Uttarakhand
उत्तराखंड ने नेशनल गेम्स में रचा इतिहास , बॉक्सिंग में 3 गोल्ड और 2 सिल्वर पदक जीत , अंक तालिका में पंहुचा 10 वे स्थान पर….

उत्तराखंड : उत्तराखंड ने 38वें नेशनल गेम्स में अब तक शानदार प्रदर्शन किया है। आज बॉक्सिंग प्रतियोगिता में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए तीन गोल्ड और दो सिल्वर मेडल अपने नाम किए। इसके साथ ही प्रदेश का पदक संग्रह 44 तक पहुँच गया है, जिसमें आठ गोल्ड, 19 सिल्वर और 17 कांस्य पदक शामिल हैं।
नेशनल गेम्स में उत्तराखंड ने हासिल किया नया मुकाम
उत्तराखंड के खिलाड़ियों की शानदार जीत के बाद प्रदेश ने नेशनल गेम्स की पदक तालिका में अब 10वां स्थान हासिल कर लिया है। यह उपलब्धि उत्तराखंड के लिए बड़ी बात है, क्योंकि राज्य ने अब यूपी, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल जैसे बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।

बॉक्सिंग में शानदार प्रदर्शन
आज की बॉक्सिंग प्रतियोगिता ने उत्तराखंड के खिलाड़ियों की ताकत और मेहनत को दर्शाया। तीन गोल्ड और दो सिल्वर पदक ने राज्य के खेल प्रेमियों को गर्वित किया। इन विजयों के साथ उत्तराखंड ने अपनी खेल संस्कृति को और मजबूत किया है और आगामी प्रतियोगिताओं में अधिक सफलता की उम्मीद जताई जा रही है।
अब तक के पदक वितरण
प्रदेश के खिलाड़ियों ने कुल 44 पदक जीते हैं, जिसमें आठ गोल्ड, 19 सिल्वर और 17 कांस्य पदक शामिल हैं। उत्तराखंड की इस सफलता को लेकर खेल मंत्री और अधिकारियों ने खिलाड़ियों की सराहना की है और भविष्य में और अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई है।
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धामी सरकार ने पेश किया 7,844 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट, जानिए किसे क्या मिला ?

Uttarakhand News : गैरसैंण में आज धामी सरकार ने 7,844 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। इस बजट में किसानों से लेकर मरीजों, छात्रों, महिलाओं और खिलाड़ियों तक के लिए क्या-क्या प्रावधान किए गए हैं ? किस योजना को कितनी रकम मिली और किन क्षेत्रों के लिए खोला गया सरकारी खजाना?
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धामी सरकार ने पेश किया 7,844 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भराड़ीसैंण विधानसभा में 7,844 करोड़ 18 लाख रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। इसके बाद प्रदेश के कुल बजट का आकार बढ़कर 1 लाख 19 हजार 547 करोड़ रुपये से ज्यादा हो जाएगा।
अनुपूरक बजट में सबसे बड़े प्रावधानों में से एक धान-गेहूं खरीद के लिए है। अन्नपूर्ति योजना के तहत 1,100 करोड़ रुपये रखे गए हैं। बारानी कृषि परियोजना के लिए 70 करोड़ और माइक्रो फूड प्रोसेसिंग योजना के लिए करीब 35 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
जानिए अनुपूरक बजट में किसे क्या मिला ?
अटल आयुष्मान योजना के लिए 100 करोड़ और कर्मचारियों की गोल्डन कार्ड योजना के लिए 125 करोड़ रुपये रखे गए हैं। पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेजों सहित नर्सिंग कॉलेजों के लिए करीब 160 करोड़ रुपये का प्रावधान है। वहीं, जल जीवन मिशन में बकाया भुगतान के लिए 300 करोड़ और डिजिटल लर्निंग के लिए 200 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

कुंभ मेले के लिए 290 करोड़ रुपये
आगामी दिव्य कुंभ मेले की व्यवस्थाओं के लिए करीब 290 करोड़ रुपये और हरिद्वार-गंगा कॉरिडोर के लिए 30 करोड़ रुपये रखे गए हैं। खेल विश्वविद्यालय के लिए 35 करोड़, अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों के पुरस्कार के लिए 15 करोड़ और चंपावत में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
कल्याणकारी पेंशन के लिए करीब 93 करोड़, विधवा पेंशन के लिए 27 करोड़ और भोजन माताओं के मानदेय के लिए 20 करोड़ रुपये रखे गए हैं। वहीं, जोशीमठ समेत अन्य स्थानों पर भू-धंसाव से जुड़े कार्यों के लिए 48 करोड़ और पुलिस भवनों के निर्माण के लिए 55 करोड़ रुपये का प्रावधान है। ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों के लिए 721 करोड़ रुपये भी रखे गए हैं।
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मसूरी में विंटर लाइन का मनमोहक नजारा, सूर्यास्त के रंगों में खो रहे पर्यटक

Mussoorie News : मसूरी में इन दिनों विंटर लाइन का खूबसूरत नजारा पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सूर्यास्त के वक्त दून घाटी के आसमान में लाल, नारंगी और सुनहरे रंगों की अनूठी छटा बिखरती है। इस दृश्य को देखने के लिए पर्यटक माल रोड समेत शहर के कई स्थानों पर रुक रहे हैं।
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मसूरी में विंटर लाइन का मनमोहक नजारा
विंटर लाइन एक खास प्राकृतिक घटना है, जो आमतौर पर नवंबर से फरवरी के बीच दिखाई देती है। सूर्यास्त के दौरान क्षितिज पर रंगों की एक आकर्षक पट्टी उभरती है, जो लगभग 15 से 20 मिनट तक नजर आती है। मसूरी के अलावा स्विट्जरलैंड में भी इस तरह का नजारा देखने को मिलता है।
सूर्यास्त के रंगों में खो रहे पर्यटक
मसूरी में माल रोड, लालटिब्बा, गनहिल, विंसेट हिल, सिस्टर बाजार, राधा भवन स्टेट, सर्कुलर रोड, कुलड़ी और शहर के दक्षिणी हिस्सों से विंटर लाइन का दीदार किया जा सकता है। साफ मौसम में आसमान के बदलते रंग इस दृश्य को और भी खास बना देते हैं।

प्रसिद्ध लेखक गणेश सैली के अनुसार, मसूरी की प्राकृतिक खूबसूरती उसे दूसरे पर्यटन स्थलों से अलग पहचान देती है। विंटर लाइन भी प्रकृति की ऐसी ही खास देन है, जिसे देखने के लिए माल रोड पर घूम रहे पर्यटक भी ठहर जाते हैं।
शहर में विशेष व्यू पॉइंट विकसित करने की योजना
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने बताया कि विंटर लाइन को बढ़ावा देने के लिए शहर में विशेष व्यू पॉइंट विकसित करने की योजना है। इसके साथ ही इस प्राकृतिक आकर्षण का प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा, ताकि कम पर्यटकों वाले मौसम में भी मसूरी की ओर अधिक सैलानी आकर्षित हो सकें।
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उत्तराखंड में अशासकीय स्कूलों में भर्ती का रास्ता साफ, खाली पद भरने की तैयारी

Uttarakhand News : उत्तराखंड में सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति का रास्ता खुल गया है। लंबे समय से भर्ती पर लगी रोक हटाए जाने के बाद अब इन विद्यालयों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। इससे उन स्कूलों को राहत मिलने की उम्मीद है, जहां शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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उत्तराखंड में अशासकीय स्कूलों में भर्ती का रास्ता साफ
उत्तराखंड में अशासकीय स्कूलों में भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। लंबे समय से भर्ती पर लगी रोक हट गई है। सरकार के फैसले के तहत विद्यालयों में नियुक्तियां छात्र संख्या और स्वीकृत रिक्त पदों के आधार पर की जाएंगी। भर्ती की जिम्मेदारी निर्धारित नियमों के अनुसार विद्यालय प्रबंधन समितियां निभा सकेंगी।
लंबे समय से खाली पदों को भरने की तैयारी
अशासकीय विद्यालयों में भर्ती पर रोक के कारण लंबे समय से रिक्त पदों को भरने में दिक्कतें आ रही थीं। शिक्षा मंत्री के अनुसार, कुछ विद्यालयों की प्रबंधन समितियां नियुक्तियों की अनुमति के लिए हाईकोर्ट तक पहुंच रही थीं, जबकि कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी के बीच काम चलाया जा रहा था।
इसी स्थिति को देखते हुए सरकार ने सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में नियमित शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति का रास्ता खोलने का निर्णय लिया है।

स्वीकृत पदों के आधार पर होंगी नियुक्तियां
सरकार ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया में उन्हीं रिक्त पदों को शामिल किया जाएगा, जिन्हें सक्षम स्तर से बहाल या पुनर्जीवित किया गया है। नियुक्तियों का दायरा विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या और वास्तविक जरूरत के अनुसार निर्धारित होगा।
शिक्षा मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया में शासनादेशों और निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का जोर नियुक्तियों को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरा करने पर है, ताकि आगे किसी तरह की प्रशासनिक अड़चन न आए।
स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होने की उम्मीद
सरकार के इस फैसले से राज्य के सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में लंबे समय से खाली पड़े पदों पर नियुक्ति की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि, कितने पदों पर भर्ती होगी और किन विद्यालयों में नियुक्तियां की जाएंगी, यह स्वीकृत एवं बहाल पदों और छात्र संख्या के आधार पर तय होगा।
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