Chamoli
स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के तहत 14 सितंबर से 02 अक्टूबर तक जन सहभागिता से चलेगा वृहद स्वच्छता अभियान।

चमोली – ‘स्वच्छता ही सेवा’ राष्ट्रव्यापी अभियान के अन्तर्गत जनपद में 14 सितंबर से 02 अक्टूबर, 2024 तक वृहद स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य समस्त ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में सर्व सेवा भाव जुटाते हुए स्वच्छता कार्यक्रम को जन आंदोलन के रूप में संचालित कर स्वच्छ भारत मिशन की संकल्पना को साकार बनाना है।

स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर जिलाधिकारी संदीप तिवारी की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार बैठक हुई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि समस्त ग्राम पंचायत एवं शहरी क्षेत्रों में वृहद स्तर पर स्वच्छता अभियान संचालित करते हुए ‘स्वाभाव स्वच्छता, संस्कार स्वच्छता’ की संकल्पना को साकार किया जाए। सभी सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों, अस्पतालों, सार्वजनिक स्थानों, चारधाम यात्रा मार्ग और धार्मिक व पर्यटक स्थलों पर जन सहभागिता से मिशन मूड में वृहद स्वच्छता कार्यक्रम चलाया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्वच्छता कार्यक्रम में स्वयं सेवी संस्थाओं, युवक एवं महिला मंगल दलों को शामिल किया जाए। व्यापार मंडल के साथ बैठक की जाए। स्वच्छता कार्यक्रम के लिए प्रत्येक स्तर पर नोडल अधिकारी नामित करें। सभी विद्यालय एवं कार्यालयों में स्वच्छता शपथ ली जाए। मनरेगा श्रमिकों, पर्यावरण मित्रों का हेल्थ चेकअप कराया जाए। जितने भी विद्यार्थी है वो अपने घर से प्लास्टिक एकत्रित कर अपने स्कूल में जमा करें। नगर क्षेत्र के विद्यालयों में नगर निकाय और ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालय में जिला पंचायत प्लास्टिक का निस्तारण करें। सबसे अधिक प्लास्टिक कूड़ा जमा करने वाले विद्यालय को सम्मानित भी किया जाए। जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम, बीडीओ और नगर पालिका के ईओ को स्वच्छता कार्यक्रम की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए।
परियोजना निदेशक आनंद सिंह ने बताया कि इस वर्ष स्वच्छता ही सेवा अभियान की थीम ‘स्वाभाव स्वच्छता, संस्कार स्वच्छता’ रखी गई है। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर को प्रत्येक ग्राम सभाओं, नगर क्षेत्रों में स्वच्छता शपथ के साथ स्वच्छता सभाओं का आयोजन किया जाएगा। 21 सितंबर को विद्यालयों में विभिन्न प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। 23 सितंबर को जल संस्थान के माध्यम से सभी एसटीपी की साफ सफाई और 25 सितंबर को पर्यावरण मित्रों, निर्माण कार्य में कार्यरत मजदूरों तथा मनरेगा कर्मियों हेतु हेल्थ कैंप का आयोजन किया जाएगा। 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस पर सभी धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों, होटलों एवं आवासीय परिसरों में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। 01 अक्टूबर को प्रातः 9.00 बजे सभी पालिका, विकास खंडों में चिन्हित ब्लैक स्पॉट, पेयजल स्रोतों में विशेष स्वच्छता कार्यक्रम होगा। गांधी जयंती, 02 अक्टूबर को स्वच्छता के प्रति उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों, ग्राम पंचायत, पर्यावरण मित्र, स्वच्छता प्रहरियों को सम्मानित किया जाएगा।
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सिद्धपीठ लाटू देवता मंदिर के खुले कपाट, सैकड़ों श्रद्धालु बने ऐतिहासिक पल के साक्षी

Chamoli News : प्रसिद्ध सिद्धपीठ लाटू देवता मंदिर के कपाट आज भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं। अब अगले छह माह भक्त लाटू देवता के दर्शन कर सकते हैं।
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सिद्धपीठ लाटू देवता मंदिर के खुले कपाट
चमोली जिले के वाण गांव स्थित सिद्धपीठ लाटू देवता मंदिर के कपाट शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे वैदिक विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। परंपरा के अनुसार मंदिर के पुजारी खेम सिंह ने आंखों पर पट्टी बांधकर गर्भगृह में प्रवेश किया और पूजा-अर्चना संपन्न कराई।

सैकड़ों श्रद्धालु बने ऐतिहासिक पल के साक्षी
कपाट खुलते ही मंदिर परिसर भक्तों के जयकारों से गूंज उठा और पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बन गया। इस अवसर पर स्थानीय लोगों द्वारा देव नृत्य, झोड़ा-चाछड़ी जैसे पारंपरिक कार्यक्रमों के साथ भंडारे का भी आयोजन किया गया। मंदिर अब अगले छह महीनों तक श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुला रहेगा।
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भू-बैकुंठ श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट विधि-विधानपूर्वक खुले, हजारों श्रद्धालु बने ऐतिहासिक पल के साक्षी

Badrinath Dham : भू-बैकुंठ श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट आज सुबह विधि-विधापूर्वक खोल दिए गए हैं। हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। सीएम धामी ने कपाट खुलने के बाद भगवान बद्री विशाल के दर्शनव किए।
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भू-बैकुंठ श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट विधि-विधानपूर्वक खुले
श्री बदरीनाथ धाम के कपाट आज पूरे विधि विधान और वैदिक मन्त्रोचार के साथ प्रातः 6 बजकर 15 मिनट पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ हेतु खोल दिए गए हैं। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान बदरी विशाल और अखंड ज्योत के दर्शन किए।
सीएम धामी ने किए भगवान बद्री विशाल के दर्शन
भू बैकुंठ श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भगवान बद्री विशाल के दर्शन किए और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

भगवान श्रीहरि विष्णु की पवित्र भूमि श्री बद्रीनाथ धाम हिमालय की गोद में स्थित ये दिव्य धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट श्रद्धा, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। इस पावन अवसर पर अलौकिक भक्ति, दिव्य ऊर्जा और अद्भुत आध्यात्मिक अनुभूति ने मन को भावविभोर कर दिया।
पीएम मोदी के नाम से की गई धाम में पहली पूजा
कपाटस खुलने के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi के नाम से श्री हरि विष्णु की प्रथम पूजा की गई। सम्पूर्ण विधि विधान के साथ श्री बदरी विशाल का वंदन कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि एवं मंगल के लिए प्रार्थना की।
सीएम ने कहा कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाटोद्घाटन के साथ ही पावन चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो चुका है। देवभूमि उत्तराखण्ड में देश-विदेश से आने वाले सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सहज यात्रा अनुभव प्रदान करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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गाड़ू घड़ा और गरुड़ की डोली बद्रीनाथ के लिए रवाना, 23 अप्रैल को खुलेंगे भू-वैकुंठ बद्रीनाथ धाम के कपाट

Badrinath Dham : 23 अप्रैल को भक्तों के लिए खुल जाएंगे भू-वैकुंठ बद्रीनाथ धाम के कपाट
Badrinath Dham : बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले होने वाली प्रक्रिया शुरू हो गई। गाड़ू घड़ा यात्रा और गरुड़ की डोली के साथ शंकराचार्य की डोली धाम के लिए रवाना हो गई है।
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गाड़ू घड़ा और गरुड़ की डोली बद्रीनाथ के लिए रवाना
बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खोले जाने है। इस पहले की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आज नृसिंह मंदिर परिसर में स्थित मंदिर विशेष पूजा की गई। जिसके बाद आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी और गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा बद्रीनाथ धाम के लिए रवाना हो गई है।

जय बद्रीविशाल के नारों से गूंजा पूरा इलाका
गाड़ू घड़ा और गरुड़ की डोली और आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी के बद्रीनाथ धाम के लिए रवाना होने के दौरान पूरा इलाका जय बद्रीविशाल के नारों से गूंज उठा। इसके साथ ही द्री विशाल के भजनों के साथ महिलाओं व सेना के बैंडो की मधुर ध्वनि ने पूरा क्षेत्र भक्तिमय कर दिया।
23 अप्रैल को विधि-विधानपूर्व खोल दिए जाएंगे कपाट
बता दें कि रात्रि विश्राम पांडुकेश्वर स्थित योग ध्यान बद्री में करने के बाद अगले दिन भगवान कुबेर और उद्धव की डोली, आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी तथा गाडू घड़ा (तेल कलश) यात्रा बदरीनाथ के लिए रवाना हुई।
इस यात्रा में बद्रीनाथ धाम के रावल भी शामिल रहे और पूरे विधि-विधान के साथ आगे बढ़े। अब 23 अप्रैल को धार्मिक परंपराओं के अनुसार बद्रीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
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