Uttarakhand
सिलक्यारा हादसा: कार्य प्रगति पर नही आई कोई अड़चन तो कल बाहर होंगे मजदूर, बदलेंगे सुरंग निर्माण मानक।

उत्तरकाशी – सिलक्यारा सुरंग में 10 दिन से फंसे 41 श्रमिकों की मंगलवार को पहली तस्वीर सामने आई। छह इंच के पाइप से भेजे गए एंडोस्कोपिक कैमरे में सभी श्रमिक सुरक्षित नजर आए। वॉकी-टॉकी से उनसे बात भी हुई। मजदूरों को इसी पाइप से दवाई, संतरे, केले, रोटी, सब्जी, पुलाव और नमक भेजा गया।
इस बीच, श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास निगम लि. ने सुरंग के भीतर से रेस्क्यू पर फोकस बढ़ा दिया है। एमडी महमूद अहमद ने बताया कि बुधवार को रेस्क्यू अभियान की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी। उन्होंने बताया कि पूर्व में 22 मीटर तक भेजे गए 900 मिमी के पाइप के भीतर से 800 मिमी का पाइप टेलीस्कोपिक तकनीक से भेजा जा रहा है।
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उत्तराखंड में आज भी बिगड़ा रहेगा मौसम का मिजाज, उत्तरकाशी समेत कई जिलों के लिए अलर्ट

Uttarakhand Weather : उत्तराखंड में फिलहाल बारिश से राहत मिलने के आसार नहीं है। मौसम विभाग ने 12 अगस्त को टिहरी गढ़वाल और बागेश्वर में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही 13 अगस्त को भी मौसम का मिजाज बिगड़ा रह सकता है।
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उत्तराखंड में आज भी बिगड़ा रहेगा मौसम का मिजाज
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के देहरादून केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक आज प्रदेश के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, पिथौरागढ़ और बागेश्वर समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में बारिश का तेज दौर चल सकते हैं।
टिहरी और बागेश्वर में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने 12 अगस्त को टिहरी गढ़वाल और बागेश्वर में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। टिहरी में 11 अगस्त की शाम से मौसम में बदलाव देखने को मिला और कई इलाकों में तेज बारिश हुई। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है, हालांकि पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन की आशंका भी बढ़ गई है।

बागेश्वर में भी देर रात से रुक-रुककर बारिश जारी है। पहाड़ी क्षेत्रों और नदी किनारे बसे इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। लगातार बारिश के चलते संवेदनशील स्थानों पर सड़क बाधित होने और छोटे-बड़े भूस्खलन की आशंका बनी हुई है।
14 अगस्त से फिर बिगड़ सकता है मौसम
मौसम विभाग के अनुसार 12 और 13 अगस्त को प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। इसके बाद 14 अगस्त को मौसम के और अधिक सक्रिय होने की संभावना है।
14 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर और नैनीताल में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली और तेज बारिश को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।

यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह
उत्तराखंड में इस समय चारधाम और अन्य धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले यात्रियों की आवाजाही भी बनी हुई है। ऐसे में मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचना और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों के मुताबिक लगातार बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर अचानक मलबा आने, पत्थर गिरने और बरसाती नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की घटनाएं हो सकती हैं। इसलिए यात्रियों को नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी ढलानों के पास जाने से बचना चाहिए।
Udham Singh Nagar
खटीमा में दिव्यांग बच्चों के आंदोलन का बड़ा असर, निदेशालय ने प्रिंसिपल को हटाया

Khatima News : उत्तराखंड के खटीमा स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में छात्र-छात्राओं की ओर से तीन दिनों तक किए गए आंदोलन के बाद आखिरकार प्रशासन ने कार्रवाई की है। विद्यालय में भोजन की गुणवत्ता, एक्सपायरी राशन, बिजली-पानी, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विद्यार्थियों ने गंभीर शिकायतें उठाई थीं। छात्रों के विरोध के बाद जनजाति कल्याण निदेशालय ने विद्यालय की प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है।
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खटीमा में दिव्यांग बच्चों के आंदोलन का बड़ा असर
निदेशालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार विद्यालय की प्राचार्य भारती यादव को जिला जनजाति कल्याण अधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। साथ ही विद्यालय में सामने आई शिकायतों की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गणित शिक्षक को मिली प्राचार्य की जिम्मेदारी
विद्यालय में प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए पीजीटी गणित शिक्षक रोशन झिंक्वाण को प्राचार्य का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वह फिलहाल विद्यालय की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालेंगे।
तीन दिन तक छात्रों ने किया था विरोध
विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर छात्र-छात्राओं में लंबे समय से नाराजगी थी। अपनी मांगों और समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर में लगातार तीन दिनों तक धरना दिया। इस दौरान उन्होंने खाने की गुणवत्ता के साथ-साथ विद्यालय में उपलब्ध राशन को लेकर भी सवाल उठाए।

छात्रों का आरोप था कि उन्हें कई बार खराब गुणवत्ता का भोजन दिया जा रहा है। इसके अलावा एक्सपायरी राशन मिलने की शिकायत भी सामने आई थी। विद्यार्थियों ने बिजली-पानी की समस्या, साफ-सफाई और विद्यालय की अन्य व्यवस्थाओं में खामियों को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की।
अभिभावकों और जनजातीय प्रतिनिधियों ने भी उठाई शिकायतें
निदेशालय के आदेश में बताया गया है कि प्राचार्य भारती यादव के संबंध में स्थानीय जनजातीय प्रतिनिधियों, अभिभावकों और छात्र-छात्राओं की ओर से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं।
विद्यार्थियों और अभिभावकों में बढ़ते असंतोष को देखते हुए प्राचार्य को अग्रिम आदेश तक जिला जनजाति कल्याण अधिकारी कार्यालय से संबद्ध करने का फैसला लिया गया।
Politics
गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के लिए आंदोलनकारी करेंगे सामूहिक मुंडन, 15 से शुरू होगी पदयात्रा

Uttarakhand Politics : दिल्ली, कर्णप्रयाग, चौखुटिया, रुद्रप्रयाग में गरजे और देहरादून धरना स्थल पर 100 दिनों से अधिक के क्रमिक अनशन के बाद अब आर-पार की जंग शुरू हो गई है। उत्तराखंड की आत्मा और स्वाभिमान की लड़ाई अब अपने सबसे उग्र और ऐतिहासिक मोड़ पर पहुंच चुकी है।
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गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के लिए करेंगे सामूहिक मुंडन
स्थायी राजधानी गैरसैंण समिति ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य की जनता के साथ वर्षों से किया जा रहा छल अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समिति इससे पहले दिल्ली, देहरादून, कर्णप्रयाग, चौखुटिया और रुद्रप्रयाग में उग्र प्रदर्शन कर अपनी मंशा साफ कर चुकी है और देहरादून धरना स्थल पर लगातार 100 से अधिक दिनों का ऐतिहासिक क्रमिक अनशन इस बात का जीवंत प्रमाण है कि ये आंदोलन अब किसी के रोके रुकने वाला नहीं है।
समिति 15 से शुरू करेगी पदयात्रा
समिति के मुख्य संयोजक पूर्व IAS विनोद प्रसाद रतूड़ी, पार्थ रतूड़ी(पत्रकारिता छात्रा), गोपाल दत्त कुमेड़ी, सुधीर गैरोला और शैलेंद्र शेखर करगेती ने एक स्वर में हुंकार भरते हुए कहा कि सत्ता के नशे में सोई सरकारें कान खोलकर सुन लें कि जब तक गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी घोषित नहीं किया जाता, तब तक न हम बैठेंगे और न ही सरकार को चैन से बैठने देंगे।

अब जंग सीधी और आर-पार की होगी – समिति
समिति का कहना है कि हमारी रगों में उत्तराखंड का खून दौड़ रहा है और ये लड़ाई हमारी अस्मिता व भावी पीढ़ियों के हक की है। हमने ‘प्रण से प्राण तक’ का अटूट संकल्प लिया है और अगर सरकार सोचती है कि वह समय टालकर हमें थका देगी, तो ये उसकी सबसे बड़ी ऐतिहासिक भूल होगी क्योंकि अब जंग सीधी और आर-पार की होगी।
गैरसैंण तक निकाली जाएगी पदयात्रा
सरकार की हठधर्मिता और वादाखिलाफी के जवाब में समिति ने ऐतिहासिक आंदोलनों का शंखनाद कर दिया है। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 को प्रातः 9:00 बजे से देहरादून विधानसभा के बाहर गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के संकल्प और सरकार के खिलाफ रोष के प्रतीक स्वरूप सामूहिक मुंडन किया जाएगा।
इसके तुरंत बाद स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त 2026 को प्रातः 9:30 बजे से विधानसभा के बाहर से देहरादून से गैरसैंण तक ऐतिहासिक महा-पदयात्रा का आगाज होगा।
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