Dehradun
संसद में टिप्पणी को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं का आक्रोश, मसूरी में राहुल गांधी का फूंका पुतला

Mussoorie News : संसद परिसर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय मंत्री सरदार रवनीत सिंह बिट्टू को लेकर की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आज राहुल गांधी का पुतला फूंका।
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संसद में टिप्पणी को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं का आक्रोश
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय मंत्री सरदार रवनीत सिंह बिट्टू को लेकर की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। आज भाजपा मसूरी मंडल के कार्यकर्ता मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल के नेतृत्व में मसूरी के पिक्चर पैलेस चौक पर एकत्रित हुए और राहुल गांधी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने मसूरी में राहुल गांधी का फूंका पुतला
भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी का पुतला हाथों में लेकर कांग्रेस पार्टी के विरोध में नारे लगाए और बाद में पुतले का दहन किया। प्रदर्शन के दौरान “राहुल गांधी मुर्दाबाद” और “कांग्रेस पार्टी होश में आओ” जैसे नारे गूंजते रहे।
इस मौके पर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि लोकसभा में चुने गए जनप्रतिनिधि जनता के प्रति जवाबदेह होते हैं और उनके आचरण व व्यवहार पर पूरे देश की नजर रहती है।
उन्होंने कहा कि देश की प्रमुख पार्टियों का नेतृत्व करने वाले नेताओं से मर्यादित भाषा और जिम्मेदार बयान की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ नेता द्वारा इस प्रकार के शब्दों का प्रयोग कर क्या संदेश दिया जा रहा है। ये न केवल निंदनीय है बल्कि संसदीय गरिमा के भी खिलाफ है।
ये बयान पूरे अल्पसंख्यक समाज को आहत करने वाला
भाजपा मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा संसद में जिस प्रकार के शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, वो केवल एक व्यक्ति के लिए नहीं बल्कि पूरे अल्पसंख्यक समाज को आहत करने वाला है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान ये दर्शाते हैं कि कांग्रेस पार्टी के पास कोई ठोस नीति या मुद्दा नहीं बचा है और वह केवल विवादित बयान देकर जनता का ध्यान भटकाना चाहती है।
रजत अग्रवाल ने कहा कि “गद्दार” जैसे शब्दों का प्रयोग करना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि ये कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को भी उजागर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी इतिहास से सबक लेने के बजाय आज भी समाज को बांटने की राजनीति कर रही है। उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन दंगों में कांग्रेस की भूमिका को देश कभी भूल नहीं सकता और सिख समाज आज भी उस पीड़ा से पूरी तरह उबर नहीं पाया है।
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देहरादून पुलिस में बड़ा उलटफेर, 28 दरोगाओं के तबादले, कई चौकियों के प्रभारी बदले

Dehradun News : देहरादून में पुलिस व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एसएसपी ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। इसके तहत 28 उपनिरीक्षकों (दरोगाओं) को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस फेरबदल में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक कई पुलिस चौकियों के प्रभारियों को बदला गया है। वहीं, पुलिस लाइन और एसएसपी कार्यालय में तैनात कुछ उपनिरीक्षकों को भी फील्ड में नई तैनाती दी गई है।
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देहरादून पुलिस में बड़ा उलटफेर, 28 दरोगाओं के तबादले
तबादला सूची के अनुसार, आशारोड़ी चौकी प्रभारी विवेक भंडारी को सहसपुर में वरिष्ठ उपनिरीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, कालसी चौकी प्रभारी संदीप पंवार को सेलाकुई में वरिष्ठ उपनिरीक्षक बनाया गया है। आराघर चौकी प्रभारी अश्वनी बलोनी अब ऋषिकेश की त्रिवेणीघाट चौकी का जिम्मा संभालेंगे, जबकि त्रिवेणीघाट चौकी प्रभारी विनेश कुमार को आराघर चौकी भेजा गया है।
कई चौकियों के प्रभारी बदले
एसएसपी कैंप कार्यालय में तैनात रविंद्र नेगी को हर्रावाला चौकी प्रभारी बनाया गया है। कुठालगेट, मयूर विहार, लालतप्पड़, श्यामपुर और बालावाला चौकियों में भी नए प्रभारियों की नियुक्ति की गई है।

इस फेरबदल के तहत अन्य उपनिरीक्षकों को भी अलग-अलग थानों और पुलिस इकाइयों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। एसएसपी के इस फैसले से जिले की पुलिस चौकियों और फील्ड स्तर पर तैनाती में बदलाव हुआ है।

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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए खुशखबरी, मंत्री ने बताया कब बढ़ेगा मानदेय

Uttarakhand News : उत्तराखंड की 35 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए खुशखबरी है! लंबे समय से मानदेय बढ़ने का इंतजार कर रहीं इन महिलाओं के लिए सरकार ने विधानसभा में बड़ा जवाब दिया है। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने लिखित जवाब में कहा है कि सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाएगी।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए खुशखबरी
उत्तराखंड में हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए मानदेय बढ़ने की उम्मीद जगी है। विधानसभा सत्र के दौरान खानपुर विधायक उमेश कुमार ने सरकार से सवाल पूछा कि क्या प्रदेश में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है? अगर सरकार मानदेय बढ़ाएगी, तो कितनी धनराशि की बढ़ोतरी की जाएगी ?
मंत्री रेखा आर्या ने बताया कब बढ़ेगा मानदेय
इस सवाल के लिखित जवाब में विभागीय मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाएगी। हालांकि, कितनी बढ़ोतरी होगी, इस पर राज्य के वित्तीय संसाधनों के आधार पर विचार किया जाएगा। यानी मानदेय बढ़ाने की बात तो सरकार ने कही है, लेकिन बढ़ोतरी की रकम और इसे लागू करने की तारीख अभी स्पष्ट नहीं है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हर महीने मिलते हैं 9 हजार रूपए
आंकड़ों के मुताबिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हर महीने 9 हजार 300 रुपये मानदेय मिलता है। इसके अलावा 500 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यानी कुल 9 हजार 800 रुपये प्रतिमाह। वहीं, आंगनबाड़ी सहायिकाओं को 5 हजार 250 रुपये मानदेय और 250 रुपये प्रोत्साहन राशि मिलती है। यानी कुल 5 हजार 500 रुपये प्रतिमाह। ऐसे में मानदेय बढ़ाने की सरकार की बात से इन महिलाओं की उम्मीदें जरूर बढ़ी हैं। लेकिन असली सवाल यही है कि बढ़ोतरी कितनी होगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में वास्तविक सुधार आ सके।
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SSC परीक्षा में हाईटेक नकल का मामला, STF ने दिल्ली से एक और आरोपी को किया गिरफ्तार

Dehradun News : कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की मल्टीटास्किंग स्टाफ (MTS) और हवलदार भर्ती परीक्षा में हाईटेक तरीके से नकल कराने के मामले में उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को दिल्ली से पकड़ा गया है। वह परीक्षा केंद्र पर पर्यवेक्षक के तौर पर तैनात था और उस पर नकल कराने वाले गिरोह के संपर्क में रहने का आरोप है।
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SSC परीक्षा में हाईटेक नकल मामले में एक और गिरफ्तार
एसटीएफ के मुताबिक, इस मामले में 14 फरवरी 2026 को देहरादून नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि परीक्षा केंद्र के सर्वर रूम और भूमिगत चैंबर में छिपाए गए लैपटॉप, राउटर और फर्जी आईपी एड्रेस (प्रॉक्सी सर्वर) की मदद से कंप्यूटरों का रिमोट एक्सेस हासिल किया जाता था। इसके जरिए बाहर बैठे लोगों से परीक्षा के प्रश्न हल कराए जाते थे।
मामले की गंभीरता और तकनीकी पहलुओं को देखते हुए जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी। जांच के दौरान जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी की भूमिका का पता लगाया।

अभ्यर्थियों के आईडी कार्ड जांचने की थी जिम्मेदारी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अंकित कुमार के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के मुगलसराय का निवासी है। एसटीएफ के अनुसार, परीक्षा केंद्र पर उसकी जिम्मेदारी अभ्यर्थियों के पहचान पत्रों की जांच करने और परीक्षा के दौरान निगरानी रखने की थी।
आरोप है कि अंकित कुमार ने परीक्षा केंद्र में लगे कंप्यूटरों को दूर से एक्सेस करने के लिए जरूरी आईपी संबंधी जानकारी नकल कराने वाले गिरोह के सदस्यों तक पहुंचाई थी। एसटीएफ मामले में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।








































