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देहरादून: 26 जनवरी पर घर से निकलने से पहले देख लें ट्रैफिक प्लान, ये क्षेत्र रहेंगे प्रतिबंधित

Republic Day Traffic Plan Dehradun: दून पुलिस ने ट्रैफिक प्लान किया जारी, घर से निकलने से पहले देख लें एक बार
Republic Day Traffic Plan Dehradun: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर पुलिस ने वैकल्पिक मार्ग और पार्किंग की व्यवस्था की है। इसे लेकर पुलिस ने अपना ट्रैफिक प्लान जारी कर दिया है। अगर आप भी गणतंत्र दिवस पर अपने घरों से बाहर निकलें तो एक बार अपनी सहूलियत के लिए ये ट्रैफिक प्लान अवश्य देखें।
मुख्य बिंदु
गणतंत्र दिवस समारोह के सुचारु और सुरक्षित आयोजन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परेड ग्राउण्ड के साथ उसके आसपास विशेष यातायात और पार्किंग व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत आम नागरिकों से उत्तराखंड पुलिस ने सहयोग की अपील की है।
Dehradun today traffic plan – परेड ग्राउण्ड क्षेत्र में प्रतिबंध
- सबसे पहले, परेड ग्राउण्ड के चारों तरफ सभी प्रकार के वाहनों, ठेलियों एवं रेहड़ियों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
इसके साथ ही, गणतंत्र दिवस परेड के दौरान ये क्षेत्र जीरो-जोन घोषित किया गया है। - वीआईपी और अधिकारीगणों के लिए प्रवेश व्यवस्था
- इसी कड़ी में, वीआईपी और अधिकारीगण ई.सी. रोड से सर्वे चौक होते हुए रोजगार तिराहा पार कर कान्वेंट तिराहे की ओर बढ़ते समय दाहिनी ओर स्थित वीवीआईपी द्वार (मुख्य गेट संख्या-01) से प्रवेश करेंगे।
परेड प्रतिभागियों और दर्शकों के लिए व्यवस्था
गणतंत्र दिवस परेड में शामिल सभी प्रतिभागी, आर्मी, पैरामिलिट्री बल, पुलिस, होमगार्ड, प्रेस प्रतिनिधि एवं आम दर्शक अपने वाहन रेंजर ग्राउंड, मंगला देवी इंटर कॉलेज अथवा काबुल हाउस (सर्वे चौक के निकट) में पार्क करेंगे। इसके बाद सभी को पैदल दून लाइब्रेरी से लगभग 20 मीटर आगे स्थित प्रवेश द्वार से परेड ग्राउण्ड में प्रवेश करना होगा।
पार्किंग व्यवस्था (26 January Parking Dehradun)
- सबसे पहले, वीआईपी एवं अधिकारीगण के वाहनों की पार्किंग मंच के पीछे निर्धारित रहेगी।
- इसके अलावा, परेड प्रतिभागियों, सुरक्षा बलों, प्रेस और बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के वाहन रेंजर ग्राउंड, मंगला देवी इंटर कॉलेज एवं काबुल हाउस क्षेत्र में पार्क किए जाएंगे।
- धर्मपुर, दर्शनलाल चौक एवं दून चौक की ओर से आने वाले सभी वाहन रेंजर ग्राउंड में पार्क होंगे।
- वहीं, सर्वे चौक की ओर से आने वाले वाहनों के लिए मंगला देवी इंटर कॉलेज ग्राउंड में पार्किंग निर्धारित की गई है।
- राजपुर रोड से आने वाले प्रतिभागियों एवं दर्शकों के वाहन घंटाघर से दर्शनलाल चौक होते हुए रेंजर ग्राउंड भेजे जाएंगे।
- पासधारकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के लिए डूंगा हाउस तथा स्मार्ट सिटी ग्राउंड में सैड पार्किंग की व्यवस्था रहेगी।
विक्रम वाहनों के लिए डायवर्जन व्यवस्था
- रायपुर रूट (02 नंबर) के सभी विक्रम सहस्त्रधारा क्रॉसिंग से वापस मोड़े जाएंगे।
- धर्मपुर रूट (03 नंबर) के विक्रम तहसील चौक से दून चौक होते हुए एमकेपी चौक की ओर भेजे जाएंगे।
- आईएसबीटी रूट (05 नंबर) एवं कांवली रूट (08 नंबर) के विक्रम रेलवे गेट से वापस किए जाएंगे।
- प्रेमनगर रूट के सभी विक्रम प्रभात कट से लौटाए जाएंगे।
- राजपुर रूट के विक्रम ग्लोब चौक से पैसिफिक तिराहे होते हुए बैनी बाजार के रास्ते पुनः राजपुर रोड की ओर भेजे जाएंगे।
सिटी बसों के लिए डायवर्जन
- आईएसबीटी से राजपुर रोड जाने वाली सिटी बसें दर्शनलाल चौक से घंटाघर होते हुए आगे बढ़ेंगी।
- रिस्पना की ओर से आने वाली बसें तहसील चौक से दून चौक एवं एमकेपी चौक होते हुए आराघर की ओर मोड़ी जाएंगी।
- रायपुर रोड से आने वाली सिटी बसें सहस्त्रधारा क्रॉसिंग से सहस्त्रधारा रोड, आईटी पार्क होते हुए राजपुर रोड एवं घंटाघर की ओर भेजी जाएंगी।
बैरियर व्यवस्था
परेड ग्राउण्ड के चारों ओर यातायात नियंत्रण हेतु आउटर एवं इनर बैरियर लगाए जाएंगे।
- आउटर बैरियर प्वाइंट
- ई.सी. रोड सर्वे चौक
- मनोज क्लिनिक
- बुद्धा चौक
- दर्शनलाल चौक
- ओरिएंट चौक
- पैसिफिक तिराहा
यहां से केवल सीमित संख्या में वीआईपी एवं पासधारक वाहनों को प्रवेश की अनुमति होगी।
- इनर बैरियर प्वाइंट
- रोजगार तिराहा
- कनक चौक
- डूंगा हाउस
- लैंसडाऊन चौक
- कान्वेंट तिराहा
इन प्वाइंट्स से पासधारक एवं वीवीआईपी को छोड़कर किसी भी वाहन को परेड ग्राउण्ड की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी। आम नागरिक अपने वाहन निर्धारित पार्किंग स्थलों पर खड़े कर पैदल प्रवेश करेंगे।
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कारगिल विजय दिवस पर शहीद स्मारक पहुंचे सीएम धामी, अमर शहीदों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

Kargil Vijay Diwas : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को गांधी पार्क, देहरादून स्थित शहीद स्मारक पर कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) के अवसर पर पुष्पचक्र अर्पित कर कारगिल के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
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कारगिल विजय दिवस पर शहीद स्मारक पहुंचे सीएम धामी
कारगिल विजय दिवस पर शहीद स्मारक पहुंचकर सीएम धामी ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने कारगिल शहीदों के परिजनों को सम्मानित करते हुए उनके अद्वितीय त्याग, शौर्य और राष्ट्रसेवा को नमन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि परमवीर चक्र से सम्मानित वीरों के लिए अनुग्रह राशि डेढ़ करोड़ से बढ़ाकर 2 करोड़ की जाएगी ।
कारगिल विजय भारतीय सेना के राष्ट्रभक्ति का अमर प्रतीक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कारगिल विजय भारतीय सेना के अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और राष्ट्रभक्ति का अमर प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 18 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर अत्यंत विषम परिस्थितियों में भारतीय सैनिकों ने अद्वितीय वीरता, अटूट मनोबल और सर्वोच्च बलिदान का परिचय देते हुए दुश्मन को परास्त किया तथा विश्व के समक्ष भारत की सैन्य शक्ति और दृढ़ संकल्प का परिचय कराया।
कारगिल युद्ध में 527 वीर सैनिकों ने दिया था सर्वोच्च बलिदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध में देश के 527 वीर सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जिनमें उत्तराखंड के 75 वीर सपूत भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि वीरभूमि भी है। प्रदेश की गौरवशाली सैन्य परंपरा, वीरता पदक विजेताओं की समृद्ध विरासत तथा यहां के युवाओं का राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत की सुरक्षा नीति अधिक सशक्त, निर्णायक और आत्मविश्वास से परिपूर्ण हुई है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई, सीमावर्ती क्षेत्रों में रणनीतिक आधारभूत संरचना का तीव्र विकास तथा रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में किए गए प्रयास नए भारत की शक्ति के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि वन रैंक-वन पेंशन, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक तथा सैनिक कल्याण से जुड़े अनेक ऐतिहासिक निर्णयों से देश के सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों का सम्मान बढ़ा है।
अग्निवीरों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार उठा रही ठोस कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अग्निवीरों के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी ठोस कदम उठा रही है। सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए देश का पहला ‘अग्निवीर रोजगार सेल’ गठित किया जा रहा है। साथ ही उत्तराखंड पुलिस, वन विभाग तथा अन्य राज्य सेवाओं में उन्हें प्राथमिकता देने, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वरोजगार, होमस्टे योजना तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि कारगिल के अमर शहीदों के त्याग, शौर्य और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा लेकर विकसित भारत तथा विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त उत्तराखंड के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें। उन्होंने कहा कि कारगिल के अमर शहीदों का बलिदान सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और मातृभूमि के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा।
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नहीं रहे कांग्रेस के दिग्गज नेता हीरा सिंह बिष्ट, राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर

Hira Singh Bisht : उत्तराखंड की राजनीति से एक दुखद खबर सामने आई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट का आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं, समर्थकों और राजनीतिक जगत में शोक की लहर फैल गई।
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नहीं रहे कांग्रेस के दिग्गज नेता हीरा सिंह बिष्ट
कांग्रेस के दिग्गज नेता हीरा सिंह बिष्ट का देर रात निधन हो गया। मिली जानकारी के मुताबिक हीरा सिंह बिष्ट पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे। देर रात करीब डेढ़ बजे उन्हें अचानक सीने में दर्द की शिकायत हुई। इसके बाद परिजन उन्हें देहरादून के ईस्ट कैनाल रोड स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके और उन्होंने अंतिम सांस ली।
राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर
हीरा सिंह बिष्ट का राजनीतिक जीवन लंबे अनुभव और जनसेवा के लिए जाना जाता है। उन्होंने श्रमिकों, गरीबों और मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष किया और विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई। उनके सरल स्वभाव और जनसंपर्क के कारण उन्हें जनता के बीच एक लोकप्रिय नेता माना जाता था।

एन.डी. तिवारी सरकार में रहे थे कैबिनेट मंत्री
अपने राजनीतिक सफर के दौरान उन्होंने उत्तराखंड की तत्कालीन एन.डी. तिवारी सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारियां निभाईं। परिवहन, श्रम और तकनीकी शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों का संचालन करते हुए उन्होंने कई प्रशासनिक और जनहित से जुड़े कार्य किए।
उनके निधन को उत्तराखंड की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और समर्थकों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।
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उत्तराखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 11 IAS-IFS अधिकारियों की जिम्मेदारियों में हुआ बदलाव

IAS-IFS Transfers : उत्तराखंड सरकार ने शुक्रवार देर शाम प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए 11 आईएएस और आईएफएस अधिकारियों के विभागों में फेरबदल किया है। इस संबंध में कार्मिक एवं सतर्कता विभाग की ओर से आधिकारिक आदेश जारी किए गए हैं। इस फेरबदल में कई वरिष्ठ अधिकारियों के विभागों की जिम्मेदारियों में परिवर्तन किया गया है।
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उत्तराखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
देर रात जारी हुए आदेशों के मुताबिक प्रमुख सचिव एल. फैनई से आबकारी विभाग का प्रभार वापस ले लिया गया है, जबकि उनके अन्य सभी विभाग पूर्ववत बनाए रखे गए हैं।
सचिव नितेश कुमार झा से सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) विभाग की जिम्मेदारी हटाकर उन्हें पंचायती राज विभाग का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है।

11 IAS-IFS अधिकारियों की जिम्मेदारियों में हुआ बदलाव
सचिव रविनाथ रमन के कार्यभार में भी बदलाव किया गया है। उनसे विद्यालयी शिक्षा विभाग हटाते हुए परिवहन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही उन्हें परिवहन आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।

सरकार ने सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय को उनके मौजूदा विभागों के साथ सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) विभाग का अतिरिक्त दायित्व सौंपा है। इसके अलावा सचिव बृजेश कुमार संत से परिवहन विभाग वापस लेकर उन्हें आबकारी विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
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