Chamoli
पर्यटकों के लिए एक जून को खोल दी जाएगी विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी, खुबसुरत वादियों का हो सकेंगे दीदार।

चमोली – विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए इस वर्ष एक जून को खोल दी जाएगी। नंदा देवी राष्ट्रीय वन प्रभाग इन दिनों घाटी में पर्यटकों के स्वागत की तैयारियों में जुटा है।

पर्यटकों व ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए फूलों की घाटी काफी मुफीद होती है। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर घाटी में दुर्लभ हिमालयी वनस्पतियां पाई जाती हैं। यहां जैव विविधता का खजाना है। 500 से अधिक प्रजाति के फूल खिलते हैं।
उप वन संरक्षक बीबी मार्तोलिया ने बताया, घाटी में पहला दल घांघरिया से एक जून को रवाना किया जाएगा। दल को घाटी में ट्रैक के बाद उसी दिन वापस आना होता है। बताया, यहां के लोगों के लिए 200 रुपये और विदेशी नागरिकों के लिए 800 रुपये ईको ट्रैक शुल्क निर्धारित है। घांघरिया में टूरिस्ट गाइड की भी सुविधा उपलब्ध रहेगी।
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नमामि गंगे की ऑडिट रिपोर्ट को लेकर गरमाई सियासत, कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन मे लगाए गंभीर आरोप

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड विधानसभा में नमामि गंगे की ऑडिट रिपोर्ट को लेकर सियासत गरमा गई है। रिपोर्ट में गंगा सफाई और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की मॉनिटरिंग और गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए हैं। विपक्ष सरकार पर आंकड़ों की बाजीगरी का आरोप लगा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि यह रिपोर्ट ही बताती है कि मॉनिटरिंग सिस्टम लगातार काम कर रहा है।
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नमामि गंगे की ऑडिट रिपोर्ट को लेकर गरमाई सियासत
नमामि गंगे योजना की शुरुआत साल 2014 से केंद्र सरकार ने गंगा की सफाई और संरक्षण के लिए की थी। इस मिशन के तहत गंगा में गिरने वाले सीवर को रोकने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, घाटों का विकास और नदी के पानी को प्रदूषण रहित करना था। इसके लिए हजारों करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। इसकी ऑडिट रिपोर्ट जैसे ही विधानसभा पटल पर रखी गई जिसको लेकर अब विधानसभा में सवाल खड़े हो गए हैं।
कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने सरकार को घेरते हुए कहा कि नमामि गंगे की ऑडिट रिपोर्ट में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में कई जगह सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की मॉनिटरिंग तय मानकों के अनुसार नहीं हो पाई। रिपोर्ट में ये भी सामने आया कि कई एसटीपी में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं हुआ और जिन लैब्स से पानी की जांच कराई जा रही है उनकी विश्वसनीयता पर भी सवाल उठे हैं।

हरिद्वार में गंगा का जल अभी भी बी श्रेणी में दर्ज
रिपोर्ट में ये भी सामने आया कि कुछ स्थानों पर गंगा के जल की गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ और हरिद्वार में गंगा का जल अभी भी बी श्रेणी में दर्ज किया गया है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार गंगा की सफाई को लेकर केवल आंकड़ों की बाजीगरी कर रही है, जबकि जमीनी हालात अलग हैं।
सरकार गंगा की स्वच्छता को लेकर गंभीर – विधायक मुन्ना सिंह चौहान
वहीं सत्ता पक्ष ने इन आरोपों को खारिज किया है। बीजेपी विधायक मुन्ना सिंह चौहान का कहना है कि ऑडिट रिपोर्ट का मतलब यही है कि मॉनिटरिंग सिस्टम सक्रिय है और लगातार एसटीपी की जांच की जा रही है। उनका कहना है कि जब भी कोई रिपोर्ट सामने आती है तो उसी के आधार पर सुधार की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है और सरकार गंगा की स्वच्छता को लेकर गंभीर है।
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Uttarakhand Budget Session LIVE : बजट सत्र का दूसरा दिन, सदन की कार्रवाई शाम चार बजे तक के लिए स्थगित

Uttarakhand Budget Session LIVE Day 2 : गैरसैंण के भराड़ीसैंण में विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन की कार्रवाई शुरू हो गई है। आज प्रशनकाल के साथ ही सदन पटल पर आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट और कैग की सात रिपोर्ट रखी जाएंगी। इसके साथ ही चार अध्यादेश भी सदन पटल पर रखे जाएंगें।
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उत्तराखंड बजट सत्र के दूसरे दिन की कार्रवाई शुरू
उत्तराखंड के बजट सत्र के दूसरे दिन की कार्रवाई शुरू हो गई है। आज 4 अध्यादेश भी सदन के पटल पर रखे जाएंगे। जिनमें उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश, 2025 शामिल है।

इसके साथ ही उत्तराखंड दुकान और स्थापना (रोजगार विनियमन और सेवा शर्त) (संशोधन) अध्यादेश 2025, उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अध्यादेश, 2025, उत्तराखंड समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड (संशोधन) अध्यादेश, 2026 शामिल हैं।
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भराड़ीसैंण में कांग्रेसी विधायकों का जोरदार प्रदर्शन, सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग, देखें वीडियो

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड सरकार का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। सत्र शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए। कांग्रेसी विधायकों ने बजट सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग की है।
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भराड़ीसैंण में कांग्रेसी विधायकों का जोरदार प्रदर्शन
भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन पहुंचे विपक्ष के सभी विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में हाथ में तख्ती लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया, इस दौरान सभी विपक्ष के विधायक विधानसभा की सीढ़ियों पर ही बैठ गए।
कांग्रेसी विधायकों की सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग
विपक्षी कांग्रेस विधायकों ने कहा कि सरकार विपक्ष के सवालों से बचना चाहती है इसलिए सत्र की अवधि कम की गई है। उन्होंने राज्यपाल गुरमीत सिंह के अभिभाषण के तुरंत बाद बजट पेश करने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ये राज्यपाल के प्रोटोकॉल का उल्लंघन है।

पहली बार अभिभाषण के दिन ही हो रहा बजट पेश
कांग्रेसियों का कहना है कि इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है जब अभिभाषण के दिन ही बजट पेश किया जा रहा है। कहा कि बजट सत्र कम से कम 20 से 22 दिन का होना चाहिए। नियमावली में एक साल में सत्र 60 दिन चलना चाहिए, लेकिन इन चार वर्षों में सत्र केवल 32 दिन ही चल पाया है।
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