Dehradun
यमुनोत्री धाम की यात्रा पर आए तीर्थयात्रियों ने सीएम धामी को बताया “धर्म रक्षक” लगाए धर्म रक्षक धामी के ‘नारे’, सीएम धामी ने यात्रियों के बीच पहुंच कर परखी यात्रा व्यवस्था।

यमुनोत्री धाम की यात्रा पर आए तीर्थयात्रियों ने मुख्यमंत्री धामी को बताया “धर्म रक्षक” लगाए धर्म रक्षक धामी के ‘नारे’
धामों में तीर्थयात्रियों ने बेहतर यात्रा प्रबंधन पर की सरकार की खुलकर तारीफ
अपने सख्त निर्णयों से देश में गुड गवर्नेंस का उदाहरण पेश कर चुके मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली से हर कोई है प्रभावित
यमुनोत्री मार्ग पर मुख्यमंत्री धामी ने तीर्थयात्रियों के बीच पहुंच कर परखी यात्रा व्यवस्था
अफसरों को हर समस्या का ग्राउंड जीरो पर निस्तारण के दिये निर्देश
तीर्थयात्रियों के वाहन और बसों में चढ़कर मुख्यमंत्री ने लिया फीडबैक
उत्तरकाशी – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को ग्राउंड जीरो पर उतरकर चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यमुनोत्री मार्ग (बड़कोट) पर मुख्यमंत्री धामी ने सभी प्रोटोकॉल छोड़ सीधे तीर्थयात्रियों के बीच पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री धामी ने तीर्थयात्रियों से यात्रा व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री धामी को देखते ही तीर्थयात्रियों ने खुशी में धर्म रक्षक धामी के जय जय कार के नारे लगाने शुरू कर दिए।

मुख्यमंत्री यहीं नहीं रुके और वाहनों एवं बसों में चढ़कर तीर्थयात्रियों से मिले। इधर, देशभर में स्टार प्रचारक के रूप में सभी राजनीतिक कार्यक्रम टालने के 24 घण्टे के भीतर चारधाम यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री धामी की ताबड़तोड़ बैठकों का असर धरातल पर दिखने लगा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपेक्षाओं और देश में गुड गवर्नेंस का उदाहरण पेश कर चुके मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली से हर कोई प्रभावित है। सरल, सौम्य स्वभाव के साथ अच्छे प्रशासक की खूबी से वह जन-जन के दिलों में राज करते नजर आ रहे हैं।
गुरुवार को देशभर में प्रस्तावित राजनीतिक कार्यक्रमों को रद कर मुख्यमंत्री धामी ने चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर बैठकें लेनी शुरू की, जो सुबह तक चलीं। बैठकों में अफसरों के पेंच कसने के बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री धामी यमुनोत्री धाम की यात्रा व्यवस्था देखने ग्राउंड जीरो पर उतरे तो सबसे पहले तीर्थयात्रियों के बीच पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री धामी ने एक-एक तीर्थयात्रियों से मिलकर यात्रा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। तीर्थयात्रियों ने मुख्यमंत्री को सरकार एवं प्रशासन के द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की और मुख्यमंत्री का ध्यान कुछ समस्याओं और सुझावों की तरफ आकर्षित किया। मुख्यमंत्री ने भी अफसरों को मौके पर ही सभी का निदान करने के निर्देश दिए।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने रहने, खाने, मार्ग पर जाम एवं अन्य व्यवस्थाओं को लेकर जानकारी ली। मुख्यमंत्री यहीं नहीं रुके और बसों और टैक्सियों में बैठे तीर्थयात्रियों से भी मिले और यात्रा व्यवस्था का फीडबैक लिया। इस दौरान राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात आदि से पहुंचे तीर्थयात्रियों ने सरकार की व्यवस्थाओं की खुले मन से तारीफ की। मुख्यमंत्री ने तीर्थयात्रियों से कहा कि इस बार धामों में रिकॉर्ड लोग दर्शन को जुट रहे हैं। सरकार के प्रयास हैं कि सभी को सुगम, सुव्यवस्थित और सुरक्षित दर्शन हो। लेकिन अव्यवस्था न हो, इसके लिए सभी पंजीकरण और एडवाजरी का पालन जरूर करें। बहरहाल मुख्यमंत्री के इस व्यवहार पर तीर्थयात्री भी कायल दिखे और जमकर धर्म रक्षक धामी के उद्घोष करने लगे।
राज्य की पहचान और आर्थिकी का जरिया है चारधाम यात्रा
उत्तराखंड की चारधाम यात्रा स्थानीय लोगों की आर्थिकी, आजीविका और रोजगार के साथ दुनिया में एक बड़ी पहचान लिए हुए है। ऐसे में चारधाम यात्रा को लेकर कुछ लोगों द्वारा भ्रामक जानकारी प्रसारित करना सामाजिक दृष्टिकोण से सही नहीं है। इससे जहां लाखों लोगों की आर्थिकी और आजीविका पर असर पड़ेगा, वहीं राज्य की देवभूमि की छवि पर भी नुकसान उठाना पड़ेगा। खासकर कतिपय लोग एजेंडा के तहत चारधाम यात्रा को बदनाम कर एक अलग दृष्टिकोण देने पर तुले हुए हैं, इसके लिए कई तरह के षडयंत्र एवं कुचक्र रचने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा की पवित्रता एवं पहचान को आंच नहीं आने दिया जाएगा। इसके लिए सरकार कठोर फैसला लेने से भी पीछे नहीं हटेगी।
सरकार देगी सभी सुविधाएं, सहयोग करें तीर्थयात्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीर्थयात्रियों को भरोसा दिया कि चारों धाम में सरकार समुचित व्यवस्था और सुविधा देगी लेकिन भीड़ बढ़ने पर सहयोग देना सभी का कर्तव्य बनता है। खासकर सरकार की एडवाइजरी का सख्ती से पालन करने पर किसी को भी अपरिहार्य दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा एवं यात्रा पंजीकरण का भी अनिवार्य रूप से पालन करने पर धामों पर सुगमता से पहुंचने पर सहूलियत होगी।
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2027 से पहले उत्तराखंड बीजेपी में बड़ी बगावत !, अब अजेंद्र अजय का भी BJP से मोहभंग, सोशल मीडिया पोस्ट ने मचाया तहलका

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में इन दिनों राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। एक ओर जहां गैरसैंण स्थित भराणीसैंण विधानसभा भवन में हो रहे बजट सत्र के कारण बहस हो रही है। तो वहीं दूसरी ओर बीजेपी में अंदरखाने चल रही कलह अब खुलकर बाहर दिखने लगी है।
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2027 से पहले बीजेपी में बड़ी बगावत !
बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने उत्तराखंड बीजेपी में भूचाल ला दिया है। अजेंद्र अजय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बीजेपी से मोहभंग होने की बात कही है। जिसके बाद से सियासी गलियारों में हलचल मच गई है।
पूर्व BKTC अध्यक्ष अजेंद्र अजय का BJP से मोहभंग
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बीजेपी से मोहभंग होने की बात कहते हुए अजेंद्र अजय ने लिखा है कि – “उत्तराखंड में वर्तमान में जिस प्रकार का राजनीतिक परिदृश्य देखने को मिल रहा है, उससे राजनीति के प्रति मोहभंग सा होता जा रहा है। मोदी जी ने कहा था कि “तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा।” Narendra Modi जी तीसरा दशक ऐसा होगा, हम जैसे कार्यकर्ताओं और देवभूमिकी जनता ने कभी कल्पना भी नहीं की थी।

छात्र जीवन से राष्ट्रवाद और सनातन के प्रति अगाध आस्था, विश्वास और समर्पण के कारण कई बार कई आरोप भी झेले। इन आरोपों से कभी व्यथित नहीं हुआ। व्यथित होने की परिस्थितियां तब उत्पन्न हो रही हैं, जब हम विपरीत कार्यों के साथ दिखाई पड़ रहे हैं और उनके प्रति हमारा मौन समर्थन प्रकट हो रहा है। ऐसी परिस्थितियों में राजनीतिक जीवन से संन्यास लेने के अतिरिक्त कोई अन्य विकल्प नहीं दिखाई पड़ता है।”
अजेंद्र अजय के सोशल मीडिया पोस्ट ने मचाया तहलका
पूर्व बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय के पोस्ट ने बीजेपी के साथ उत्तराखंड की राजनीति में भूचाल ला दिया है। उनके पोस्ट के बाद बीजेपी के भीतर चल रही अंर्तकलह की खबरों पर मुहरर लग गई है। अजेंद्र अजय के सन्यास की बात का संबंध उनके बीजेपी छोड़ने से माना जा रहा है।
बता दें कि (बीकेटीसी) के अध्यक्ष रह चुके अजेंद्र अजय काफी समय से सरकार की नीतियों को लेकर नाराजगी जताते रहे हैं। आए दिन वो अपनी सरकार के खिलाफ उन्हें मोर्चा खोलते हुए नजर आ रहे थे। यहां तक कि उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड और केदारनाथ धाम से सोना चोरी के मामले जैसे मुद्दों पर भी सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी असहमति प्रकट की थी।
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मसूरी में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की भारी किल्लत, होटल-रेस्टोरेंट संचालकों ने सरकार से लगाई गुहार

Mussoorie News : पहाड़ों की रानी मसूरी में इन दिनों कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडरों की गंभीर कमी से होटल और रेस्टोरेंट कारोबार प्रभावित होने लगा है। मसूरी होटल्स एसोसिएशन ने इस समस्या को लेकर राज्य सरकार को पत्र भेजकर तत्काल समाधान की मांग की है।
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मसूरी में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की भारी किल्लत
मसूरी में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। जिस कारण व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएशन का कहना है कि गैस की आपूर्ति बाधित होने से होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को मेहमानों को भोजन उपलब्ध कराने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रतिष्ठानों के सामने रसोई संचालन तक का संकट
मसूरी होटल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल और सचिव अजय भार्गव ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को संबोधित पत्र एसडीएम मसूरी के माध्यम से भेजा है। पत्र में बताया गया है कि मध्य पूर्व में चल रही भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण एलपीजी गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर अब पर्यटन नगरी मसूरी के होटल व्यवसाय पर भी साफ दिखाई देने लगा है।
एसोसिएशन के अनुसार मसूरी में सैकड़ों होटल, गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट प्रतिदिन हजारों पर्यटकों को सेवाएं प्रदान करते हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता कम होने से कई प्रतिष्ठानों के सामने रसोई संचालन तक का संकट खड़ा हो गया है।

होटल-रेस्टोरेंट संचालकों ने सरकार से लगाई गुहार
कई होटल संचालकों को सीमित गैस में काम चलाना पड़ रहा है, जबकि कुछ स्थानों पर वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है। होटल व्यवसायियों का कहना है कि पर्यटन उद्योग उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। यह उद्योग हजारों लोगों को रोजगार देता है और राज्य के राजस्व में भी महत्वपूर्ण योगदान करता है। ऐसे में गैस आपूर्ति में बाधा आने से न केवल होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की परेशानी बढ़ेगी, बल्कि पर्यटकों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई तो मसूरी के कई रेस्टोरेंट और होटल की रसोई बंद होने की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे पर्यटन पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा। मसूरी होटल्स एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि संबंधित विभागों को तत्काल निर्देश जारी कर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की पर्याप्त और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि पर्यटन नगरी में आने वाले पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और होटल उद्योग सुचारु रूप से संचालित हो सके।
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देहरादून में सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग न होने से लोग परेशान, कांग्रेस का दावा – कई रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर

Dehradun News : मध्य एशिया तनाव का असर अब भारत समेत पूरे विश्व में देखने को मिल रहा है। देशभर में सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब LPG, CNG गैसों की आपूर्ति पर जनता में भय का माहौल है। समय पर सिलेंडर न मिलने और ऑनलाइन बुकिंग न होने से स्थिति और गड़बड़ा गई है।
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देहरादून में सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग न होने से लोग परेशान
देहरादून में सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग न होने से लोग परेशान हो गए हैं। सिलेंडर की किल्लत के बीच लोगों में इस बात का डर है कि कहीं उन्हें सिलेंडर ना मिले। जिस कारण लोग लंबी-लंबी कतारों में लगकर सिलेंडर भरवाने का इंतजार कर रहे हैं।
कांग्रेस का दावा सिलेंडर की किल्लत से लोग में भय
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार की विफल विदेश नीति का असर अब आम जनता पर दिखाई दे रहा है। पार्टी का कहना है कि कई स्थानों पर गैस सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग में दिक्कतें आ रही हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल है।
इसके साथ ही सिलेंडर बुकिंग की समय-सीमा 14 दिन से बढ़ाकर 25 दिन किए जाने से मध्यमवर्गीय परिवारों को परेशानी उठानी पड़ रही है। कांग्रेस का दावा है कि कई छोटे रेस्टोरेंट भी बंद होने की कगार पर हैं और देशभर में स्थिति चिंताजनक बनती जा रही है।
जिला पूर्ति अधिकारी ने कांग्रेस के दावों को किया खारिज
राजधानी देहरादून में जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि विभाग ने इन आरोपों को खारिज किया है। विभाग का कहना है कि राज्य में LPG, PNG और CNG की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और पर्याप्त है। जिला पूर्ति अधिकारी के मुताबिक वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए गैस आपूर्ति की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और तेल कंपनियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें हो रही हैं।

देहरादून में गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध
जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि राजधानी देहरादून में गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। इस समय पर अफवाहों से बचें और अनावश्यक चिंता न करें। उन्होंने बताया कि घरेलू गैस की आपूर्ति 25 दिनों के अंदर समान्य रूप से है, वहीं कमर्शियल कनेक्शन में सरकार ने प्राथमिकताएं तय की हैं जिसमे हॉस्पिटल और स्कूलों को प्राथमिकता दी जा रही है।
वहीं ऑनलाइन बुकिंग पर उन्होंने बताया कि इन पोर्टल की मॉनिटरिंग भारत सरकार के द्वारा कि जाती है अगर इनमें किसी प्रकार कि तकनीकी दिक्कतें हैं तो सरकार के संज्ञान में ये बातें लाई जाएंगी।
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