Dehradun
उत्तराखंड की पांचों लोकसभा सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों की जीत में महिला मतदाताओं का रहा अहम रोल, मोदी के प्रति दिखा खास उत्साह।

देहरादून – उत्तराखंड की पांचों लोकसभा सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों की जीत में महिला मतदाताओं का अहम रोल रहा है। भाजपा के रणनीतिकारों ने भी पहाड़ के मतदाताओं के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर वोट मांगे। महिलाओं और बुजुर्गों में मोदी के प्रति खास लगाव दिखा। यही वजह रही कि लोकतंत्र के महापर्व में खासकर महिलाओं ने भाजपा के पक्ष में बढ़ चढ़कर वोटों की आहुति दी।

लोस चुनाव में अबकी 47 लाख से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इनमें 23 लाख से अधिक महिला मतदाता रहीं। सत्तारूढ़ भाजपा की महिला मतदाताओं को लुभाने की खास रणनीति रही। इस रणनीति के तहत भाजपा ने महिलाओं से जुड़े मुद्दों को चुनाव में प्रमुखता से उठाया। भाजपा को सभी सीटों पर इसका लाभ मिला, लेकिन गढ़वाल और अल्मोड़ा लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशियों को इसका सबसे अधिक फायदा मिला।
गढ़वाल और अल्मोड़ा इन दोनों सीटों पर पुरुषों की तुलना में अधिक महिलाएं मतदान के लिए घर से बाहर निकली। अल्मोड़ा में 3,48,378 और गढ़वाल लोस सीट में 3,79,833 महिलाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। महिलाओं के प्रति चलाई गई योजनाएं भी इसमें अहम रहीं। खासकर लखपति दीदी और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना जैसी कुछ योजनाओं की लाभार्थी महिलाओं ने भाजपा प्रत्याशियों के लिए जीत की पटकथा लिखी।
राज्य में महिलाओं के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री लखपति दीदी योजना शुरू की गई है। योजना से सरकार ने वर्ष 2025 तक एक लाख 25 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है। योजना का लाभ उत्तराखंड की स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं महिलाओं को दिया जा रहा, जबकि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गरीब महिलाओं को साल में तीन रसोई गैर रिफिल मुफ्त दिए जा रहे हैं। एक लाख 84 हजार पात्र महिलाओं को योजना का लाभ मिल रहा है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, वन स्टॉप सेंटर, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, कामकाजी महिला छात्रावास निर्माण योजना, नंदा गौरा योजना, राष्ट्रीय पोषण मिशन, समेकित बाल विकास योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री सतत आजीविका योजना।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि केंद्र की मोदी व प्रदेश की धामी सरकार ने महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू कीं, जिनका उन्हें लाभ मिला। लखपति दीदी योजना के जरिये लाखों महिलाएं आत्म निर्भर हुई हैं। इसी तरह प्रदेश में भी लाखों महिलाओं को कई योजनाओं का फायदा मिला है। जिसका चुनाव में भाजपा को लाभ मिला।
Dehradun
दिल्ली से ऋषिकेश घूमने आया युवक नहाते वक्त बहा, तलाश में जुटी एसडीआरएफ

Rishikesh News : ऋषिकेश के मुनिकीरेती थाना क्षेत्र में दर्दनाक हादसा हो गया। यहां नहाने के दौरान नीम बीच पर एक पर्यटक गंगा के तेज बहाव में बह गया। सूचना पर मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने युवक की तलाश शुरू कर दी है।
Table of Contents
दिल्ली से ऋषिकेश घूमने आया युवक नहाते वक्त बहा
ऋषिकेश के मुनिकीरेती थाना क्षेत्र में नीम बीच के पास नदी में नहाने के दौरान दिल्ली का एक युवक तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया। घटना की जानकारी मिलते ही एसडीआरएफ, आपदा राहत दल, जल पुलिस और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और युवक की तलाश शुरू कर दी।
तलाश में जुटी एसडीआरएफ टीम
जानकारी के मुताबिक दिल्ली निवासी 20 वर्षीय सौरभ शर्मा अपने एक दोस्त के साथ नीम बीच से आगे घूमने गया था। इसी दौरान दोनों नदी में नहाने लगे। नहाते समय सौरभ अचानक गहरे पानी में चला गया और तेज बहाव के साथ बह गया। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका है।

अब तक नहीं लग सका कोई सुराग
सूचना मिलने पर एसडीआरएफ की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। नदी में संभावित स्थानों पर डीप डाइविंग उपकरणों के जरिए युवक की तलाश की गई, लेकिन नदी का बहाव तेज होने के कारण अभी तक सौरभ का पता नहीं चल पाया है। फिलहाल एसडीआरएफ और अन्य टीमों का सर्च और रेस्क्यू अभियान जारी है।
Dehradun
4 साल बाद भी अंकिता को न्याय का इंतजार! सड़कों पर उतरे लोग, VIP की पहचान की मांग

Dehradun News : अंकिता भंडारी हत्याकांड को चार साल पूरे होने पर सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकारों से जुड़े संगठनों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के बैनर तले विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने गांधी पार्क में अंकिता भंडारी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद गांधी पार्क से घंटाघर तक मानव श्रृंखला बनाकर मामले में कथित VIP की पहचान सार्वजनिक करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
Table of Contents
4 साल बाद भी अंकिता को न्याय का इंतजार !
प्रदर्शन में शामिल उत्तराखंड पूर्व सैनिक अर्धसैनिक संयुक्त संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रकाश थपलियाल ने कहा कि चार साल बीतने के बाद भी उत्तराखंड की जनता अंकिता को भूली नहीं है। उन्होंने कहा कि अंकिता के परिवार को अब भी न्याय का इंतजार है।
आज देहरादून में सड़कों पर उतरे लोग
प्रकाश थपलियाल ने आरोप लगाया कि अंकिता ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी और कथित तौर पर VIP को विशेष सेवाएं देने के लिए दबाव बनाए जाने की बात सामने आई थी। उन्होंने मांग की कि इन आरोपों और अंकिता से जुड़े कथित अंतिम बयानों की भी निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए।

VIP की पहचान की मांग
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मामले में जिस VIP का जिक्र लगातार होता रहा है, उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो कानून के तहत कार्रवाई की मांग भी वक्ताओं ने की।
इस दौरान अंकिता के अंतिम संस्कार को लेकर भी सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों ने अंतिम संस्कार के समय और प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए इसे धार्मिक परंपराओं के अनुरूप नहीं होने का आरोप लगाया।
Dehradun
ऋषिकेश में गंगा किनारे दो नवजात बच्चियों के शव मिलने से हड़कंप, पुलिस जांच में जुटी

Rishikesh News : गंगा किनारे अलग-अलग स्थानों पर दो बच्चियों के शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
Table of Contents
गंगा किनारे दो नवजात बच्चियों के शव मिलने से हड़कंप
ऋषिकेश में गंगा किनारे दो नवजातों के शव मिलने से सनसनी मच गई। पहली घटना नाव घाट के पास सामने आई है। जबकि दूसरी बच्ची का शव साई घाट के नजदीक बरामद किया गया। दोनों मामलों की जानकारी स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी।
पुलिस ने दोनों घटनाओं को लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, बच्चियों की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उनके शव गंगा किनारे तक कैसे पहुंचे, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के दौरान सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।
नाव घाट के पास मिला बच्ची का शव
पहला मामला नाव घाट के आसपास का है। यहां पुलिस को करीब 10 महीने की बच्ची का शव मिला। शुरुआती जांच में यह संभावना सामने आई है कि बच्ची की किसी वजह से मौत हुई होगी और इसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार के बजाय शव को गंगा में प्रवाहित कर दिया होगा।

पुलिस इस संभावना से भी इनकार नहीं कर रही है कि गंगा के तेज बहाव के साथ बच्ची का शव किसी दूसरे स्थान से बहकर ऋषिकेश तक पहुंचा हो। हालांकि, बच्ची की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही चल सकेगा।
साई घाट पर एक दिन की नवजात का शव बरामद
दूसरी घटना साई घाट के पास हुई। यहां गंगा किनारे पुलिस को करीब एक दिन की नवजात बच्ची का शव मिला। पुलिस के मुताबिक, नवजात की नाल भी कटी हुई नहीं थी। इस वजह से मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस मामले की जांच में जुटी
पुलिस ये पता लगाने में जुटी है कि बच्ची का जन्म होने के बाद उसकी मौत हुई और फिर उसे गंगा किनारे छोड़ दिया गया, या नवजात को किसी अन्य परिस्थिति में वहां लाकर छोड़ा गया। बच्ची की पहचान और उसके परिवार तक पहुंचने के लिए भी पुलिस संभावित सुराग जुटा रही है। दोनों घटनाओं की जांच अलग-अलग स्तर पर की जा रही है।





































