Rudraprayag
द्वितीय केदार मद्महेश्वर मंदिर को पांच क्विंटल फूलों से सजाया, कल बंद होंगे कपाट।

ऊखीमठ/रुद्रप्रयाग – द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर मंदिर के कपाट बुधवार सुबह 8 बजे शुभ लग्न पर विशेष पूजा-अर्चना के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। बीकेटीसी व हक-हकूकधारियों ने मंदिर के कपाट बंद होने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
दानी-दाताओं के सहयोग से मंदिर को पांच क्विंटल फूलों से सजाया गया है। कपाट बंद होते ही द्वितीय केदार मद्महेश्वर चल उत्सव डोली में विराजमान होकर मंदिर की परिक्रमा और अपने ताम्र पात्रों के निरीक्षण करते हुए शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान करेंगे।
इसके बाद वह पहले रात्रि प्रवास पर गौंडार गांव पहुंचेंगे। जहां पर ग्रामीणों द्वारा अपने आराध्य को सामूहिक अर्ध्य लगाया जाएगा। 23 नवंबर को डोली रांसी गांव पहुंचेगी। जबकि 25 को शीतकालीन गद्दीस्थल में विराजमान होगी।
Uttarakhand
केदारनाथ हाईवे पर पहाड़ की अवैध कटिंग, प्रशासन की चुप्पी से उड़ी नियमों की धज्जियाँ
Rudraprayag: तिलवारा में हाईवे निर्माण में पर्यायवरण से समझौता
मुख्य बिंदु
रुद्रप्रयाग (Rudraprayag): तिलवाड़ा क्षेत्र में केदारनाथ नेशनल हाईवे के किनारे हो रही अवैध पहाड़ कटाई अब केवल निर्माण से जुड़ा मामला नहीं रह गया है. बल्कि ये प्रशासनिक लापरवाही, नियमों की अनदेखी और पर्यावरणीय अपराध का गंभीर प्रतीक बनती जा रही है. स्थानीय लोग इसे खुली मनमानी बता रहे हैं.
ठेकेदार निर्धारित मानकों की कर रहे अनदेखी
दरअसल, ग्रामीणों का आरोप है कि एक ठेकेदार द्वारा निर्धारित मानकों को दरकिनार कर हाईवे किनारे बेरोकटोक पहाड़ काटा गया. हैरानी की बात ये है कि ये सब कुछ एनएच विभाग और जिला प्रशासन की मौजूदगी में होता रहा. न तो तय सुरक्षा दूरी का पालन किया गया और न ही पर्यावरणीय नियमों की कोई परवाह की गई.
ये भी पढ़ें- रुद्रप्रयाग में 5 साल का मासूम बना गुलदार का निवाला, ग्रामीणों ने विभाग पर लगाए गंभीर आरोप
इसके बावजूद, जब विभागीय स्तर पर नोटिस जारी किए गए और जुर्माना लगाया गया, तब भी कटिंग का काम थमता नजर नहीं आया. इससे ये सवाल उठने लगा है कि क्या कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रही. भारी मशीनों की लगातार आवाज और खुदाई से सड़क की मजबूती पर भी खतरा मंडराने लगा है.
पहाड़ की अवैध कटिंग से दुर्घटनाओं को न्यौता
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पहाड़ कटाई के कारण उड़ती धूल और मलबे से दृश्यता कम हो गई है, जिससे दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ गया . साथ ही भूस्खलन का खतरा भी कई गुना बढ़ चुका है. हिमालय जैसे संवेदनशील क्षेत्र में ऐसी लापरवाही को लोग सीधे जनजीवन से खिलवाड़ मान रहे हैं.
एनएच विभाग के अधिशासी अभियंता द्वारा ठेकेदार का एनओसी निरस्त कर करीब दो लाख रुपये का जुर्माना लगाए जाने की बात सामने आई है. लेकिन ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि क्या इतने गंभीर पर्यावरणीय नुकसान की कीमत बस इतनी ही है. अब मुद्दा यह नहीं है कि पहाड़ कितना कटा, लेकिन ये है कि यह सब किसकी चुप्पी और संरक्षण में हुआ. यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह लापरवाही भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है.
Uttarakhand
रुद्रप्रयाग में 5 साल का मासूम बना गुलदार का निवाला, ग्रामीणों ने विभाग पर लगाए गंभीर आरोप

Rudraprayag: सिन्द्रवाणी में मासूम को उठा कर ले गया गुलदार, घटना से क्षेत्र में दहशत
मुख्य बिंदु
रुद्रप्रयाग (Rudraprayag): उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहे मानव वन्य जीव संघर्ष के मामले अब बेहद चिंताजनक हो चुके हैं. बीती शाम एक मामला उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले से सामने आया है. जहाँ पर एक पांच साल के नन्हे मासूम को गुलदार उसकी माँ के सामने से उठा कर ले गया. घटना के बाद से वन विभाग की कार्य प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
रुद्रप्रयाग में मासूम बना गुलदार का निवाला
दरअसल, रुद्रप्रयाग जिले के सिन्द्रवाणी (छिनका नगरासू) से गुलदार एक पांच साल के मासूम को उठा कर ले गया. जिसके बाद से मौके पर हड़कंप मच गया. बच्चे के लापता होते ही ग्रामीणों ने तत्काल सर्च अभियान शुरू किया. घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर वन विभाग, DDRF और जिला प्रशासन के जवानों ने मौके पर पहुंचकर बच्चे की तलाश शुरू की.
रात 11 बजे बरामद हुआ शव
सर्च अभियान में सात अलग अलग टीमों ने देर रात तक बच्चे को ढूढने के प्रयास किए. जिसके बाद रात करीब 11 बजे बच्चे का शव बरामद कर लिया गया. मृतक मासूम की पहचान –
- दक्ष (5 वर्ष) पुत्र हेमंत बिष्ट
घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे लोग
घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है. जबकि, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. लोग अब गुलदार के डर से घरों से बाहर निकलने में भी कतरा रहे हैं. साथ ही अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से भी डर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार खुलेआम आबादी वाले क्षेत्र में घूम रहा है, लेकिन प्रशासन और वन विभाग की तरफ से अभी तक कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की जा रही है.
वन विभाग पर लापरवाही के गंभीर आरोप
घटना की जानकारी मिलने के बावजूद ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग और प्रशासन ने समय रहते कोई ठोस सर्च अभियान शुरू नहीं किया. न तो मौके पर प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम भेजी गई, न ही गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए गए. इसके अलावा ड्रोन कैमरों और खोजी कुत्तों जैसी आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल नहीं किया गया. ऐसे में ये सवाल स्वाभाविक रूप से उठ रहा है कि आखिर सिस्टम कब हरकत में आएगा और जिम्मेदार अधिकारी कब जवाबदेही तय करेंगे.
ग्रामीणों में गुस्सा, प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
इस दर्दनाक घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से तत्काल गुलदार को पकड़ने, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की है. ग्रामीणों का साफ कहना है कि अगर जल्द और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे.
Uttarakhand
रुद्रप्रयाग के अगत्यमुनी क्षेत्र में खाई में गिरा युवक, पुलिस और SDRF ने रेस्क्यू कर बचाया

Rudraprayag: अगस्त्यमुनि में खाई में गिरा युवक, फोन पर बात करते समय संतुलन बिगड़ा
मुख्य बिंदु
रुद्रप्रयाग (Rudraprayag): उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के थाना अगस्तमुनि क्षेत्र में बीती देर रात एक युवक का संतुलन बिगड़ने से वो खाई में गिर गया. जिसे पुलिस और SDRF की मदद से रेस्क्यू करके बचाया जा सका.
ये भी पढ़ें- उत्तराखंड: ऑफिस जा रही युवती से दुष्कर्म का आरोप, लिफ्ट देने के बहाने की जबरदस्ती
रुद्रप्रयाग में बीती रात खाई में गिरा युवक
जानकारी के मुताबिक, जिला नियंत्रण कक्ष रुद्रप्रयाग से समय 18:45 बजे SDRF को सूचना प्राप्त हुई कि अगस्तमुनि क्षेत्र के पास एक व्यक्ति खाई में गिर गया है. उक्त सूचना पर पोस्ट रतूड़ा से उप निरीक्षक आशीष डिमरी के नेतृत्व में SDRF टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई.

SDRF और पुलिस ने रेस्क्यू कर बचाया
घटनास्थल पर पहुँचकर एसडीआरएफ टीम द्वारा लगभग 100 मीटर गहरी खाई में गिरे व्यक्ति तक पहुँच बनाकर विषम परिस्थितियों में त्वरित रेस्क्यू अभियान चलाया गया. टीम द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद उक्त व्यक्ति को घायल अवस्था मे रोप स्ट्रेचर की सहायता से सुरक्षित मुख्य मार्ग तक पहुंचाया गया. जिसके बाद एंबुलेंस के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अगस्तयमुनि अस्पताल भिजवाया गया.
ये भी पढ़ें- गुप्तकाशी में महिला की करंट लगने से मौत, पेड़ से पत्तियां काटते वक्त हुआ हादसा
घायल व्यक्ति की पहचान
घायल व्यक्ति की पहचान, अरविंद राणा पुत्र स्व०सुरेंद्र सिंह राणा,उम्र: 28 वर्ष, निवासी ग्राम मत्थया पोस्ट बकसीर, तहसील बसुकेदार, थाना गुप्तकाशी के रूप में हुई है.
Uttarakhand17 hours agoउत्तराखंड शिक्षा विभाग भर्ती 2026: 2364 चतुर्थ श्रेणी पदों पर आवेदन शुरू
Uttarakhand18 hours agoरुद्रप्रयाग में 5 साल का मासूम बना गुलदार का निवाला, ग्रामीणों ने विभाग पर लगाए गंभीर आरोप
Breakingnews15 hours agoदून जिला प्रशासन ने पिटकुल को किया बैन, XEN व ठेकेदार पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज
big news18 hours agoगुंजन हत्याकांड में एसआईटी का हुआ गठन, आरोपी को कोर्ट में पेश कर भेजा गया जेल
Cricket16 hours agoभारत बनाम दक्षिण अफ्रीका वॉर्म-अप मैच में कौन मारेगा बाज़ी? पिच रिपोर्ट, जाने प्लेइंग XI और फैंटेसी टिप्स..
Cricket13 hours agoZIM vs OMAN Dream11 Prediction Today – एक्सपर्ट गाइड, प्लेइंग 11, पिच रिपोर्ट और फैंटेसी टिप्स…
Breakingnews17 hours agoछह प्रमुख भर्ती परीक्षाओं की तिथियां घोषित, UKPSC ने जारी किया परीक्षा कैलेंडर, देखें यहां
Dehradun16 hours agoकालसी बस हादसे के घायलों से मिले सीएम धामी, परिजनों को हरसंभव मदद का दिया आश्वासन





































