Uttarakhand
जिला मुख्यालय के नजदीकी गांवों को जोड़ने वाली Jawadi Motor Road बदहाल, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
रुद्रप्रयाग: भरदार पट्टी के दर्जनों गांवों और मां मठियाणा मंदिर को जोड़ने वाला Jawadi Motor Road इस समय गंभीर रूप से जर्जर स्थिति में है। मार्ग की हालत इतनी खराब है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। यदि प्रशासन ने समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया तो भविष्य में यह रास्ता किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
Jawadi Motor Road की खराब हालत, ग्रामीणों में चिंता बढ़ी
बरसात के दौरान जवाड़ी बाईपास मार्ग कई जगहों पर टूट-फूट गया था। भरदार पट्टी, प्रसिद्ध मां मठियाणा मंदिर, जवाड़ी-रौठिया, दरमोला, सौंराखाल सहित कई गांवों की आवाजाही इसी मार्ग से निर्भर है। फिलहाल ग्रामीण अस्थायी इंतज़ाम के सहारे इस मार्ग ( Jawadi Motor Road ) पर चलने को मजबूर हैं, लेकिन यह सफर बेहद जोखिमभरा बना हुआ है और किसी भी समय अप्रिय घटना होने की आशंका है।
जर्जर सड़क से वाहन चालकों को भारी दिक्कत
गड्ढों और ऊबड़-खाबड़ हिस्सों के कारण छोटे चारपहिया वाहन अक्सर फंस जाते हैं। वहीं टूटी सड़क की वजह से दुपहिया चालकों का संतुलन बिगड़ना भी आम बात हो गई है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर रोज़मर्रा की आवाजाही करने को मजबूर हैं। कई बार अधिकारियों से सड़क मरम्मत की मांग उठाई गई, लेकिन जिला मुख्यालय के इतने नज़दीक होने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
भूस्खलन से Jawadi Motor Road क्षतिग्रस्त, 55 लाख रुपये की जरूरत
भारी बारिश के दौरान सड़क के कई हिस्सों में भूस्खलन हुआ था। विभाग के अनुसार मार्ग की पूरी मरम्मत के लिए करीब 55 लाख रुपये की आवश्यकता है, जबकि सुरक्षित आवाजाही के लिए 20 लाख रुपये की जरूरत बताई गई है। मार्ग सुधार के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है।
— इन्द्रजीत बोस, लोनिवि अधिशासी अभियंता
बारिश में कई स्थानों पर सड़क वॉशआउट हो गई थी
कई जगह सड़क पूरी तरह वॉशआउट हो गई थी, जिससे यातायात लगभग ठप पड़ गया था। विभाग ने फिलहाल अस्थायी रूप से सड़क को चलने योग्य बनाया है, लेकिन स्थिति अब भी बेहद संवेदनशील है। हाल ही में डीएम प्रतीक जैन ने लोनिवि अधिकारियों संग स्थल निरीक्षण किया और जल्द डीपीआर तैयार कर सुधार कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
छात्रों ने सड़क सुधार को लेकर डीएम से लगाई गुहार
भरदार पट्टी के राइंका जवाड़ी के छात्र अनुराग और रोहन ने सोशल मीडिया के माध्यम से डीएम प्रतीक जैन से सड़क को दुरुस्त करने की अपील की है। छात्रों ने बताया कि हाल ही में एक स्कूली छात्र का एक्सीडेंट हो गया था, जिसमें एक युवक घायल हुआ। बच्चों ने संदेश में लिखा—
“डीएम सर, कृपया हमारी स्कूल जाने वाली सड़क Jawadi Motor Road को ठीक करा दीजिए।”
Uttarakhand
ठंड ने बढ़ाई टेंशन! 15 जनवरी को इस जिले…के सभी स्कूल बंद

Haridwar news: 15 जनवरी को सभी स्कूल बंद, मौसम अलर्ट के बाद डीएम का बड़ा फैसला
मुख्य बिंदु
Haridwar news: उत्तराखंड में बढ़ती ठंड और शीतलहर का असर लगातार तेज होता जा रहा है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून ने अगले 7 दिनों के लिए कड़े मौसम अलर्ट जारी किए हैं। इसके मद्देनज़र, हरिद्वार जिला प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। 15 जनवरी 2026 को हरिद्वार जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
कल बंद रहेंगे हरिद्वार में सभी स्कूल (haridwar school closed)
डीएम हरिद्वार द्वारा जारी आदेश के मुताबिक नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के सभी सरकारी, अशासकीय तथा सहायता प्राप्त विद्यालय बंद रहेंगे। साथ ही, आंगनबाड़ी केंद्रों को भी बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए ठंड एवं कोहरे की गंभीर स्थिति को देखते हुए यह निर्णय आवश्यक हो गया।

आदेश का पालन न करने पर होगी सख्त कार्रवाई
वहीं, प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि अवकाश के दौरान ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई जारी रखी जा सकती है। इसके अलावा, सभी उप जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, यदि किसी संस्था द्वारा आदेश का उल्लंघन किया गया, तो उसके खिलाफ उत्तराखंड प्रचलन अधिनियम–2005 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि बच्चों को अनावश्यक ठंड में बाहर न निकलने दें। साथ ही, मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन अवश्य करें। इसलिए, अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहना ही सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
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Pauri news : पहाड़ में हड़कंप !, जंगली जानवरों के आतंक से बदलना पड़ा स्कूल टाइम
हल्द्वानी में हुई हिंसा को देखते हुए सभी विद्यालयों रहेगी बंद, सुरक्षा की दृष्टि से लिया फैसला।
Uttarkashi
उत्तरकाशी से सीएम धामी ने कही बड़ी बात, उत्तराखंड बनेगा देश का ‘नेचुरल हीलिंग डेस्टिनेशन

Uttarkashi News : शीतकालीन चारधाम यात्रा और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा स्थानीय लोगों को वर्षभर रोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के तहत तीन दिवसीय विंटर टूरिज्म कॉनक्लेव का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुभारंभ किया।
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सीएम ने किया विंटर टूरिज्म कॉनक्लेव का शुभारंभ
Uttarkashi में कॉनक्लेव में एसोसिएशन ऑफ डोमेस्टिक टूर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया के सहयोग से देश के विभिन्न राज्यों से आए 50 टूर ऑपरेटर्स ने प्रतिभाग किया। इसके अतिरिक्त राज्य स्तर से 50 और स्थानीय स्तर से भी 50 टूर ऑपरेटर्स ने कॉनक्लेव में भाग लिया। कार्यक्रम में होटल एसोसिएशन उत्तरकाशी एवं बड़कोट, ट्रैकिंग संगठन उत्तरकाशी और सांकरी के पंजीकृत प्रतिनिधियों की भी सक्रिय सहभागिता रही।
निम में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से शीतकालीन पर्यटन की संभावनाओं पर मंथन किया गया तथा उत्तराखंड को वर्षभर पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया। तीन दिवसीय विंटर टूरिज्म कॉन्क्लेव के तहत मां गंगा का शीतकालीन प्रवास मुखबा, मां यमुना का खरसाली और सांकरी में केदारकांठा ट्रैक बेस केम्प का देश भर के टूर ऑपरेटर भ्रमण करेंगे तथा शीतकालीन टूरिज्म को बढ़ावा देंगे।
शीतकालीन पर्यटन सम्मेलन पर्यटन को नई दिशा देने का प्रयास
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विंटर टूरिज्म कान्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि शीतकालीन पर्यटन सम्मेलन केवल एक औपचारिक संवाद नहीं,बल्कि उत्तराखंड के पर्यटन को नई दिशा देने का एक साझा प्रयास है। उन्होंने टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स, होटल व्यवसायियों, होम-स्टे संचालकों, टैक्सी और ट्रांसपोर्ट यूनियन के प्रतिनिधियों, एडवेंचर टूरिज्म से जुड़े लोगों का स्वागत और उत्साहवर्धन किया।
उत्तराखंड बनेगा देश का ‘नेचुरल हीलिंग डेस्टिनेशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश के बड़े शहर प्रदूषण, बढ़ते तापमान, ट्रैफिक और तनाव से जूझ रहे हैं। ऐसे में उत्तराखंड देश का एक “नेचुरल हीलिंग डेस्टिनेशन” बन सकता है और सरकार इसी दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अब केवल चारधाम यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वेलनेस, नेचर, एडवेंचर, कल्चर, योग, मेडिटेशन और सस्टेनेबल टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री ने टूर ऑपरेटर्स की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ट्रेंड बनाना और किसी डेस्टिनेशन को ब्रांड बनाना आप सभी के हाथ में है। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि उत्तराखंड को केवल 4 या 6 महीने का नहीं, बल्कि 12 महीने का टूरिज्म स्टेट बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की शीतकालीन पर्यटन नीति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पहाड़ खाली न रहें, होटल बंद न हों, टैक्सियां खड़ी न रहें, होमस्टे सूने न रहें और युवाओं को रोजगार के लिए पलायन न करना पड़े। जब 12 महीने पर्यटन सक्रिय रहेगा तो प्रदेश की आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार होगा।
Uttarkashi में टूरिज्म से जुड़े हितधारकों से भी किया संवाद
मुख्यमंत्री ने टूरिज्म से जुड़े सभी हितधारकों से संवाद करते हुए कहा कि चाहे परमिशन हो, कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर या मार्केटिंग सपोर्ट—सरकार हर स्तर पर सहयोग के लिए तैयार है। इसके साथ ही पर्यटन विभाग के माध्यम से सिंगल विंडो सिस्टम, डिजिटल अप्रूवल और निवेशकों के लिए फास्ट-ट्रैक सपोर्ट को और मजबूत किया जा रहा है।
Uttarkashi में मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन का अर्थ केवल बड़े होटल नहीं,बल्कि जब गांव की महिला का होमस्टे भरे, स्थानीय युवा टैक्सी चलाएं, पहाड़ी युवक ट्रेकिंग गाइड बनें, लोक कलाकारों को मंच मिले और किसान के उत्पाद सीधे पर्यटक तक पहुंचें—तभी पर्यटन सार्थक होगा। इसी उद्देश्य से सरकार ने होमस्टे नीति को सरल बनाया है, लखपति दीदी योजना से महिलाओं को जोड़ा है, लोकल गाइड ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किए हैं और “वोकल फॉर लोकल” को पर्यटन से जोड़ा है।
Nainital
नैनीताल धारी ब्लॉक में दो गुलदार पिजंरे में कैद, तीन महिलाओं को उतारा था मौत के घाट

Nainital News : नैनीताल के धारी ब्लॉक में वन विभाग के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। धारी ब्लॉक में आतंक के पर्याय बने दो गुलदारों पिंजरे में कैद हो गए हैं। जिसके बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।
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नैनीताल धारी ब्लॉक में दो गुलदार पिजंरे में कैद
नैनीताल के धारी ब्लॉक में बीते दिनों हमला कर तीन महिलाओं को मौत के घाट उतारने वाले क्षेत्र से दो गुलदारों को पिंजरे में कैद किया गया है। तीन महिलाओं की मौत के बाद से इलाके में लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा था। लोग लगातार गुलादर को मारने की मांग कर रहे थे।
गुलदार को पकड़ने के लिए लगाए गए थे दस से ज्यादा पिंजरे
वन विभाग ने दस से अधिक पिंजरे, 50 से अधिक कैमरा ट्रैप गुलदार को पकड़ने के लिए लगाए थे। लगातार विभागीय टीम की गश्ती से हमलावर वन्यजीवों पर नजर रखी जा रही थी। जिसके बाद दो गुलदारों को पकड़ने में कामयाबी मिली है।
तीन महिलाओं को उतारा था मौत के घाट
बता दें कि पिछले माह 26 दिसंबर को धारी के दीनी तल्ली में हमलावर गुलदार ने हेमा बरगली को मार डाला था। इसके बाद, 30 दिसंबर को खन्स्यु के चमोली गांव में गुलदार ने चारा और लकड़ी लेने गई एक महिला को अपना निवाला बनाया था। विगत 11 जनवरी को नैनीताल के धारी ब्लॉक में गुलदार ने महिला को मौत के घाट उतारा और जंगल में घसीट ले गया था।
एस.डी.ओ.ममता चंद ने बताया कि आज, तल्ली दीनी के समीप लगे पिंजरे में एक और मवेशियों पर हमला करने वाले क्षेत्र से दूसरा गुलदार पिंजरे में कैद हुआ है। इन्हें, रानीबाग स्थित रेस्क्यू सेंटर लाया जाएगा। बताया कि इनके सैंपल मृतकों से मैच कराने के लिए भेजे जाएंगे। उन्होंने, ये भी कहा कि गश्त टीमें उन क्षेत्रों में लगातार बनी रहेंगी।
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