Dehradun
उत्तराखंड: राज्य के प्राइवेट विश्वविद्यालय छात्रों की नहीं कर सकेंगे बैक डोर एंट्री, शासन ने मनमानी पर नकेल कसनी की शुरू।

देहरादून – अब अधिकारों की स्वायत्तता की आड़ में राज्य के प्राइवेट विश्वविद्यालय एग्जाम से ठीक पहले तक छात्रों की बैक डोर एंट्री नहीं कर सकेंगे। प्राइवेट विवि के लिए अधिनियम बनने के बाद शासन ने नकेल कसते हुए नए सत्र में छात्रों को प्रवेश को लेकर निर्देश जारी किए हैं। जिसके तहत सभी प्राइवेट विवि पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि को शैक्षिक कैलेंडर के साथ शासन को ई-मेल करेंगे।

यही नहीं निर्धारित तिथि तक प्रवेश लेने के बाद एक सप्ताह के भीतर प्रवेशित छात्रों का विवरण वेबसाइट पर अपलोड करेंगे। इस तिथि के बाद विवि कोई प्रवेश नहीं ले सकेंगे। 31 जनवरी 2024 को उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम-2023 के लागू होने के बाद अब प्राइवेट विश्वविद्यालयों की मनमानी पर नकेल कसी जा रही है।
अधिनियम में पहले ही प्राइवेट विश्वविद्यालय में प्रबंधन के चांसलर और प्रो चांसलर पदों को समाप्त कर दिए गए हैं। इसके साथ ही राज्य सरकार का दखल भी बढ़ गया है। जिसके तहत अनियमितता से जुड़े मामलों में राज्य सरकार को दखल करने के साथ ही कार्रवाई के अधिकार भी मिल गए हैं।
नए सत्र में प्रवेश को लेकर शासन की ओर से जारी पत्र को भी इससे जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार राज्य के प्राइवेट संस्थानों की ओर से शासन को लगातार शिकायत की जा रही थी कि प्राइवेट संस्थान, विवि की ओर से निर्धारित तिथि के बाद एडमिशन नहीं ले पाते हैं।
जबकि प्राइवेट विश्वविद्यालय साल भर प्रवेश लेते हैं। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार शासन ने अपने स्तर से भी शिकायतों की जांच कराई। जिसके बाद आठ जून को उपसचिव, उत्तराखंड शासन व्योमकेश दूबे की ओर से समस्त निजी विश्वविद्यालयों के कुलसचिव को पत्र भेजा गया। जिससे हड़कंप मचा है।
इस पत्र का निहितार्थ यह माना जा रहा है कि अब प्राइवेट विवि गुपचुप तरीके से छात्राें के प्रवेश नहीं ले सकेंगे। विवि को निर्देश दिए गए हैं कि शैक्षणिक सत्र 2024-25 में संचालित पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया की समय सारणी निर्धारित कर शैक्षणिक कैलेंडर के साथ शासन को ई-मेल सूचना भेजेंगे।
यही नहीं प्रवेश के लिए निर्धारित की गई अंतिम तिथि तक प्रवेशित छात्र-छात्राओं का नाम, पाठ्यक्रम और प्रवेश की तिथि के साथ संपूर्ण विवरण, अंतिम तिथि की समाप्ति के एक सप्ताह की समयावधि में विवि की वेबसाइट पर अपलोड कर दें।
दरअसल, प्राइवेट विश्वविद्यालय खुद ही पाठ्यक्रम का सिलेबस तैयार करते हैं। परीक्षा कार्यक्रम से लेकर कॉपियां जांचने और रिजल्ट जारी करने का काम भी खुद ही करते हैं। इसी तरह कक्षा में उपस्थिति की मॉनिटरिंग भी विवि के हाथ में होती है। ऐसे में कुछ प्राइवेट विवि पर प्रोफेशनल कोर्स में बड़ी संख्या में सैकड़ों मील दूरी से छात्रों के यहां आकर प्रवेश लेने को लेकर सवाल उठते रहे हैं। सूत्रों के अनुसार इन छात्रों के एडमिशन परीक्षा से कुछ समय पहले तक किए जाते हैं।
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फिर गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजा देहरादून, शराब के ठेके के बाहर गोली चलने से दो युवक घायल

Dehradun News : राजधानी देहरादून में शुक्रवार रात रायपुर थाना क्षेत्र के रिंग रोड स्थित एक शराब की दुकान के बाहर हुई फायरिंग की घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में हिंसक झड़प में बदल गया और गोली चलने से दो युवक घायल हो गए।
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फिर गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजी राजधानी देहरादून
देहरादून में एक बार फिर गोलियों की गूंज सुनाई दी है। शुक्रवार शाम करीब 8:30 बजे शराब के ठेके के बाहर कुछ लोगों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोप है कि एक पक्ष ने देसी कट्टे से फायरिंग कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मौके पर दो गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद आसपास मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई।
शराब के ठेके के बाहर गोली चलने से दो युवक घायल
शुरुआत में कई लोगों ने गोली की आवाज को किसी तेज रफ्तार बाइक का शोर समझा, लेकिन कुछ ही देर बाद जब दो युवक घायल मिले तो फायरिंग की पुष्टि हुई। इस घटना में 38 वर्षीय नवीन राणा की छाती में गोली का छर्रा लगा। उन्हें तत्काल कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

वहीं, 25 वर्षीय कविंद्र शर्मा के पैर में गोली लगने से वह भी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए दून अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों घायलों की हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
पुलिस ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच की शुरू
घटना की सूचना मिलते ही रायपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और फायरिंग करने वाले आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि घटना आपसी विवाद का परिणाम हो सकती है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
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एक रील और 1 साल पुरानी चोरी का राज बेनकाब!, सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह से ने पहुंचाया जेल

Dehradun News : देहरादून के जाखन इलाके से चोरी का ऐसा मामला सामने आया है, जहां सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह ने एक साल पुरानी चोरी का राज खोल दिया।
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एक रील और 1 साल पुरानी चोरी का राज बेनकाब !
देहरादून के जाखन की रहने वाली नितीशा वत्स के फ्लैट से करीब एक साल पहले दो डायमंड की अंगूठियां, एक सोने की चेन और डायमंड हार्ट पेंडेंट रहस्यमय तरीके से गायब हो गए थे।
उन्हें शुरू से अपनी घरेलू सहायिका विमला देवी पर शक था, लेकिन सबूत न होने के कारण वे कुछ नहीं कर पा रही थीं। लेकिन कहते हैं, अपराधी कोई न कोई गलती जरूर करता है। इस मामले में भी यही हुआ।
सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह से ने पहुंचाया जेल
हाल ही में नितीशा सोशल मीडिया देख रही थीं, तभी उनकी नजर विमला देवी के व्हाट्सएप स्टेटस और इंस्टाग्राम रील पर पड़ी। वीडियो में विमला के गले में वही चोरी हुई सोने की चेन और डायमंड हार्ट पेंडेंट साफ दिखाई दे रहे थे। रील बनाकर दिखावा करने की कोशिश में वो खुद ही अपने खिलाफ सबसे बड़ा सबूत छोड़ बैठी।

डिजिटल सबूतों की जांच में जुटी पुलिस
इसके बाद नितीशा ने बिना देर किए रील के स्क्रीनशॉट सुरक्षित किए। गहनों के बिल जुटाए और राजपुर थाने में शिकायत दर्ज करा दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी नौकरानी को गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस आरोपी तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया से मिले इन डिजिटल सबूतों की भी जांच कर रही है।
Dehradun
बड़ी खबर : देहरादून के नए जिला जज बने हरीश गोयल, अधिसूचना हुई जारी

Dehradun News : उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य की न्यायिक व्यवस्था में प्रशासनिक बदलाव करते हुए न्यायिक अधिकारियों के स्थानांतरण और अतिरिक्त प्रभार से संबंधित नई अधिसूचना जारी की है।
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देहरादून के नए जिला जज बने हरीश गोयल
आदेश के अनुसार पौड़ी गढ़वाल स्थित परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश हरिश कुमार गोयल को देहरादून का नया जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। ये पद पिछले कुछ समय से रिक्त था और उनका स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
कई न्यायिक अधिकारियों को सौंपी गई अतिरिक्त जिम्मेदारियां
अधिसूचना के तहत अन्य न्यायिक अधिकारियों को भी अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। नैनीताल में प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार को विशेष एनडीपीएस न्यायालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

वहीं, देहरादून की एफटीसी/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुसुम को विशेष पॉक्सो न्यायालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा, देहरादून के तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विवेक श्रीवास्तव को विशेष न्यायालय-2 (एनडीपीएस) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
नई जिम्मेदारियां तत्काल प्रभाव से लागू
ऊधमसिंह नगर की एफटीसी/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनीता गुंजियाल को विशेष पॉक्सो न्यायालय, ऊधमसिंह नगर का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद संबंधित न्यायिक अधिकारियों की नई जिम्मेदारियां तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।
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