Tehri Garhwal
टिहरी झील में अब क्रूज बोट का रोमांच, सैलानी रात बिता सकेंगे फ्लोटिंग हट्स और क्रूज में…

टिहरी: उत्तराखंड के टिहरी बांध की झील में साहसिक खेलों और पर्यटन के शौकीनों के लिए एक नया आकर्षण जुड़ने जा रहा है। फ्लोटिंग हट्स के बाद अब टिहरी झील में क्रूज बोट के संचालन की शुरुआत हो गई है, जिससे पर्यटक अब झील में रात बिता सकते हैं और अनोखे पर्यटन अनुभव का आनंद उठा सकते हैं। 12 कमरों के क्रूज बोट का संचालन पीपीपी मोड पर शुरू हुआ है, जो कोटीकाॅलोनी से डोबरा-चांठी पुल तक किया जा रहा है।
यह क्रूज बोट तीन साल से निर्माणाधीन था और अब इसे पर्यटन विभाग के सहयोग से एक निजी कंपनी द्वारा लगभग आठ करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। क्रूज में पर्यटकों के रुकने के लिए 12 कमरे, रेस्टोरेंट, शौचालय जैसी सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। क्रूज की छत पर पर्वतीय घरों में लगे पठाल की प्रतिकृति की तरह डिजाइन किया गया है, जो इसे एक विशेष आकर्षण बनाता है।
100 से अधिक बोटों के संचालन का हो रहा है लाभ
टिहरी झील में बोटिंग सेवा का संचालन वर्ष 2014-15 में शुरू हुआ था और अब यहां 100 से अधिक बोटों का संचालन किया जा रहा है, जिसमें पैरासेलिंग, बनाना राइडिंग, स्पीड बोट, जेट स्की, वाटर स्कूटर आदि प्रमुख हैं। इसके अलावा, डोबरा-चांठी और पीपलडाली में एक-एक नई बोट प्वाइंट भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
जिला पर्यटन अधिकारी, टिहरी, सोबत सिंह राणा ने बताया कि क्रूज बोट का संचालन फिलहाल ट्रायल के तौर पर शुरू किया गया है और दो-तीन दिन में कंपनी विधिवत बुकिंग की प्रक्रिया शुरू कर देगी।
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Uttarakhand
टिहरी झील के चारों तरफ प्रस्तावित रिंग रोड़ पर ग्रामीणों का विरोध, उग्र आंदोलन की चेतावनी दी
मुख्य मांग
टिहरी गढ़वाल: टिहरी झील के चारों ओर प्रस्तावित रिंग-रोड़ का स्थानीय लोगों ने विरोध किया। 1200 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट के निर्माण के विरोध में रिंग रोड़ संघर्ष समित द्वारा एक दर्जन से अधिक गाँवो के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने रौलाकोट के भामेश्वर महादेव मंदिर में बैठक का आयोजन किया।
बिना अनुमति के किया जा रहा जमीनों का अधिग्रहण : ग्रामीण
जहाँ पर बैठक में ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने कहा कि रिंग रोड़ चौड़ीकरण के नाम पर ग्रामीणों की अनुमति के बिना उनकी जमीनों और मकानों का अधिग्रहण किया जा रहा है। साथ ही सड़क चौड़ीकरण के नाम पर भी जमीनों के मुआवजे में भी ग्रामीणों के साथ सौतेला व्यवहार बरता जा रहा है।
मांग पूरी न होने पर ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि वो पीडब्ल्यूडी, जिला प्रशासन, एसडीबी, पर्यटन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दें कि वो दोबारा से समिति के लोगों के साथ रिंग रोड़ के मामले में बातचीत करें, जिससे ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान निकल सके। अगर कोई भी संबंधित अधिकारी ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं करते हैं तो ग्रामीण भी रिंग रोड और सड़क चौड़ीकरण के लिए अपनी जमीन नहीं देंगे। जिससे टिहरी झील के चारों तरफ 1200 करोड़ की लागत से बनने वाली रिंग रोड के निर्माण पर रोक लगेगी और इस राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के निर्माण पर ग्रहण लग सकता है।
ग्रामीणों ने कहा कि शासन-प्रशासन इन मुख्य बिंदुओं पर एक आम बैठक का आयोजन कर ग्रामीणों से साथ बातचीत कर समस्याओं का समाधान करे। ग्रामीणों ने साफ कहा कि अगर जल्द ये मांग नहीं मानी गई तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
- सड़क मुआवजे में दोहरे मानक न अपनाए जाएं; सभी सड़कों का मुआवजा एनएच की तर्ज पर समान होना चाहिए।
- सड़क चौड़ीकरण कार्य में लापरवाही न बरती जाए, समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
- कई स्थानों पर सड़क का एलाइनमेंट आवश्यकतानुसार बदला जाए।
- जिन गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है, उनके आसपास ही विकास कार्य किए जाएँ, न कि अन्य क्षेत्रों में।
- स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों से अपेक्षा है कि सभी कार्य जैसे सड़क चौड़ीकरण और मुआवजा लोक निर्माण विभाग द्वारा सही ढंग से संपन्न किए जाएँ।
अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, योगेश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों को संपत्ति का मुआवजा सर्किल रेट के आधार पर ही दिया जाएगा। रिंग रोड का कार्य लगभग अंतिम चरण में है। कहीं पर अगर ग्रामीणों की समस्या है तो उनसे बात कर के समस्या का समाधान निकाला जाएगा।
Tehri Garhwal
उत्तराखंड में मानवता शर्मसार, मां, भाई और भाभी ने मिलकर किया ऐसा हाल, जान बचाने के लिए काटने पड़े हाथ

Tehri News : उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां रिश्तों में ऐसी दरार पड़ी की भाई ही भाई की जान का दुश्मन बन गया। परिवारिक विवाद में मां, भाई और भाभी ने मिलकर युवक के साथ ऐसी क्रूरता की जिसे देखकर डॉक्टर भी हैरान रह गए।
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मां, भाई और भाभी ने मिलकर युवक के साथ की क्रूरता
एक ओर जहां मां, भाई और भाभी के रिश्तों को समाज में सबसे पवित्र माना जाता है, वहीं दूसरी ओर Tehri Garhwal जिले से सामने आई ये घटना इन रिश्तों को शर्मसार करने वाली है। बालगंगा तहसील की बासर पट्टी स्थित लस्यालगांव में एक भाई ने अपनी मां और पत्नी के साथ मिलकर अपने ही छोटे भाई की हत्या का प्रयास किया। तीनों ने मिलकर युवक के साथ ऐसी क्रूरता करी कि पीड़ित युवक को अपने दोनों हाथ गंवाने पड़े।
युवक की जान बचाने के लिए काटने पड़े हाथ
मिली जानकारी के मुताबिक Tehri Garhwal के लस्यालगांव निवासी अंग्रेज सिंह पुत्र स्व. गजे सिंह का अपने परिवार के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद के बाद अंग्रेज सिंह की मां जेठी देवी और भाभी ने मुंबई के एक होटल में काम कर रहे बड़े बेटे व अंग्रेज सिंह के बड़े भाई पूरब सिंह को गांव बुलाया।
शुक्रवार देर रात पूरब सिंह के गांव पहुंचने के बाद तीनों ने मिलकर अंग्रेज सिंह पर चाकू और अन्य धारदार हथियारों से हमला कर दिया। युवक के हाथों पर इतनी बुरी तरह से हमला किया गया था कि उसकी जान बचाने के लिए डॉक्टरों को उसके हाथ तक काटने पड़े।

पुलिस ने मां, भाभी और भाई के खिलाफ मुकदमा किया दर्ज
बताया जा रहा है कि कई घंटे तक युवक दर्द से तड़पता रहा जिसके बाद उसी का भाई पूरब सिंह 108 एंबुलेंस के से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलेश्वर ले गया। बेलेश्वर अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे श्रीनगर बेस अस्पताल रेफर कर दिया। वहां डॉक्टरों ने स्थिति को अत्यंत नाजुक बताते हुए आनन-फानन में उसके दोनों हाथ काट दिए। अगले दिन उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया।
घटना के बाद सोमवार को अंग्रेज सिंह किसी तरह गांव पहुंचा और मंगलवार को चमियाला पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई। वहां से उसे तहसील घनसाली भेजा गया और तत्पश्चात एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाना घनसाली पहुंचाया गया। थाना घनसाली में अंग्रेज सिंह की तहरीर के आधार पर उसके भाई पूरब सिंह और भाभी अंजली देवी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
Tehri Garhwal
राजकीय ITI Tehri में प्रवेश हुए शुरू, मेरिट के आधार पर मिलेगा एडमिशन, यहां जानें लास्ट डेट

राजकीय ITI Tehri में प्रवेश शुरू हो गए हैं। अभ्यर्थियों का प्रवेश मेरिट के आधार पर होगा जिसके लिए आवेदन की प्रक्रिया 25 नवंबर से शुरू हो गई है। प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को आवेदन-पत्र भरकर जमा करना होगा।
राजकीय ITI Tehri में प्रवेश हुए शुरू
आईटीआई टिहरी में सत्र 2025-2026 के लिए प्रवेश शुरू हो गए हैं। प्रधानाचार्य राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नई टिहरी ने बताया कि निदेशक व्यावसायिक परीक्षा परिषद् उत्तराखण्ड देहरादून के पत्र दिनांक-18 नवम्बर 2025 के अनुपालन में जनपद टिहरी गढ़वाल के अधीनस्थ राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, झिनझिनीसैण, नकोट, लम्बगांव और थौलधार में राज्य स्तरीय (एससीवीटी) इंजीनियरिंग व्यवसायों में प्रवेश सत्र 2025-26 के लिये इलैक्ट्रीशियन, फिटर धारक अभ्यार्थियों से शैक्षिक अर्हता की मैरिट के आधार पर प्रवेश किये जाने के लिये आवेदन पत्र भरे जाएंगे।
9 दिसंबर है आवेदन की अंतिम तारीख
प्रधानाचार्य राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नई टिहरी बताया कि एससीवीटी आवेदन-पत्र भरने की शुरूआत 25 नवंबर 2025 से हो गई है। जो कि 9 दिसंबर तक चलेगी। यानी कि आवेदन की अंतिम तिथि 9 दिसंबर है। प्रवेश के इच्छुक प्रशिक्षार्थी राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों मे जाकर प्रवेश आवेदन-पत्र फार्म को भरकर संस्थान में जमा कर सकते हैं।
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