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धामी राज में नौकरी की बरसात !, 4.5 साल में 28 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी की सौगात

Uttarakhand News: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साढ़े चार साल के कार्यकाल में 28 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी मिली है। धामी सरकार ने प्रति माह औसत 518 युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। जिस से युवाओं के चेहरे खिल उठे हैं।
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साढ़े 4 साल के कार्यकाल में 28 हजार को मिली सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साढ़े चार साल के कार्यकाल में अब तक साढ़े 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है। इस तरह प्रति माह औसत 518 युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई। सख्त नकल विरोधी कानून के बाद भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता कायम होने से अब युवाओं का चयन एक से अधिक विभागों में हो रहा है। वहीं सरकार ने युवाओं को स्किल डेवलमेंपमेंट के जरिए विदेश में तक रोजगार देने की व्यवस्था की।
प्रति माह औसत 518 युवाओं को मिला रोजगार
धामी सरकार के कार्यकाल में युवा वर्ग सबसे बड़ा लाभार्थी बनकर उभरा है। चार जुलाई 2021 को कार्यभार ग्रहण करने के बाद, धामी सरकार ने युवाओं को रोजगार और स्किल प्रदान करने पर विशेष तौर पर फोकस किया। पहले और दूसरे कार्यकाल को मिलाकर अब मुख्यमंत्री का कार्यकाल 54 महीने का हो चुका है।

लोक सेवा आयोग, उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, चिकित्सा सेवा चयन आयोग के जरिए साढ़े 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में स्थायी रोजगार प्रदान किया गया। यानी प्रति माह 518 युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई। अगले एक साल में भी विभिन्न आयोगों के जरिए, रिकॉर्ड संख्या में भर्तियां सम्पन्न की जाएंगी। इस तरह ये आंकड़ा बढ़ना तय है।
प्रदेश में पारदर्शी तरीके से हो रही भर्ती परीक्षाएं पारदर्शी
सरकारी भर्तियों में सक्रिय नकल माफिया के कुचक्र को तोड़ने के लिए पुष्कर सिंह धामी सरकार ने फरवरी 2023 से उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय), कानून लागू कर प्रदेश और देश को एक मॉडल नकल विरोधी कानून दिया।
इसके बाद से उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से समय पर बिना बाधा के सम्पन्न हो रही हैं। पहले भर्तियों में औसतन दो से तीन साल का समय लग रहा था। अब औसतन एक साल में ही भर्ती प्रक्रिया पूरी हो जा रही है। इसके साथ ही प्रतिभाशाली युवा एक से अधिक परीक्षा में चयनित हो रहे हैं।

युवाओं को विदेश में भी मिले रोजगार के मौके
मौजूदा सरकार ने साल 9 नवंबर 2022 से मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना शुरु की है, इसके लिए युवाओं को आतिथ्य, नर्सिंग, ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान करते हुए जर्मनी और जापान में रोजगार प्रदान किया जा रहा है। योजना के तहत अब तक 154 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है, जिसमें से 37 को जापान में रोजगार प्रदान किया जा चुका है।
युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध सरकार – सीएम धामी
सीएम धामी का कहना है कि हमारी सरकार ने युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए जहां सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर रिकॉर्ड संख्या में सरकारी नौकरियां प्रदान की गई।
वहीं भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए सख्त नकल विरोधी कानून भी लागू किया गया। साथ ही सरकार कौशल विकास ओर स्वरोजगार योजनाओं के जरिए भी युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है।
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बेटी पैदा होने से नाराज हुआ पिता, 15 दिन की नवजात बच्ची को जहर देकर उतारा मौत के घाट

Karnataka : देश में जहां एक ओर नवरात्रि का पावन पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। तो वहीं कर्नाटक से शर्मसार कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां बेटी पैदा होने से नाराज एक पिता ने 15 दिन की मासूम को जहर देकर मौत के घाट उतार दिया।
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बेटी पैदा होने से नाराज पिता ने अपनी ही बेटी को मार डाला
कर्नाटक के बेलगावी जिले के उक्कड़ गांव से मानवता को शर्मसार करने नाली घटना सामने आई है। यहां एक शख्स ने अपनी ही 15 दिन की बेटी को जहर देकर मार डाला। जब इस मामले की जांच हुई तो सामने आया कि बेटे की चाहत में वो अपनी ही बेटी का दुश्मन बन गया था। इसलिए उसने नवजात मासूम को मार डाला।
दूध पीने वाली बोतल के ऊपरी हिस्से में लगाया जहर
मिली जानकारी के मुताबिक 17 मार्च को आरोपी भीमराय चिप्पडी उक्कड़ गांव में अपने ससुराल पहुंचा। जहां वो अपनी पत्नी और नवजात बच्ची से मिलने के लिए पहुंचा था। दिन में भारी बारिश हो रही थी जिस कारण बच्ची की मां सो रही थी। इसी मौके का फायदा उठाकर उसने बच्ची की दूध की बोतल के ऊपरी हिस्से पर जहर लगा दिया और उसे पिला दिया।

लड़की होने के कारण मासूम की हत्या से सनसनी
बच्ची के दूध पीते ही जहर उसके शरीर में फैलने लगा जिस से वो जोर-जोर से रोने लगी। जिस कारण मां की नींद खुल गई। जैसे ही उसने बच्ची के मुंह से झाग निकलता हुआ देखा तो आरोपी भीमराय वहां से फरार हो गया। मासूम ने रोते-रोते मां की गोद में ही दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है।
पुलिस कमिश्नर भूषण बोरसे के अनुसार, आरोपी भीमराय अपनी पत्नी शीला पर लगातार ये दबाव डाल रहा था कि वह नवजात बच्ची को मायके में छोड़कर अकेले उसके साथ घर लौट आए। उसे बेटी का जन्म स्वीकार नहीं था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि मासूम की हत्या सिर्फ इसलिए की गई, क्योंकि वो लड़की थी।
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कैबिनेट विस्तार के बाद जल्द मिल सकता है दायित्वों का तोहफा, कई कार्यकर्ताओं की किस्मत का खुलेगा ताला

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में चार साल बाद हुए कैबिनेट विस्तार के बाद अब एक बार फिर दायित्वधारियों की लिस्ट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसे लेकर बीजेपी से खबर सामने आ रही है कि जल्द ही कार्यकर्ताओं को दायित्वों का तोहफा मिल सकता है।
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कैबिनेट विस्तार के बाद जल्द मिल सकता है दायित्वों का तोहफा
राज्य सरकार में रिक्त कैबिनेट पदों को भरने के बाद अब धामी सरकार कार्यकर्ताओं को दायित्वो का तोहफा देने जा रही है। भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि जल्द ही दायित्वधारियों की सूची को जारी किया जाएगा।

बीजेपी अंतर कलह को खत्म करने के लिए बांट रहे दायित्व
दायित्वधारियों की सूची को लेकर कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी के भीतर जो आपदा आई है उसको साधने के लिए पहले मंत्री पद भरे गए अब दायित्वों की बात सामने आ रही है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी अंतर कलह को खत्म करना चाहती है जिसके चलते अब कार्यकर्ताओं को साधने की कोशिश की जा रही है।

जल्द जारी होगी दायित्वधारियों की सूची
भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की तमाम योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। इसी को और विस्तार देने के लिए कैबिनेट के बाद अब दायित्वधारियों की सूची अब जल्द जारी होगी ताकि कार्यों को और गति मिल सके।
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बड़ी खबर : गंगोत्री धाम में दर्शन से पहले गौमूत्र पीना अनिवार्य !, मंदिर समिति ने लिया बड़ा फैसला…

Uttarkashi News : उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू होने में एक महीने से भी कम का वक्त शुरू है ऐसे में प्रशासन और मंदिर समितियां तैयारियों में जुटी हैं। इसी बीच चारों धामों में गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर घमासान मच गया है। जहां एक ओर श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने केदारनाथ और बद्रीनाथ में दर्शन से पहले शपथ पत्र देने की बात कही है तो वहीं अब गंगोत्री धाम में भी दर्शन से पहले गौमूत्र पीना अनिवार्य करने का फैसला लिया गया है।
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गंगोत्री धाम में दर्शन से पहले गौमूत्र पीना अनिवार्य !
प्रदेश में चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले जहां एक तरफ़ बदरी-केदार मंदिर समिति ने उनके अधीन आने वाले उत्तराखंड के दो महत्वपूर्ण धाम बदरीनाथ और केदारनाथ में गैर हिंदुओं के प्रवेश को प्रतिबंधित करने और एफिडेविट व्यवस्था लागू करने को लेकर अपनी बोर्ड बैठक में फैसला लिया है।
चारों धामो में से बचे हुए दो धाम गंगोत्री और यमुनोत्री धाम का संचालन करने वाली चारधाम महापंचायत ने इन दोनों धमों में गैर (हिंदुओं) सनातनियों के परिबंध को एक बिल्कुल नई और अनोखी व्यवस्था लागू करने का ऐलान किया है।
गंगोत्री धाम में “पंचगव्य” ग्रहण के बाद ही हो सकेगा प्रवेश
श्रीपंच गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव और चार धाम पंचायत के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने बताया की गंगोत्री धाम में ग़ैर सनातनियों के प्रवेश पर प्रतिबंध के कानूनी और संवैधानिक पहलू को लेकर एक कमेटी बनाई गई है। जिसमें क़ानून के जानकारों को शामिल किया गया है, जो आगामी 10 दिन में अपनी रिपोर्ट दे देगी। जिसके बाद ये स्पष्ट हो जाएगा कि गंगोत्री में ग़ैर सनातनियों के प्रवेश को संवैधानिक और क़ानूनी तरीक़े से प्रतिबंधित किया जाएगा।
वहीं इसके अलावा गंगोत्री में ग़ैर सनातनियों के प्रतिबंध के धार्मिक पहलू पर भी ज़ोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गंगोत्री धाम में दर्शन से पहले पंचगव्य की व्यवस्था रखी जाएगी। जो इसे ग्रहण करेगा उसे सनातन में आस्था रखने वाला माना जाएगा।

पंचगव्य क्या होता है और है इसकी क्या मान्यता ?
पंचगव्य एक संस्कृत शब्द का है जो पंच यानी पांच और गव्य यानी गाय से प्राप्त पदार्थ है। हिन्दू परंपरा में गाय से प्राप्त पांच पदार्थों का मिश्रण पंचगव्य है, जिसमें दूध, दही, घी, गोमूत्र, गोबर शामिल होते हैं। इसे पौराणिक मंत्रोचारण और वैदिक विधि से एक निच्छित मात्रा में मिश्रित किया जाता है। ये पाँचों तत्व मिलकर “पंचगव्य” बनाते हैं।
बता दें पंचगव्य को धार्मिक, आयुर्वेदिक और कृषि दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार गंगाजल और शहद भी बेहद पवित्र माना जाता है और पंचगव्य में गंगाजल में शहद भी शामिल होता है।
धार्मिक मान्यता की बात करे तो हिन्दू धर्म में गाय को “माता” का दर्जा दिया गया है और इसलिए पंचगव्य को अत्यंत पवित्र माना जाता है। पूजा-पाठ, यज्ञ और संस्कारों में इसका उपयोग शुद्धिकरण (पवित्रिकरण) के लिए किया जाता है। मान्यता है कि पंचगव्य के सेवन या स्पर्श से शरीर और आत्मा की शुद्धि होती है। कई धार्मिक ग्रंथों में इसे पापों के नाश और पुण्य प्राप्ति से जोड़ा गया है।

आयुर्वेद में भी पंचगव्य का है बड़ा महत्व
आयुर्वेद में भी पंचगव्य का बड़ा महत्व है। आयुर्वेद के अनुसार पंचगव्य औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है। इसे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला माना गया है। कुछ पारंपरिक उपचारों में इसका उपयोग त्वचा रोग, पाचन समस्या आदि के लिए बताया गया है। तो वहीं कृषि में भी विशेष तौर पर जैविक खेती में पंचगव्य का उपयोग एक प्राकृतिक उर्वरक (fertilizer) और कीटनाशक के रूप में किया जाता है।
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