Politics
उत्तर प्रदेश में सात चरण में होगा मतदान, पहले चरण में पश्चिमी यूपी की आठ सीटों पर होगा मतदान…चार जून को नतीजे।

उत्तरप्रदेश – चुनाव आयोग ने 18वीं लोकसभा के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। लोकसभा चुनाव के लिए सात चरण में मतदान होगा। 19 अप्रैल को पहले चरण की मतगणना होगी। 26 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान होगा। सात मई को तीसरा चरण होगा। 13 मई को चौथा चरण होगा। 20 मई को पांचवां चरण होगा। छठा चरण 25 मई को होगा।एक जून को सातवां चरण में मतदान होगा। चार जून को लोकसभा चुनाव के नतीजे आएंगे।

पहले चरण में पश्चिमी यूपी की आठ सीटों पर वोटिंग होगी। दूसरे चरण में भी आठ सीटों पर मतदान होगा। तीसरे चरण में 10 सीटों पर वोटिंग होगी। चौथे चरण में 13 सीटों पर मतदान होगा। पांचवें चरण में 14 सीटों पर मतदान होगा। छठे चरण में 14 सीटों पर वोटिंग होगी। सातवें चरण में 13 सीटों पर वोट डाले जाएंगे।
पहला चरण: 8 सीट
दूसरा चरण: 8 सीट
तीसरा चरण: 10 सीट
चौथा चरण: 13 सीट
पांचवां चरण: 14 सीट
छठा चरण: 14 सीट
सातवां चरण: 13 सीट
चुनाव आयोग ने सलाह दी है कि निजी जिंदगी को लेकर भी चुनावों में हमले न करें। फेक न्यूज न फैलाएं। जाति धर्म पर भाषण नहीं। सोशल मीडिया की निगरानी होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि पर्यवक्षेकों को ट्रेनिंग दी गई है। 2100 पर्यवक्षेक तैनात किए गए हैं। हिंसा मुक्त चुनाव का लक्ष्य है।
Politics
गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के लिए आंदोलनकारी करेंगे सामूहिक मुंडन, 15 से शुरू होगी पदयात्रा

Uttarakhand Politics : दिल्ली, कर्णप्रयाग, चौखुटिया, रुद्रप्रयाग में गरजे और देहरादून धरना स्थल पर 100 दिनों से अधिक के क्रमिक अनशन के बाद अब आर-पार की जंग शुरू हो गई है। उत्तराखंड की आत्मा और स्वाभिमान की लड़ाई अब अपने सबसे उग्र और ऐतिहासिक मोड़ पर पहुंच चुकी है।
Table of Contents
गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के लिए करेंगे सामूहिक मुंडन
स्थायी राजधानी गैरसैंण समिति ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य की जनता के साथ वर्षों से किया जा रहा छल अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समिति इससे पहले दिल्ली, देहरादून, कर्णप्रयाग, चौखुटिया और रुद्रप्रयाग में उग्र प्रदर्शन कर अपनी मंशा साफ कर चुकी है और देहरादून धरना स्थल पर लगातार 100 से अधिक दिनों का ऐतिहासिक क्रमिक अनशन इस बात का जीवंत प्रमाण है कि ये आंदोलन अब किसी के रोके रुकने वाला नहीं है।
समिति 15 से शुरू करेगी पदयात्रा
समिति के मुख्य संयोजक पूर्व IAS विनोद प्रसाद रतूड़ी, पार्थ रतूड़ी(पत्रकारिता छात्रा), गोपाल दत्त कुमेड़ी, सुधीर गैरोला और शैलेंद्र शेखर करगेती ने एक स्वर में हुंकार भरते हुए कहा कि सत्ता के नशे में सोई सरकारें कान खोलकर सुन लें कि जब तक गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी घोषित नहीं किया जाता, तब तक न हम बैठेंगे और न ही सरकार को चैन से बैठने देंगे।

अब जंग सीधी और आर-पार की होगी – समिति
समिति का कहना है कि हमारी रगों में उत्तराखंड का खून दौड़ रहा है और ये लड़ाई हमारी अस्मिता व भावी पीढ़ियों के हक की है। हमने ‘प्रण से प्राण तक’ का अटूट संकल्प लिया है और अगर सरकार सोचती है कि वह समय टालकर हमें थका देगी, तो ये उसकी सबसे बड़ी ऐतिहासिक भूल होगी क्योंकि अब जंग सीधी और आर-पार की होगी।
गैरसैंण तक निकाली जाएगी पदयात्रा
सरकार की हठधर्मिता और वादाखिलाफी के जवाब में समिति ने ऐतिहासिक आंदोलनों का शंखनाद कर दिया है। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 को प्रातः 9:00 बजे से देहरादून विधानसभा के बाहर गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के संकल्प और सरकार के खिलाफ रोष के प्रतीक स्वरूप सामूहिक मुंडन किया जाएगा।
इसके तुरंत बाद स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त 2026 को प्रातः 9:30 बजे से विधानसभा के बाहर से देहरादून से गैरसैंण तक ऐतिहासिक महा-पदयात्रा का आगाज होगा।
Breakingnews
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, दिनेश कुंजवाल ने छोड़ा हाथ का साथ

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सभी दल अपने संगठन को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर पकड़ बढ़ाने में जुटे हुए हैं। इसी बीच अल्मोड़ा जिले की जागेश्वर विधानसभा सीट से कांग्रेस के लिए झटका देने वाली खबर सामने आई है।
Table of Contents
विधानसभा चुनाव 2027 से ठीक पहले कांग्रेस को लगा बड़ा झटका
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के भतीजे दिनेश कुंजवाल ने कांग्रेस से दूरी बनाते हुए उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) का दामन थाम लिया है। दिनेश कुंजवाल के साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के भी यूकेडी में शामिल होने की बात सामने आई है। ऐसे में उनका ये राजनीतिक फैसला जागेश्वर क्षेत्र की सियासत में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।
गोविंद सिंह कुंजवाल ने भतीजे ने छोड़ी पार्टी
जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र को लंबे समय से कांग्रेस के प्रभाव वाले इलाकों में गिना जाता है। यहां कुंजवाल परिवार की भी मजबूत राजनीतिक पकड़ रही है। गोविंद सिंह कुंजवाल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रहे हैं और उन्होंने प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। वह उत्तराखंड विधानसभा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
कांग्रेस के लिए क्यों अहम है ये घटनाक्रम?
ऐसे राजनीतिक परिवार से जुड़े दिनेश कुंजवाल का कांग्रेस से अलग होकर यूकेडी में शामिल होना स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। खासतौर पर ऐसे समय में जब विधानसभा चुनाव में अभी कुछ समय बाकी है और राजनीतिक दल अपने-अपने संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं।

यूकेडी ने कांग्रेस के गढ़ में लगाई सेंध
उत्तराखंड क्रांति दल लंबे समय से राज्य की क्षेत्रीय राजनीति में अपनी भूमिका मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। जागेश्वर में दिनेश कुंजवाल के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का यूकेडी में जाना पार्टी के लिए स्थानीय स्तर पर संगठन विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस घटनाक्रम के बाद जागेश्वर में कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक और संगठनात्मक पकड़ को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि इसका वास्तविक राजनीतिक असर आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।
2027 चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां लगातार तेज हो रही हैं। कांग्रेस, भाजपा और क्षेत्रीय दल अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
इसी कड़ी में जागेश्वर में यूकेडी की ओर से कांग्रेस के खेमे में सेंध लगाने की कोशिश को अहम माना जा रहा है। दिनेश कुंजवाल के साथ कार्यकर्ताओं का पार्टी बदलना कांग्रेस के लिए स्थानीय स्तर पर चुनौती खड़ी कर सकता है।
big news
BJP के Survey ने खोली विधायकों की पोल, 32 चेहरे रेड जोन में, कट सकता है कई का टिकट !

Uttarakhand Politics : बीजेपी के आंतरिक सर्वे की रिपोर्ट ने उत्तराखंड के सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। पार्टी के आंतरिक सर्वे से बीजेपी के भीतर खलबली मच गई है। रिपोर्ट के मुताबिक 47 विधायकों में से 32 विधायकों का टिकट रेड जोन में है।
Table of Contents
BJP के Survey ने खोली विधायकों की पोल
बीजेपी के आंतरिक सर्वे के बारे में सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इन विधायकों की परर्फॉर्मेंस पर स्थानीय जनता ने गहरी नाराजगी जताई है जो कि पार्टी के लिए खतरे की घंटी से कम नहीं है। पार्टी सत्ता की हैट्रिक के रास्ते में विधायकों के खिलाफ नाराजगी को बड़ा खतरा नहीं बनने देना चाहती, ऐसे में कई मौजूदा चेहरों के टिकट काटकर नए चेहरों को मैदान में उतारने की तैयारी की चर्चा तेज हो गई है।
32 चेहरे रेड जोन में, कट सकता है कई का टिकट !
पार्टी के विश्वत सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उत्तराखंड के दो तिहाई विधायकों का अगले विधानसभा चुनाव में टिकट कट सकता है। पार्टी और संघ की ओर से राज्य में अपने हिस्से की सभी 47 सीटों पर कराए गए आंतरिक सर्वे में 32 विधायकों के खिलाफ स्थानीय स्तर पर गहरी नाराजगी की बात सामने आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक लोग विधायकों से बेहद नाराज हैं। वो मानते हैं कि भाजपा के दस साल के शासन में विकास के कई कार्य हुए हैं। लेकिन कई ऐसे काम हैं जिनके वो आवाज उठाते रहे लेकिन उस पर कार्रवाई नहीं हुई। आंतरिक कलह, कुछ स्तरों पर प्रशासनिक ढिलाई, युवाओं में नाराजगी की भी बात सामने आई है। बीते कुछ समय में सोशल मीडिया पर भी इस तरीके के कई मामले सामने आए हैं।

अलग-अलग माध्यमों से संपर्क के बाद तैयार हुई रिपोर्ट
संघ सूत्रों के मुताबिक बीते दो महीने में राज्य की सभी 70 सीटों पर स्थानीय कार्यकर्ताओं, महत्वपूर्ण हस्तियों के अलावा सामान्य लोगों से अलग-अलग माध्यमों से संपर्क के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई है।
सूत्रों ने बताया कि राज्य में विपक्ष के मजबूत या कमजोर होने का परिणाम पर कोई असर नहीं पड़ता, मुख्य मुद्दा स्थानीय स्तर की नाराजगी का होता है। राज्य में दिवंगत भवन चंद खंडूड़ी के सीएम रहते कांग्रेस बेहद कमजोर थी, हालांकि तब भी विधायकों और उम्मीदवारों के खिलाफ लोगों की नाराजगी के कारण भाजपा को सत्ता गंवानी पड़ी थी।
यानी साफ है कि भाजपा के सामने चुनौती सिर्फ विपक्ष से नहीं, बल्कि अपने ही विधायकों के खिलाफ बन रही नाराजगी से भी है। इसके साथ ही टिकटों की लड़ाई में भी भाजपा के कई सियासी सिरमौर आपस में ही सींग मार रहे हैं। इसकी बड़ी वजह ये भी है कि दूसरे दलों से भाजपा में आए नेता भी दावेदारी कर रहे हैं।
Cricket21 hours agoMO-W vs SUL-W Dream11 Prediction Match 30: Pitch Report, Playing 11 & Fantasy Tips
Cricket8 hours agoMO vs SUL Dream11 Prediction Match 30: Playing 11, Pitch Report & Fantasy Cricket Tips
Breakingnews23 hours agoविधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, दिनेश कुंजवाल ने छोड़ा हाथ का साथ
uttarakhand weather5 hours agoउत्तराखंड के 12 जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा, अगले 24 घंटों के लिए अलर्ट जारी
Chamoli6 hours agoचमोली की नीति घाटी में आया भयानक जलसैलाब, पुल-गाड़ियां बहीं, एक BRO कर्मी लापता
Haridwar24 hours agoभारी बारिश के कारण मध्य हरिद्वार जलमग्न, कांवड़ यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
Haridwar4 hours agoशिवरात्रि पर शिवमय हुई धर्मनगरी, दक्षेश्वर महादेव समेत अन्य मंदिरों में उमड़ी भारी भीड़
big news3 hours agoदेहरादून के फाइव स्टार होटलों में छापा, किचन में मचा हड़कंप, जांच के लिए भेजे गए सैंपल





































