Politics
पीएम मोदी काशी का करेगें दौरा: 26 आईपीएस को दी सुरक्षा की जिम्मेदारी, सभी कार्यक्रम स्थल सीसी कैमरे से रहेंगे लैस।

वाराणसी – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय दौरे के दौरान एडीजी सुरक्षा रघुबीर लाल के नेतृत्व में 26 आईपीएस सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालेंगे। बरेका स्थित गेस्ट हाउस और प्रधानमंत्री के जनसभा स्थल से लगायत सभी कार्यक्रम स्थल एसपीजी के अफसरों ने अपनी निगरानी में ले लिया है। पुलिस और प्रशासन के अफसरों के साथ एसपीजी ने एडवांस सिक्योरिटी लायजनिंग (एएसएल) बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था और प्रधानमंत्री की आवाजाही से संबंधित रूट का खाका खींचा।

प्रधानमंत्री के आगमन के मद्देनजर एडीजी जोन, डीआईजी रेंज और पुलिस आयुक्त के अलावा एक डीआईजी व 22 आईपीएस बाहर से आएंगे। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था के लिए 17 एडिशनल एसपी, 58 सीओ, 60 इंस्पेक्टर, 497 सब इंस्पेक्टर, 2200 कांस्टेबल-हेड कांस्टेबल, 250 होमगार्ड और 10 कंपनी पीएसी व पांच कंपनी सीएपीएफ के जवान शनिवार को शहर पहुंच जाएंगे।
प्रधानमंत्री के सभी कार्यक्रम स्थल सीसी कैमरे से लैस रहेंगे। आतंकवाद निरोधक दस्ते के कमांडो के साथ ही बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और अग्निशमन कर्मी भी सभी कार्यक्रम स्थल पर तैनात रहेंगे। प्रधानमंत्री की आवाजाही से संबंधित रूट और कार्यक्रम स्थलों के समीप रूफ टॉप फोर्स तैनात की जाएगी।
मनो घाट पर जब तक रहेंगे पीएम, मालवीय पुल से नहीं गुजरेंगे वाहन
नमो घाट पर प्रधानमंत्री के मौजूद रहने के दौरान राजघाट स्थित मालवीय पुल से वाहन नहीं गुजरेंगे और फोर्स तैनात रहेगी। इसके साथ ही ट्रेनों का परिचालन भी नहीं होगा। रविवार की दोपहर से गंगा में नाव की बैरिकेडिंग की जाएगी। राजघाट और आदिकेशव घाट पर गंगा में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जल पुलिस की नावें इस तरह से खड़ी की जाएंगी कि प्रधानमंत्री के नमो घाट पर मौजूद रहने के दौरान आमजन की नाव उस ओर न जा सकें।
फोर्स की ब्रीफिंग और रिहर्सल
वाराणसी। प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात होने वाली फोर्स को पुलिस अफसरों ने शनिवार की सुबह पुलिस लाइंस में ब्रीफ कर उसकी ड्यूटी के बारे में बताया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री की डमी फ्लीट का ग्रैंड रिहर्सल और सेना के हेलिकॉप्टर का टच एंड गो का रिहर्सल किया गया।
Breakingnews
उत्तराखंड में बड़ा सियासी भूचाल, पूर्व सीएम हरीश रावत ने अपने सभी पदों से दिया इस्तीफा

Uttarakhand Politics : उत्तराखंंड की सियासत से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने कांग्रेस के दोनों पदों से इस्तीफा दे दिया है। जिसके बाद से उत्तराखंड में सियासी भूचाल देखने को मिल रहा है।
Table of Contents
पूर्व सीएम हरीश रावत ने अपने सभी पदों से दिया इस्तीफा
UKSSSC की वर्ष 2016 की VPDO परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद उत्तराखंड की सियासत में हलचल तेज हो गई है। ED ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के तत्कालीन ओएसडी और पीए रहे चंदन सिंह जीना से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी के साथ सोने के सिक्के, चेन और महंगी घड़ियां बरामद किए जाने की बात सामने आई।
ED की कार्रवाई के बाद देर रात इस मामले का राजनीतिक असर भी देखने को मिला। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी सदस्यता और प्रदेश कांग्रेस के स्थायी आमंत्रित सदस्य के पद से इस्तीफा देने की घोषणा की।
परीक्षाओं में गड़बड़ी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़
हरीश रावत ने कहा कि सरकारी नियुक्तियों और प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी युवाओं के भविष्य के साथ गंभीर अन्याय है। उन्होंने कहा कि अगर उनसे जाने-अनजाने में ऐसा कोई कार्य हुआ हो, जिसका असर राज्य के नौजवानों के भविष्य पर पड़ा हो, तो वो इसके लिए स्वयं को जिम्मेदार मानते हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों से अपनी कथित चूक के लिए सार्वजनिक रूप से क्षमा भी मांगी। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास नियुक्तियों या परीक्षाओं से जुड़े मामलों में उनके हस्तक्षेप अथवा संलिप्तता के कोई ठोस प्रमाण हैं, तो उन्हें जांच एजेंसियों के सामने प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
हरीश रावत ने जनता से की अपील
हरीश रावत ने अपील की कि ऐसे किसी भी प्रमाण को सीबीआई, ईडी या उत्तराखंड पुलिस को उपलब्ध कराया जाए, ताकि मामले की वास्तविकता सामने आ सके।
ED की कार्रवाई और उसके बाद हरीश रावत के इस्तीफे के ऐलान ने उत्तराखंड कांग्रेस के भीतर भी नई राजनीतिक चर्चा को जन्म दे दिया है। अब इस पूरे मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर भी नजर रहेगी।
Uttarakhand
कांग्रेस ने घोषित की नई सोशल मीडिया टीम, इन नेताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी आने वाले महीनों में कई बड़े नेताओं के दौरे कराने की तैयारी में है। इसी बीच कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने के लिए प्रदेश की सोशल मीडिया टीम में भी नई नियुक्तियां की हैं।
Table of Contents
कांग्रेस ने घोषित की नई सोशल मीडिया टीम
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सोशल मीडिया विभाग में नवनियुक्त पदाधिकारियों की नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दे दी है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए इसकी जानकारी साझा की। जारी नियुक्तियों के मुताबिक, अभिनव थापर को उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सोशल मीडिया विभाग का चेयरपर्सन बनाया गया है।

इन नेताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी
भारत शर्मा और हर्षित सिंह बिष्ट को को-चेयरपर्सन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी का मानना है कि नई टीम के जरिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संगठन की गतिविधियों और पार्टी के मुद्दों को अधिक प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाया जाएगा।
विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस संगठन स्तर पर लगातार बदलाव कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में पार्टी की चुनावी रणनीति को धार देने के लिए संगठन में कुछ और महत्वपूर्ण नियुक्तियां और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
Politics
रामलीला मैदान के कथित शुद्धीकरण पर सियासत तेज, कांग्रेस ने राज्यपाल से की कार्रवाई की मांग

Uttarakhand Politics : रामलीला मैदान में कांग्रेस के कार्यक्रम के बाद मंच के कथित शुद्धीकरण का मामला एक बार फिर गरमा गया है। कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस अब राज्यपाल के दरबार में पहुंची है और इस पर कार्रवाई की मांग की है।
Table of Contents
शुद्धीकरण विवाद पर कांग्रेस ने राज्यपाल से की कार्रवाई की मांग
हल्द्वानी रामलीला मैदान में कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यक्रम के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर मंच के शुद्धीकरण किए जाने के मामले को लेकर कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल आज राज्यपाल से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से इस मामले में राज्य सरकार को त्वरित कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की।
रामलीला मैदान के कथित शुद्धीकरण पर सियासत तेज
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम समाप्त होने के बाद तत्कालीन भाजपा नेताओं द्वारा रामलीला मैदान के मंच का शुद्धीकरण किया गया। कांग्रेस ने इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे संविधान की भावना और कानून के विपरीत बताया।

आश्वासन के बाद भी नहीं हुई ठोस कार्रवाई
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस मामले को लेकर राज्यसभा में भी आवाज उठाई गई थी। उस दौरान सदन के नेता जेपी नड्डा ने आश्वासन दिया था कि इस कृत्य में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कांग्रेस का आरोप है कि इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर में होगा आंदोलन
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मांग की कि वे राज्य सरकार को निर्देशित कर मामले में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित कराएं। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि अगल इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरू करेगी।
uttarakhand weather23 hours agoउत्तराखंड में आज सात जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, कल और परसों ऐसा रहेगा मौसम
Roorkee23 hours agoरुड़की में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, 3 नर्सिंग होम और क्लीनिक किए सील
Dehradun19 hours agoधामी कैबिनेट की बैठक समाप्त, मेडिकल इंटर्न और खिलाड़ियों कौ सौगात, पढ़ें सभी फैसले
Dehradun22 hours agoस्वाइन फ्लू ने बढ़ाई टेंशन, आंकड़ा पहुंचा 400 पार, महिलाओं से ज्यादा पुरुष ज्यादा चपेट में
Pauri16 hours agoपौड़ी गढ़वाल में NSUI का डंका, अध्यक्ष समेत 3 बड़े पदों पर दर्ज की धमाकेदार जीत
Breakingnews7 minutes agoउत्तराखंड में बड़ा सियासी भूचाल, पूर्व सीएम हरीश रावत ने अपने सभी पदों से दिया इस्तीफा





































