Ramnagar
गर्जिया मंदिर में दर्शनों पर लगी रोक, अगले एक महीने तक श्रद्धालु नहीं कर पाएंगे दर्शन

Ramnagar News : रामनगर के प्रसिद्ध गिरिजा देवी मंदिर में दर्शनों पर रोक लगा दी गई है। अगले एक महीने तक श्रद्धालु मंदिर के दर्शन नहीं कर सकेंगे।
Table of Contents
गर्जिया मंदिर में दर्शनों पर लगी रोक
गर्जिया मंदिर में दर्शनों पर रोक लगा दी गई है। बता दें कि इन दिनों चल रहे सुदृढ़ीकरण कार्य के चलते मुख्य मंदिर तक श्रद्धालुओं की आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी गई है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अजय कुमार जॉन ने जानकारी देते हुए बताया कि मां गिरिजा देवी के टीले को मजबूत करने का कार्य तेजी से चल रहा है। ऐसे में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं के मुख्य मंदिर तक पहुंचने पर रोक लगाई गई है।
अगले एक महीने तक श्रद्धालु नहीं कर पाएंगे दर्शन
अगले एक महीने 30 अप्रैल से 30 मई तक श्रद्धालु मां के दर्शन नहीं कर सकेंगे। हालांकि श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर के दूसरे छोर पर स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में मां गिरिजा देवी की चरण पादुका के दर्शन किए जा सकते हैं।
मंदिर के टीले में आईं दरारों को किया जा रहा है ठीक
बता दें कि साल 2010 की बाढ़ के बाद से ही गर्जिया मंदिर के टीले में दरारें आनी शुरू हो गई थीं, जो समय के साथ बढ़ती चली गईं। इससे मंदिर की संरचना को खतरा पैदा हो गया था। इसके बाद सिंचाई विभाग द्वारा लगातार मरम्मत के प्रस्ताव भेजे गए और मई 2024 में पहले चरण का कार्य पूरा किया गया।

फिलहाल दूसरे चरण का कार्य तेजी से जारी है। अधिशासी अभियंता के अनुसार, मंदिर का क्षेत्र बेहद संवेदनशील है एक ओर बहती नदी और दूसरी ओर कमजोर हो चुका टीला, जिससे कार्य करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। निर्माण कार्य के दौरान नदी के भीतर करीब 5 मीटर तक खुदाई की जा रही है, जहां लगातार पानी का रिसाव हो रहा है। ऐसे में कार्य को बेहद सावधानी के साथ अंजाम दिया जा रहा है ताकि किसी प्रकार की क्षति न हो।
15 जून तक बढ़ाई जा सकती है अवधि
उन्होंने बताया कि इससे पहले फरवरी में भी कुछ दिनों के लिए मंदिर को बंद किया गया था। वहीं 10 मार्च से 30 अप्रैल तक पूर्ण रूप से बंद रखने के आदेश दिए गए थे, लेकिन कार्य अभी हाई फ्लड लेवल (HFL) तक नहीं पहुंच पाया है। इसी को देखते हुए अब मंदिर को 30 मई तक बंद रखने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर इस अवधि को 15 जून तक भी बढ़ाया जा सकता है।
Ramnagar
रामनगर के युवक का जला हुआ शव मिलने से सनसनी, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

Ramnagar News : रामनगर के निकट स्थित करैलपुरी गांव में एक युवक का संदिग्ध परिस्थितियों में जला हुआ शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक के परिजनों ने गांव के ही कुछ लोगों पर हत्या कर शव को जलाने का आरोप लगाया है।
Table of Contents
रामनगर के युवक का जला हुआ शव मिलने से सनसनी
रामनगर करैलपुरी में गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गय,जब जंगल क्षेत्र में एक 30 वर्षीय युवक का जला हुआ शव बरामद हुआ। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। मृतक के परिजनों ने युवक की हत्या कर शव को जलाने का गंभीर आरोप लगाया है।
परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार करैलपुरी निवासी ईश्वर सिंह ने बताया कि उनका 30 वर्षीय भतीजा गुरदास बुधवार सुबह गांव के ही रहने वाले छिंदर सिंह के साथ मजदूरी के लिए गया था।
देर शाम तक जब गुरदास घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। गुरुवार सुबह गांव से कुछ दूरी पर जंगल में गुरदास का जला हुआ शव मिलने की सूचना से परिवार में कोहराम मच गया।

खौलता हुआ लहन डालकर उसकी हत्या के आरोप
मृतक के ताऊ ईश्वर सिंह का आरोप है कि छिंदर सिंह अवैध कच्ची शराब के कारोबार से जुड़ा हुआ है,उनका कहना है कि पहले गुरदास से छप्पर बंधवाया गया और बाद में उससे कच्ची शराब तैयार कराने का काम कराया गया।
इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया, जिसके बाद छिंदर सिंह और उसके साथियों ने गुरदास के साथ मारपीट की और उस पर खौलता हुआ लहन डालकर उसकी हत्या कर दी। परिजनों ने पुलिस से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग की है।
संदिग्धों को पुलिस ने लिया हिरासत
घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। कोतवाल सुशील कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने पूछताछ के लिए पांच से छह संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
Ramnagar
रामनगर में आवारा कुत्ते का आतंक, एक ही दिन में बच्चों समेत 8 लोगों को काटा, लोगों में भारी आक्रोश

Ramnagar News : रामनगर शहर के गुलरघट्टी और शक्तिनगर क्षेत्र में शनिवार देर रात एक आवारा कुत्ते ने जमकर आतंक मचा दिया, कुत्ते ने बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक करीब आठ लोगों को काट लिया, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। घटना के बाद घायल लोगों को तत्काल संयुक्त चिकित्सालय रामनगर पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया गया।
Table of Contents
रामनगर में आवारा कुत्ते का आतंक
मिली जानकारी के मुताबिक सबसे पहले मोहल्ले के बच्चों ने परिजनों को बताया कि एक आवारा कुत्ता अचानक लोगों पर हमला कर रहा है, शुरुआत में लोगों ने इसे सामान्य घटना समझा, लेकिन जब एक बच्चे को गंभीर हालत में घर लाया गया तो परिजन घबरा गए। बच्चे के शरीर पर कई जगह गहरे घाव थे,इसके बाद पता चला कि उसी कुत्ते ने क्षेत्र के कई अन्य लोगों को भी काट लिया है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कुत्ता लगातार लोगों के पीछे दौड़ रहा था और राह चलते लोगों पर हमला कर रहा था। घटना के दौरान कई बच्चे खेल रहे थे, जो अचानक कुत्ते के हमले का शिकार हो गए। कुत्ते के डर से देर रात तक क्षेत्र के लोग घरों से बाहर निकलने से बचते रहे।
एक ही दिन में बच्चों समेत 8 लोगों को काटा
संयुक्त चिकित्सालय रामनगर के चिकित्सक डॉ. तोहिद ने बताया कि रात में करीब आठ लोग अस्पताल पहुंचे थे, जिन्हें आवारा कुत्ते ने काटा था,इनमें अधिकांश बच्चे शामिल हैं। कुछ घायलों को गंभीर तरीके से काटा हैं, जबकि कुछ को मामूली जख्म हुए हैं। सभी को प्राथमिक उपचार देने के साथ एंटी-रेबीज इंजेक्शन, रेबीज सीरम और टेटनस के टीके लगाए गए हैं।
डॉ. तोहिद के अनुसार घायलों में करीब पांच छोटे बच्चे, दो किशोर और एक बुजुर्ग व्यक्ति शामिल हैं,सभी को अगले कुछ दिनों तक निगरानी और जरूरी टीकों के लिए अस्पताल की ओपीडी में बुलाया गया है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों भारी आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि शहर में लगातार आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन नगर प्रशासन इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रभावित क्षेत्रों में कोई अभियान नहीं चलाया गया। लोगों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों को पकड़ने, प्रभावित इलाकों में विशेष अभियान चलाने और बच्चों की सुरक्षा के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
Ramnagar
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में हाई अलर्ट , हरिद्वार में हुई बाघों की मौत के बाद बढ़ी चौकसी…

हरिद्वार में बाघों की मौत के बाद कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में हाई अलर्ट
रामनगर : हरिद्वार वन प्रभाग में सामने आए कथित टाइगर पोचिंग (बाघ के अवैध शिकार) मामले के बाद कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। कॉर्बेट प्रशासन ने सीमावर्ती इलाकों में चौकसी बढ़ाते हुए विशेष निगरानी अभियान शुरू कर दिया है। अगले 15 दिनों तक रिजर्व क्षेत्र में गश्त, निगरानी और इंटेलिजेंस गतिविधियों को और अधिक मजबूत किया जाएगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और विशेष अभियान
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक राहुल मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि हरिद्वार वन प्रभाग में टाइगर पोचिंग से जुड़े गंभीर मामले के बाद पूरे कॉर्बेट क्षेत्र में अलर्ट घोषित किया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:
- लॉन्ग रेंज पेट्रोलिंग और ब्लैक मार्च: संवेदनशील सीमाओं और इंटरस्टेट बॉर्डर क्षेत्रों, खासतौर पर उत्तर प्रदेश सीमा से लगे इलाकों में वन विभाग की टीमें लगातार निगरानी रखेंगी।
- रात्री गश्त और SOG सक्रिय: रात्रिकालीन गश्त को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) को एक्टिव मोड पर रखा गया है।
- छुट्टियों पर रोक: सभी रेंज अधिकारियों, एएफओ (AFO) तथा फील्ड स्टाफ को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं और फिलहाल किसी भी अधिकारी व कर्मचारी की छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है।
- लोकल इंटेलिजेंस नेटवर्क: आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी के लिए लोकल इंटेलिजेंस नेटवर्क को सक्रिय कर दिया गया है। उपनिदेशक राहुल मिश्रा ने साफ कहा है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, सूचना या मुखबिर से मिले इनपुट पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
क्या था हरिद्वार का मामला?
बीते सोमवार को हरिद्वार वन प्रभाग की श्यामपुर रेंज की सजनपुर बीट (कंपार्टमेंट संख्या नौ) में करीब दो साल की उम्र के दो बाघों के शव बरामद होने के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया था।
- घटना का कारण: पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि एक बाघिन ने उनकी भैंस का शिकार किया था। इसके बाद कथित तौर पर उसी भैंस के मांस पर खेतों में इस्तेमाल होने वाला जहरीला पदार्थ डाल दिया गया, जिसे खाने से दोनों बाघों की मौत हो गई।
- अंगों की तस्करी की कोशिश: आरोप है कि बाघों की मौत के बाद उनके पैर काटकर अंगों को बेचने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन उससे पहले ही वन विभाग ने कार्रवाई कर दी।
- कार्रवाई: इस मामले में जंगल में रहने वाले कुछ वन गुज्जरों पर जहरीला पदार्थ देकर बाघों को मारने का आरोप लगा है। जांच के दौरान चार आरोपियों के नाम सामने आए हैं, जिनमें से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि एक आरोपी अभी फरार है।
कॉर्बेट प्रशासन का कहना है कि वन्यजीव अपराधों को रोकने के लिए हर स्तर पर सख्ती बरती जाएगी और किसी भी अवैध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।







































