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चारधाम यात्रा के सम्बन्ध में अपर पुलिस महानिदेशक की समीक्षा बैठक, दिए ये निर्देश।

देहरादून – चारधाम यात्रा के दौरान यातायात को सुचारू व सुव्यवस्थित रूप से संचालित कराये हेतु एपी अंशुमान, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखंड महोदय द्वारा पुलिस मुख्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निदेशक, यातायात, पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र, पुलिस उपमहानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था/नोडल अधिकारी, चारधाम यातायात, उत्तराखंड, वरिष्ठ/पुलिस अधीक्षक, देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली के साथ बैठक आहूत कर चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं/यात्रियों की अत्यधिक भीड़ एवं यातायात जाम के दृष्टिगत जनपद प्रभारियों द्वारा यातायात व्यवस्था के सुचारू रूप से संचालन के सम्बन्ध में की गयी तैयारियों की समीक्षा की गयी।
चारधाम यात्रा के सुगम यातायात प्रबंधन हेतु निर्देश
- पुलिस अधीक्षक, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी धामों की सुरक्षा हेतु बनायी गयी सुरक्षा स्कीम के अनुरूप कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।
- चारों धामों की निर्धारित क्षमता के अनुसार ही यात्रियों को धामों की ओर भेजा जाये। शेष यात्रियों को जगह-जगह चिन्हित किये गये निर्धारित स्थानों पर रोके जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। विशेषकर जनपद उत्तरकाशी अपने जनपद में स्थापित बैरियरों से धामों की क्षमता के अनुसार ही यात्रियों को धामों की ओर भेजना सुनिश्चित करे।
- यमुनोत्री धाम हेतु बनाये गये बैरियर से बोटलनेक तक की व्यवस्था को सुगम बनाने के लिये पृथक से पुलिस उपाधीक्षक को नियुक्त किया जाये।
- यात्रियों को रोके जाने वाले स्थानों पर खाने, पीने के पानी एवं आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त व्यवस्था हो तथा पी0ए0 सिस्टम के माध्यम से यात्रियों को धामों की वर्तमान स्थिति एवं आवश्यक जानकारियां भी समय-समय पर दी जाये।
- जनपदों में निर्धारित की गयी पार्किंगों का अच्छी तरह से उपयोग किया जाये तथा वाहनों को पार्किगों में ही खड़ा कराया जाये।
- चारधाम यात्रा मार्गों पर किसी भी प्रकार के मेले अथवा अन्य आयोजनों की अनुमति न दिये जाने के सम्बन्ध में अग्रेत्तर कार्यवाही सुनिश्चित करायी जाये।
- हरिद्वार एवं ऋषिकेश में स्थापित ऑफ लाइन रजिस्ट्रेशन केन्द्रों पर पीए सिस्टम के माध्यम से यात्रियों को धामों एवं यातायात तथा अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के बारे में अवगत कराते रहे।
- जनपद प्रभारी एवं सर्किल अधिकारी चारधाम यात्रा व्यवस्था ड्यूटी पर नियुक्त पुलिस बल को समय-समय पर ब्रीफ कर उनका मनोबल बढ़ाते हुए नियमित रुप से मॉनिटरिंग भी करना सुनिश्चित करें।
- भूस्खलन सम्भावित क्षेत्रों में संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित कर जेसीबी आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ जनपद के सीमावर्ती जिलों के पुलिस प्रभारियों से भी यात्रियों को यात्रा मार्ग पर भेजने के सम्बन्ध में समय-समय पर वार्ता कर अग्रेत्तर कार्यवाही सुनिश्चित करें।
- सभी जनपद प्रभारी अपने-अपने जनपद में धामों, यात्रा मार्गों आदि पर उपलब्ध यात्रियों की पूर्ण जानकारी रखेंगे, ताकि क्षमता से अधिक यात्री एक स्थान पर एकत्रित होने की दशा में उनको सीमावर्ती जनपदों में ही रुकवाया जा सके।
- यात्रा मार्ग पर संचालित यातायात व्यवस्था की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करते रहे तथा किसी भी प्रकार से ड्यूटियों में परिवर्तन की आवश्यकता हो तो तत्काल उसके अनुरूप पुलिस बल को नियुक्त किया जाये।
- उत्तरकाशी, चमोली एवं रुद्रप्रयाग प्रभारी लगातार पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र एवं अन्य उच्चाधिकारियों को धामों एवं यात्रा मार्ग के सम्बन्ध में अवगत कराते रहेगें।
- यात्रा मार्गों पर चिन्हित किये गये बोटलनेक एवं दुर्घटना संभावित क्षेत्रों पर नियमित रुप से पुलिस बल की नियुक्ति की जाये।
- गढ़वाल परिक्षेत्र के सभी जनपद प्रभारी चारधाम यात्रा के दौरान आ रही नयी चुनौतियों की स्वयं समीक्षा कर उनके निराकरण के सम्बन्ध में तत्काल अग्रेत्तर आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।
- हरिद्वार, देहरादून, टिहरी एवं पौड़ी धामों हेतु निर्धारित क्षमता के अनुसार ही अपने-अपने जनपदों से यात्रियों को धामों हेतु भेजना सुनिश्चित करेंगे, शेष यात्रियों को जनपदों में ही अलग-अलग स्थान पर रोकने की व्यवस्था करेंगे, ताकि धामों पर अनावश्यक भीड़ एकत्र न हो सके।
- भीड़-भाड़ वाले स्थानों, पार्किंग स्थलों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थलों आदि पर पी0ए0 सिस्टम स्थापित कर यात्रियों को यातायात एवं अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं से लगातार अवगत कराया जाए तथा स्थायी पार्किंग फुल होने की सम्भावना के दृष्टिगत समय से नये पार्किंग स्थालों को चिन्हित कर अग्रेत्तर कार्यवाही सुनिश्चित करायी जाये।
- यातायात प्रबंधन हेतु ड्रोन का भी अधिक से अधिक प्रयोग कर उसके फीड को जिला कन्ट्रोल रुम से जोड़ा जाये तथा फीड का समय से विश्लेषण कर यातायात ड्यूटी में लगे कार्मिकों को ब्रीफ किया जाये।
- दुर्घटना सम्भावित क्षेत्रों एवं यातायात दबाव वाले स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाये।
- चारधाम के दौरान घटित छोटी से छोटी घटनाओं पर तत्काल नियमानुसार कार्यवाही सम्पादित करायी जाये।
- चारधाम के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन करने की स्थिति डायवर्जन का समय से प्रचार-प्रसार कराया जाये।
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देहरादून में पति ने दरांती से की पत्नी की हत्या, घटना के बाद से आरोपी फरार

Dehradun News : देहरादून जिले के कालसी तहसील क्षेत्र के कचटा गांव में पति-पत्नी के बीच हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। आरोप है कि पति ने अपनी पत्नी पर दरांती से हमला कर दिया, जिससे महिला की मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर राजस्व विभाग और पुलिस की टीम गांव पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
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देहरादून में पति ने दरांती से की पत्नी की हत्या
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घटना के समय घर में पति-पत्नी ही मौजूद थे। दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान पति ने कथित तौर पर दरांती से पत्नी पर हमला कर दिया।
हमले में गंभीर रूप से घायल महिला ने दम तोड़ दिया। मृतका की उम्र करीब 22 साल बताई जा रही है, जबकि आरोपी पति लगभग 24 साल का है। दोनों की शादी करीब तीन साल पहले हुई थी।
सूचना मिलते ही गांव पहुंची टीम
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर नायब तहसीलदार कालसी रविंद्र असवाल, राजेंद्र लाल और कालसी थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। टीम ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई की। वारदात में इस्तेमाल की गई दरांती बरामद होने की जानकारी भी सामने आई है।
मायके पक्ष ने दी तहरीर, जांच जारी
महिला के मायके पक्ष की ओर से राजस्व पुलिस को तहरीर दी गई है। पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाने के लिए पूछताछ कर रही है। घटना के बाद से आरोपी पति के फरार होने की बात कही जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।
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9 तारीख को 11 बजे संभल जाना, उत्तराखंड में बजेगा भूकंप चेतावनी सायरन, जानें क्यों ?

Uttarakhand News : उत्तराखंड में भूकंप जैसी आपदा से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के लिए एक नई व्यवस्था लागू की जा रही है। अब राज्य में हर महीने की 9 तारीख को सुबह 11 बजे भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली से जुड़े सायरन का परीक्षण किया जाएगा। इसका उद्देश्य लोगों को सायरन की आवाज और चेतावनी व्यवस्था से परिचित कराना है, साथ ही सिस्टम में लगे सेंसर और सायरन की कार्यक्षमता की नियमित जांच करना है।
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9 को उत्तराखंड में बजेगा भूकंप चेतावनी सायरन
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने इस संबंध में आपदा प्रबंधन विभाग को जरूरी निर्देश दिए हैं। उन्होंने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन के साथ बैठक कर इस व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू करने को लेकर चर्चा की।
भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है उत्तराखंड
मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड भूकंपीय गतिविधियों की दृष्टि से बेहद संवेदनशील राज्य है। प्रदेश का बड़ा हिस्सा भूकंपीय जोन चार और पांच में आता है। ऐसे में लोगों को भूकंप से जुड़े जोखिमों की जानकारी देना, पहले से तैयारी रखना और समय पर चेतावनी उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली में लगाए गए सेंसर और सायरन की समय-समय पर जांच जरूरी है। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि आपात स्थिति आने पर पूरी व्यवस्था सही तरीके से काम कर रही है या नहीं।इसके साथ ही जरूरत वाले क्षेत्रों में नए सेंसर और सायरन लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
9 तारीख को सुबह 11 बजे होगा सायरन टेस्ट
हर महीने 9 तारीख को सुबह 11 बजे बजने वाला सायरन वास्तविक भूकंप का अलर्ट नहीं होगा, बल्कि चेतावनी प्रणाली के नियमित परीक्षण का हिस्सा होगा। इस दौरान राज्य में स्थापित सायरनों की कार्यक्षमता जांची जाएगी।
अगर किसी सायरन में तकनीकी खराबी मिलती है तो उसे ठीक कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह नियमित जांच से सिस्टम की कमियों को आपदा के समय से पहले ही पहचानकर दूर किया जा सकेगा।
169 सेंसर और 112 सायरन स्थापित
आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार, वर्तमान में उत्तराखंड में भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली के तहत 169 सेंसर और 112 सायरन लगाए गए हैं। सेंसर भूकंपीय गतिविधियों पर नजर रखने का काम करते हैं, जबकि निर्धारित व्यवस्था के जरिए लोगों तक चेतावनी पहुंचाई जाती है।
यूएसडीएमए और आईआईटी रुड़की के सहयोग से संचालित भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली परियोजना के तहत अतिरिक्त सेंसर लगाने का प्रस्ताव भी प्रक्रिया में है। नए सेंसर जुड़ने से भूकंपीय गतिविधियों की निगरानी और चेतावनी प्रणाली की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

6 अक्टूबर के भूकंप में मिला था अलर्ट
विनोद कुमार सुमन ने बताया कि 6 अक्टूबर की रात आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.9 मापी गई थी। इसका केंद्र चमोली जिले में थराली के पास करीब 13 किलोमीटर की गहराई में बताया गया। इस दौरान आईआईटी रुड़की के सहयोग से संचालित भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली के जरिए भूकंपीय तरंगों के लोगों तक पहुंचने से पहले चेतावनी मिली। भूदेव मोबाइल ऐप और राज्य में लगाए गए सायरन के जरिए लोगों को अलर्ट प्राप्त हुआ।
अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप जैसी अचानक आने वाली आपदा में कुछ सेकंड की चेतावनी भी लोगों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। इससे सुरक्षित स्थान पर जाने, गैस या बिजली के उपकरण बंद करने और जरूरी सावधानी बरतने का समय मिल सकता है।
सायरन की आवाज से लोगों को कराया जाएगा परिचित
हर महीने सायरन बजाने का एक उद्देश्य आम लोगों को इसकी आवाज की पहचान कराना भी है। सामान्य परिस्थितियों में लोगों को यह जानकारी नहीं होती कि भूकंप आने की स्थिति में चेतावनी सायरन कैसा सुनाई देगा।
निर्धारित तारीख और समय पर होने वाले परीक्षण से लोग सायरन की आवाज को पहचान सकेंगे और वास्तविक आपदा के समय चेतावनी को लेकर भ्रम की स्थिति कम होगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस पहल का मकसद लोगों में डर पैदा करना नहीं, बल्कि उन्हें जागरूक और आपदा के लिए तैयार करना है।
भूदेव ऐप अपडेट रखने की अपील
आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से भूदेव मोबाइल ऐप का अपडेटेड वर्जन अपने फोन में रखने की अपील की है। साथ ही ऐप को मोबाइल की लोकेशन की स्थायी अनुमति देने को कहा गया है, ताकि संबंधित क्षेत्र के लिए जारी भूकंप पूर्व चेतावनी समय पर मोबाइल तक पहुंच सके।
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देहरादून में दिनदहाड़े ट्रिपल मर्डर से सनसनी, घर में घुसकर बुजुर्ग दंपति और हेल्पर की हत्या

Dehradun News : उत्तराखंड के देहरादून से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। रायपुर थाना क्षेत्र की विष्णु लोक कॉलोनी में एक ही घर के अंदर तीन लोगों की हत्या से सनसनी फैल गई। मृतकों में 85 वर्षीय रमेश कपूर, उनकी 76 वर्षीय पत्नी रजनी कपूर और घर में काम करने वाली 45 वर्षीय शीला शामिल हैं। पुलिस ने वारदात के आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
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देहरादून में दिनदहाड़े ट्रिपल मर्डर से सनसनी
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी प्लंबर का काम करता है और कपूर दंपति से पहले से परिचित था। बताया जा रहा है कि प्लंबिंग से जुड़े काम के लिए बुजुर्ग दंपति ने उसे अपने घर बुलाया था। काम खत्म होने के बाद किसी बात को लेकर आरोपी और कपूर दंपति के बीच विवाद हुआ। इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर तीनों पर हमला कर दिया।
घर में घुसकर बुजुर्ग दंपति और हेल्पर की हत्या
घटना रायपुर थाना क्षेत्र स्थित विष्णु लोक कॉलोनी के मकान नंबर 16 की है। पड़ोस में रहने वाली भारती भंडारी के अनुसार, दोपहर करीब तीन बजे उन्हें कपूर दंपति के घर से शोर सुनाई दिया। आवाज सुनकर जब वह बाहर आईं तो उन्होंने एक युवक को घर में काम करने वाली महिला पर पेचकस से हमला करते हुए देखा।
भारती भंडारी ने बताया कि उन्होंने घटना देखकर शोर मचाना शुरू किया। इसी दौरान पेचकस हाथ में लिए युवक उनकी ओर भी बढ़ा, लेकिन उनके लगातार चिल्लाने पर आसपास के लोग मौके की तरफ आने लगे। लोगों को अपनी ओर आते देख आरोपी वहां से भागने लगा। हालांकि, घर के बाहर मौजूद एक व्यक्ति ने कुछ दूरी पर ही उसे पकड़ लिया।

पुलिस ने एक आरोपी को सिया हिरासत में
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। वहीं, स्थानीय लोगों की मदद से तीनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया।
बताया गया है कि मृतक दंपति के दो बेटे हैं, जो पुणे और दिल्ली में रहते हैं। एक ही घर में तीन लोगों की हत्या की खबर फैलते ही पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। मौके पर पहुंचे एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं को देखा जा रहा है।
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