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प्रत्याशी अजय टम्टा के समर्थन में सीएम धामी ने आर्य इंटर कॉलेज देघाट की जनसभा में किया प्रतिभाग, कांग्रेस पर साधा निशाना।

अल्मोड़ा – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को आर्य इंटर कॉलेज, देघाट, अल्मोड़ा में अल्मोड़ा लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशीअजय टम्टा के पक्ष में आयोजित जनसभा में किया प्रतिभाग।

देघाट में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ने सभी देवी-देवताओं, देघाट, सालम और सल्ट की क्रांति में आजादी के आंदोलन में अपना योगदान देने वाले शहीदों को नमन करते हुए कहा कि आजादी के आंदोलन को इस क्षेत्र के लोगों/शहीदों ने आगे बढ़ाया है। देघाट, सालम और सल्ट गोलीकांडों में आठ शहीद आंदोलनकारियों को विनम्र श्रद्धांजलि। इतिहास में आजादी के आंदोलन का जब भी जिक्र आएगा इस क्षेत्र को हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम सभी यहां पर अजय टम्टा को विजय बनाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीसरी बार देश का प्रधानमंत्री बनाने के लिए एकत्र हुए हैं। उन्होंने अल्मोड़ा लोकसभा से भाजपा प्रत्याशी अजय टम्टा के समर्थन में अपील करते हुए सभी लोगों से अधिक से अधिक मतों से विजय बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि अजय टम्टा जी हमेशा क्षेत्र के विकास कार्यों के प्रति समर्पित रहते हैं। उन्होंने कहा कि सल्ट विधानसभा के लिए राज्य सरकार ने हमेशा बढ़ चढ़कर काम किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सल्ट विधानसभा में निरंतर विभिन्न विकास योजनाओं का कार्य जारी है। भविष्य में भी इस क्षेत्र से कई बड़े कार्य प्रस्तावित हैं। उन्होंने पूर्व विधायक स्व. सुरेंद्र सिंह जीना का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने क्षेत्र के विकास में कभी कोई कमी नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव प्रदेश के विकास के साथ भारत को विश्व शक्ति बनाने, विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने का चुनाव है। प्रधानमंत्री]के संकल्प को पूरा करने में हम सबको अपना योगदान देना है। उन्होंने कहा कि बीजेपी विश्व का सबसे बड़ा राजनैतिक दल है और प्रधानमंत्री दुनिया के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता हैं। उन्हीं के नेतृत्व में भारत परम वैभव की ओर बढ़ रहा है। भारतीय जनता पार्टी एक लक्ष्य और विचार के लिए काम करती है। विकसित भारत को विश्व गुरु बनाना ही भाजपा का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री ने सभी से अपील करते हुए कहा कि आगामी 19 अप्रैल को सभी लोग विकसित भारत, विकसित उत्तराखंड, विकसित अल्मोड़ा एवं देघाट सल्ट क्षेत्र के विकास हेतु अधिक से अधिक मतदान करें। उन्होंने कहा कि सल्ट क्षेत्र को फल पट्टी के रूप में विकसित किए जाने की अपार संभावनाएं हैं, जिसके लिए कार्य योजना बनाई जा रही है। सल्ट क्षेत्र के माल्टा, अखरोट, संतरा, मौसमी फलों की ब्रांडिंग के लिए भी कार्य किए जा रहे हैं। क्षेत्र के किसानों को अच्छे हाइब्रिड बीज पहुंचाऐ जा रहे हैं। छोटे फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाए जाने पर भी कार्य योजना जारी है। जिससे युवाओं को यहीं स्वरोजगार मिल सके। देवी मंदिर देघाट के सौंदर्यकरण कार्य, आंतरिक संपर्क मार्गों का निर्माण कार्य, देवालय में होम्योपैथिक डिस्पेंसरी का निर्माण कार्य जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में नए भारत की नींव रखी जा रही है। जो आत्मनिर्भर भारत , शक्तिशाली भारत, विकसित भारत को दर्शाता है। जिसमे हर वर्ग का विकास सुनिश्चित हो रहा है। भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में नागरिकता संशोधन कानून अर्थात CAA, लागू किया गया। कश्मीर से धारा-370 का खात्मा होने के साथ ही मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से मुक्ति मिली है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण किया गया। देश की सेना सशक्त और शक्तिशाली बन रही है। स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हो रहा है। समाज के अंतिम पंक्ति पर खड़े व्यक्ति को विकास की मुख्य धारा से जोड़ा जा रहा है। केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर ’सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के मंत्र पर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य जारी हैं। जिसके लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। चुनाव से पहले किए गए वादे के अनुसार समान नागरिक संहिता विधेयक को उत्तराखंड विधानसभा से पास किया गया है। नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। जिससे पूर्ण रूप से पारदर्शी एवं सुरक्षित परीक्षा करवाई जा रही है। सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाया जा रहा है। राज्य में दंगे न हो इसके लिए दंगारोधी कानून लागू किया गया है। धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है। साथ ही महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम उत्तराखंड में उन उद्योगों को जगह देंगे जो सबसे ज्यादा हमारे स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद जिन सरकारों ने देश पर सबसे ज्यादा राज किया, उन्होंने उत्तराखंड की पहचान को खत्म करने का प्रयास किया। इन्होने देशवासियों को उपलब्धियों की जगह काले कारनामे और भ्रष्टाचार दिया है। उन्होंने कहा कि जनता के आशीर्वाद से मोदी सरकार बनने के बाद, कांग्रेस रूपी भ्रष्टाचार और कांग्रेस रूपी तुष्टिकरण भारत और उत्तराखंड से गायब हो रहा है। कांग्रेस के लोग परिवारवाद, जातिवाद और भाई भतीजावाद से कभी ऊपर नहीं उठे, तभी जनता ने इन्हें वोट की चोट से नीचे गिराने का काम किया है। उन्होंने कहा कि इस बार निश्चित ही जनता के आशीर्वाद से उत्तराखंड की पांचों सीटों पर कांग्रेस का सफाया होगा।
इस दौरान भाजपा प्रत्याशी अजय टम्टा, विधायक महेश जीना , भाजपा जिला अध्यक्ष नीला बिष्ट, दर्जा मंत्री शिव सिंह बिष्ट, कैलाश बिष्ट एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
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अल्मोड़ा में कार्डियोलॉजिस्ट नहीं होने से लोग परेशान, मरीज 100 किमी दूर जाने को मजबूर

Almora News : उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में मेडिकल कॉलेज सहित कई सरकारी स्वास्थ्य संस्थान संचालित होने के बावजूद हृदय रोग विशेषज्ञ की कमी बनी हुई है। जिस कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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अल्मोड़ा में कार्डियोलॉजिस्ट नहीं लोग परेशान
जिले में फिलहाल कोई कार्डियोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं होने के कारण हृदय संबंधी गंभीर मरीजों को उपचार के लिए हल्द्वानी या दूसरे बड़े चिकित्सा केंद्रों में भेजना पड़ रहा है। पहाड़ी इलाकों से आने वाले मरीजों के लिए यह रेफरल व्यवस्था कई बार चुनौतीपूर्ण साबित होती है।
मरीज 100 किमी दूर जाने को मजबूर
सरकारी अस्पतालों में दिल से जुड़ी शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की शुरुआती जांच और उपचार फिजिशियन द्वारा किया जाता है। आवश्यक परीक्षण के बाद जरूरत पड़ने पर मरीज को उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर कर दिया जाता है। खासकर हार्ट अटैक के मामलों में शुरुआती समय बेहद अहम होता है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सक की सुविधा नहीं होने से मरीज को आगे भेजने में लगने वाला समय चिंता का विषय बन जाता है।
मरीज हल्द्वानी जा रहे इलाज के लिए
अल्मोड़ा जिले के दूरदराज के गांवों से हल्द्वानी पहुंचने में करीब 100 से 200 किलोमीटर तक का सफर करना पड़ सकता है। पहाड़ी भूगोल, संकरी सड़कें और कई स्थानों पर यातायात बाधित होने की स्थिति में एंबुलेंस को लंबा समय लग सकता है। गंभीर मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने के दौरान लगातार निगरानी, ऑक्सीजन और जरूरी चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता होती है।

स्थानीय लंबे समय से कर रहे हैं कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ की मांग
पहाड़ी मार्गों पर जाम या सड़क संबंधी दिक्कतों के चलते एंबुलेंस के समय पर आगे नहीं बढ़ पाने की समस्या भी सामने आती रही है। ऐसे हालात में गंभीर मरीजों को समय पर जरूरी मेडिकल सपोर्ट उपलब्ध कराना मुश्किल हो सकता है। खासकर हृदय संबंधी आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचने में देरी मरीज की स्थिति को और गंभीर बना सकती है।
स्थानीय लोग लंबे समय से अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ की नियमित सेवाएं उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि जिले में ही हृदय रोग विशेषज्ञ की सुविधा मिले तो मरीजों को शुरुआती स्तर पर बेहतर उपचार मिल सकेगा और गंभीर मामलों में दूसरे शहरों के अस्पतालों पर निर्भरता भी कम होगी।
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पहाड़ में इलाज की ऐसी बेबसी! 6 अस्पतालों के चक्कर, फिर मां और दोनों बच्चों की मौत

Almora News : अल्मोड़ा के इनोलू गांव से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोलती खबर सामने आ रही है। यहां इलाज के लिए एक परिवार को दर-दर भटकना पड़ा। जिसका खामियाजा परिवार को एक साथ तीन जानों से चुकाना पड़ा।
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3 दिन अस्पतालों के चक्कर लगाए फिर भी नहीं बची गर्भवती
अल्मोड़ा के इनोलू गांव की 24 वर्षीय गर्भवती निशा की मौत ने पहाड़ी क्षेत्रों की स्वास्थ्य सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों के मुताबिक, निशा की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे बेहतर इलाज की उम्मीद में रामनगर से हल्द्वानी और फिर काशीपुर तक ले जाया गया। परिवार तीन दिनों तक अलग-अलग अस्पतालों के चक्कर लगाता रहा, लेकिन निशा और उसके गर्भ में पल रहे जुड़वा बच्चों को समय पर उपचार नहीं मिल सका।
निशा को अचानक सांस लेने में हुई थी परेशानी
30 अगस्त की रात निशा को अचानक सांस लेने में परेशानी हुई। कुछ समय बाद हालत सामान्य लगी तो परिवार ने इसे गंभीर नहीं माना, लेकिन 31 अगस्त की सुबह उसकी दिक्कत दोबारा बढ़ गई। इसके बाद परिजन उसे रामनगर के रामदत्त जोशी राजकीय चिकित्सालय ले गए। वहां उसकी स्थिति को जटिल बताते हुए हल्द्वानी ले जाने की सलाह दी गई।
परिजन निशा को सुशीला तिवारी राजकीय अस्पताल, हल्द्वानी लेकर पहुंचे। यहां निजी अस्पताल में उसका अल्ट्रासाउंड कराया गया। परिजनों के अनुसार जांच के बाद उसकी स्थिति ठीक बताई गई और उसे घर ले जाने की सलाह दी गई। इसके बाद परिवार उसे एक रिश्तेदार के घर ले गया।
रात में फिर बिगड़ी थी तबीयत
एक सितंबर की रात करीब नौ बजे निशा की हालत अचानक फिर खराब हो गई। सांस लेने में परेशानी बढ़ने के बाद परिवार उसे दोबारा सुशीला तिवारी अस्पताल लेकर पहुंचा। परिजनों का आरोप है कि उसकी हालत गंभीर और मामला जटिल बताते हुए उसे भर्ती नहीं किया गया और आगे इलाज के लिए रेफर कर दिया गया।
इसके बाद परिवार ने एक निजी अस्पताल में इलाज कराने की कोशिश की, लेकिन वहां भी उपचार नहीं हो पाया। निशा की हालत बिगड़ती देख परिजन उसे काशीपुर ले गए। वहां भी उन्हें तीन अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़े।
गर्भवती मां के साथ दोनों बच्चों की भी मौत
परिजनों के मुताबिक 2 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे निशा को ऑपरेशन थिएटर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान उसे लगातार दो अटैक आए और उसकी मौत हो गई। इसके बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर गर्भ में मौजूद दोनों बच्चों को बाहर निकाला। परिजनों के अनुसार, एक बच्चा पहले ही दम तोड़ चुका था, जबकि दूसरे की भी कुछ घंटे बाद मौत हो गई। निशा की मौत के साथ ही परिवार ने एक साथ तीन जिंदगियां खो दीं।
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ब्रेकिंग न्यूज : अल्मोड़ा में भारी बारिश का कहर, मलबा मकान में घुसने 3 लोगों की मौत

Almora News : प्रदेश में बीते 24 घंटे से बारिश का सिलसिला जारी है। लगातार हो रही बारिश के कारण भारी नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। अल्मोड़ा में भारी बारिश के कारण एक घर में मलबा घुस गया। जिस कारण तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
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अल्मोड़ा में भारी बारिश का कहर
प्रदेश में हो रही लगातार जारी भारी बारिश अब जानलेवा साबित हो रही है। अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर तहसील क्षेत्र के हवालबाग ब्लॉक अंतर्गत वडयूड़ा गांव में देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। तेज बारिश के दौरान पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा खिसककर एक मकान में जा घुसा, जिससे घर में मौजूद एक ही परिवार के तीन लोगों की मलबे में दबकर मौत हो गई।
सोमेश्वर में मलबा मकान में घुसने 3 लोगों की मौत
मिली जानकारी के अनुसार हादसा देर रात करीब दो बजे हुआ। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ी का मलबा अचानक नीचे आ गया और सीधे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी और हड़कंप मच गया।

इस हादसे में मृतकों की पहचान प्रेमा देवी, पत्नी राजेंद्र राम, कल्पना आर्या, पुत्री राजेंद्र राम और मनीष कुमार, पुत्र राजेंद्र कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मलबे की चपेट में आई महिला के साथ उनके बेटे और बेटी की भी जान चली गई।
घटना के बाद से गांव में पसरा मातम
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। एसडीआरएफ, फायर सर्विस, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। रेस्क्यू टीमों ने मलबे के बीच दबे लोगों को निकालने के लिए अभियान चलाया। लेकिन तब तक तीनों लोगों की मौत हो चुकी थी। इस घटना के बाद से गांव में मातम पसर गया है।
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