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RBI Monetary Policy June 2026: अनिश्चित वैश्विक माहौल के बीच रेपो रेट 5.25% पर स्थिर; विकास दर का अनुमान घटाकर 6.6% किया गया..

RBI Monetary Policy June 2026 Overview
नई दिल्ली: वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और घरेलू मोर्चे पर मौसम की अनिश्चितताओं के बीच, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने अपनी जून 2026 की त्रैमासिक समीक्षा बैठक के नतीजे घोषित कर दिए हैं। चालू वित्त वर्ष की इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय बैंक ने एक बार फिर सतर्क रुख अपनाते हुए नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है।
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुवाई में हुई छह सदस्यीय समिति की बैठक में सर्वसम्मति से रेपो रेट (Repo Rate) को 5.25% पर बरकरार रखने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही, मौद्रिक रुख (Policy Stance) को भी ‘न्यूट्रल’ (तटस्थ) बनाए रखा गया है। हालांकि, पश्चिम एशिया संकट और अल नीनो (El Nino) के उभरते जोखिमों को देखते हुए केंद्रीय बैंक ने आर्थिक विकास दर (GDP Growth) के अनुमान को घटा दिया है।
नीतिगत फैसले के मुख्य बिंदु (Key Directives)
आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता देते हुए आरबीआई ने निम्नलिखित मुख्य घोषणाएं की हैं:
| संकेतक (Indicators) | वर्तमान स्थिति (June 2026) | पिछला रुख / अनुमान |
| रेपो रेट (Repo Rate) | 5.25% | 5.25% (यथावत) |
| पॉलिसी स्टांस (Stance) | न्यूट्रल (Neutral) | न्यूट्रल |
| FY27 जीडीपी ग्रोथ अनुमान | 6.6% | 6.9% (कटौती की गई) |
| FY27 खुदरा महंगाई अनुमान | 5.1% | 4.6% (बढ़ोतरी की गई) |
| विदेशी मुद्रा भंडार | $682.2 अरब | ऐतिहासिक रूप से मजबूत |
रेपो रेट को स्थिर रखने के पीछे का गणित
फरवरी 2025 में ब्याज दरों में कटौती का सिलसिला शुरू होने के बाद से आरबीआई अब तक कुल 1.25% (125 बेसिस प्वाइंट) की कटौती कर चुका है। पिछली कटौतियों के बाद से रेपो दर 5.25% पर टिकी हुई है।
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि भले ही घरेलू स्तर पर खुदरा महंगाई इस समय नियंत्रण में दिख रही है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और सप्लाई चेन की बाधाओं को देखते हुए दरों में और कटौती करना जोखिम भरा हो सकता था। केंद्रीय बैंक इस समय ‘रुको और देखो’ की रणनीति पर चल रहा है ताकि पिछली कटौतियों का असर बाजार में पूरी तरह से दिखाई दे सके।
जीडीपी (GDP) वृद्धि दर के अनुमान में गिरावट क्यों?
जून 2026 की इस नीतिगत समीक्षा में सबसे बड़ा बदलाव भारत की विकास दर के अनुमान में देखने को मिला है। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को 6.9% से घटाकर 6.6% कर दिया है।
केंद्रीय बैंक ने इसके लिए मुख्य रूप से तीन बड़े जोखिमों को जिम्मेदार ठहराया है:
- पश्चिम एशिया संकट (Middle East Conflict): इस क्षेत्र में जारी तनाव के कारण वैश्विक माल ढुलाई (Freight Costs) और बीमा लागतों में भारी वृद्धि हुई है, जिससे भारतीय निर्यात और आयात दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
- इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी: कच्चे तेल और अन्य औद्योगिक कमोडिटीज की कीमतों में अस्थिरता के चलते मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की लागत बढ़ रही है।
- कमजोर मानसून का साया: देश में अल नीनो (El Nino) की स्थितियां विकसित हो रही हैं। इसके कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून के असमान रहने की आशंका है, जो सीधे तौर पर कृषि उत्पादन और ग्रामीण इलाकों में मांग को प्रभावित कर सकता है।
आरबीआई के अनुमान के मुताबिक, आगामी तिमाहियों में जीडीपी ग्रोथ की रफ्तार कुछ इस तरह रह सकती है:
- Q1 (अप्रैल-जून): 6.6%
- Q2 (जुलाई-सितंबर): 6.3%
- Q3 (अक्टूबर-दिसंबर): 6.5%
- Q4 (जनवरी-मार्च): 6.8%
महंगाई का मोर्चा: अनुमान में 50 बेसिस प्वाइंट की वृद्धि
आरबीआई को खुदरा महंगाई (CPI Inflation) को 4% के दायरे में रखने का वैधानिक दायित्व मिला हुआ है। अप्रैल 2026 में यह आंकड़ा 3.48% पर था, जो संतोषजनक है। लेकिन थोक मूल्यों (WPI) और ईंधन की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी ने केंद्रीय बैंक को सतर्क कर दिया है।
यही वजह है कि आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई के अनुमान को बढ़ाकर 5.1% कर दिया है, जो पहले के अनुमान से 0.50% अधिक है। त्योहारों के सीजन (तिमाही 3) में इसके 5.9% के उच्चतम स्तर पर पहुंचने की आशंका जताई गई है, जो आरबीआई की ऊपरी सीमा (6%) के बेहद करीब है।
रुपये की विनिमय दर और विदेशी पूंजी को बढ़ावा
हाल के महीनों में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये (INR) में देखे गए उतार-चढ़ाव पर गवर्नर ने कहा कि केंद्रीय बैंक रुपये के किसी विशेष स्तर को लक्षित नहीं करता है। भारतीय मुद्रा का मूल्य बाजार की ताकतों द्वारा ही तय होता है। हालांकि, उन्होंने सट्टेबाजी के दबावों और अत्यधिक अस्थिरता को रोकने के लिए बाजार में हस्तक्षेप करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
वर्तमान में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार $682.2 अरब के रिकॉर्ड स्तर पर है, जो 11 महीने से अधिक के आयात को कवर करने के लिए पर्याप्त है। विदेशी पूंजी प्रवाह (Foreign Capital Flows) को और तेज करने के लिए आरबीआई ने दो बड़े नीतिगत सुधारों की घोषणा की है:
- सरकारी प्रतिभूतियों (G-Sec) का दायरा बढ़ाना: फुली एक्सेसिबल रूट (FAR) के तहत विदेशी निवेशकों के लिए अब 15, 30 और 40 वर्ष की लंबी अवधि वाले सरकारी बॉन्ड्स को भी शामिल कर लिया गया है।
- रियायती फॉरेक्स स्वैप विंडो: सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) द्वारा बाहरी वाणिज्यिक उधार (ECB) को बढ़ावा देने के लिए 13 सितंबर 2026 तक एक विशेष रियायती स्वैप सुविधा दी जाएगी।
आम जनता और रीयल एस्टेट सेक्टर पर प्रभाव
नीतिगत दरों में बदलाव न होने का सीधा मतलब है कि आम उपभोक्ताओं के होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन की ईएमआई (EMI) में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। मध्यम वर्ग और पहली बार घर खरीदने वाले ग्राहकों के लिए यह एक बड़ी राहत है, क्योंकि ब्याज दरों में स्थिरता से रीयल एस्टेट मार्केट में चल रही खरीदारी की रफ्तार बनी रहेगी। डेवलपर्स और बिल्डर्स ने भी इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि इससे उनकी ऋण लागत स्थिर रहेगी और नए प्रोजेक्ट्स में निवेश को बल मिलेगा।
आर्थिक विश्लेषकों और बाजार विशेषज्ञों का नजरिया
आरबीआई के इस कदम पर उद्योग जगत और अर्थशास्त्रियों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है:
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के चेयरमैन सी. एस. शेट्टी के अनुसार, “वैश्विक चुनौतियों को देखते हुए दरों को स्थिर रखना एक परिपक्व फैसला है। बाजार को पहले से ही इस बात का अंदेशा था और यह कदम बैंकिंग प्रणाली में लिक्विडिटी (तरलता) को संतुलित बनाए रखेगा।”
डीबीएस बैंक (DBS Bank) की सीनियर इकोनॉमिस्ट राधिका राव ने अपनी रिपोर्ट में संकेत दिया है कि भले ही जून में दरों को नहीं बदला गया है, लेकिन वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जमीन तैयार हो रही है। यदि कच्चा तेल $100 प्रति बैरल के ऊपर बना रहता है और खुदरा महंगाई 5% को पार करती है, तो आगामी तिमाहियों में आरबीआई को दरों में 75 से 100 बेसिस प्वाइंट तक की बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है।
निष्कर्ष
आरबीआई मौद्रिक नीति जून 2026 के फैसलों से यह साफ झलकता है कि केंद्रीय बैंक इस समय त्वरित आर्थिक विकास की तुलना में व्यापक आर्थिक स्थिरता (Macroeconomic Stability) को अधिक प्राथमिकता दे रहा है। भू-राजनीतिक मोर्चे पर जारी युद्ध और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए लगातार परीक्षा ले रही हैं।
वर्तमान में ब्याज दरों का न बढ़ना कॉर्पोरेट जगत और आम जनता दोनों के लिए फौरी राहत जरूर है, लेकिन विकास दर के अनुमान में की गई कटौती यह संकेत देती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था को आने वाले दिनों में फूंक-फूंक कर कदम बढ़ाना होगा। यदि आने वाले महीनों में वैश्विक हालात और नहीं बिगड़ते हैं, तभी देश इस संशोधित विकास लक्ष्य को हासिल करने में सफल हो पाएगा।
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IND vs ENG Dream11 Prediction 3rd ODI 2026: प्लेइंग XI और ड्रीम11 टीम (19-07-2026)

IND vs ENG Dream11 Prediction 3rd ODI 2026
- मैच: भारत बनाम इंग्लैंड (IND vs ENG), तीसरा वनडे (3rd ODI)
- दिनांक और समय: 19 जुलाई, 2026 | दोपहर 3:30 बजे (IST)
- स्थान: लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड, लंदन (Lord’s, London)
- श्रृंखला की स्थिति: 3 मैचों की सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है। यह मैच सीरीज का निर्णायक (Decider) मुकाबला है।
- मुख्य फैंटेसी पिक: शुभमन गिल, हैरी ब्रुक, जो रूट, जसप्रित बुमराह, जोस बटलर।
- विजेता प्रेडिक्शन: लॉर्ड्स की परिस्थितियों और हालिया फॉर्म को देखते हुए इंग्लैंड को घरेलू मैदान पर मामूली बढ़त हासिल है, लेकिन भारतीय टीम कड़ी टक्कर देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
Table of Contents
IND vs ENG Dream11 Prediction 3rd ODI 2026 Overview
भारत और इंग्लैंड के बीच 2026 वनडे सीरीज का कारवां अपने अंतिम और सबसे रोमांचक पड़ाव पर पहुंच चुका है। पहले वनडे में टीम इंडिया ने 6 विकेट से शानदार जीत दर्ज की थी, जबकि दूसरे वनडे में इंग्लैंड ने जोरदार वापसी करते हुए 4 विकेट से मुकाबला अपने नाम किया। लॉर्ड्स का ऐतिहासिक मैदान हमेशा से बल्लेबाजों और तेज गेंदबाजों दोनों को संतुलित मदद प्रदान करता है। शुरुआत में यहाँ की हरी घास स्विंग गेंदबाजों को फायदा पहुंचाएगी, जिससे जसप्रित बुमराह और जोफ्रा आर्चर जैसे गेंदबाज पावरप्ले में बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। मध्यक्रम में जो रूट और केएल राहुल जैसे तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाज फैंटेसी पॉइंट्स के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प होंगे। टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना पसंद कर सकती है, क्योंकि शुरुआती ओवरों में विकेट गिरने का जोखिम अधिक रहता है।
IND vs ENG 3rd ODI 2026: मैच विवरण
भारत का इंग्लैंड दौरा अब अपने सबसे बड़े मुकाबले की ओर बढ़ रहा है। 5 मैचों की टी20 सीरीज को 4-1 से जीतने के बाद इंग्लैंड ने वनडे सीरीज में भी अपना दबदबा बनाने की कोशिश की है, लेकिन युवा कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई वाली भारतीय टीम सीरीज गंवाने के मूड में बिल्कुल नहीं है।
- मैच: इंग्लैंड बनाम भारत, तीसरा वनडे
- तारीख: 19 जुलाई, 2026 (रविवार)
- समय: दोपहर 3:30 बजे IST (11:00 AM LOCAL)
- लाइव स्ट्रीमिंग: JioHotstar
- टीवी प्रसारण: Sony Sports Network
लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पिच रिपोर्ट (Pitch Report)
लंदन का ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान अपनी ढलान (Slope) और पारंपरिक पिचों के लिए जाना जाता है। यहाँ की पिच की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- शुरुआती स्विंग: मैच की शुरुआत में तेज गेंदबाजों को पिच से अच्छी सीम और स्विंग मिलती है। बादलों वाले मौसम में यह प्रभाव दोगुना हो जाता है।
- बल्लेबाजी के अनुकूल: एक बार जब गेंद पुरानी हो जाती है, तो लॉर्ड्स की पिच पर स्ट्रोक खेलना आसान हो जाता है। आउटफील्ड काफी तेज है, जिसका फायदा बल्लेबाजों को मिलता है।
- स्पिनर्स की भूमिका: जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ता है, पिच सूखी होने पर स्पिनर्स (जैसे कुलदीप यादव और आदिल राशिद) को ग्रिप और टर्न मिल सकता है।
- टॉस का महत्व: यहाँ पहले गेंदबाजी करना एक अच्छा फैसला माना जाता है, ताकि शुरुआती नमी का फायदा उठाया जा सके।
- औसत पहली पारी का स्कोर: 250 – 270 runs
- रिकॉर्ड: पहले गेंदबाजी करने वाली टीमों ने यहाँ हाल के दिनों में अधिक मैच जीते हैं।
दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग XI (Predicted Playing XI)
🇮🇳 भारत (India) संभावित XI:
- रोहित शर्मा (अनुभवी सलामी बल्लेबाज)
- शुभमन गिल (कप्तान) (शानदार फॉर्म में)
- विराट कोहली (वनडे के दिग्गज)
- श्रेयस अय्यर (मध्यक्रम की रीढ़)
- केएल राहुल (विकेटकीपर) (तकनीकी रूप से मजबूत)
- अक्षर पटेल (ऑलराउंडर)
- वाशिंगटन सुंदर (ऑलराउंडर)
- शिवम् दुबे (ऑलराउंडर)
- गुरनूर बरार (तेज गेंदबाज)
- जसप्रित बुमराह (प्रमुख तेज गेंदबाज)
- प्रसिद्ध कृष्णा (तेज गेंदबाज)
🏴 इंग्लैंड (England) संभावित XI:
- जैकब बेथेल (युवा ऑलराउंडर)
- बेन डकेट (सलामी बल्लेबाज)
- जो रूट (एंकर बल्लेबाज)
- हैरी ब्रुक (कप्तान) (शानदार फॉर्म)
- जोस बटलर (विकेटकीपर) (एक्स-फैक्टर)
- विल जैकस (ऑलराउंडर)
- सैम करन (ऑलराउंडर)
- जॉफ्रा आर्चर (एक्सप्रेस पेस)
- साकिब महमूद (तेज गेंदबाज)
- गस एटकिंसन (तेज गेंदबाज)
- आदिल राशिद (लेग स्पिनर)
IND vs ENG हेड-टू-हेड रिकॉर्ड (Head to Head ODI Records)
भारत और इंग्लैंड के बीच वनडे क्रिकेट का इतिहास बेहद रोमांचक रहा है। कुल मैचों की बात करें तो दोनों टीमें हमेशा एक-दूसरे को कड़ी टक्कर देती आई हैं। इंग्लैंड में भारत का रिकॉर्ड चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन मौजूदा टीम किसी भी परिस्थिति में जीतने का माद्दा रखती है। इस सीरीज में भी दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर हैं, जो यह साबित करता है कि लॉर्ड्स में मुकाबला कांटे का होने वाला है।
फैंटेसी क्रिकेट टिप्स: मुख्य खिलाड़ी (Top Picks for Dream11)
1. शुभमन गिल (भारत)
भारतीय कप्तान वनडे फॉर्मेट में बेहद निरंतर रहे हैं। पहले दो मैचों में उन्होंने ठोस शुरुआत दी है। लॉर्ड्स की पिच पर उनकी क्लासिक बल्लेबाजी तकनीक टीम के लिए बड़ी पारी का आधार बन सकती है।
2. हैरी ब्रुक (इंग्लैंड)
इंग्लैंड के नए कप्तान हैरी ब्रुक इस समय बेहतरीन फॉर्म में हैं। वे मध्यक्रम में आकर तेजी से रन बनाने और पारी को संभालने दोनों में सक्षम हैं। फैंटेसी टीम में इन्हें छोड़ना भारी पड़ सकता है।
3. जो रूट (इंग्लैंड)
लॉर्ड्स के मैदान पर जो रूट का रिकॉर्ड बेमिसाल है। जब बात वनडे क्रिकेट में पारी को बुनने की आती है, तो रूट से बेहतर कोई नहीं। वे पार्ट-टाइम स्पिन से भी पॉइंट्स दिला सकते हैं।
4. जसप्रित बुमराह (भारत)
दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाज बुमराह शुरुआती ओवरों में स्विंग और डेथ ओवरों में यॉर्कर फेंकने के लिए जाने जाते हैं। लॉर्ड्स की शुरुआती परिस्थितियों में वे इंग्लैंड के टॉप ऑर्डर को ध्वस्त कर सकते हैं।
5. जोस बटलर (इंग्लैंड)
बटलर एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो चंद ओवरों में मैच का पासा पलट सकते हैं। विकेटकीपिंग से मिलने वाले कैच और स्टंपिंग के पॉइंट्स उनके महत्व को और बढ़ा देते हैं।
कप्तान और उप-कप्तान के लिए सर्वश्रेष्ठ विकल्प (Captain & Vice-Captain Choices)
ड्रीम11 में सही कप्तान (C) और उप-कप्तान (VC) का चुनाव ही आपको विजेता बनाता है। इस मैच के लिए सबसे सुरक्षित और रिस्की विकल्प नीचे दिए गए हैं:
- सुरक्षित विकल्प (Safe Choices):
- कप्तान: जो रूट, शुभमन गिल
- उप-कप्तान: विराट कोहली, हैरी ब्रुक
- जोखिम भरे/डिफरेंशियल विकल्प (Risky/GPP Choices):
- कप्तान: जसप्रित बुमराह (यदि भारत पहले गेंदबाजी करता है)
- उप-कप्तान: जोफ्रा आर्चर / सैम करन
IND vs ENG Dream11 फैंटेसी टीम प्रेडिक्शन (Grand League & Small League)
यहाँ हमने आपकी मदद के लिए दो सर्वश्रेष्ठ ड्रीम11 टीमें तैयार की हैं:
टीम 1: स्मॉल लीग और हेड-टू-हेड के लिए (Safe Team)
- विकेटकीपर: जोस बटलर, केएल राहुल
- बल्लेबाज: विराट कोहली, जो रूट (C), शुभमन गिल (VC), हैरी ब्रुक
- ऑलराउंडर: सैम करन, अक्षर पटेल
- गेंदबाज: जसप्रित बुमराह, जोफ्रा आर्चर, सकीब महमूद
टीम 2: ग्रैंड लीग के लिए (Mega Contest/Risky Team)
- विकेटकीपर: जोस बटलर
- बल्लेबाज: रोहित शर्मा, बेन डकेट, श्रेयस अय्यर, हैरी ब्रुक (C)
- ऑलराउंडर: सैम करन, वाशिंगटन सुंदर
- गेंदबाज: जसप्रित बुमराह (VC), आदिल राशिद, गस एटकिंसन, गुरनूर बरार
मैच प्रेडिक्शन: कौन जीतेगा तीसरा वनडे?
यह मैच बेहद करीबी होने की उम्मीद है। इंग्लैंड को अपने घरेलू मैदान और लॉर्ड्स की परिस्थितियों का फायदा मिलेगा। हालांकि, भारतीय टीम की बल्लेबाजी में गहराई और जसप्रित बुमराह की अगुवाई वाला गेंदबाजी आक्रमण इंग्लैंड के लिए बड़ी चुनौती होगा।
अनुमान: जो भी टीम टॉस जीतेगी और पहले गेंदबाजी करेगी, उसके जीतने की संभावना 60% तक बढ़ जाएगी। कुल मिलाकर, इंग्लैंड को इस निर्णायक मैच में घरेलू परिस्थितियों के कारण 51-49 की मामूली बढ़त हासिल है।
निष्कर्ष (Conclusion)
IND vs ENG 3rd ODI 2026 फैंटेसी क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक जैकपॉट मैच साबित हो सकता है। लॉर्ड्स की पिच पर सही संतुलन बनाना महत्वपूर्ण है। अपनी ड्रीम11 टीम बनाते समय शुरुआती गेंदबाजों और तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाजों को प्राथमिकता दें। टॉस के बाद अंतिम प्लेइंग XI और मौसम की स्थिति को देखकर ही अपनी टीम में बदलाव करें।
Disclaimer: फैंटेसी क्रिकेट में वित्तीय जोखिम शामिल है। कृपया अपनी समझदारी और जिम्मेदारी से खेलें।
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उत्तराखंड में लाउडस्पीकरों पर धामी सरकार का बड़ा एक्शन, कई धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर

Uttarakhand News : उत्तराखंड में लाउडस्पीकरों पर धामी सरकार का बड़ा एक्शन देखने को मिला है। देहरादून से लेकर ऊधम सिंह नगर तक प्रशासन का सख्त अभियान चला। कई धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाए गए और साफ संदेश दिया गया है कि अब नियम तोड़ने पर होगी कानूनी कार्रवाई।
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उत्तराखंड में लाउडस्पीकरों पर धामी सरकार का बड़ा एक्शन
सुप्रीम कोर्ट के ध्वनि प्रदूषण संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में उत्तराखंड में प्रशासन एक्शन मोड में नजर आया। देहरादून और ऊधम सिंह नगर समेत कई जिलों में बिना अनुमति और तय ध्वनि सीमा से अधिक आवाज में संचालित लाउडस्पीकरों के खिलाफ अभियान चलाया गया।
कई धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर
देहरादून में पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीम ने विभिन्न धार्मिक स्थलों का निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान 43 धार्मिक स्थलों से नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए लाउडस्पीकर हटाए गए।
वहीं ऊधम सिंह नगर में भी एसएसपी अजय गणपति के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई हुई। खटीमा में चार मस्जिदों से सात लाउडस्पीकर हटाए गए, जबकि खटीमा और किच्छा में पुलिस एक्ट की धारा 81 के तहत चालान भी किए गए।

10 बजे से सुबह 6 बजे तक ‘साइलेंस आवर’
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ‘साइलेंस आवर’ का सख्ती से पालन कराया जाएगा। एसएसपी देहरादून प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने कहा कि ये अभियान सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए चलाया गया है। साथ ही भविष्य में बिना अनुमति या नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
धामी सरकार का संदेश साफ कानून सबके लिए बराबर
“धामी सरकार का संदेश साफ है—कानून सबके लिए बराबर है। चाहे कोई भी हो, ध्वनि प्रदूषण के नियम तोड़े तो कार्रवाई तय है।” ध्वनि प्रदूषण पर लगाम और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह अभियान और कितने जिलों तक पहुंचता है। ऐसी ही हर बड़ी खबर के लिए जुड़े रहिए जनमंच टीवी के साथ और हमारे पेज को फॉलो करना बिल्कुल ना भूलें।
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Earthquake : उत्तरकाशी में महसूस हुए भूकंप के हल्के झटके, लोग घरों से बाहर निकले

Earthquake in Uttarkashi : उत्तराखंड में एक बार फिर भूकंप के कारण धरती डोली है। उत्तरकाशी में गुरुवार रात भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। जिसके बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
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उत्तरकाशी में महसूस हुए भूकंप के हल्के झटके
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में गुरुवार को भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। जिससे कुछ समय के लिए लोगों में दहशत का माहौल बन गया। भटवाड़ी विकासखंड मुख्यालय और आसपास के इलाकों में जैसे ही धरती कांपी।
लोग घरों से बाहर निकले
भूकंप के कारण एहतियात के तौर पर कई लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। हालांकि, झटके कुछ ही सेकंड तक रहे और जल्द ही स्थिति सामान्य हो गई। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार, भूकंप का केंद्र भटवाड़ी तहसील के पिलंग गांव के जंगलों में स्थित था।

भूकंप की गहराई जमीन से करीब 7 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई, जबकि इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.5 मापी गई। कम तीव्रता होने के कारण जिले के अन्य हिस्सों में इसका असर सीमित रहा।
लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
भूकंप की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने तत्काल स्थिति का जायजा लेना शुरू कर दिया। सभी संबंधित तहसीलों, पुलिस थानों और विभागों से संपर्क कर हालात की जानकारी जुटाई गई।
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप से जिले में कहीं भी जनहानि, भवनों को नुकसान या किसी अन्य प्रकार की क्षति की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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