Uttarakhand
सिलक्यारा हादसा: कार्य प्रगति पर नही आई कोई अड़चन तो कल बाहर होंगे मजदूर, बदलेंगे सुरंग निर्माण मानक।

उत्तरकाशी – सिलक्यारा सुरंग में 10 दिन से फंसे 41 श्रमिकों की मंगलवार को पहली तस्वीर सामने आई। छह इंच के पाइप से भेजे गए एंडोस्कोपिक कैमरे में सभी श्रमिक सुरक्षित नजर आए। वॉकी-टॉकी से उनसे बात भी हुई। मजदूरों को इसी पाइप से दवाई, संतरे, केले, रोटी, सब्जी, पुलाव और नमक भेजा गया।
इस बीच, श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास निगम लि. ने सुरंग के भीतर से रेस्क्यू पर फोकस बढ़ा दिया है। एमडी महमूद अहमद ने बताया कि बुधवार को रेस्क्यू अभियान की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी। उन्होंने बताया कि पूर्व में 22 मीटर तक भेजे गए 900 मिमी के पाइप के भीतर से 800 मिमी का पाइप टेलीस्कोपिक तकनीक से भेजा जा रहा है।
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बजट सत्र से पहले धामी कैबिनेट अहम बैठक आज, सत्र के दौरान रखे जाने वाले विधेयकों पर होगी चर्चा

Dhami cabinet : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बजट सत्र से पहले मंत्रिमंडल की बैठक होने जा रही है। आज होने वाली बैठक में सत्र के दौरान रखे जाने वाले विधेयकों पर फैसला होगा।
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बजट सत्र से पहले धामी कैबिनेट अहम बैठक आज
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज यानी शुक्रवार को राज्य मंत्रिमंडल की एक अहम बैठक होगी। आज होने वाली बैठक शाम पांच बजे सचिवालय में होगी। इस बैठक में विधानसभा सत्र के दौरान रखे जाने वाले विधेयकों पर चर्चा होगी।

कई अहम प्रस्तावों पर लग सकती है मंत्रिमंडल की मुहर
बजट सत्र से पहले होने वाली मंत्रिमंडल की इस बैठक में सत्र दौरान रखे जाने वाले विधेयकों के साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा, गृह, शहरी विकास, शिक्षा व कृषि समेत विभिन्न विभागों से संबंधित विषयों पर चर्चा होगी। माना या जा रहा है बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मंत्रिमंडल की मुहर लग सकती है।
FAQs : Dhami cabinet 6 march 2026
1. धामी कैबिनेट की बैठक कब और कहां होगी?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट की अहम बैठक शुक्रवार को शाम 5 बजे देहरादून स्थित सचिवालय में आयोजित होगी।
2. इस कैबिनेट बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस बैठक में आगामी विधानसभा बजट सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले विधेयकों पर चर्चा की जाएगी और कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिया जा सकता है।
3. कैबिनेट बैठक में किन विभागों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी?
बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, गृह, शहरी विकास और कृषि सहित कई विभागों से जुड़े प्रस्तावों और योजनाओं पर चर्चा होने की संभावना है।
4. क्या इस बैठक में नए प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है?
हाँ, बजट सत्र से पहले होने वाली इस बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मंत्रिमंडल की मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है।
5. बजट सत्र से पहले कैबिनेट बैठक क्यों महत्वपूर्ण मानी जा रही है?
क्योंकि इस बैठक में उन विधेयकों और प्रस्तावों पर अंतिम चर्चा होती है जिन्हें विधानसभा के बजट सत्र में पेश किया जाना है।
Uttarakhand
Bhootnath Temple Rishikesh : जानिये इतिहास, रहस्य और आध्यात्मिक महत्व..

परिचय : Bhootnath Temple Rishikesh
उत्तराखंड के पवित्र शहर ऋषिकेश को योग, ध्यान और अध्यात्म की राजधानी कहा जाता है। यहां गंगा तट पर कई प्राचीन मंदिर और आश्रम स्थित हैं, जो लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इन्हीं पवित्र स्थलों में से एक है भूतनाथ मंदिर, जिसे आध्यात्मिक ऊर्जा और रहस्यमयी वातावरण के लिए जाना जाता है।
भूतनाथ मंदिर ऋषिकेश एक बहुमंजिला प्राचीन शिव मंदिर है, जहां भगवान शिव के विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है। यह मंदिर शांत वातावरण, सुंदर प्राकृतिक दृश्य और धार्मिक महत्व के कारण श्रद्धालुओं के लिए खास स्थान रखता है।
इस लेख में हम भूतनाथ मंदिर का इतिहास, धार्मिक महत्व, वास्तुकला, दर्शन समय, यात्रा गाइड और रोचक तथ्यों के बारे में विस्तार से जानेंगे।
Table of Contents
भूतनाथ मंदिर का स्थान

भूतनाथ मंदिर ऋषिकेश उत्तराखंड के पवित्र शहर ऋषिकेश में गंगा नदी के किनारे स्थित है। यह मंदिर प्रसिद्ध राम झूला के पास पहाड़ी पर बना हुआ है।
मंदिर की ऊंचाई से गंगा नदी और आसपास के पर्वतीय दृश्य बेहद मनमोहक दिखाई देते हैं। यही कारण है कि यहां आने वाले श्रद्धालु आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ प्रकृति की खूबसूरती का भी आनंद लेते हैं।
भूतनाथ मंदिर का इतिहास
भूतनाथ मंदिर का इतिहास कई दशकों पुराना माना जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और यहां उन्हें भूतनाथ यानी भूत-प्रेतों के स्वामी के रूप में पूजा जाता है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक समय भगवान शिव ने इस स्थान पर तपस्या की थी। कहा जाता है कि भगवान शिव यहां अपने गणों और भूत-प्रेतों के साथ विराजमान रहते थे। इसी वजह से इस स्थान का नाम भूतनाथ मंदिर पड़ा।
समय के साथ यह मंदिर धीरे-धीरे विस्तारित होता गया और आज यह कई मंजिलों वाला भव्य मंदिर बन चुका है।
भूतनाथ मंदिर की वास्तुकला
भूतनाथ मंदिर ऋषिकेश की वास्तुकला बेहद अनोखी है।
इस मंदिर की कुछ प्रमुख विशेषताएं:
- यह मंदिर कई मंजिलों में बना हुआ है
- हर मंजिल पर अलग-अलग देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं
- मंदिर की दीवारों पर धार्मिक चित्र और पौराणिक कथाओं के दृश्य बनाए गए हैं
- मंदिर का शिखर पारंपरिक उत्तर भारतीय शैली में बनाया गया है
ऊपर की मंजिलों से गंगा नदी और लक्ष्मण झूला क्षेत्र का शानदार दृश्य दिखाई देता है।
भूतनाथ मंदिर का धार्मिक महत्व
भूतनाथ मंदिर का धार्मिक महत्व अत्यंत विशेष माना जाता है।
हिंदू धर्म में भगवान शिव को भूतों और गणों के स्वामी कहा गया है। इसलिए उन्हें भूतनाथ भी कहा जाता है।
श्रद्धालुओं का मानना है कि:
- यहां पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है
- मानसिक शांति और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है
- भय और बाधाओं से मुक्ति मिलती है
विशेष रूप से महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
भूतनाथ मंदिर से जुड़ी मान्यताएं
इस मंदिर से कई रोचक धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं।
- नकारात्मक शक्तियों से रक्षा
मान्यता है कि भूतनाथ मंदिर में भगवान शिव की पूजा करने से नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा मिलती है। - तपस्या स्थल
कई साधु-संतों ने इस क्षेत्र में वर्षों तक तपस्या की है। - आध्यात्मिक ऊर्जा
यहां का वातावरण ध्यान और साधना के लिए अत्यंत उपयुक्त माना जाता है।

भूतनाथ मंदिर में मनाए जाने वाले प्रमुख पर्व
भूतनाथ मंदिर में पूरे वर्ष कई धार्मिक त्योहार मनाए जाते हैं।
1. महाशिवरात्रि
महाशिवरात्रि के दिन यहां विशेष पूजा और रात्रि जागरण किया जाता है।
2. सावन माह
सावन के महीने में भगवान शिव के भक्त दूर-दूर से यहां जलाभिषेक करने आते हैं।
3. श्रावण सोमवार
श्रावण सोमवार के दिन मंदिर में विशेष भीड़ रहती है और भक्त गंगा जल से शिवलिंग का अभिषेक करते हैं।
भूतनाथ मंदिर दर्शन का समय
यदि आप भूतनाथ मंदिर ऋषिकेश जाने की योजना बना रहे हैं, तो यहां के दर्शन समय इस प्रकार हैं:
- सुबह: 6:00 बजे से 12:00 बजे तक
- शाम: 4:00 बजे से 8:00 बजे तक
हालांकि त्योहारों के दौरान समय में परिवर्तन हो सकता है।
भूतनाथ मंदिर कैसे पहुंचे
सड़क मार्ग
ऋषिकेश उत्तराखंड के प्रमुख शहरों से सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।
रेल मार्ग
सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है
ऋषिकेश रेलवे स्टेशन।
हवाई मार्ग
सबसे नजदीकी हवाई अड्डा है
जॉली ग्रांट एयरपोर्ट।
यहां से टैक्सी या बस द्वारा आसानी से मंदिर पहुंचा जा सकता है।
भूतनाथ मंदिर घूमने का सबसे अच्छा समय
ऋषिकेश घूमने के लिए अक्टूबर से मार्च का समय सबसे अच्छा माना जाता है।
इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और गंगा तट की सुंदरता देखने लायक होती है।
सावन और महाशिवरात्रि के समय भी यहां विशेष धार्मिक माहौल देखने को मिलता है।

भूतनाथ मंदिर के आसपास घूमने की जगहें
यदि आप भूतनाथ मंदिर ऋषिकेश जा रहे हैं, तो आसपास के इन स्थानों को भी देख सकते हैं।
1. राम झूला
राम झूला गंगा नदी पर बना प्रसिद्ध झूला पुल है।
2. लक्ष्मण झूला
लक्ष्मण झूला ऋषिकेश का एक ऐतिहासिक और लोकप्रिय पर्यटन स्थल है।
3. त्रिवेणी घाट
त्रिवेणी घाट शाम की गंगा आरती के लिए प्रसिद्ध है।
भूतनाथ मंदिर से जुड़े रोचक तथ्य
- यह मंदिर कई मंजिलों में बना हुआ है
- यहां हर मंजिल पर अलग-अलग देवी-देवताओं की मूर्तियां हैं
- मंदिर की ऊंचाई से गंगा नदी का शानदार दृश्य दिखाई देता है
- यह ऋषिकेश के सबसे शांत और आध्यात्मिक स्थानों में से एक है
भूतनाथ मंदिर यात्रा के लिए टिप्स
यदि आप भूतनाथ मंदिर ऋषिकेश जाने की योजना बना रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:
- सुबह के समय दर्शन करना बेहतर रहता है
- आरामदायक जूते पहनें क्योंकि कुछ दूरी पैदल चलना पड़ सकता है
- मंदिर परिसर में शांति बनाए रखें
- गंगा तट की स्वच्छता का ध्यान रखें
निष्कर्ष
भूतनाथ मंदिर ऋषिकेश केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा और प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत संगम है। यहां आकर श्रद्धालु भगवान शिव की भक्ति के साथ-साथ गंगा तट की दिव्य शांति का अनुभव करते हैं।
यदि आप ऋषिकेश घूमने की योजना बना रहे हैं, तो भूतनाथ मंदिर जरूर जाएं। यहां का शांत वातावरण, भव्य मंदिर संरचना और आध्यात्मिक माहौल आपकी यात्रा को यादगार बना देगा।
FAQs
1. भूतनाथ मंदिर कहां स्थित है?
भूतनाथ मंदिर उत्तराखंड के ऋषिकेश में गंगा नदी के किनारे स्थित है।
2. भूतनाथ मंदिर किस देवता को समर्पित है?
यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है।
3. भूतनाथ मंदिर में कितनी मंजिलें हैं?
भूतनाथ मंदिर कई मंजिलों वाला मंदिर है और हर मंजिल पर अलग-अलग देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं।
4. भूतनाथ मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
अक्टूबर से मार्च का समय यहां घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।
5. क्या भूतनाथ मंदिर में विशेष त्योहार मनाए जाते हैं?
हाँ, यहां महाशिवरात्रि और सावन के दौरान विशेष पूजा और उत्सव मनाए जाते हैं।
Meta Title: भूतनाथ मंदिर ऋषिकेश: इतिहास, दर्शन, यात्रा गाइड
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चारधाम यात्रा 2026 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू, कैसे और कहां करें रजिस्ट्रेशन, यहां जानें हर जानकारी

chardham yatra registration 2026 : चारधाम यात्रा 2026 के लिए आज से रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं। आगामी चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन के लिए कोई भी शुल्क नहीं लगेगा और आप घर बैठे भी रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।
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chardham yatra registration 2026 आज से शुरू
आगामी चारधाम यात्रा 2026 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण आज से शुरू हो गए हैं। जिसके लिए पर्यटन विभाग के सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। आज सुबह सात बजे से ही रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं। 7 बजे से पंजीकरण वेबसाइट तथा मोबाइल एप के माध्यम से पंजीकरण किए जा रहे हैं।
पर्यटन विभाग की वेबसाइट और एप से कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन
बता दें कि इस साल चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। जबकि गंगोत्री और युमनोत्री के कपाट 19 अप्रैल 2026 को खुलेंगे। इसी के साथ चारधाम यात्रा का आगाज हो जाएगा। यात्रा पर वाले श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण करना अनिवार्य है।
चारधाम यात्रा पर आने के लिए आज यानी छह मार्च से पर्यटन विभाग की वेबसाइट chardham yatra registration login कर बुकिंग कर सकते हैं। इसके लिए registrationandtouristcare.uk.gov.in व मोबाइल एप tourist care uttarakhand पर पंजीकरण करवा सकते हैं।

आधार कार्ड से कर सकेंगे रजिस्ट्रेशन
चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग व्यवस्थाएं तय की गई हैं। भारतीय श्रद्धालु अपने आधार कार्ड के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। जबकि विदेशी यात्रियों के लिए ई-मेल आईडी के जरिए पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई हैं। जिससे वे आसानी से अपनी यात्रा से पहले आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर सकें।
17 अप्रैल से ऑफलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया होगी शुरू
इसके अलावा जो यात्री ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कर पाएंगे, उनके लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था भी की गई है। यात्रा शुरू होने से दो दिन पहले यानी 17 अप्रैल से ऑफलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप, हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान और विकासनगर में विशेष पंजीकरण काउंटर स्थापित किए जाएंगे।

जहां श्रद्धालु मौके पर जाकर अपनी यात्रा का पंजीकरण करा सकेंगे। यात्रियों की सहायता के लिए पर्यटन विभाग ने टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 0135-1364 भी जारी किया है। इस नंबर पर 24 घंटे सेवा उपलब्ध रहेगी, ताकि श्रद्धालु यात्रा से जुड़ी किसी भी जानकारी या समस्या के लिए आसानी से संपर्क कर सकें।
FAQs: chardham yatra registration 2026
1. चारधाम यात्रा 2026 के लिए पंजीकरण कब शुरू हुआ है?
चारधाम यात्रा 2026 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 6 मार्च 2026 सुबह 7 बजे से शुरू कर दिए गए हैं। श्रद्धालु वेबसाइट और मोबाइल एप के माध्यम से अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
2. चारधाम यात्रा 2026 कब से शुरू होगी?
इस वर्ष चारधाम यात्रा 19 अप्रैल 2026 से शुरू होगी। इसी दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे, जबकि 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे।
3. चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण कैसे करें?
श्रद्धालु पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in या Tourist Care Uttarakhand मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।
4. क्या चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य है?
हाँ, चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। बिना रजिस्ट्रेशन के यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
5. भारतीय श्रद्धालु पंजीकरण के लिए कौन-सा दस्तावेज इस्तेमाल कर सकते हैं?
भारतीय श्रद्धालु आधार कार्ड के माध्यम से अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।
6. विदेशी श्रद्धालु चारधाम यात्रा के लिए कैसे पंजीकरण कर सकते हैं?
विदेशी यात्रियों के लिए ई-मेल आईडी के जरिए पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
7. ऑफलाइन पंजीकरण कब से शुरू होगा?
जो श्रद्धालु ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कर पाएंगे, उनके लिए 17 अप्रैल 2026 से ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था शुरू की जाएगी।
8. ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कहां किया जा सकेगा?
ऑफलाइन पंजीकरण के लिए ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप, हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान और विकासनगर में विशेष रजिस्ट्रेशन काउंटर बनाए जाएंगे।
9. चारधाम यात्रा से जुड़ी जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर क्या है?
यात्रियों की सहायता के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 0135-1364 जारी किया गया है, जिस पर 24 घंटे सेवा उपलब्ध रहेगी।
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