कर रहे थे. उनका कहना है कि सड़क के अभाव में स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और रोजगार तक पहुंच प्रभावित होती है, जबकि आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में गंभीर दिक्कतें आती हैं.
18 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ
इस फैसले से, करीब 18 गांवों और 40 हजार से अधिक आबादी को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है. सड़क बनने से व्यापार, कृषि, दुग्ध उत्पादन और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. इसी कड़ी में, कोटद्वार विधायक और विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने इसे ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए कहा कि यह सड़क क्षेत्र के लिए जीवन रेखा है और उनके निरंतर प्रयासों से आज यह सकारात्मक परिणाम सामने आया है.
Kotdwar
KOTDWAR: रिश्ते हुए शर्मसार, नाबालिग बेटी ने सौतेले पिता पर लगाए दुष्कर्म के आरोप

सौतेले पिता पर बेटी से दुष्कर्म के आरोप, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल
मुख्य बिंदु
KOTDWAR RAPE CASE: उत्तराखंड के पौड़ी जिले के कोटद्वार से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक खबर सामने आई है. जहाँ पर एक नाबालिग की गुमशुदगी ने ऐसे राज खोले हैं जिससे मानवता भी शर्मसार हो जाए. नब्लिग़ ने अपने सौतेले पिता पर दुष्कर्म के गंभीर आरोप लगाए हैं. फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
ये भी पढ़ें- रिश्ते हुए शर्मसार , पिता ने बेटी को ही बना दिया हवस का शिकार |
पीड़िता की माँ ने कोतवाली में दर्ज कराई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट
जानकारी के मुताबिक, कोटद्वार कोतवाली में 6 फरवरी को एक महिला ने उसकी बेटी की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी. जिसमें पीड़िता की माँ ने बताया था कि उसकी बेटी 6 फरवरी की सुबह 7 बजे से घर से लापता हो गई है. मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी पौड़ी सर्वेश पंवार ने तत्काल पुलिस टीम गठित कर खोजबीन के निर्देश दिए.
पुलिस को CCTV से मिले अहम सुराग, नाबालिग सकुशल बरामद
पुलिस ने मामले की छानबीन के करते हुए CCTV फुटेज खंगाले जिस से अहम् सुराग हाथ लगे. पीडिता अपनी नानी के घर बीएल रोड चली गई थी. पुलिस जब नानी के घर पहुंची तो नानी ने बताया कि बच्ची बहुत दरी हुई थी. उसने अपने माता-पिता के साथ रहने से इनकार कर दिया था. नानी ने उसे सिगड़ी क्षेत्र में किसी परिचित के घर छोड़ दिया था.
ये भी पढ़ें- रुड़की: सगी माँ ने अपने दूसरे शौहर से अपनी ही बेटी का करवाया यौन शोषण
KOTDWAR RAPE CASE, पिता पर लगाए दुष्कर्म के आरोप
पुलिस ने बच्ची को सकुशल अपने कब्जे में लेकर जब पूछताछ की तो उसका बयान रोंगटे खड़े कर देने वाला था. बच्ची ने बताया कि 5 फरवरी की रात सोते समय उसके पिता ने उसके साथ दुष्कर्म किया. जिससे डरकर सुबह बच्ची घर से भाग निकली.
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल
नाबालिग के बयान के आधार पर पुलिस ने मामले में आरोपी पर BNS और POCSO अधिनियम के तहत मुकादम दर्ज कर लिया है. पुलिस ने बताया कि आरोपी को भी 7 फरवरी को नजीमाबाद रोड से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
Kotdwar
कोटद्वार: 30 साल पुरानी दुकान के नाम ‘बाबा’ को लेकर विवाद, बजरंग दल ने जताई आपति, वीडियो वायरल

Kotdwar: विशेष समुदाय की दुकान के नाम को लेकर उपजा विवाद, बजरंग दल ने जताई आपति
मुख्य बिंदु
कोटद्वार (Kotdwar): उत्तराखंड के पौड़ी जिले के कोटद्वार में एक विशेष समुदाय की कपड़ों की दुकान के नाम को लेकर मामला तनाव पूर्ण हो गया. कुछ युवकों ने दुकान दार से नाम बदलने के लिए कहा. मामले में पहले नोकझोंक हुई जिसने बाद में विवाद का रूप ले लिया. जिसका बिदो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
ये भी पढ़ें_ चारधाम में गैर हिंदुओं के प्रवेश बैन को लेकर गरमाया माहौल, बीकेटीसी अध्यक्ष ने कही बड़ी बात
कोटद्वार में विशेष समुदाय की दुकान का नाम बाबा रखने से विवाद
वायरल विडियो में कुछ युवक दुकान दार से तीखे तेवरों में बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं. जिसमें वो कह रहे हैं कि दुकान का नाम बाबा रखने का अधिकार केवल हिन्दू धर्म के लोगों का है. इसलिए दुकान दार अपनी दुकान का नाम बदल दे, इस पर दुकानदार ने बताया कि उनकी दुकान 30 सालों से इसी नाम से चल रही है. लेकिन ये मामला यहीं नहीं थमा विवाद बड़ा और हाथापाई शुरू होने लगी. जिसके बाद आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत करने की कोशिश की.
30 सालों से इसी नाम से चल रही दुकान
बता दें कि कोटद्वार के पटेल मार्ग पर एक दुकान “बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेण्टर” के नाम से चल रही है. दुकानदार ने बताया कि उनकी दुकान पिछले 30 सालों से इसी नाम से चल रही है. जिस पर बजरंग दल के कुछ लोगों ने आपति जताई और दुकानदार से नाम बदलने के लिए कहा. बजरंग दल के लोगों का कहना था कि बाबा नाम हिन्दू धर्म से जुड़ा हुआ है, इसलिए ये नाम रखने का विशेषाधिकार केवल हिन्दू धर्म के लोगों का है.
ये भी पढ़ें_ उत्तराखंड: ऑफिस जा रही युवती से दुष्कर्म का आरोप, लिफ्ट देने के बहाने की जबरदस्ती
आस-पास के लोगों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया जिसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता वहां से लौट गए. पूरे क्षेत्र में घटना के बाद से सनसनी मची हुई है. वहीँ इस मामले पर कोतवाली प्रभारी प्रदीप नेगी ने कहा कि-
इस मामले की जांच की जा रही है. किसी भी व्यक्ति या संगठन को सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी. जो भी कानून व्यवस्था को प्रभावित करेगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
-प्रदीप नेगी, कोतवाली प्रभारी-
Cricket11 hours agoWI-W vs SCO-W Dream11 Team Match 12 Group B: फैंटेसी क्रिकेट प्रेडिक्शन, पिच रिपोर्ट और टॉप पिक्स
Breakingnews11 hours agoबड़ी खबर : धामी कैबिनेट की अहम बैठक आज, कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर….
Breakingnews8 hours agoउत्तरकाशी में 13 साल के किशोर पर चौथी की छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, खून से सने कपड़ों में घर पहुंची मासूम
big news9 hours agoहरिद्वार में सिडकुल में टैक्स चोरी का बड़ा मामला आया सामने, पकड़ी गई करोड़ों की चोरी
Cricket10 hours agoBAN vs AUS Dream11 Team 2nd T20I 2026: फैंटेसी क्रिकेट प्रेडिक्शन, पिच रिपोर्ट और बेस्ट विनिंग टीम
Uttarkashi9 hours agoउत्तरकाशी में दर्दनाक हादसा, आग बुझाते समय फॉरेस्ट गार्ड की चट्टान से गिरकर मौत
Breakingnews6 hours agoधामी कैबिनेट की बैठक हुई समाप्त, मंत्रिमंडल की बैठक में 12 प्रस्तावों को दी गई मंजूरी, पढ़ें यहां..
Udham Singh Nagar4 hours agoउत्तराखंड में राष्ट्रविरोधी साजिश का पर्दाफाश !, STF की बड़ी कार्रवाई एक संदिग्ध गिरफ्तार







































