Dehradun
क्या है HMPV वायरस ? जानें इसके लक्षण, फैलाव और बचाव के उपाय….

देहरादून : HMPV (Human Metapneumovirus) एक वायरस है जो मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। यह वायरस आम सर्दी-जुकाम के जैसे लक्षण उत्पन्न करता है, जिनमें खांसी, बुखार, गले में खराश और नाक बहना शामिल हैं। हालांकि, कुछ मामलों में यह वायरस निमोनिया जैसी गंभीर बीमारी का कारण भी बन सकता है, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों में।
HMPV वायरस के लक्षण:
HMPV वायरस के लक्षण आमतौर पर हल्के होते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह गंभीर रूप ले सकते हैं। इसके प्रमुख लक्षण निम्नलिखित हैं:
- खांसी: यह सबसे पहले और सामान्य लक्षण होता है, जो सूखी या बलगम वाली हो सकती है।
- बुखार: हल्का से मध्यम बुखार भी हो सकता है।
- गले में खराश: गले में दर्द और खराश महसूस हो सकता है।
- नाक बहना: नाक बहना या बंद होना एक सामान्य लक्षण है।
- सांस लेने में तकलीफ: खासकर बच्चों और बुजुर्गों में, सांस लेने में तकलीफ हो सकती है, जो गंभीर हो सकती है।

HMPV वायरस कैसे फैलता है?
HMPV वायरस एक संक्रमित व्यक्ति के छींकने या खांसने से निकलने वाली छोटी बूंदों के माध्यम से फैलता है। जब स्वस्थ व्यक्ति इन बूंदों को सांस के माध्यम से अपने शरीर में प्रवेश करता है, तो वह संक्रमित हो सकता है। इसलिए यह वायरस अत्यधिक संक्रामक होता है।
HMPV वायरस से बचाव के उपाय:
HMPV वायरस से बचने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां बरतनी चाहिए:
- हाथों को नियमित रूप से धोएं: साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोना चाहिए, खासकर खाने से पहले, शौचालय जाने के बाद और बीमार व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद।
- मुंह और नाक को ढकें: खांसते या छींकते समय हमेशा मुंह और नाक को रुमाल या अपनी कोहनी से ढकें।
- बीमार लोगों से दूरी बनाएं: यदि कोई व्यक्ति संक्रमित है, तो उनसे दूरी बनाकर रखें।
- स्वच्छता का ध्यान रखें: अपने आस-पास की जगहों को नियमित रूप से साफ और स्वच्छ रखें।
HMPV वायरस का इलाज:
HMPV वायरस के लिए कोई विशिष्ट दवा नहीं है। इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति को सामान्यत: लक्षणों का इलाज करने के लिए बुखार कम करने वाली दवाएं और दर्द निवारक दवाएं दी जाती हैं। अधिकांश लोग घर पर आराम करके और पर्याप्त तरल पदार्थ पीकर जल्दी ठीक हो जाते हैं। हालांकि, यदि लक्षण गंभीर हो जाएं, तो डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है।
नोट:
यह जानकारी केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।
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बैंक बंद होने से पहले मिलेगा पैसा, सरकार ने वेतन-पेंशन को लेकर जारी किए निर्देश

Uttarakhand News : देशभर में प्रस्तावित बैंक हड़ताल के मद्देनजर उत्तराखंड सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के सितंबर महीने के भुगतान को लेकर बड़ा फैसला लिया है।
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बैंक बंद होने से पहले मिलेगा पैसा
सरकार ने सितंबर 2026 का वेतन और पेंशन 26 सितंबर तक जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य बैंकिंग सेवाओं पर हड़ताल के संभावित असर के बीच कर्मचारियों और पेंशनरों को भुगतान से जुड़ी किसी परेशानी से बचाना है।
देशभर में 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय बैंक हड़ताल प्रस्तावित है। इस दौरान बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए राज्य सरकार ने सितंबर माह के वेतन और पेंशन का भुगतान निर्धारित समय से पहले करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जिलाधिकारियों और कोषागार अधिकारियों को निर्देश
प्रमुख सचिव वित्त रमेश कुमार सुधांशु ने 25 सितंबर को इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों और कोषागार, पेंशन एवं हकदारी निदेशक को निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि राज्य सरकार के सभी कर्मचारियों और पेंशनरों को सितंबर 2026 के वेतन एवं पेंशन का भुगतान 26 सितंबर, शनिवार तक सुनिश्चित किया जाए।
सरकार के इस कदम से बैंक हड़ताल के दौरान भुगतान संबंधी संभावित दिक्कतों से कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत मिलने की उम्मीद है।

अक्टूबर के भुगतान में होगा जरूरी समायोजन
सरकारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सितंबर महीने का वेतन या पेंशन जारी करते समय पूरे महीने की देय राशि का आकलन किया जाए। अगर भुगतान के बाद किसी राशि में समायोजन की आवश्यकता सामने आती है, तो उसका निपटारा अक्टूबर 2026 के वेतन या पेंशन में किया जाएगा।
इसके साथ ही संबंधित विभागों को भुगतान से जुड़ी आवश्यक लेखांकन प्रक्रिया भी नियमानुसार पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इस तरह बैंक हड़ताल शुरू होने से पहले ही उत्तराखंड सरकार सितंबर महीने के सरकारी वेतन और पेंशन का भुगतान पूरा कराने की तैयारी में जुट गई है।
Dehradun
देहरादून में SSP ने किए बंपर तबादले, 22 SI और ASI को किया इधर से उधर, देखें लिस्ट

Dehradun News : देहरादून पुलिस महकमे में फिर से ट्रांसफर हुए हैं। पुलिस व्यवस्था को और बेहतर करने के उद्देश्य से SSP ने 22 SI और ASI के तबादले किए हैं।
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देहरादून में SSP ने किए बंपर तबादले
देहरादून में पुलिस महकमे में बंपर तबादले देखने को मिल हैं। जारी आदेश के अनुसार कई पुलिस अधिकारियों की तैनाती में बदलाव किया गया है। सभी स्थानांतरित अधिकारियों को अपनी नई तैनाती वाली जगह पर तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
22 SI और ASI को किया इधर से उधर
एसएसपी ने 22 उप निरीक्षकों और अपर उप निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल करते हुए उनके तबादले किए हैं। इस सूची में दुर्गेश कोठियाल, ओमप्रकाश, मनोहर सिंह रावत सहित कुल 22 पुलिस अधिकारियों के नाम शामिल हैं।

Dehradun
NEET UG फर्जी सर्टिफिकेट कांड में एक और गिरफ्तारी, SIT ने भोपाल से दबोचा आरोपी

Dehradun News : उत्तराखंड में NEET UG MBBS दाखिले से जुड़े फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र मामले की जांच में एसआईटी ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है।
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NEET UG फर्जी सर्टिफिकेट कांड में एक और गिरफ्तारी
एसआईटी ने भोपाल से धीरज श्रीवास्तव को पकड़ा है। आरोपी भोपाल में ‘एमबीबीएस वे’ नाम से अपना कार्यालय संचालित करता था। गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से करीब 5 लाख रुपये की धनराशि भी बरामद की गई है। इस मामले में अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
SIT ने भोपाल से दबोचा आरोपी
एसआईटी के अनुसार, मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच तेज कर दी गई है। इसी क्रम में धीरज श्रीवास्तव को भोपाल से गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि धीरज अलग-अलग निजी विश्वविद्यालयों में MBBS के साथ-साथ BTech, BCA, BBA और BCom जैसे पाठ्यक्रमों में कमीशन के आधार पर दाखिला दिलाने का काम करता था।

कमीशन के रूप में मिलने का दावा
एसआईटी के मुताबिक पूछताछ में धीरज श्रीवास्तव ने बरामद रकम को लेकर जानकारी दी। उसके अनुसार, यह धनराशि उसे रूपेश पंडित ने कुछ छात्रों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे के तहत MBBS में दाखिला दिलाने के बदले कमीशन के तौर पर दी थी।
अब तक कुल तीन आरोपी किए गए गिरफ्तार
जांच एजेंसी के अनुसार, धीरज ने रूपेश पंडित और अन्य साथियों के साथ मिलकर तीन अभ्यर्थियों के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कराए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप है। एसआईटी अब मामले में जुड़े अन्य लोगों और फर्जी दस्तावेज तैयार करने से लेकर दाखिला दिलाने तक की पूरी कड़ी की जांच कर रही है।
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