Breakingnews
RBI Monetary Policy June 2026: अनिश्चित वैश्विक माहौल के बीच रेपो रेट 5.25% पर स्थिर; विकास दर का अनुमान घटाकर 6.6% किया गया..

RBI Monetary Policy June 2026 Overview
नई दिल्ली: वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और घरेलू मोर्चे पर मौसम की अनिश्चितताओं के बीच, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने अपनी जून 2026 की त्रैमासिक समीक्षा बैठक के नतीजे घोषित कर दिए हैं। चालू वित्त वर्ष की इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय बैंक ने एक बार फिर सतर्क रुख अपनाते हुए नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है।
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुवाई में हुई छह सदस्यीय समिति की बैठक में सर्वसम्मति से रेपो रेट (Repo Rate) को 5.25% पर बरकरार रखने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही, मौद्रिक रुख (Policy Stance) को भी ‘न्यूट्रल’ (तटस्थ) बनाए रखा गया है। हालांकि, पश्चिम एशिया संकट और अल नीनो (El Nino) के उभरते जोखिमों को देखते हुए केंद्रीय बैंक ने आर्थिक विकास दर (GDP Growth) के अनुमान को घटा दिया है।
नीतिगत फैसले के मुख्य बिंदु (Key Directives)
आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता देते हुए आरबीआई ने निम्नलिखित मुख्य घोषणाएं की हैं:
| संकेतक (Indicators) | वर्तमान स्थिति (June 2026) | पिछला रुख / अनुमान |
| रेपो रेट (Repo Rate) | 5.25% | 5.25% (यथावत) |
| पॉलिसी स्टांस (Stance) | न्यूट्रल (Neutral) | न्यूट्रल |
| FY27 जीडीपी ग्रोथ अनुमान | 6.6% | 6.9% (कटौती की गई) |
| FY27 खुदरा महंगाई अनुमान | 5.1% | 4.6% (बढ़ोतरी की गई) |
| विदेशी मुद्रा भंडार | $682.2 अरब | ऐतिहासिक रूप से मजबूत |
रेपो रेट को स्थिर रखने के पीछे का गणित
फरवरी 2025 में ब्याज दरों में कटौती का सिलसिला शुरू होने के बाद से आरबीआई अब तक कुल 1.25% (125 बेसिस प्वाइंट) की कटौती कर चुका है। पिछली कटौतियों के बाद से रेपो दर 5.25% पर टिकी हुई है।
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि भले ही घरेलू स्तर पर खुदरा महंगाई इस समय नियंत्रण में दिख रही है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और सप्लाई चेन की बाधाओं को देखते हुए दरों में और कटौती करना जोखिम भरा हो सकता था। केंद्रीय बैंक इस समय ‘रुको और देखो’ की रणनीति पर चल रहा है ताकि पिछली कटौतियों का असर बाजार में पूरी तरह से दिखाई दे सके।
जीडीपी (GDP) वृद्धि दर के अनुमान में गिरावट क्यों?
जून 2026 की इस नीतिगत समीक्षा में सबसे बड़ा बदलाव भारत की विकास दर के अनुमान में देखने को मिला है। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को 6.9% से घटाकर 6.6% कर दिया है।
केंद्रीय बैंक ने इसके लिए मुख्य रूप से तीन बड़े जोखिमों को जिम्मेदार ठहराया है:
- पश्चिम एशिया संकट (Middle East Conflict): इस क्षेत्र में जारी तनाव के कारण वैश्विक माल ढुलाई (Freight Costs) और बीमा लागतों में भारी वृद्धि हुई है, जिससे भारतीय निर्यात और आयात दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
- इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी: कच्चे तेल और अन्य औद्योगिक कमोडिटीज की कीमतों में अस्थिरता के चलते मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की लागत बढ़ रही है।
- कमजोर मानसून का साया: देश में अल नीनो (El Nino) की स्थितियां विकसित हो रही हैं। इसके कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून के असमान रहने की आशंका है, जो सीधे तौर पर कृषि उत्पादन और ग्रामीण इलाकों में मांग को प्रभावित कर सकता है।
आरबीआई के अनुमान के मुताबिक, आगामी तिमाहियों में जीडीपी ग्रोथ की रफ्तार कुछ इस तरह रह सकती है:
- Q1 (अप्रैल-जून): 6.6%
- Q2 (जुलाई-सितंबर): 6.3%
- Q3 (अक्टूबर-दिसंबर): 6.5%
- Q4 (जनवरी-मार्च): 6.8%
महंगाई का मोर्चा: अनुमान में 50 बेसिस प्वाइंट की वृद्धि
आरबीआई को खुदरा महंगाई (CPI Inflation) को 4% के दायरे में रखने का वैधानिक दायित्व मिला हुआ है। अप्रैल 2026 में यह आंकड़ा 3.48% पर था, जो संतोषजनक है। लेकिन थोक मूल्यों (WPI) और ईंधन की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी ने केंद्रीय बैंक को सतर्क कर दिया है।
यही वजह है कि आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई के अनुमान को बढ़ाकर 5.1% कर दिया है, जो पहले के अनुमान से 0.50% अधिक है। त्योहारों के सीजन (तिमाही 3) में इसके 5.9% के उच्चतम स्तर पर पहुंचने की आशंका जताई गई है, जो आरबीआई की ऊपरी सीमा (6%) के बेहद करीब है।
रुपये की विनिमय दर और विदेशी पूंजी को बढ़ावा
हाल के महीनों में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये (INR) में देखे गए उतार-चढ़ाव पर गवर्नर ने कहा कि केंद्रीय बैंक रुपये के किसी विशेष स्तर को लक्षित नहीं करता है। भारतीय मुद्रा का मूल्य बाजार की ताकतों द्वारा ही तय होता है। हालांकि, उन्होंने सट्टेबाजी के दबावों और अत्यधिक अस्थिरता को रोकने के लिए बाजार में हस्तक्षेप करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
वर्तमान में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार $682.2 अरब के रिकॉर्ड स्तर पर है, जो 11 महीने से अधिक के आयात को कवर करने के लिए पर्याप्त है। विदेशी पूंजी प्रवाह (Foreign Capital Flows) को और तेज करने के लिए आरबीआई ने दो बड़े नीतिगत सुधारों की घोषणा की है:
- सरकारी प्रतिभूतियों (G-Sec) का दायरा बढ़ाना: फुली एक्सेसिबल रूट (FAR) के तहत विदेशी निवेशकों के लिए अब 15, 30 और 40 वर्ष की लंबी अवधि वाले सरकारी बॉन्ड्स को भी शामिल कर लिया गया है।
- रियायती फॉरेक्स स्वैप विंडो: सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) द्वारा बाहरी वाणिज्यिक उधार (ECB) को बढ़ावा देने के लिए 13 सितंबर 2026 तक एक विशेष रियायती स्वैप सुविधा दी जाएगी।
आम जनता और रीयल एस्टेट सेक्टर पर प्रभाव
नीतिगत दरों में बदलाव न होने का सीधा मतलब है कि आम उपभोक्ताओं के होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन की ईएमआई (EMI) में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। मध्यम वर्ग और पहली बार घर खरीदने वाले ग्राहकों के लिए यह एक बड़ी राहत है, क्योंकि ब्याज दरों में स्थिरता से रीयल एस्टेट मार्केट में चल रही खरीदारी की रफ्तार बनी रहेगी। डेवलपर्स और बिल्डर्स ने भी इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि इससे उनकी ऋण लागत स्थिर रहेगी और नए प्रोजेक्ट्स में निवेश को बल मिलेगा।
आर्थिक विश्लेषकों और बाजार विशेषज्ञों का नजरिया
आरबीआई के इस कदम पर उद्योग जगत और अर्थशास्त्रियों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है:
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के चेयरमैन सी. एस. शेट्टी के अनुसार, “वैश्विक चुनौतियों को देखते हुए दरों को स्थिर रखना एक परिपक्व फैसला है। बाजार को पहले से ही इस बात का अंदेशा था और यह कदम बैंकिंग प्रणाली में लिक्विडिटी (तरलता) को संतुलित बनाए रखेगा।”
डीबीएस बैंक (DBS Bank) की सीनियर इकोनॉमिस्ट राधिका राव ने अपनी रिपोर्ट में संकेत दिया है कि भले ही जून में दरों को नहीं बदला गया है, लेकिन वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जमीन तैयार हो रही है। यदि कच्चा तेल $100 प्रति बैरल के ऊपर बना रहता है और खुदरा महंगाई 5% को पार करती है, तो आगामी तिमाहियों में आरबीआई को दरों में 75 से 100 बेसिस प्वाइंट तक की बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है।
निष्कर्ष
आरबीआई मौद्रिक नीति जून 2026 के फैसलों से यह साफ झलकता है कि केंद्रीय बैंक इस समय त्वरित आर्थिक विकास की तुलना में व्यापक आर्थिक स्थिरता (Macroeconomic Stability) को अधिक प्राथमिकता दे रहा है। भू-राजनीतिक मोर्चे पर जारी युद्ध और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए लगातार परीक्षा ले रही हैं।
वर्तमान में ब्याज दरों का न बढ़ना कॉर्पोरेट जगत और आम जनता दोनों के लिए फौरी राहत जरूर है, लेकिन विकास दर के अनुमान में की गई कटौती यह संकेत देती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था को आने वाले दिनों में फूंक-फूंक कर कदम बढ़ाना होगा। यदि आने वाले महीनों में वैश्विक हालात और नहीं बिगड़ते हैं, तभी देश इस संशोधित विकास लक्ष्य को हासिल करने में सफल हो पाएगा।
Breakingnews
पूर्व CM हरीश रावत के PA रहे चंदन सिंह जीना के घर ED का छापा, रेड के बाद प्रदेश में सियासी भूचाल

Dehradun News : UKSSSC की वर्ष 2016 की वीपीडीओ परीक्षा में कथित धांधली से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व PA और OSD रहे चंदन सिंह जीना के देहरादून स्थित आवास पर छापा मारा।
Table of Contents
पूर्व CM हरीश रावत के PA रहे चंदन सिंह जीना के घर ED का छापा
तलाशी के दौरान ईडी को करीब 32 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी, 200.5 ग्राम सोना और 12 लग्जरी घड़ियां मिलीं। बरामद सोने में 13 सिक्के और 7 चेन शामिल हैं। घड़ियों में Rolex, Rado, Piaget, Movado, Tissot और Casio Edifice जैसे ब्रांड बताए गए हैं।
इसके अलावा जीना और उनके परिवार के बैंक खातों में मौजूद 52.16 लाख रुपये फ्रीज किए गए हैं। ईडी ने उनका मोबाइल फोन भी फोरेंसिक जांच के लिए कब्जे में लिया है।

पहले विजिलेंस फिर एसटीएफ ने की थी मामले की जांच
वीपीडीओ परीक्षा-2016 में अनियमितताओं की जांच पहले विजिलेंस और बाद में एसटीएफ ने की थी। पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों और मनी ट्रेल के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। इसी क्रम में ईडी ने गुरुवार को कई आरोपियों और परीक्षा आयोजित कराने वाली कंपनी से जुड़े लोगों के ठिकानों पर भी तलाशी ली।
रेड के बाद प्रदेश में सियासी भूचाल
देर रात हुई इस रेड के बाद से उत्तराखंड में सियासी भूचाल मच गया है। पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीशा रावत ने कांग्रेस के अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। हरीश रावत ने इसकी जानकारी अपने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए देर रात दी।
Breakingnews
उत्तराखंड में बड़ा सियासी भूचाल, पूर्व सीएम हरीश रावत ने अपने सभी पदों से दिया इस्तीफा

Uttarakhand Politics : उत्तराखंंड की सियासत से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने कांग्रेस के दोनों पदों से इस्तीफा दे दिया है। जिसके बाद से उत्तराखंड में सियासी भूचाल देखने को मिल रहा है।
Table of Contents
पूर्व सीएम हरीश रावत ने अपने सभी पदों से दिया इस्तीफा
UKSSSC की वर्ष 2016 की VPDO परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद उत्तराखंड की सियासत में हलचल तेज हो गई है। ED ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के तत्कालीन ओएसडी और पीए रहे चंदन सिंह जीना से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी के साथ सोने के सिक्के, चेन और महंगी घड़ियां बरामद किए जाने की बात सामने आई।
ED की कार्रवाई के बाद देर रात इस मामले का राजनीतिक असर भी देखने को मिला। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी सदस्यता और प्रदेश कांग्रेस के स्थायी आमंत्रित सदस्य के पद से इस्तीफा देने की घोषणा की।
परीक्षाओं में गड़बड़ी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़
हरीश रावत ने कहा कि सरकारी नियुक्तियों और प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी युवाओं के भविष्य के साथ गंभीर अन्याय है। उन्होंने कहा कि अगर उनसे जाने-अनजाने में ऐसा कोई कार्य हुआ हो, जिसका असर राज्य के नौजवानों के भविष्य पर पड़ा हो, तो वो इसके लिए स्वयं को जिम्मेदार मानते हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों से अपनी कथित चूक के लिए सार्वजनिक रूप से क्षमा भी मांगी। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास नियुक्तियों या परीक्षाओं से जुड़े मामलों में उनके हस्तक्षेप अथवा संलिप्तता के कोई ठोस प्रमाण हैं, तो उन्हें जांच एजेंसियों के सामने प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
हरीश रावत ने जनता से की अपील
हरीश रावत ने अपील की कि ऐसे किसी भी प्रमाण को सीबीआई, ईडी या उत्तराखंड पुलिस को उपलब्ध कराया जाए, ताकि मामले की वास्तविकता सामने आ सके।
ED की कार्रवाई और उसके बाद हरीश रावत के इस्तीफे के ऐलान ने उत्तराखंड कांग्रेस के भीतर भी नई राजनीतिक चर्चा को जन्म दे दिया है। अब इस पूरे मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर भी नजर रहेगी।
Breakingnews
अच्छी खबर : अब कोटद्वार से देहरादून तक चलेगी GMOU की बस, जानें क्या रहेगा टाइम ?

Kotdwar News : शहर की जनता की लंबे समय से चली आ रही आवागमन की सुविधा से जुड़ी मांग को अब बड़ी राहत मिली है। गढ़वाल मोटर ओनर्स यूनियन लिमिटेड (जीएमओयू) की बस सेवा का कोटद्वार से देहरादून तक विस्तार किए जाने को शासन से स्वीकृति मिल गई है। इस संबंध में शासन स्तर से निर्णय लिया गया है।
Table of Contents
अब कोटद्वार से देहरादून तक चलेगी GMOU की बस
उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष और कोटद्वार विधायक ऋतु खण्डूरी भूषण ने कोटद्वार की जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जीएमओयू की बसों का संचालन देहरादून तक किए जाने का विषय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा के समक्ष प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई और स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया था।
इस समयपर चलेगी बस
अब जीएमओयू की बस सेवा कोटद्वार से देहरादून तक संचालित होगी। निर्धारित समय-सारणी के अनुसार प्रातः 07:00 बजे — कोटद्वार से देहरादून,दोपहर 02:00 बजे — देहरादून से कोटद्वार इस बस सेवा के शुरू होने से कोटद्वार एवं आसपास के क्षेत्र के लोगों को देहरादून आने-जाने में काफी सुविधा मिलेगी। विशेष रूप से विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों तथा विभिन्न कार्यों से देहरादून जाने वाले नागरिकों को इसका सीधा लाभ प्राप्त होगा।

कोटद्वार की जनता को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
ऋतु खण्डूरी भूषण ने इस निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि कोटद्वार की जनता की सुविधाओं और आवश्यकताओं को पूरा करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि कोटद्वार को बेहतर परिवहन सुविधाओं से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं और आने वाले समय में भी जनहित से जुड़े विषयों को प्राथमिकता के साथ शासन के समक्ष रखा जाएगा। जीएमओयू बस सेवा का देहरादून तक विस्तार कोटद्वार की जनता के लिए बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Ramnagar17 hours agoसुबह-सुबह कांग्रेस नेता पर हमला, कार रोककर की मारपीट, लोगों की भीड़ देख भागे बदमाश
Haridwar16 hours agoहरिद्वार और रुड़की में GST का बड़ा एक्शन, कई प्रतिष्ठानों पर छापा, 38 लाख जमा
Uttarakhand15 hours agoहेमकुंड साहिब में हुई सीजन की पहली बर्फबारी, केदारनाथ में भारी बारिश, चारों ओर छाया कोहरा
Uttarakhand10 hours agoहरिद्वार में घाट के पास शव मिलने से सनसनी, हत्या की आशंका, CCTV खंगाल रही पुलिस






































