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एक अप्रैल से केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य होगा शुरू, पैदल मार्ग पर बर्फ हटाने का चल रहा कार्य।

रुद्रप्रयाग – मौसम ने साथ दिया तो आगामी एक अप्रैल से केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य फिर से शुरू हो जाएंगे। पुनर्निर्माण कार्य फिर से शुरू हो जाएंगे। लोक निर्माण विभाग के 70 मजदूरों का दल गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर बर्फ को साफ करते हुए रास्ता बनाने में जुटा है और दल के 25 मार्च तक धाम पहुंच जाएगा। इस यात्राकाल में केदारनाथ में सरस्वती नदी पर पुल, बीकेटीसी भवन और अस्पताल का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

आगामी 10 मई से केदारनाथ यात्रा शुरू होनी है। लोक निर्माण विभाग द्वारा केदारनाथ तक पहुंच के लिए गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर बर्फ सफाई का काम किया जा रहा है। विभाग का 70 सदस्यीय मजदूर बीते एक मार्च से रामाबाड़ा से लिनचोली के बीच बर्फ को काटकर रास्ता बनाने में जुटा है।
केदारनाथ में सभी पुनर्निर्माण कार्य स्थल बर्फ से ढके हुए हैं। साथ ही एमआई-26 हेलिपैड पर भी चार फीट से अधिक बर्फ जमी है। सरस्वती नदी से मंदिर मार्ग व मंदिर परिसर भी बर्फ से लकदक है। लोनिवि ने एक सप्ताह में पैदल मार्ग से बर्फ हटाकर केदारनाथ पहुंचने का लक्ष्य रखा है। ईई विनय झिक्वांण ने बताया कि मौसम ने साथ दिया तो 25 को मजदूर केदारनाथ पहुंच जाएंगे और बर्फ की सफाई के साथ ही आगामी एक अप्रैल से प्राथमिकता से पुनर्निर्माण कार्य भी पुन: शुरू कर दिए जाएंगे।
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बीकेटीसी का गड़बड़झाला !, उपाध्यक्ष पर पत्नी को ‘फोर्थ क्लास कर्मचारी’ दिखाकर वेतन लेने के आरोप

Uttarakhand News : उत्तराखंड में अक्सर चर्चाओं में रहने वाली बीकेटीसी एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। आरटीआई एक्टिविस्ट और अधिवक्ता विकेश नेगी ने बड़ा खुलासा करते हुए बीकेटीसी के उपाध्यक्ष पर पत्नी को ‘फोर्थ क्लास कर्मचारी’ दिखाकर वेतन लेने के आरोप लगाए हैं।
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बीकेटीसी के गड़बड़झाले का विकेश नेगी ने किया खुलासा
बीकेटीसी के उपाध्यक्ष विजय कपरवाण पर गंभीर आरोप लगे हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी पत्नी को कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में दिखाकर वेतन प्राप्त किया। ये जानकारी सूचना के अधिकार (आरटीआई) के जरिए सामने आई है, जिसका खुलासा आरटीआई एक्टिविस्ट और अधिवक्ता विकेश नेगी ने किया है। जिससे समिति की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
उपाध्यक्ष पर पत्नी को ‘फोर्थ क्लास कर्मचारी’ दिखाकर वेतन लेने के आरोप
बता दें कि आरटीआई एक्टिविस्ट विकेश नेगी ने आरटीआई से मिले दस्तावेजों के आधार पर ये आरोप सामने आया है कि उपाध्यक्ष ने अपनी पत्नी के नाम पर हर महीने करीब 12 हजार रुपये का भुगतान समिति से प्राप्त किया। जिसके बाद से राजनीतिक हलचल मच गई है।

विकेश नेगी ने किए कई बड़े खुलासे
विकेश नेगी का आरोप है कि देहरादून स्थित बीकेटीसी कार्यालय में कक्ष आवंटित होने के बावजूद उपाध्यक्ष ने अपना निजी आवास और कार्यालय रुद्रप्रयाग में दर्शाया। इसी आधार पर उन्होंने लगभग 25 हजार रुपये प्रतिमाह भत्ते के रूप में लिए। जबकि समिति का मुख्यालय जोशीमठ में और कैंप कार्यालय देहरादून में संचालित होता है।
विजय कपरवाण ने आरोपों को किया खारिज
बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कपरवाण कहना है कि उनकी पत्नी समिति में कार्यरत नहीं हैं और उन्हें कोई वेतन नहीं दिया गया। उनके अनुसार, निजी स्टाफ में काम करने वाली दो महिला कर्मचारियों के भुगतान को तकनीकी कारणों से एक ही नाम से बिल बनाकर जारी किया गया, जिसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को पहले से थी।
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एसपी रुद्रप्रयाग ने केदारनाथ मार्ग का किया पैदल निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा

Rudraprayag News : चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखण्ड पुलिस ने बहुस्तरीय व्यवस्थाएं लागू की हैं। इसी क्रम में निहारिका तोमर ने स्वयं केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का गहन स्थलीय निरीक्षण किया।
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एसपी रुद्रप्रयाग ने केदारनाथ मार्ग का किया पैदल निरीक्षण
एसपी रुद्रप्रयाग ने आज केदारनाथ मार्ग का पैदल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सुरक्षा इंतजामों, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग ने केदारनाथ बेस कैंप से लेकर गौरीकुण्ड तक के प्रमुख पड़ावों—लिंचोली, भीमबली एवं जंगलचट्टी—स्थित पुलिस चौकियों का पैदल भ्रमण कर सुरक्षा प्रबंधों, यातायात व्यवस्था एवं श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े सभी पहलुओं का सूक्ष्म अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मौके पर तैनात पुलिस बल से संवाद कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का फीडबैक लिया तथा आवश्यक सुधार हेतु निर्देश भी दिए।
एसपी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, सुझावों एवं यात्रा अनुभव के बारे में जानकारी प्राप्त की। साथ ही, घोड़ा-खच्चर संचालकों से भी वार्ता कर संचालन व्यवस्था, रूट मैनेजमेंट एवं सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर फीडबैक लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन फीडबैक के आधार पर व्यवस्थाओं को और अधिक सुगम और प्रभावी बनाया जाए, ताकि सभी श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सके।

भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश
एसपी ने सभी चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया कि यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ उनके सुचारु आवागमन, चिकित्सा सहायता एवं त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने हेतु पुलिस बल को सतत सतर्क एवं सक्रिय बनाए रखने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाए रखने तथा संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने पर भी जोर दिया गया।
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केदारनाथ दर्शन के लिए आए यात्री की मौत, समय पर नहीं पहुंची मेडिकल टीम, परिजनों ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की खोली पोल

Rudraprayag News : केदारनाथ दर्शनों को आए एक यात्री की केदारनाथ धाम में हृदय गति रुकने से मौत हो गई। शव हेलीकॉप्टर से जिला चिकित्सालय भेजा गया। जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी।
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केदारनाथ दर्शन के लिए आए यात्री की मौत
मिली जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह केदारनाथ दर्शनों को आए नियर जीटी बोर्ड जिला गोरवा सिटी बडोदरा गुजरात निवासी 59 वर्षीय दिलीप भाई मनु माली पुत्र नानी बाई माली की केदारनाथ में अचानक तबियत बिगड़ गई। परिजनो द्वारा किसी तरह से केदारनाथ अस्पताल ले जाएगा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की खोली पोल
मृतक श्रद्धालु के पुत्र नानू भाई माली ने स्वास्थ्य विभाग पर भी बड़े प्रश्न चिन्ह खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पिता की तबीयत बिगड़ी और वो बेहोश हो गए। उन्होंने मेडिकल सहायता के फोन किया तो उन्हें आश्वासन तो मिला लेकिन डेढ़ घंटे तक वो पिता को अस्पताल नहीं पहुंचा पाए।
जिसके बाद को खुद पिता को लेकर अस्पताल पहुंचे। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनका कहना है पिता की मौत के बाद उन्हें शव ले जाने के लिए भी भटकना पड़ा। दो घंटे तक पिता का शव धूप में पड़ा रहा लेकिन हेली से शव ले जाने की अनुमति नहीं मिली। उनकी बातचीत का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

व्यवस्थाओं को बेहतर बताने वाले दावे हवा-हवाई
स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर बताने वाले स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के दावे भी फेल होते दिखाई दे रहे हैं। ये यात्रा का पहला दिन था जबकि आने वाले समय में पूरे 6 माह यात्रा चलनी है। ऐसे में पहले ही दिन इस खबर के सामने आने के बाद से चारों ओर चर्चाएं हो रही हैं।
चारधाम यात्रा में चार दिनों में 3 यात्रियों की मौत
चारधाम यात्रा को शुरू हुए 4 दिन हो गए हैं। इन चार दिनों के भीतर ही जबकि तीन लोगों की मौत हो गई है। जिसमें यमुनोत्री में दो और केदारनाथ में एक श्रद्धालु की मौत हुई है। बता दें की चारधाम यात्रा का आगाज 19 अप्रैल को गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुआ था।
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