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न्यू ईयर के जश्न के लिए बड़ी संख्या में हरिद्वार पहुंच रहे लोग, नए साल से पहले धार्मिक पर्यटन से होटल कारोबार में बूस्ट

New Year 2026 : साल 2025 विदा लेने को तैयार है और नया साल आने में बस दो ही दिनों का इंतजार है। ऐसे में लोग नए साल के जश्न के लिए तैयारियां कर रहे हैं। कुछ लोग अभी से पार्टी प्लान कर रहे हैं। तो कुछ लोग नई जगहों पर नए साल का वेलकम करने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में New year 2026 के सैलीब्रेशन के लिए बड़ी संख्या में लोग हरिद्वार पहुंच रहे हैं।
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New Year 2026 के जश्न के लिए बड़ी संख्या में हरिद्वार पहुंच रहे लोग
नया साल सेलिब्रेट करने के लिए बड़ी संख्या में लोग धर्मनगरी हरिद्वार का रुख कर रहे हैं। 31 दिसंबर से पहले हरिद्वार के बाजारों में चहल-पहल देखी जा रही है। तो वहीं होटलों और आश्रमों में ठहरने के लिए भी बुकिंग तेजी से हो रही हैं। पिछले कुछ सालों में नए साल पर धार्मिक पर्यटन का चलन बढ़ा है।

Haridwar में गंगा स्नान कर नए साल के स्वागत की तैयारी
2025 की विदाई के साथ नए साल का आगाज हो जाएगा। नए साल का स्वागत लोग अलग-अलग ढंग से सेलिब्रेट करके करते हैं। हिल स्टेशन और क्लबों में पार्टी करना तो पुरानी बात है। नए साल पर धार्मिक पर्यटन का ग्राफ पिछले कुछ सालों में बढ़ा है। धर्मनगरी हरिद्वार की बात करें तो यहां हर साल न्यू ईयर पर लोग हरिद्वार का रुख करते हैं और गंगा स्नान कर नए साल का स्वागत करते हैं। नए साल पर हरिद्वार पहुंचने वालों में बड़ी संख्या में युवा भी शामिल हैं।

नए साल से पहले धार्मिक पर्यटन से होटल कारोबार में बूस्ट
नए साल पर बढ़े धार्मिक पर्यटन ने Haridwar के होटल कारोबार को भी बूस्ट दिया है। जिससे होटल कारोबारी भी संतुष्ट नजर आ रहे हैं। होटल कारोबारियों को उम्मीद है कि लोगों में इसी तरह धार्मिक पर्यटन का रुझान बढ़ेगा तो यहां कारोबार सिर्फ सीजन में ही नहीं बल्कि साल भर अच्छा होगा। वहीं हरिद्वार के तीर्थ पुरोहित भी युवाओं के सनातन संस्कृति से जुड़ने को अच्छी स्थिति बता रहे हैं।
हरिद्वार में New Year 2026 से पहले रौनक
धर्मनगरी Haridwar में यूं तो साल भर कई स्नान पर्व होते हैं। जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं। सर्दी के दिनों में यहां श्रद्धालुओं की आवाजाही कम रहती है। लेकिन नए साल पर हरिद्वार में हो रही चहल पहल से यहां एक खास रौनक देखने को मिल रही है।
कैसे पहुंचे धर्मनगरी हरिद्वार ? (How to reach Haridwar?)
हरिद्वार पहुंचने के लिए हवाई मार्ग, रेल मार्ग या फिर सड़क मार्ग का प्रयोग कर सकते हैं। देश के किसी भी कोने से आप सड़क, रेल और हवाई मार्ग के माध्यम से हरिद्वार पहुंच सकते हैं। नजदीकी हवाई अड्डा देहरादून का जॉली ग्रांट एयरपोर्ट है, जो हरिद्वार से लगभग 38 किलोमीटर दूर स्थित है।
यहां से टैक्सी और बस की सुविधा उपलब्ध है। रेल मार्ग से हरिद्वार जंक्शन देश के प्रमुख शहरों से सीधे जुड़ा हुआ है और दिल्ली, लखनऊ, मुंबई सहित कई शहरों से नियमित ट्रेनें चलती हैं। सड़क मार्ग से भी हरिद्वार की कनेक्टिविटी बेहतरीन है, दिल्ली से लगभग 220 किलोमीटर की दूरी बस, टैक्सी या निजी वाहन से आसानी से तय की जा सकती है।
FAQs
Q1. नए साल पर लोग हरिद्वार क्यों पहुंच रहे हैं?
नए साल की शुरुआत गंगा स्नान और धार्मिक माहौल में करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु धर्मनगरी हरिद्वार का रुख कर रहे हैं।
Q2. New Year 2026 पर हरिद्वार में क्या खास है?
नए साल पर गंगा स्नान, पूजा-अर्चना और धार्मिक पर्यटन की विशेष रौनक देखने को मिल रही है।
Q3. क्या नए साल पर हरिद्वार में युवाओं की भीड़ बढ़ी है?
हां, बीते कुछ वर्षों में युवाओं का धार्मिक पर्यटन की ओर रुझान बढ़ा है और बड़ी संख्या में युवा हरिद्वार पहुंच रहे हैं।
Q4. क्या हरिद्वार में होटल और आश्रमों की बुकिंग फुल है?
नए साल से पहले होटल और आश्रमों में ठहरने के लिए बुकिंग तेजी से हो रही है और कई जगह एडवांस बुकिंग लगभग फुल हो चुकी है।
Q5. धार्मिक पर्यटन से हरिद्वार के कारोबार पर क्या असर पड़ा है?
धार्मिक पर्यटन बढ़ने से होटल कारोबार और स्थानीय व्यापार को अच्छा बूस्ट मिला है।
Q6. दिल्ली से हरिद्वार की दूरी कितनी है?
दिल्ली से हरिद्वार की दूरी सड़क मार्ग से लगभग 220 किलोमीटर है।
Q7. दिल्ली से हरिद्वार कैसे पहुंचें?
दिल्ली से हरिद्वार सड़क, रेल और हवाई तीनों मार्गों से पहुंचा जा सकता है। सड़क मार्ग से बस, टैक्सी या निजी वाहन के जरिए करीब 5–6 घंटे में हरिद्वार पहुंचा जा सकता है। रेल मार्ग से दिल्ली से हरिद्वार के लिए कई सीधी ट्रेनें उपलब्ध हैं। हवाई मार्ग से पहले देहरादून के जॉली ग्रांट एयरपोर्ट पहुंचकर वहां से टैक्सी या बस से हरिद्वार जाया जा सकता है।
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कल बनबसा में होगी धामी कैबिनेट की बैठक, कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर

Dhami Cabinet : कल यानी 4 अक्टूबर को चंपावत के बनबसा में प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गृह जिले में पहली बार मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की जा रही है।
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कल बनबसा में होगी धामी कैबिनेट की बैठक
कल बनबसा में धामी कैबिनेट की अहम बैठक होने जा रही है। मिली जानकारी के मुताबिक सुबह 11 बजे एनएचपीसी परिसर, बनबसा में प्रस्तावित है। बैठक में प्रदेश से जुड़े विभिन्न मुद्दों और विभागों की ओर से तैयार किए गए प्रस्तावों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही कई प्रस्तावों पर निर्णय भी लिए जा सकते हैं।
चंपावत में पहली बार कैबिनेट बैठक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गृह जिले चंपावत में पहली बार कैबिनेट की बैठक होने जा रही है। ऐसे में जिले के स्तर पर भी इस बैठक को खास माना जा रहा है। बैठक को लेकर संबंधित विभागों की ओर से तैयारियां की जा रही हैं और कैबिनेट के सामने रखे जाने वाले प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

देहरादून से बाहर होती रही हैं बैठकें
उत्तराखंड सरकार समय-समय पर देहरादून से बाहर भी कैबिनेट बैठक आयोजित करती रही है। इसी क्रम में इस बार बैठक के लिए चंपावत जिले के बनबसा को चुना गया है। बैठक में क्षेत्र से जुड़े विषयों के साथ प्रदेशहित से संबंधित प्रस्तावों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
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देहरादून में शराब की दुकानों पर देर रात छापेमारी, नियमों के उल्लंघन की शिकायतों पर हुई कार्रवाई

Dehradun News : शराब की दुकानों पर ओवररेटिंग और नियमों के उल्लंघन की शिकायतों के बाद देहरादून जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू की है। जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार देर रात प्रशासन की कई टीमों ने शहर के अलग-अलग इलाकों में शराब की दुकानों का औचक निरीक्षण किया।
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देहरादून में शराब की दुकानों पर देर रात छापेमारी
देर रात जांच के दौरान ओवररेटिंग के साथ स्टॉक रजिस्टर अपडेट नहीं होने, अनधिकृत सेल्समैन की मौजूदगी और निर्धारित रेट लिस्ट प्रदर्शित नहीं किए जाने जैसी खामियां सामने आईं।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट राहुल आनंद और हर्षिता सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी, एसडीएम सदर अपूर्वा सिंह और एसडीएम मुख्यालय रविंद्र ज्वांठा के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें बनाई गई थीं। निरीक्षण के दौरान संबंधित क्षेत्र के आबकारी निरीक्षक भी टीमों के साथ मौजूद रहे।
नियमों के उल्लंघन की शिकायतों पर हुई कार्रवाई
सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम सदर की टीम ने माजरा, पटेलनगर और आसपास के इलाकों में दुकानों की जांच की। आईएसबीटी स्थित शराब की दुकान में ओवररेटिंग की शिकायत सही पाई गई। यहां रखी 42 शराब की बोतलों के बैच नंबर उपलब्ध रिकॉर्ड से मेल नहीं खाए। इसके अलावा दुकान पर अनधिकृत सेल्समैन भी मिला और निर्धारित रेट लिस्ट भी प्रदर्शित नहीं की गई थी।

एसडीएम मुख्यालय की टीम ने प्रेमनगर क्षेत्र में किया निरीक्षण
एसडीएम मुख्यालय की टीम ने प्रेमनगर क्षेत्र में निरीक्षण किया। यहां एक दुकान का स्टॉक रजिस्टर अपडेट नहीं पाया गया। जांच के दौरान अनधिकृत सेल्समैन भी मौजूद मिला। जाखन और राजपुर रोड क्षेत्र में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की टीम ने कई शराब की दुकानों को जांच के दायरे में लिया।
निरीक्षण में सामने आई कई अनियमितताएं
यहां स्टॉक रजिस्टर अपडेट नहीं होने, रेट लिस्ट और आबकारी विभाग का शिकायत नंबर प्रदर्शित नहीं करने और अनधिकृत सेल्समैन मिलने जैसी अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के दौरान कुछ दुकानों पर ओवररेटिंग के मामले भी मिले।
प्रशासनिक टीमों ने जांच के दौरान स्टॉक और बिक्री रिकॉर्ड के साथ बैच नंबर, निर्धारित बिक्री दर, रेट लिस्ट, सेल्समैन की वैधता और शिकायत नंबर सहित कई बिंदुओं की पड़ताल की।
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1 अक्टूबर से बदलेंगे कई जरूरी नियम, आपकी जेब और दस्तावेजों पर पड़ेगा असर

New Rules : हर महीने की पहली तारीख अपने साथ कुछ नए नियम और बदलाव लेकर आती है। अब अक्टूबर की शुरुआत होने वाली है और 1 अक्टूबर 2026 से LPG सब्सिडी, बैंक एफडी और जन्म-मृत्यु पंजीकरण से जुड़े नियमों में बदलाव होने जा रहा है।
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1 अक्टूबर से बदलेंगे कई जरूरी नियम
कल यानी एक अक्टूबर से होने वाले बदलावों का सीधा असर आम ग्राहकों और जरूरी दस्तावेजों से जुड़े कामकाज पर पड़ सकता है। ऐसे में अगर आप LPG सिलिंडर लेते हैं, बैंक में FD है या जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र से जुड़ा काम है, तो इन बदलावों को जानना आपके लिए जरूरी है।
LPG सब्सिडी को लेकर देखने को मिलेगा बदलाव
सब्सिडी वाले सिलिंडर के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी होगा। हालांकि, BAA नहीं कराने पर LPG सिलिंडर की सप्लाई बंद नहीं होगी, लेकिन ग्राहक को सब्सिडी का लाभ नहीं मिल सकता है और सिलिंडर बाजार दर पर लेना पड़ सकता है।

आरबीआई ने बल्क डिपॉजिट को लेकर नए नियम किए जारी
RBI के नए नियम के तहत अब 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की एफडी को बल्क डिपॉजिट माना जाएगा। पहले यह सीमा 2 करोड़ रुपये थी। बैंक अपनी जरूरत के अनुसार ऐसी एफडी पर ब्याज दर तय कर सकेंगे।
बैंकों को हर कार्यदिवस सुबह 10 बजे तक अपनी नई ब्याज दरें वेबसाइट पर अपडेट करनी होंगी। 10 मिनट के ग्रेस पीरियड के बाद यानी 10:10 बजे तक दरें वेबसाइट पर उपलब्ध होनी जरूरी होंगी।
जन्म-मृत्यु पंजीकरण के लिए भी बदले नियम
1 अक्टूबर से जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण से जुड़े संशोधित प्रावधान लागू होंगे। दो साल से अधिक देरी से पंजीकरण कराने के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश जरूरी होगा। वहीं, एक से दो साल की देरी पर जिलाधिकारी, उप-जिलाधिकारी या अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट की मंजूरी आवश्यक होगी।











































