Dehradun
128GB स्टोरेज और 5000mAh बैटरी के साथ इस धमाकेदार कंपनी का बजट फ्रेंडली स्मार्टफोन भारत में लॉन्च….

देहरादून : स्मार्टफोन निर्माता कंपनी मोटोरोला (Motorola) ने आज भारत में अपना नया बजट फ्रेंडली स्मार्टफोन Motorola G35 5G लॉन्च कर दिया है। यह स्मार्टफोन 128GB स्टोरेज और 4GB रैम के साथ आता है और खासकर उन यूज़र्स के लिए डिजाइन किया गया है जो बजट में एक बेहतरीन स्मार्टफोन की तलाश कर रहे हैं। इस स्मार्टफोन में 5000mAh की बैटरी दी गई है, जो लंबी बैटरी लाइफ का दावा करती है।
Motorola G35 5G Specifications
Motorola G35 5G में आपको एक 6.2 इंच का LCD FHD+ डिस्प्ले मिलेगा, जो 120Hz के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। फोन UniSOC T760 प्रोसेसर से लैस है, जो इसे बेहतर प्रोसेसिंग पावर और प्रदर्शन प्रदान करता है। यह स्मार्टफोन 4GB RAM और 128GB स्टोरेज के साथ आता है, जिसमें 8GB तक एक्सटेंडेड रैम का फीचर भी दिया गया है।
कैमरा सेटअप
Motorola G35 5G के कैमरा सेटअप में आपको 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा मिलेगा, जो शानदार फोटो क्लिक करने की क्षमता रखता है। इसके अलावा, इसमें 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रावाइड कैमरा भी है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए, फोन में 16 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा है।
बैटरी और चार्जिंग
इस स्मार्टफोन में 5000mAh की दमदार बैटरी दी गई है, जो 20W के वायर्ड चार्जिंग को सपोर्ट करती है। इसके अलावा, फोन में IP52 रेटिंग दी गई है, जिसका मतलब है कि यह फोन पानी और धूल से सुरक्षित रहेगा। फोन के गोरिल्ला ग्लास 3 प्रोटेक्शन और डॉल्बी एटमॉस सिस्टम से आपको बेहतर प्रदर्शन और सुरक्षा मिलेगी। यह फोन Android 14 ओएस पर काम करता है, जिसमें कंपनी 1 OS अपडेट और 2 साल तक सिक्योरिटी पैच का वादा करती है।
कीमत और उपलब्धता
Motorola G35 5G की कीमत ₹9999 रखी गई है, जो इसे एक बजट स्मार्टफोन बनाता है। इसे आप Motorola की आधिकारिक वेबसाइट और Flipkart से खरीद सकते हैं। यह फोन Leaf Green, Guava Red, और Midnight Black रंगों में उपलब्ध है।
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Dehradun
मानसून अलर्ट ! देहरादून में नदी किनारे बसने वालों के लिए बड़ा खतरा , NDMA की बड़ी चेतावनी

Dehradun News : देहरादून के लिए मानसून सीजन के लिए अलर्ट जारी, नदी किनारे बसने वालों के लिए बड़ी चेतावनी
Dehradun News : जून के अंत तक उत्तराखंड में मानसून दस्तक देने वाला है। इसे देखते हुए शासन स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी बीच एनडीएमए की देहरादून के लिए बड़ी चेतावनी सामने आई है।
Table of Contents
जून के अंत तक उत्तराखंड में मानसून देगा दस्तक
उत्तराखंड में इस साल जून के अंत तक मानसून की दस्तक हो सकती है। हर साल मानसून के दौरान प्रदेश में आपदाएं बड़ी चुनौती बनती हैं, जिससे जान-माल का भारी नुकसान होता है। खासकर नदी किनारे बसे लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। इस बीच एनडीएमए के सदस्य डॉ. दिनेश कुमार असवाल का बड़ा बयान सामने आया है।
देहरादून में नदी किनारे बसने वालों के लिए बड़ा खतरा
देहरादून स्थित वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी में “हिमालयन डिजास्टर” विषय पर आयोजित कार्यशाला में डॉ. असवाल ने कहा कि नदी किनारे रहना बेहद खतरनाक है। उन्होंने यहां तक कहा कि ऐसे स्थानों पर दीवारों पर लिख देना चाहिए—“यहां मौत फ्री में मिलने वाली है।” उनका कहना है कि बिना वैज्ञानिक प्लानिंग के नदी किनारे निर्माण आपदा को न्योता देता है।

उन्होंने यह भी कहा कि नदियों का अपना एक फ्लड पैटर्न होता है, जिसे HFL (हाइएस्ट फ्लड लेवल) के आधार पर चिन्हित करना जरूरी है। इसके बिना सुरक्षित लैंड यूज प्लानिंग संभव नहीं है।
देहरादून के लिए NDMA की बड़ी चेतावनी
वाडिया इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर डॉ. विनीत कुमार गहलोत ने कहा कि जोखिम के बावजूद लोग मजबूरी में नदी किनारे बसते हैं, जिसमें गरीबी एक बड़ा कारण है। देहरादून की रिस्पना और बिंदाल नदी के किनारे ऐसी स्थिति साफ देखी जा सकती है।
सरकार स्तर पर प्रयास जारी हैं, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या मानसून से पहले नदी किनारे बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बसाने के लिए ठोस नीति बन पाएगी, या फिर हर साल की तरह इस बार भी आपदा का खतरा बरकरार रहेगा।
Uttarakhand
लैंड फ्रॉड पर गढ़वाल आयुक्त सख्त : 45 मामलों का निस्तारण, धोखाधड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने के दिए निर्देश…

देहरादून : गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में शनिवार को सर्वे चौक स्थित कैंप कार्यालय में लैंड फ्रॉड समन्वय समिति की उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में प्राप्त आख्या की समीक्षा की गई। इस दौरान समिति द्वारा लैंड फ्रॉड से संबंधित 20 लंबित एवं 105 नए मामलों सहित 125 मामलों सुनवाई की गई। इस दौरान समिति द्वारा कुल 45 प्रकरणों का निस्तारण के साथ ही 24 मामलों में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। लैंड फ्रॉड समिति में दर्ज नए मामलों में सबसे अधिक 74 मामले देहरादून जनपद के है, जबकि हरिद्वार के 15, पौडी के 13, टिहरी के 02 तथा चमोली का 01 प्रकरण भी इसमें शामिल है।
गढ़वाल आयुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार और मा. मुख्यमंत्री की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत भूमि धोखाधड़ी के मामलों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जिन प्रकरणों में संयुक्त निरीक्षण अपेक्षित है, उन्हें इसी सप्ताह पूरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।

गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि लैंड फ्रॉड कमेटी की बैठक अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि हर 15 दिनों के अंतराल में लैंड फ्रॉड मामलों की समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में आयोजित ताजा बैठक में कुल 125 प्रकरणों पर विचार किया गया, जिनमें 20 लंबित और 105 नए मामले शामिल थे। इनमें से 24 प्रकरण अत्यंत गंभीर पाए गए, जिनमें तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इन 24 मामलों में उदय सिंह, सुचेता सेमवाल, राजीव जायलवाल, गुलाब सिंह, किरन बागड़ी, अजय कुमार, संजीव गर्ग, मिथलेश सिंघल, जगदंबा रावत, अर्जुन सिंह, सामरजी देवी समेत कुल 13 शिकायतें विशेष रूप से भूमि पर तारबाड़ कर कब्जा व जमीन को खुर्द-बुर्द करने से संबंधित हैं। आयुक्त ने कहा कि जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं-कहीं बिना जमीन के ही बिक्री, कहीं खसरा नंबर में हेरफेर कर अलग भूमि देना, तो कहीं 2 बीघा भूमि को 4 बीघा बताकर बेचना जैसे गंभीर फर्जीवाड़े उजागर हुए हैं। आयुक्त ने ऐसे मामलों में पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त भूमि धोखाधडी, अवैध कब्जा एवं गंभीरता वाले अन्य 11 मामलो पर भी आयुक्त ने एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी किए है।
आयुक्त ने कहा कि 24 एफआईआर योग्य मामलों के अतिरिक्त 45 अन्य प्रकरणों का भी निस्तारण किया गया है। इनमें कुछ मामलों में दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो गया है। कुछ में लेन-देन की समस्या प्रशासनिक हस्तक्षेप से सुलझ गई और धनराशि वापस कर दी गई। वहीं, कुछ प्रकरण सिविल न्यायालय में लंबित पाए गए, जिनमें बेनामा निरस्तीकरण से संबंधित विवाद हैं और इनमें लैंड फ्रॉड नहीं पाया गया। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों का निस्तारण विधिवत न्यायालय के माध्यम से ही होगा।

आयुक्त ने विशेष रूप से बड़े भू-क्षेत्र से जुड़े मामलों में कार्रवाई में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे लंबित प्रकरणों में 15 दिनों के भीतर ठोस प्रगति लाना सुनिश्चित करें। ऐसे मामलें जिनमें अवैध निर्माण सिद्ध हो चुका है, उनमें तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाए। स्पष्ट भूमि धोखाधड़ी के सभी मामलों में अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। जो मामले भूमि धोखाधडी से संबंधित नही है उनकी सूचना शिकायतकर्ता को भी दी जाए। आयुक्त ने निर्देश दिए कि भूमि से संबंधित मामलों में प्रारंभिक स्तर पर ही विवाद की पहचान कर आवश्यक प्रतिबंधात्मक कदम उठाए जाएं, जिससे भविष्य में जटिलताएं उत्पन्न न हों।
आयुक्त ने न्यायालय में लंबित मामलों को छोड़कर अन्य सभी प्रकरणों में विभागीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा किसी भी भूमि संबंधी मामले को अनावश्यक रूप से लंबित न रखने के निर्देश दिए।
Uttarakhand
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की विधानसभा क्षेत्रों की समीक्षा, अधिकारियों को समयबद्ध कार्य के दिए निर्देश….

मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्रों यमकेश्वर, पौड़ी, श्रीनगर, चौबट्टाखाल, लैंसडाउन और कोटद्वार की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को ये निर्देश दिए।
बैठक में दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश
मुख्यमंत्री घोषणाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा उनकी प्रभावी निगरानी के लिए प्रोग्राम इवैल्यूएशन एंड रिव्यू टेक्निक (पी.ई.आर.टी.) चार्ट तैयार किया जाए। बिजली, पेयजल, वनाग्नि, मानव-वन्यजीव संघर्ष तथा सड़क से संबंधित समस्याओं का विभागों द्वारा यथाशीघ्र समाधान किया जाए। स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। विधायकगणों द्वारा अपने क्षेत्रों की जिन समस्याओं को उठाया जा रहा है, अधिकारी उन्हें गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान करें। जिन घोषणाओं के अभी तक शासनादेश जारी नहीं हुए हैं, उन्हें 15 जून 2026 तक जारी किया जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय से जनसमस्याओं का समाधान करें।
शिक्षा और युवाओं के लिए पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रत्येक विकासखंड में बालिकाओं के लिए एक-एक छात्रावास बनाया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक ब्लॉक में छात्राओं की सर्वाधिक संख्या वाले विद्यालयों को चिन्हित करते हुए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायकगणों द्वारा केंद्रीय विद्यालय संगठन खोलने के लिए दिए जा रहे प्रस्तावों पर शिक्षा विभाग तथा संबंधित जिलाधिकारी केंद्र सरकार के मानकों के अनुरूप सभी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें, ताकि प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे जाने पर उन्हें शीघ्र स्वीकृति मिल सके। युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पौड़ी में मल्टीपरपज हॉल बनाया जाए।

अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विधायकगणों द्वारा बैठक में उठाई गई समस्याओं का संबंधित विभागीय सचिव प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित रोपवे प्रकरणों की अलग से समीक्षा की जाए। साथ ही पार्किंग की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाए तथा सरकारी कार्यालयों में नियमित रूप से सोलर पैनल लगाए जाएं।
बैठक में उपस्थित सदस्य
बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डॉ. धन सिंह रावत, विधायक रेनू बिष्ट, राजकुमार पोरी, दलीप सिंह रावत, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, रविनाथ रमन, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, रणवीर सिंह चौहान, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष तथा वर्चुअल माध्यम से गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय और जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति भदौरिया उपस्थित थे।
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