Uttarakhand
यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में तीर्थयात्रियों ने तोड़े रिकॉर्ड, प्रशासन के अनुरोध पर देर रात समिति ने श्रद्धालुओं को कराए दर्शन।

उत्तरकाशी – यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में इस बार पहुंचे तीर्थयात्रियों ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। खासकर दो दिनों से रिकॉर्ड भीड़ जुटने से धामों में मंदिर समिति ने देर रात तक दर्शन कराया है। जबकि यमुनोत्री की भीड़ और गंगा सप्तमी पर बड़ी संख्या में गंगोत्री में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। इससे धाम में खासी चहल पहल देखने को मिल रही है। इधर, रिकॉर्ड भीड़ जुटने पर पुलिस-प्रशासन ने देर रात तक व्यवस्था बनाई है।

चारधाम में इस बार रिकॉर्ड तीर्थयात्री जुट रहे हैं। करीब 6 किमी पैदल दूरी पर यमुनोत्री धाम में भी रिकॉर्ड यात्री दर्शन को पहुंच रहे हैं। यमुनोत्री धाम में 2023 में 28 मई को सर्वाधिक 12045 तीर्थयात्री पहुंचे थे, जो पिछले कई सालों के रिकॉर्ड था। लेकिन इस साल गत दिवस यमुनोत्री में 12148 तीर्थयात्रियों की संख्या ने नया रिकॉर्ड बना लिया है। यमुनोत्री में दर्शन को तीर्थयात्रियों की भीड़ जुटने का सिलसिला जारी है। इसके लिए प्रशासन ने बैरियर और गेट सिस्टम लागू कर दिया है। अब यमुनोत्री धाम में दर्शन सुचारू रूप से हो रहे हैं। लेकिन यमुनोत्री की भीड़ गंगोत्री धाम में पहुंचने से दबाव बढ़ गया है। यहां दो दिनों से रिकॉर्ड तीर्थयात्रियों ने दर्शन किये हैं।
पिछले साल यमुनोत्री के बाद गंगोत्री में 29 मई को रिकॉर्ड 13670 तीर्थयात्री एक दिन में पहुंचे थे, जो इस साल गत दिवस 18973 हो गया है। यह अब तक का सर्वाधिक तीर्थयात्रियों के पहुंचने का रिकॉर्ड कायम हो गया है। जबकि आज गंगा सप्तमी पर टिहरी और उत्तरकाशी जिले की देव डोलियों के पहुंचने से दबाव और बढ़ गया है। इससे व्यवस्था बनाने में प्रशासन, पुलिस और मंदिर समिति को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।
गंगोत्री धाम में संकरे मार्ग पर बड़ी बसों के फंसने से ज्यादा दिक्कतें उठानी पड़ रही है। इससे वाहनों का दबाव बढ़ने से गंगोत्री तक वाहन कतार में चल रहे हैं। हालांकि यहां भी प्रशासन ने उत्तरकाशी रामलीला मैदान, हीना, भटवाड़ी, गंगनानी, सुक्की, झाला, हर्षिल, धराली से रुक रुक कर वाहन छोड़े जा रहे हैं। इससे गंगोत्री धाम में देर रात तक तीर्थयात्रियों के पहुंचने क्रम जारी रहा। प्रशासन के अनुरोध पर देर रात तक गंगोत्री मंदिर समिति ने सभी श्रद्धालुओं के दर्शन कराए। साथ ही प्रशासन, पुलिस एवं मंदिर समिति ने तीर्थयात्रियों को जलपान कराया गया। गंगोत्री में तीर्थयात्रियों की सुविधा को रात 2 बजे तक बाजार खुला रहा। सुबह तक धाम में तीर्थयात्रियों को व्यवस्थित आवाजाही कराई जा रही है।
यमुनोत्री धाम में गेट सिस्टम के बाद पूरा ट्रैफिक गंगोत्री मार्ग की तरफ आ गया। इससे कुछ स्थानों पर संकरी सड़क पर बड़ी बसें फंसने से वाहनों का दबाव बढ़ गया। गंगोत्री में देर रात तक दर्शन कराए गए। यात्रा मार्ग पर विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात किया गए हैं। साथ ही भोजन, पानी, मेडिकल व्यवस्था तीर्थयात्रियों को उपलब्ध कराई जाने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल दोनों धामों में भीड़ नियंत्रित हैं।
प्रशासन के अनुरोध पर देर रात तक मंदिर में तीर्थयात्रियों के दर्शन कराए गए। मंदिर समिति ने देर से पहुंचे श्रद्धालुओं को जलपान की व्यवस्था कराई। गंगा सप्तमी पर्व पर बड़ी संख्या में देव डोलियां और यात्री गंगा स्नान को आते हैं। तीर्थयात्रियों को कोई असुविधा न हो, मंदिर समिति पूरे सहयोग को तैयार है।
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में पिछले सर्वाधिक तीर्थयात्रियों के रिकॉर्ड टूटे
2023 में यमुनोत्री धाम पहुंचे थे सबसे ज्यादा 12045 तो इस बार 12148 पहुंची संख्या
गंगोत्री धाम में 2023 में 13670 तो 13 मई को रिकॉर्ड 18973 यात्री पहुंचे
यमुनोत्री में गेट और बैरियर व्यवस्था बनाने के बाद गंगोत्री धाम में बढ़ गया तीर्थयात्रियों का दबाव
हाईवे में कुछ स्थानों पर संकरी सड़क से बड़ी बसों के कारण लग रहा जाम
पुलिस, प्रशासन और मंदिर समिति ने रात दो बजे तक गंगोत्री धाम में संभाली व्यवस्था
गंगा सप्तमी स्नान से गंगोत्री धाम में स्थानीय देव डोलियों के साथ श्रद्धालु पहुंच रहे
big news
उत्तराखंड के लाल लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी जम्मू कश्मीर में शहीद, राजौरी में ऑपरेशन के दौरान दिया देश के लिए बलिदान

Almora News : जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान उत्तराखंड के अल्मोड़ा निवासी लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी शहीद हो गए। इस खबर से उत्तराखंड में शोक की लहर दौड़ गई।
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उत्तराखंड के लाल लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी जम्मू कश्मीर में शहीद
जानकारी के अनुसार, लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी राजौरी के मंजाकोट क्षेत्र में चल रहे ‘ऑपरेशन शेरोवाली’ के तहत तैनात थे। अभियान के दौरान दुर्गम और जंगलों से घिरे इलाके में ऑपरेशनल ड्यूटी निभाते समय वे एक गहरी खाई में गिर गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। साथी सैनिकों ने तत्काल उन्हें बाहर निकालकर सहायता पहुंचाई, लेकिन बाद में उन्होंने वीरगति प्राप्त कर ली।
राजौरी में ऑपरेशन के दौरान दिया देश के लिए बलिदान
सेना के अधिकारियों के मुताबिक, जिस क्षेत्र में अभियान चलाया जा रहा है वह अत्यंत चुनौतीपूर्ण है। घने जंगल, खड़ी चट्टानें, खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियां सुरक्षा बलों के लिए अभियान को और जटिल बना देती हैं। क्षेत्र में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना के बाद कई दिनों से तलाशी अभियान जारी है।

अल्मोड़ा में किया जाएगा अंतिम संस्कार
सेना के प्रवक्ता ने बताया कि शहीद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी का पार्थिव शरीर जम्मू एयर फोर्स स्टेशन लाया जाएगा। जहां सैन्य और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक जनपद अल्मोड़ा भेजा जाएगा, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा।
लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी की शहादत से उत्तराखंड सहित पूरे देश में शोक की लहर है। देश उनकी वीरता और सर्वोच्च बलिदान को सदैव याद रखेगा।
Rishikesh
ऋषिकेश में सेल्फी लेते हुए गंगा में बहा सॉफ्टवेयर इंजीनियर, तलाश में जुटी SDRF

Rishikesh News : उत्तराखंड में घूमने आए एक पर्यटक परिवार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब गंगा नदी के किनारे तस्वीर खिंचवाते समय एक व्यक्ति तेज बहाव में बह गया। घटना कौड़ियाला क्षेत्र की है, जहां गाजियाबाद निवासी एक पर्यटक नदी के किनारे सेल्फी लेते समय संतुलन खो बैठा और देखते ही देखते गंगा की धाराओं में समा गया।
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ऋषिकेश में सेल्फी लेते हुए गंगा में बहा सॉफ्टवेयर इंजीनियर
मिली जानकारी के अनुसार गाजियाबाद और फरीदाबाद से दो परिवार उत्तराखंड भ्रमण पर आए थे और कौड़ियाला स्थित एक होटल में ठहरे हुए थे। शनिवार शाम दोनों परिवार होटल के समीप गंगा घाट पर घूमने और फोटो खिंचवाने पहुंचे थे।
इसी दौरान गाजियाबाद निवासी 43 वर्षीय आशीष जैन गंगा नदी के किनारे खड़े होकर परिवार के साथ सेल्फी लेने की कोशिश कर रहे थे। बताया जा रहा है कि अचानक उनका पैर फिसल गया और वो नदी के तेज बहाव में गिर गए। नदी का प्रवाह इतना अधिक था कि उन्हें संभलने या बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर की तलाश में जुटी SDRF
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजनों और मौजूद लोगों ने तत्काल सहायता के लिए पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस चौकी बछेलीखाल की टीम घटनास्थल पर पहुंची और मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ को भी बुलाया गया।

एसडीआरएफ की टीम ने अंधेरा होने के बावजूद गंगा नदी में राफ्ट के जरिए सर्च अभियान शुरू किया। पुलिस और रेस्क्यू दल लगातार नदी के बहाव वाले क्षेत्र में तलाश अभियान चला रहे हैं।
प्रशासन ने पर्यटकों से की नदी किनारे सावधानी बरतने की अपील
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना की सूचना आशीष जैन के परिजनों को दे दी गई है। उनके परिवार के सदस्य ऋषिकेश के लिए रवाना हो चुके हैं। आशीष जैन गाजियाबाद की एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत बताए गए हैं।
प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि नदी किनारे फोटो या सेल्फी लेते समय विशेष सावधानी बरतें और सुरक्षा मानकों का पालन करें, ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
Breakingnews
टिहरी में तोताघाटी के पास ब्रेक फेल होने से पलटी यात्रियों की बस, हादसे में आठ यात्री घायल

Tehri Accident : टिहरी जिले में आज सुबह तोताघाटी के पास एक लोकल बस सड़क पर पलट गई। जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार बस ऋषिकेश की ओर जा रही थी, तभी अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में करीब 8 लोग मामूली रूप से घायल हो गए हैं।
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टिहरी में तोताघाटी के पास ब्रेक फेल होने से पलटी यात्रियों की बस
ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर तोताघाटी और बछेलीखाल के बीच एक यात्री बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस के ब्रेक फेल होने से वाहन चालक नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद बस सड़क पर पलट गई।
हादसे में बस में सवार आठ यात्री घायल
हादसे के समय बस में कुल 39 यात्री सवार थे। दुर्घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।
एसडीआरएफ के जवानों ने बस में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। राहत टीमों की त्वरित कार्रवाई के चलते सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया।

यात्रियों को वैकल्पिक वाहनों से भेजा गया हरिद्वार
चौकी प्रभारी दीपक लिंगवाल के अनुसार दुर्घटना में कोई गंभीर जनहानि नहीं हुई है। कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद एम्बुलेंस से ऋषिकेश अस्पताल भेजा गया।
अन्य यात्रियों को आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने के बाद वैकल्पिक वाहनों के माध्यम से हरिद्वार के लिए रवाना कर दिया गया। प्रशासन की ओर से दुर्घटनाग्रस्त बस को हाईवे से हटाने और यातायात व्यवस्था को सामान्य करने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
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