धर्म-कर्म
वृषभ राशिफल 9 दिसंबर 2025 : इस राशि के जातक आज रहें सावधान, वरना हो सकता है नुकसान

वृषभ राशिफल 9 दिसंबर 2025 (Taurus Horoscope) : वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन थोड़ा परेशानियों भरा रह सकता है। खासकर इस राशि के जातकों को वित्तिय मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत है।
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वृषभ राशिफल 9 दिसंबर 2025 (Taurus Horoscope)
वृषभ राशि के जातकों को आज के दिन वित्तीय मामलों को लेकर सावधान रहने की जरूरत है। इसके साथ ही आज वृषभ राशि वाले आज अगर अपनी वाणी पर सयंम रखते हैं तो वो इसके दम पर अच्छे परिणाम पा सकते हैं। जबकि प्रेम जीवन में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। Taurus Horoscope
वित्तीय मामलों से जुड़े फैसलों को कुछ समय के लिए टालें
वृषभ राशि के जातक अगर अपने काम में ध्यान लगाते हैं तो इनकी आय में वृद्धि हो सकती है। लेकिन आपको ये सलाह दी जाती है कि वित्तीय मामलों में आपको नुकसान झेलना पड़ सकता है। इसलिए वित्तीय मामलों में अभी कोई फैसला ना लें अन्यथा आपको नुकसान हो सकता है। फिलहाल इसे कुछ समय के लिए टाल दें।

कई दिनों से चली आ रही परेशानी का मिलेगा हल
वित्तिय मामलों के अलावा बात करें तो इस राशि (Taurus Horoscope) के जातकों के लिए ये समय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अनुकूल है। इसके साथ ही कार्यक्षेत्र में भी बेहतर कार्य करेंगे। सबसे खास बात बीते कुछ दिनों से जीवन में चली आ रही किसी परेशानी का आपको हल मिल सकता है। समाज में आपका सम्मान व रुतबा बढ़ेगा।
सेहत का रखें खास ख्याल
Taurus Horoscope (वृषभ राशि के जातकों) को सेहत के मामले में आज सतर्क रहने की जरूरत है। आज डायबिटीज या शुगर से जुड़ी समस्याओं से परेशान लोगों को अपने खान-पान पर खास ध्यान देने की जरूरत है। इसके साथ ही दिनचर्या पर ध्यान देना चाहिए। आज थोड़ी ज्यादा थकान हो सकती है।
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Diwali 2026: इस बार दिवाली पर बन रहा खास संयोग, जानें कब होगी लक्ष्मी पूजा

Diwali 2026 : दिवाली का पांच दिवसीय महापर्व धनतेरस के साथ शुरू होता है और भाई दूज के साथ इसका समापन होता है। इस दौरान धनतेरस, नरक चतुर्दशी यानी छोटी दिवाली, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज जैसे प्रमुख त्योहार मनाए जाते हैं। इन सभी पर्वों का अपना धार्मिक और पौराणिक महत्व है। इस बार पंचांग के अनुसार कुछ तिथियों को लेकर विशेष स्थिति बन रही है। आइए जानते हैं धनतेरस से लेकर भाई दूज तक सभी त्योहारों की तारीख और उनका महत्व।
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धनतेरस कब है? (Dhanteras 2026 Date)
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। इसे धन त्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देवता की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर समुद्र मंथन से प्रकट हुए थे। धनतेरस पर प्रदोष काल में दीपदान का विशेष महत्व है। इस दिन लोग सोना, चांदी और नए बर्तनों की खरीदारी को भी शुभ मानते हैं।
छोटी दिवाली और नरक चतुर्दशी (Choti Diwali 2026 Date)
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष तिथियों के विशेष संयोग के चलते छोटी दिवाली 8 नवंबर, रविवार को मनाई जाएगी। वहीं, 7 नवंबर को हनुमान जयंती का पर्व पड़ रहा है।
पंडित राकेश झा के अनुसार, छोटी दिवाली के दिन घरों में पांच या सात दीपक जलाने की परंपरा है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध कर उसकी कैद में बंद 16 हजार कन्याओं और अन्य लोगों को मुक्त कराया था। इसी विजय की स्मृति में नरक चतुर्दशी मनाई जाती है।

दिवाली कब मनाई जाएगी? (Diwali 2026 Date)
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को दीपावली का त्योहार मनाया जाता है। इस बार तिथियों के संयोग के कारण छोटी दिवाली और मुख्य दीपावली दोनों 8 नवंबर, रविवार को मनाई जाएंगी।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम रावण पर विजय प्राप्त करने के बाद माता सीता, लक्ष्मण और अपने अन्य साथियों के साथ अयोध्या लौटे थे। उनके स्वागत में अयोध्यावासियों ने दीप जलाए थे। तभी से दीपावली को प्रकाश और खुशियों के पर्व के रूप में मनाने की परंपरा चली आ रही है। इस दिन घरों में दीप जलाए जाते हैं और भगवान गणेश तथा माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है।

गोवर्धन पूजा कब है? (Govardhan Puja 2026 Date)
दिवाली के अगले दिन मनाई जाने वाली गोवर्धन पूजा कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को होती है। इस वर्ष यह पर्व 10 नवंबर, मंगलवार को मनाया जाएगा।
पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने इसी दिन अपनी छोटी अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर ब्रजवासियों और उनके पशुओं को भगवान इंद्र के प्रकोप से बचाया था। इस दिन गोवर्धन महाराज की पूजा की जाती है और अन्नकूट का भोग लगाया जाता है। इसके साथ ही कई स्थानों पर भगवान विश्वकर्मा की पूजा भी की जाती है।

भाई दूज कब है? (Bhai Dooj 2026 Date)
पांच दिवसीय दीपावली महापर्व का समापन भाई दूज के साथ होता है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाने वाला यह त्योहार भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का प्रतीक है। इस बार भाई दूज 11 नवंबर, बुधवार को मनाई जाएगी।
पौराणिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन यमराज अपनी बहन यमुना से मिलने पहुंचे थे। यमुना ने उनका तिलक कर स्वागत किया और उन्हें स्वादिष्ट पकवान खिलाए। तभी से भाई दूज पर बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करती हैं।
Uttarakhand
बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथियां तय, जानें कब समाप्त होगी चारधाम यात्रा ?

Uttarakhand News : उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में दर्शन के लिए अब कुछ ही दिन शेष हैं। नवंबर में दोनों धामों के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। 11 नवंबर को बाबा केदार के कपाट बंद होंगे, जबकि 16 नवंबर को बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद किए जाएंगे।
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बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि तय
उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थस्थलों बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में इस वर्ष की यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच रही है। बदरीनाथ धाम के कपाट 16 नवंबर को रात 9 बजकर 37 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसके अगले दिन, 17 नवंबर को भगवान की उत्सव डोलियां अपने निर्धारित शीतकालीन प्रवास स्थलों के लिए रवाना होंगी।

11 नवंबर को बंद होंगे केदारनाथ धाम के कपाट
वहीं, बाबा केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर को भैया दूज के पावन अवसर पर बंद होंगे। कपाट बंद होने के साथ ही दोनों प्रमुख धामों में इस वर्ष की यात्रा का समापन हो जाएगा। हर साल यात्रा सीजन में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान बदरीविशाल और बाबा केदार के दर्शन के लिए उत्तराखंड पहुंचते हैं।

कपाट बंद होने के साथ ही चारधाम यात्रा का होगा समापन
सर्दियों में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम प्रतिकूल होने और बर्फबारी की संभावना को देखते हुए सदियों से चली आ रही धार्मिक परंपराओं के अनुसार धामों के कपाट बंद किए जाते हैं। हालांकि, कपाट बंद होने के बाद भी श्रद्धालु शीतकालीन पूजा स्थलों पर भगवान के दर्शन कर सकेंगे। इस दौरान निर्धारित स्थलों पर नियमित रूप से पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान जारी रहेंगे।
Uttarkashi
शीतकाल के लिए इस दिन बंद होंगे यमुनोत्री धाम के कपाट, शुभ मुहूर्त हुआ तय

Uttarkashi News : यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए कब बंद होंगे इसकी तारीख और शुभ मुहूर्त तय हो गया है। विजयदशमी के अवसर पर मंदिर समिति और पुरोहित समाज की बैठक में पंचांग और धार्मिक परंपराओं के अनुसार कपाट बंद करने का समय निर्धारित किया गया।
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शीतकाल के लिए इस दिन बंद होंगे यमुनोत्री धाम के कपाट
प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम के कपाट 11 नवंबर को भैया दूज के अवसर पर शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। कपाट बंद करने का शुभ समय सुबह 10 बजकर 28 मिनट निर्धारित किया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अनुराधा नक्षत्र और सौम्य धनु लग्न में विधि-विधान के साथ यह प्रक्रिया संपन्न होगी।
विजयदशमी पर आयोजित बैठक में लिया गया फैसला
विजयदशमी के अवसर पर यमुनोत्री धाम में मंदिर समिति और पुरोहित समाज की बैठक आयोजित की गई। इसमें पंचांग और परंपराओं के आधार पर कपाट बंद करने का मुहूर्त तय किया गया। इसी के साथ इस वर्ष धाम के कपाट बंद होने की तिथि भी घोषित हो गई।

हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं यमुनोत्री धाम
यमुनोत्री धाम उत्तराखंड की चारधाम यात्रा के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है। यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सर्दियों के आगमन के साथ कपाट बंद होने के बाद मां यमुना की पूजा-अर्चना उनके शीतकालीन प्रवास स्थल पर की जाती है।
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