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उत्तरकाशी से राहत कार्य की ताजा अपडेट…देखिए कैसे बची हवा में लटकी ज़िंदगियाँ की जान

Latest update of relief work from Uttarkashi…See how lives hanging in the air were saved
देहरादून(उत्तराखंड): उत्तरकाशी में भारी आपदा के बीच राज्य सरकार और सभी राहत एजेंसियों द्वारा संगठित और तेज़ रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। हर्षिल और गंगोत्री क्षेत्रों में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने का कार्य लगातार युद्धस्तर पर जारी है।

आपदा प्रबंधन सचिव के अनुसार अब तक गंगोत्री और उसके आसपास के क्षेत्रों से कुल 274 तीर्थयात्रियों को हर्षिल सुरक्षित स्थान पर लाया जा चुका है। सभी व्यक्ति पूरी तरह सुरक्षित हैं। ये यात्री देश के विभिन्न राज्यों से चारधाम यात्रा पर आए थे, जिनमें शामिल हैं…….
गुजरात – 131
महाराष्ट्र – 123
मध्य प्रदेश – 21
उत्तर प्रदेश – 12
राजस्थान – 6
दिल्ली – 7
असम – 5
कर्नाटक – 5
तेलंगाना – 3
पंजाब – 1
इन सभी यात्रियों को अब हर्षिल से उत्तरकाशी और देहरादून भेजे जाने की प्रक्रिया भी लगातार जारी है।
इसके अतिरिक्त, अब तक कुल 135 यात्रियों को हर्षिल से रेस्क्यू कर उनके सुरक्षित गंतव्यों तक पहुंचाया जा चुका है, जिनमें:
100 लोग उत्तरकाशी लाए गए
और 35 लोगों को देहरादून एयरलिफ्ट कर भेजा गया।
इस प्रकार 135 लोगों को पूरी तरह सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि शेष 274 लोग हर्षिल में सुरक्षित हैं और उन्हें शीघ्र उनके गंतव्य की ओर भेजा जाएगा।

बड़ी राहत: हवाई रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाए गए 13 हेलीकॉप्टर
रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज़ करने के लिए राज्य सरकार द्वारा हवाई सेवाओं का बड़े स्तर पर उपयोग किया जा रहा है।
अभी तक जिन हेलीकॉप्टरों का प्रयोग किया जा रहा है:
2 चिनूक (CH-47)
2 MI-17 हेलीकॉप्टर
भारतीय वायुसेना के 3 हेलीकॉप्टर
युकाड़ा (UCADA) के 6 हेलीकॉप्टर
इसके अलावा, कल से युकाड़ा के दो और हेलीकॉप्टर भी रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल किए जाएंगे, जिससे राहत कार्य और तेज़ी से आगे बढ़ सकेगा।
घायलों का इलाज जारी, गंभीर मरीज एम्स ऋषिकेश रेफर
रेस्क्यू के दौरान मातली में लाए गए 3 गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को तत्काल एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है।
इसके अलावा:

2 घायलों को मिलिट्री हॉस्पिटल (MH), देहरादून में भर्ती कराया गया है,
तथा 8 अन्य घायलों का इलाज जिला अस्पताल उत्तरकाशी में चल रहा है।
गंगोत्री में अब भी फंसे हैं करीब 400 लोग
गंगोत्री क्षेत्र में अभी भी लगभग 400 लोगों के फंसे होने की सूचना है।
इन्हें चरणबद्ध तरीके से रेस्क्यू किया जा रहा है। योजना के अनुसार, पहले इन्हें हर्षिल लाया जाएगा, उसके बाद चिनूक और MI-17 हेलीकॉप्टरों की मदद से एयरलिफ्ट कर उत्तरकाशी या देहरादून भेजा जाएगा।
राशन और जरूरी सामग्री की सप्लाई भी जारी
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को आवश्यक राहत सामग्री पहुँचाने के लिए भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। आज ही 2000 फूड पैकेट हर्षिल भेजे गए, और फूड एंड सप्लाई विभाग द्वारा नियमित रूप से ड्राई राशन के पैकेट भी भेजे जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री स्वयं निगरानी में जुटे, हर प्रभावित तक पहुंचाने के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राहत कार्यों की स्वयं निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग, सेना, NDRF, ITBP और प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोई भी व्यक्ति मदद से वंचित न रह जाए।
सरकार का लक्ष्य है कि हर फंसे हुए व्यक्ति को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए और मूलभूत आवश्यकताओं की आपूर्ति में कोई बाधा न हो।

अब भी लापता हैं सेना के 9 जवान
इस पूरे ऑपरेशन के बीच एक बड़ी चिंता यह भी बनी हुई है कि सेना के 9 जवान अब भी लापता हैं। उनकी खोजबीन के लिए विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

राज्य सरकार, आपदा प्रबंधन विभाग, वायुसेना, युकाड़ा, ITBP, NDRF और स्थानीय प्रशासन एकजुट होकर इस आपदा से निपटने में लगे हैं। हर बीतते दिन के साथ राहत और रेस्क्यू कार्यों में तेज़ी और प्रभावशीलता देखने को मिल रही है।
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देहरादून की हवा अब हुई बेहतर, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में 12वां स्थान

Dehradun News : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून ने वायु गुणवत्ता सुधार के क्षेत्र में एक अहम उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की ओर से जारी स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में देहरादून ने 3 से 10 लाख की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देशभर में 12वीं रैंक हासिल की है। खास बात यह है कि बीते कुछ वर्षों में शहर की रैंकिंग में लगातार सुधार हुआ है।
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देहरादून की हवा हुई बेहतर, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में 12वां स्थान
देहरादून ने तीन साल के दौरान अपनी स्थिति में बड़ा सुधार किया है। वर्ष 2024 में शहर इस श्रेणी में 41वें पायदान पर था। इसके बाद 2025 में देहरादून ने 19वीं रैंक हासिल की और अब 2026 में 12वें स्थान पर पहुंच गया है। यानी कुछ ही वर्षों में शहर ने रैंकिंग में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की है।
प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों का असर
देहरादून की बेहतर रैंकिंग को शहर में वायु प्रदूषण कम करने के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों से जोड़कर देखा जा रहा है। धूल नियंत्रण, सड़क सफाई, वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण की निगरानी, स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने और लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने जैसे कई स्तरों पर काम किया गया है।
राज्य सरकार की ओर से स्वच्छ हवा को पर्यावरण के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य से भी जोड़ा गया है। सरकार का जोर ऐसे उपायों पर है, जिनसे प्रदूषण पर तत्काल नियंत्रण के साथ-साथ लंबे समय तक शहर की हवा को बेहतर बनाए रखा जा सके।

ड्रोन से पानी का छिड़काव और मैकेनिकल स्वीपिंग
वायु गुणवत्ता सुधार के लिए देहरादून नगर निगम और संबंधित विभागों ने तकनीक का भी इस्तेमाल किया। शहर के अधिक भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील क्षेत्रों में धूल के कणों को नियंत्रित करने के लिए ड्रोन के जरिए पानी का छिड़काव किया गया।
इसके अलावा प्रमुख सड़कों और सड़क किनारे जमा होने वाली धूल को हटाने के लिए मैकेनिकल स्वीपिंग व्यवस्था को मजबूत किया गया। सफाई मशीनों के नियमित संचालन पर भी फोकस किया गया, ताकि सड़क की धूल से हवा में घुलने वाले प्रदूषक कणों को कम किया जा सके।
खुले में कूड़ा जलाने पर जागरूकता अभियान
शहर में वायु प्रदूषण बढ़ाने वाले कारणों में खुले में कूड़ा जलाना भी शामिल है। इस पर रोक लगाने के साथ लोगों को इसके नुकसान के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाए गए। नागरिकों से कूड़ा खुले में न जलाने और स्वच्छता को अपनी रोजमर्रा की आदतों में शामिल करने की अपील की गई।
प्रशासनिक प्रयासों के साथ आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। स्वच्छ हवा के लिए जनसहयोग को अहम माना गया और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
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मसूरी में अवैध निर्माण पर चला प्रशासन का बुलडोजर, चार दुकानें ध्वस्त

Mussoorie News : मसूरी में अवैध अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए झूलाघर क्षेत्र में चार दुकानों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया।
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मसूरी में अवैध निर्माण पर चला प्रशासन का बुलडोजर
मसूरी में अवैध निर्माण पर प्रशासन का बुलडोजर चला है। चार दुकानों को धवस्त कर दिया गया है। मसूरी पब्लिक स्कूल के सामने हुई इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान एमडीडीए, पुलिस और नगर पालिका की संयुक्त टीम के साथ पर्याप्त पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा।
प्रशासन ने चार दुकानों को किया धवस्त
एसडीएम मसूरी राहुल आनंद के निर्देश पर तहसीलदार उपेंद्र राणा के नेतृत्व में टीम झूलाघर पहुंची। यहां रॉक स्टोन, अपर झूलाघर क्षेत्र में संजय मेहरोत्रा और राजीव मेहरोत्रा से जुड़े अनधिकृत निर्माण के मामले में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।

17 अगस्त 2026 को ध्वस्तीकरण आदेश हुए थे जारी
प्रशासन के मुताबिक, मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद 17 अगस्त 2026 को ध्वस्तीकरण आदेश जारी किया गया था। आदेश की प्रति संबंधित पक्ष को 19 अगस्त को उपलब्ध कराई गई थी। उन्हें 15 दिनों के भीतर अपने स्तर से निर्माण हटाने का निर्देश दिया गया था। निर्धारित समयसीमा 2 सितंबर को समाप्त होने के बावजूद निर्माण नहीं हटाया गया।
प्रशासन ने बताया कि ध्वस्तीकरण आदेश पर कोई स्थगनादेश भी प्रभावी नहीं था। इसके बाद एमडीडीए ने पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई करते हुए चार दुकानों को ध्वस्त कर दिया।
कमिश्नर के समक्ष की गई अपील हो गई थी खारिज
नायब तहसीलदार उपेंद्र राणा के अनुसार, संबंधित निर्माणकर्ता की ओर से ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ कमिश्नर के समक्ष अपील भी की गई थी, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि पूरी कार्रवाई निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है।
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सीएम आज करेंगे मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना का शुभारंभ, युवाओं को मिलेगी निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग

Dehradun News : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज प्रदेश के युवाओं के भविष्य निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ करेंगे।
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सीएम आज करेंगे मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना का शुभारंभ
सीएम आज मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना का शुभारंभ करेंगे। इस योजना के माध्यम से राज्य के युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
युवाओं को मिलेगी निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग
योजना का उद्देश्य युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर मार्गदर्शन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक संसाधनों की कमी किसी भी प्रतिभाशाली युवा के सपनों के आड़े न आए। योजना के तहत राज्य के विश्वविद्यालयों और शासकीय व सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा प्रदान की जाएगी।

इसमें सिविल सर्विसेज (UPSC और राज्य लोक सेवा आयोग), रक्षा सेवाएं (CDS), बैंकिंग, रेलवे और SSC सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं शामिल होंगी।
पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं के लिए होगी उपयोगी
CAT, MAT, GATE, NET और CSIR-NET जैसी उच्च शिक्षा और पात्रता परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी युवाओं को मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना विशेष रूप से प्रदेश के दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगी। अब युवाओं को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा और वे घर बैठे ही विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में अपनी तैयारी कर सकेंगे।
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