big news
बड़ी खबर : हरदा ने किया राजनीति से ब्रेक का ऐलान !, क्या कांग्रेस में भीतरखाने चल रही खीचतान ?

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में एक ओर जहां कांग्रेस से लेकर बीजेपी तक पार्टियां विधानसभा चुनावों के लिए तैयारियां कर रही हैं। तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के कद्दावर नेता हरीश रावत ने ऐसा ऐलान किया जिस से सियासी गलियारों में हलचल मच गई है।
Table of Contents
हरदा ने किया राजनीति से ब्रेक का ऐलान
उत्तराखंड के पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने राजनीति से ब्रेक का ऐलान किया है। हरदा ने सोशल मीडिया के जरिए राजनीति से 15 दिन का ब्रेक लेने की बात कही है। जिस के बाद से चर्चाओं के बाजार गर्म हो गए हैं कि हरदा पार्टी से नाराज चल रहे हैं।
15 दिनों के लिए राजनीति से लिया ब्रेक
सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए उन्होंने एक पोस्ट कि है जिसमें उन्होंने लिया है कि “मैं अगले 15 दिनों तक कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं करूंगा, लेकिन मैं विवाह समारोह और ईद के कार्यक्रमों में सम्मिलित रहूंगा। इसमें मेरी प्रस्तावित प्रेस वार्ता भी सम्मिलित है। मां, शक्ति दो कि मैं अगले 15 दिनों तक राजनीतिक कार्यों से विरत रह सकूं और कुछ पीछे की ओर देखकर, आगे के लिए अपनी सोच को विकसित कर सकूं।”

हरदा के बयान से अब सियासों गलियारों में तूफान
हरदा के बयान से उत्तराखंड के सियासी गलियारों में तूफान देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर उनकी इस पोस्ट को कांग्रेस के भीतर चल रही कलह से जोड़कर देखा जा रहा है। तो वहीं कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना का कहना है कि इस उम्र में हरीश रावत को शायद मौन और व्रत की आवश्यकता है। इसलिए उन्होंने ऐसा बयान दिया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि वो पार्टी के बड़े हैं और उनका आशीर्वाद हमेशा पार्टी के साथ रहेगा।
क्या कांग्रेस में भीतरखाने चल रही खीचतान ?
कांग्रेस भले ही हरदा की बढ़ती उम्र के चलते उन्हें आराम की आवश्यकता बताते हुए इस पोस्ट को जस्टिफाई कर रही है। लेकिन उत्तराखं की राजनीति में तो जैसे अफवाहों की बाढ़ सी आ गई है। लोगों का कहना है कि हरीश रावत नाराज हैं इसीलिए उन्होंने ब्रेक लेने की बात कही है।
कुछ तो इसे कांग्रेस में भीतरखाने चल रही खीचतान बता रहें हैं। क्योंकि हरीश रावत हाल ही में दिल्ली में हुए सदस्यता ग्रहण के कार्यक्रम में भी नजर नहीं आए थे। इस कार्यक्रम से एक दिन पहले ही उन्होंने ये ऐलान किया था। जिसके बाद अफवाहों के बाजार को और भी हवा मिल गई है।
big news
1 अक्टूबर से बदलेंगे कई जरूरी नियम, आपकी जेब और दस्तावेजों पर पड़ेगा असर

New Rules : हर महीने की पहली तारीख अपने साथ कुछ नए नियम और बदलाव लेकर आती है। अब अक्टूबर की शुरुआत होने वाली है और 1 अक्टूबर 2026 से LPG सब्सिडी, बैंक एफडी और जन्म-मृत्यु पंजीकरण से जुड़े नियमों में बदलाव होने जा रहा है।
Table of Contents
1 अक्टूबर से बदलेंगे कई जरूरी नियम
कल यानी एक अक्टूबर से होने वाले बदलावों का सीधा असर आम ग्राहकों और जरूरी दस्तावेजों से जुड़े कामकाज पर पड़ सकता है। ऐसे में अगर आप LPG सिलिंडर लेते हैं, बैंक में FD है या जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र से जुड़ा काम है, तो इन बदलावों को जानना आपके लिए जरूरी है।
LPG सब्सिडी को लेकर देखने को मिलेगा बदलाव
सब्सिडी वाले सिलिंडर के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी होगा। हालांकि, BAA नहीं कराने पर LPG सिलिंडर की सप्लाई बंद नहीं होगी, लेकिन ग्राहक को सब्सिडी का लाभ नहीं मिल सकता है और सिलिंडर बाजार दर पर लेना पड़ सकता है।

आरबीआई ने बल्क डिपॉजिट को लेकर नए नियम किए जारी
RBI के नए नियम के तहत अब 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की एफडी को बल्क डिपॉजिट माना जाएगा। पहले यह सीमा 2 करोड़ रुपये थी। बैंक अपनी जरूरत के अनुसार ऐसी एफडी पर ब्याज दर तय कर सकेंगे।
बैंकों को हर कार्यदिवस सुबह 10 बजे तक अपनी नई ब्याज दरें वेबसाइट पर अपडेट करनी होंगी। 10 मिनट के ग्रेस पीरियड के बाद यानी 10:10 बजे तक दरें वेबसाइट पर उपलब्ध होनी जरूरी होंगी।
जन्म-मृत्यु पंजीकरण के लिए भी बदले नियम
1 अक्टूबर से जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण से जुड़े संशोधित प्रावधान लागू होंगे। दो साल से अधिक देरी से पंजीकरण कराने के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश जरूरी होगा। वहीं, एक से दो साल की देरी पर जिलाधिकारी, उप-जिलाधिकारी या अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट की मंजूरी आवश्यक होगी।
big news
वोटर लिस्ट पर बड़ा अपडेट, SIR हुआ खत्म, 3 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची

Uttarakhand News : उत्तराखंड में चुनाव आयोग की ओर से चलाया गया विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर सोमवार रात 12 बजे समाप्त हो गया। प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही मतदाता सूची से संबंधित पूरा डाटा फ्रीज कर दिया गया है। अब इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
Table of Contents
वोटर लिस्ट पर बड़ा अपडेट, SIR हुआ खत्म
वोटर लिस्ट को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। एसआईआर खत्म हो गया है और अब आयोग तीन अक्तूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करेगा। इसके बाद साफ हो जाएगा कि पुनरीक्षण के दौरान कितने मतदाताओं के नाम हटाए गए और कितने नए नाम सूची में शामिल हुए।
3 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
उत्तराखंड में एसआईआर की प्रक्रिया आठ जून से शुरू की गई थी। इसके तहत बीएलओ के माध्यम से मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंचाए गए और इन्हें भरकर सात जुलाई तक जमा कराया गया। इसके बाद 14 जुलाई को मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी किया गया। ड्राफ्ट सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 14 जुलाई से 13 अगस्त तक का समय दिया गया था। इन दावों और आपत्तियों की जांच, सुनवाई और निस्तारण की प्रक्रिया 10 जुलाई से 28 सितंबर तक चली।
पहले 15 सितंबर को जारी होनी थी अंतिम मतदाता सूची
पहले अंतिम मतदाता सूची 15 सितंबर को जारी की जानी थी, लेकिन पांच जिलों के मतदाताओं के उत्तर प्रदेश से सत्यापन की प्रक्रिया के चलते इसकी तारीख आगे बढ़ा दी गई। अब यह सूची तीन अक्तूबर को जारी होगी।
सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास के मुताबिक, एसआईआर का डाटा अब पूरी तरह फ्रीज हो चुका है और इसमें किसी भी तरह का परिवर्तन संभव नहीं है। हालांकि, जिन लोगों के नाम छूट गए हैं या जो नए मतदाता हैं, उन्हें आगे फॉर्म-6 के जरिए मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का अवसर मिलेगा।

करीब आठ लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटे
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से चलाया गया ये अभियान मतदाता सूची को अपडेट और शुद्ध करने के उद्देश्य से किया गया। प्री-एसआईआर चरण में ही करीब पांच लाख ऐसे नाम हटाए गए थे, जिन मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी थी या जो अपना स्थान बदलकर कहीं और जा चुके थे।
इसके बाद एसआईआर के दौरान बीएलओ ने घर-घर जाकर गणना प्रपत्र उपलब्ध कराए और मतदाता सूची का सत्यापन किया। ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद करीब आठ लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए। अब अंतिम सूची जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी कि पूरे पुनरीक्षण अभियान के बाद उत्तराखंड की मतदाता सूची में कुल कितने नाम रह गए हैं और कितने नए मतदाता इसमें जुड़े हैं।
big news
केदारनाथ पैदल मार्ग पर दर्दनाक हादसा, पत्थर गिरने से 5 साल के बच्चे की मौत

Rudraprayag News : केदारनाथ यात्रा में मौसम खराब होने के कारण पैदल मार्ग पर भूस्खलन हो गया। चीड़बासा के पास पत्थर गिरने के कारण एक पांच साल के बच्चे की मौत हो गई।
Table of Contents
केदारनाथ पैदल मार्ग पर दर्दनाक हादसा
केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के पास रविवार शाम पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने की घटना में पांच साल के बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की जानकारी मिलते ही मार्ग पर तैनात रेस्क्यू टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और बच्चे के शव को पालकी के जरिए एमआरपी भैरव मंदिर, जंगलचट्टी पहुंचाया।
पत्थर गिरने से 5 साल के बच्चे की मौत
हादसे के दौरान रास्ते में फंसे करीब 1100 यात्रियों को भी रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस कंट्रोल रूम को रविवार, 27 सितंबर 2026 की शाम करीब 4:39 बजे चीरबासा क्षेत्र में लैंडस्लाइड की सूचना मिली थी।

बताया गया कि केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के समीप पहाड़ी से अचानक पत्थर नीचे आ गिरे, जिसकी चपेट में एक बच्चा आ गया। गंभीर चोट लगने के कारण बच्चे ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
उत्तर प्रदेश के निवासी के रूप में हुई है मृतक की पहचान
सूचना मिलने के बाद रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की। इसके बाद बच्चे के शव को पालकी के माध्यम से एमआरपी भैरव मंदिर, जंगलचट्टी तक पहुंचाया गया। पुलिस के मुताबिक मृतक बच्चे की पहचान यश पुत्र रोहताश यादव, उम्र पांच वर्ष, निवासी एटा, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।
Pithoragarh7 hours agoपिथौरागढ़ की दारमा घाटी में बर्फ पर फिसला पैर, खाई में गिरने से युवक की मौत
big news5 hours ago1 अक्टूबर से बदलेंगे कई जरूरी नियम, आपकी जेब और दस्तावेजों पर पड़ेगा असर
uttarakhand weather10 hours agoउत्तराखंड में आज पहाड़ों पर बारिश के आसार, जानें अगले कुछ कैसा रहेगा मौसम का मिजाज ?
Haridwar8 hours agoहैप्पी हत्याकांड में पुलिस का बड़ा खुलासा, पुलिस ने एक और आरोपी को किया गिरफ्तार
Rudraprayag9 hours agoअक्टूबर में बाबा केदार के धाम पहुंचेंगे पीएम मोदी, पुनर्निर्माण कार्यों का लेंगे जायजा
Dehradun3 hours agoउत्तराखंड के युवाओं ने चीन में लहराया परचम, WorldSkills में जीते 2 सिल्वर मेडल











































