Chamoli
गैरसैंण में मुख्यमंत्री धामी से मिली ग्राम प्रधान प्रियंका नेगी, सारकोट गांव के विकास के लिए रखी कई मांगें

गैरसैंण/भराड़ीसैंण: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बुधवार को गैरसैंण स्थित विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट की ग्राम प्रधान प्रियंका नेगी ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को भराड़ीसैंण से सारकोट तक सड़क स्वीकृति और कार्य शुरू होने पर ग्रामवासियों की ओर से आभार जताया और गांव के समग्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
ग्राम प्रधान ने उठाए जमीनी मुद्दे
प्रियंका नेगी ने मुख्यमंत्री के समक्ष सारकोट गांव की जमीनी चुनौतियों को रखते हुए निम्नलिखित सुझाव दिए:
जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए सोलर फेंसिंग की व्यवस्था
गांव से जुड़े आंतरिक मार्गों का सुधार और सुदृढ़ीकरण
गांव की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की योजना
गांव के रास्तों में सोलर लाइट की व्यवस्था
गैरसैंण स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बाल रोग और महिला रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति
सीएम धामी ने दिए समाधान के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्राम प्रधान प्रियंका नेगी के आग्रहों को गंभीरता से लेते हुए उनकी सराहना की और भरोसा दिलाया कि
“गांव की समस्याएं मेरी अपनी प्राथमिकता में हैं। जो भी मुद्दे आपने उठाए हैं, उन पर तत्काल कार्यवाही के निर्देश संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को दे दिए गए हैं।”
सीएम ने कहा कि सारकोट को आदर्श गांव के रूप में विकसित किया जा रहा है, और इसकी सफलता को प्रदेश के अन्य गांवों के लिए मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
विकास के प्रति प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रधान के जमीनी प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रियंका नेगी जैसी जागरूक और सक्रिय जनप्रतिनिधि अपने गांव के विकास के लिए जो प्रतिबद्धता दिखा रही हैं, वह राज्य के पंचायत प्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा है।
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नींद की झपकी और फिर जोरदार टक्कर, इंटरसेप्टर वाहन ने स्कूटी सवारों को मारी टक्कर

Chamoli News : सिमली-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार को पंती बाजार के समीप सड़क हादसा हो गया। यातायात विभाग के इंटरसेप्टर वाहन की चपेट में आने से स्कूटी सवार विद्युत विभाग के दो संविदा कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए।
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इंटरसेप्टर वाहन ने स्कूटी सवारों को मारी टक्कर
चमोली में आज इंटरसेप्टर वाहन की चपेट में आने से हादसा हो गया। हादसे में अनिल रावत के सिर में गंभीर चोट लग गई। जबकि लक्ष्मण सिंह के पैर में फ्रैक्चर बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने दोनों घायलों को तत्काल नारायणबगड़ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
इंटरसेप्टर वाहन थराली की ओर से जा रहा था कर्णप्रयाग
बताया जा रहा है कि इंटरसेप्टर वाहन थराली की ओर से कर्णप्रयाग जा रहा था। पंती बाजार के पास वाहन अचानक अनियंत्रित होकर सड़क की दूसरी लेन में चला गया। इसी दौरान नारायणबगड़ से पंती की तरफ जा रही स्कूटी से उसकी जोरदार भिड़ंत हो गई।

टक्कर के बाद स्कूटी सवार दोनों कर्मचारी सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। अनिल रावत के सिर में चोट अधिक गंभीर होने के कारण उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। वहीं, लक्ष्मण सिंह के पैर में फ्रैक्चर हुआ है।
पुलिस ने मामले की जांच की शुरू
हादसे के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इंटरसेप्टर वाहन चालक ने पूछताछ में बताया कि उसे नींद की झपकी आ गई थी, जिसके चलते वाहन नियंत्रण से बाहर होकर दूसरी दिशा में चला गया। दोनों घायल विद्युत विभाग में संविदा कर्मचारी के तौर पर कार्यरत हैं। पुलिस हादसे के कारणों और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
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कुरुड़ से नंदा देवी की बड़ी जात यात्रा शुरू, मां नंदा की डोली कैलाश के लिए हुई रवाना

Chamoli News : उत्तराखंड की प्रसिद्ध धार्मिक यात्रा मां नंदा देवी की बड़ी जात शनिवार, 5 सितंबर को सिद्धपीठ कुरुड़ से शुरू हो गई। मां नंदा की डोली के प्रस्थान के साथ ही कुरुड़ का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ मां नंदा को विदाई दी। डोली के साथ बड़ी संख्या में भक्त भी यात्रा पर रवाना हुए।
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कुरुड़ से नंदा देवी की बड़ी जात यात्रा शुरू
कुरुड़ से नंदा देवी की बड़ी जात यात्रा शुरू हो गई है। यात्रा शुरू होने से पहले सिद्धपीठ कुरुड़ में पांच दिनों तक मां नंदा राजराजेश्वरी की विशेष पूजा और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। अनुष्ठान पूरे होने के बाद परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ डोली को कैलाश की ओर रवाना किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचे। डोली की विदाई के समय भक्त भावुक भी दिखाई दिए।
मां नंदा की डोली कैलाश के लिए हुई रवाना
मां नंदा की बड़ी जात यात्रा को उत्तराखंड की प्रमुख और कठिन धार्मिक यात्राओं में गिना जाता है। यात्रा का मार्ग करीब 280 किलोमीटर लंबा है। इस दौरान मां की डोली पहाड़ी गांवों और विभिन्न पड़ावों से गुजरते हुए हिमालयी क्षेत्र की ओर आगे बढ़ेगी।
परंपरागत लोकजात यात्रा में डोली का पड़ाव वेदनी कुंड तक रहता है, लेकिन इस बार बड़ी जात यात्रा को आगे होमकुंड तक ले जाने की तैयारी है। होमकुंड में निर्धारित धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना और अन्य अनुष्ठान किए जाएंगे। इसके बाद यात्रा का समापन होगा।

गांवों में होगा डोली का भव्य स्वागत
कुरुड़ से निकलने के बाद मां नंदा की डोली अपने निर्धारित पड़ावों से होते हुए आगे बढ़ेगी। रास्ते में आने वाले गांवों में श्रद्धालु मां नंदा की डोली का स्वागत करेंगे। जगह-जगह पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजन होंगे। पारंपरिक ढोल-नगाड़ों और मां नंदा के जयकारों से यात्रा मार्ग का माहौल भक्तिमय रहेगा।
12 साल बाद आयोजित हो रही बड़ी जात
इस बार की बड़ी जात यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। 12 वर्ष के अंतराल के बाद आयोजित हो रही इस यात्रा में चमोली के अलावा उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों से भी भक्त पहुंच रहे हैं। यात्रा के शुभारंभ के साथ ही कुरुड़ और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक उत्साह देखने को मिल रहा है।
Chamoli
चमोली में घास लेने गई महिलाओं पर भालू ने किया हमला, एक की मौके पर मौत, 1 घायल

Chamoli News : चमोली जिले के पोखरी क्षेत्र में शुक्रवार सुबह जंगल में घास लेने गई दो महिलाओं पर भालू ने हमला कर दिया। अचानक हुए हमले के बाद दोनों महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे में एक महिला की मौत हो गई। जबकि एक महिला घायल बताई जा रही है।
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चमोली में घास लेने गई महिलाओं पर भालू ने किया हमला
चमोली जिले के पोखरी विकासखंड की नैल ग्राम पंचायत के सिदेली गांव से भालू के हमले सामने आई है। जानकारी के अनुसार गांव की विमला देवी (55) और लक्ष्मी देवी (42) शुक्रवार सुबह बोगा जंगल की ओर घास काटने गई थीं। इसी दौरान जंगल में अचानक उनका सामना भालू से हो गया और भालू ने दोनों पर हमला कर दिया।
भालू के हमले में एक महिला की मौत
हमले से बचने के दौरान दोनों महिलाएं चट्टान से नीचे जा गिरीं। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीण तुरंत जंगल पहुंचे और दोनों महिलाओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोखरी लेकर आए।

अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने विमला देवी को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी मौत अस्पताल लाए जाने से पहले ही हो चुकी थी। वहीं लक्ष्मी देवी की हालत गंभीर बताई गई, जिसके चलते प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
एक महिला गंभीर रूप से घायल
तहसीलदार रामकिशोर ध्यानी ने बताया कि घायल महिला को जल्द उपचार दिलाने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर हेलिकॉप्टर की व्यवस्था की गई थी। हालांकि मौसम खराब होने के कारण हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका। इसके बाद घायल महिला को एंबुलेंस के माध्यम से हायर सेंटर भेजा गया।
जंगल में भालू के हमले की इस घटना से सिदेली गांव समेत आसपास के इलाकों में भय का माहौल है। ग्रामीणों में जंगल जाने को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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