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केंद्र सरकार के सहयोग से हमें 1700 करोड़ की धनराशि जोशीमठ के पुननिर्माण एवं विकास कार्यों के लिए मिली है -सीएम धामी।

चमोली/जोशीमठ – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को जोशीमठ ( चमोली) स्थित टैक्सी स्टैण्ड में गढ़वाल लोकसभा से भाजपा प्रत्याशी अनिल बलूनी के पक्ष में आयोजित जनसभा को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निश्चित ही जनता के आशीर्वाद से गढ़वाल लोकसभा के अंतर्गत आने वाले सभी विधानसभाओं में से बद्रीनाथ विधानसभा सबसे अधिक मतों से जिताने वाली है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने ऋषिकेश से सभी को प्रणाम और राम राम भेजा है। उन्होंने कहा अनिल बलूनी का संकल्प इस पूरे लोकसभा क्षेत्र की सेवा करना है। राज्यसभा सांसद के तौर पर अनिल बलूनी ने कई कार्य इस क्षेत्र में किए हैं। उन्होंने कहा जनता का दिया गया हर वोट सीधा प्रधानमंत्री को जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा आपदा के दौरान मैंने स्वयं जोशीमठ में कैंप किया। उन्होंने कहा उनके द्वारा आपदा काल के दौरान हर शिविर, अस्पताल में जाकर लोगों से मुलाकात की गई थी। उन्होंने कहा जोशीमठ नरसिंह देवता, आदि गुरु शंकराचार्य की भूमि है। ये पौराणिक और सामरिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण भूमि है। उन्होंने कहा जोशीमठ क्षेत्र अपने मूल एवं पौराणिक स्वरूप में बना रहे, इसके लिए प्रधानमंत्री, गृह मंत्री द्वारा स्वयं यहां की चिंता की गई। केंद्र सरकार के सहयोग से हमें 1700 करोड़ की धनराशि जोशीमठ के पुनर्निर्माण नवनिर्माण, विकास कार्यों के लिए मिली है। उन्होंने कहा जोशीमठ के लिए जिस कार्य की जरूरत होगी, वो कार्य प्राथमिकता से किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार हमेशा काम करने में विस्वास रखती है। उन्होंने कहा अनिल बलूनी के गढ़वाल क्षेत्र से सांसद चुने जाने के बाद भारत सरकार में इस क्षेत्र की पैरवी करना आसान हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जनपद में कई बार प्रधानमंत्री का आगमन हुआ है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भगवान बद्रीविशाल के पुनर्निर्माण का कार्य जारी है। माणा तक सड़क का कार्य जारी है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने माणा को देश के अंतिम गांव की जगह देश के पहले गांव की संज्ञा दी।
मुख्यमंत्री ने कहा की प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड में कई ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। चार धाम हेतु ऑल वेदर रोड का निर्माण हुआ है। आज जनता विकास पर चर्चा करती है। उन्होंने कहा एक समय जोशीमठ से ऋषिकेश पहुंचने में पूरा दिन लग जाता था। पर आज कुछ ही घंटे में यह दूरी तय कर ली जाती है। उन्होंने कहा लोगों के जीवन में बदलाव आया है। पहले पानी के लिए लंबी-लंबी लाइन लगाई जाती थी। आज हर घर नल से जल पहुंच रहा है। पहले जंगलों से लकड़ी लाकर घर में खाना बनाया जाता था, आज उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गरीबों को 5 लाख तक का मुफ्त इलाज दिया जा रहा है। जनधन योजना, किसान समृद्धि योजना, पीएम आवास योजना, गरीब कल्याण अन्न योजना चलाई जा रही है। उन्होंने कहा उत्तराखंड देवभूमि के साथ वीर भूमि है, यहां के लोगों ने कश्मीर को बचाने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। उस कश्मीर से धारा 370 हटाने का खात्मा पीएम मोदी ने किया। सैनिकों हेतु वन रैंक वन पेंशन लागू किया। सैनिकों का अपमान करने वाले कांग्रेस के लोग, आज सेना के हितैषी बनने का ढोंग रच रहे हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में श्रीराम मंदिर का निर्माण कार्य हुआ है। इस बार राम नवमी पर भगवान श्री राम अपना जन्मदिन अपने महल में मनाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के आशीर्वाद से राज्य सरकार ने कई ऐतिहासिक कार्य किए हैं। राज्य में समान नागरिक संहिता विधेयक पास हो गया है। उन्होंने कहा भाजपा के संकल्प पत्र में समान नागरिक संहिता लागू करने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कांग्रेस पार्टी देश में मुस्लिम पर्सनल लॉ लागू करने की बात करती है। कांग्रेस के लोग पहले की तरह आज भी तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा आज समान अधिकारों के लिए देश आगे बढ़ चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के अंदर अतिक्रमण हटाना कोई अधर्म का काम नहीं है। हम सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाने का काम कर रहे हैं। धर्मांतरण, दंगे न हो इसके लिए धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा रोधी कानून लाया गया है। उन्होंने कहा विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा राज्य में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण सरकारी नौकरी में दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने नवजात शिशु से लेकर बुजुर्ग तक हर वर्ग के कल्याण हेतु महालक्ष्मी किट योजना, लखपति दीदी योजना उत्तराखंड आयुष्मान योजना, वृद्धा पेंशन योजना, गरीब परिवारों को साल में 3 मुफ्त गैस रिफिल, होम स्टे योजना शुरू की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जोशीमठ एवं बद्रीनाथ क्षेत्र में लगभग 900 करोड़ रूपए की लागत से 100 से अधिक सड़कों का निर्माण कार्य गतिमान है। औली से गौंरसू तक भी रोपवे निर्माण का कार्य गतिमान है। कई दूरस्थ गांव में आजादी के बाद पहली बार सड़क पहुंचने का काम हमारी सरकार ने किया है। ऑल वेदर का निर्माण कार्य जारी है। 500 करोड़ रूपए की लागत से बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के जरिए पुनर्विकास के कार्य हो रहे हैं। पोखरी में मिनी स्टेडियम बनाने के लिए 3.5 करोड़ रूपए की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक तरफ मोदी जी देश की समृद्धि और खुशहाली के लिए समर्पित होकर कार्य कर रहे हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस है जो सिर्फ भ्रष्टाचार और परिवारवाद को बढ़ावा देने का काम कर रही है।
कई भ्रष्टाचारी पार्टियों ने मिलकर गठबंधन बना लिया है। इंडी गठबंधन, जातिवाद, वंशवाद, भ्रष्टाचार और सनातन विरोधियों का गिरोह है। जो अपने अपने परिवार और अस्तित्व को बचाने के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा हर कोई कहता है राहुल गांधी कॉमेडी तो अच्छी कर लेते हैं पर जनसेवा के गुण उनमें नहीं है। कांग्रेस पर परिवारवाद का ऐसा नशा चढ़ा है कि वो अपने नादान राजकुमार से आगे बढ़ ही नहीं पा रही है। कांग्रेस भाई – भतीजावाद के साथ ही महिला विरोधी पार्टी भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने 2014 के बाद से ही उत्तराखंड के कायाकल्प में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। 10 वर्षों में उत्तराखंड को लगभग 2 लाख करोड़ रूपए की परियोजनाओं की सौगात दी है। हम सभी मिलकर नरेंद्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा आगामी 19 अप्रैल को पूरे उत्तराखंड की सभी पांचों सीटों पर कमल खिलाना है, और नरेंद्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाना है।
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हेमकुंड साहिब में बर्फबारी के बीच अंतिम अरदास, शीतकाल के लिए बंद हुए कपाट

Chamoli News : सिखों के पवित्र तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब के कपाट शनिवार को साल की अंतिम अरदास के बाद शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इस वर्ष यात्रा के दौरान 3,84,573 से अधिक श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारे में मत्था टेका।
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हेमकुंड साहिब में बर्फबारी के बीच अंतिम अरदास
हेमकुंड साहिब के कपाट आज बंद हो गए हैं। कपाट बंद होने के इस विशेष अवसर पर करीब चार हजार श्रद्धालु मौजूद रहे और ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। इस मौके पर पाकिस्तान से आए 40 सदस्यीय सिख श्रद्धालुओं के जत्थे ने भी अंतिम अरदास में भाग लिया। एक दिन पहले हुई भारी बर्फबारी के कारण हेमकुंड साहिब का पूरा क्षेत्र बर्फ से ढक गया था। इसके बावजूद श्रद्धालु बर्फीले रास्तों से होकर धाम पहुंचे और धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल हुए।
शीतकाल के लिए बंद हुए कपाट
शुक्रवार को हुई सीजन की अंतिम बर्फबारी ने हेमकुंड साहिब की खूबसूरती को और बढ़ा दिया। चारों ओर बर्फ की सफेद चादर बिछने से पूरा क्षेत्र बेहद मनमोहक नजर आया। कपाट बंद होने के दिन भी श्रद्धालुओं को बर्फ से ढके धाम के अद्भुत नजारे देखने का अवसर मिला।

सुबह 10 बजे शुरू हुई कपाट बंद होने की प्रक्रिया
कपाट बंद करने की धार्मिक प्रक्रिया शनिवार सुबह 10 बजे सुखमनी साहिब के पाठ के साथ शुरू हुई। इसके बाद शब्द कीर्तन किया गया। दोपहर 12:30 बजे अंतिम अरदास हुई और दोपहर एक बजे हुक्मनामा लिया गया।
सेना के बैंड की मधुर धुनों के बीच पंच प्यारों की अगुवाई में गुरु ग्रंथ साहिब को दरबार साहिब से सचखंड में सुशोभित किया गया। धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूरी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद हेमकुंड साहिब के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।
लक्ष्मण मंदिर के कपाट कल होंगे बंद
हेमकुंड साहिब के कपाट बंद होने के साथ ही लोकपाल घाटी के अन्य धार्मिक स्थलों में भी शीतकालीन बंदी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। लक्ष्मण मंदिर के कपाट रविवार को बंद किए जाएंगे। मंदिर के पुजारी मनीष पांडे के अनुसार, कपाट बंद करने से संबंधित सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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हेमकुंड साहिब में सीजन की तीसरी बर्फबारी से कड़ाके की ठंड, कल बंद होंगे कपाट बंद

Chamoli News : उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित सिखों के पवित्र तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब में सीजन की तीसरी बर्फबारी हुई है। देर रात अचानक मौसम खराब होने के बाद यहां बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई और ठंड का असर बढ़ गया। खास बात यह है कि हेमकुंड साहिब के कपाट कल बंद होने हैं। ऐसे में यात्रा सीजन के अंतिम चरण में हुई बर्फबारी ने यहां मौसम को और सर्द बना दिया है।
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हेमकुंड साहिब में अब तक तीन बार हुई बर्फबारी
हेमकुंड साहिब में मौसम तेजी से बदलता है। इस सीजन में अब तक यहां तीन बार बर्फबारी हो चुकी है। देर रात हुई ताजा बर्फबारी के बाद क्षेत्र में ठंड बढ़ गई है। हेमकुंड साहिब सिख समुदाय के प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल है, जहां हर साल देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मत्था टेकने पहुंचते हैं।
इस बार की तीर्थयात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। हेमकुंड साहिब के कपाट कल बंद होने के साथ ही इस वर्ष की यात्रा का समापन हो जाएगा। कपाट बंद होने से ठीक पहले हुई बर्फबारी ने क्षेत्र में सर्द मौसम का असर बढ़ा दिया है।
बारिश और आंधी-तूफान के बाद गिरा तापमान
उत्तराखंड में पिछले दिनों हुई बारिश और आंधी-तूफान का असर अब तापमान पर भी दिखाई देने लगा है। लगातार दो दिनों तक मौसम खराब रहने के बाद बृहस्पतिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम शुष्क रहा, लेकिन तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
पहाड़ी इलाकों में पारा गिरने से ठंड महसूस की गई, जबकि मैदानी क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहा। मौसम में आए इस बदलाव के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में सर्दी का असर बढ़ने लगा है।

यात्रा सीजन के अंतिम दौर में बदला मौसम
हेमकुंड साहिब में कपाट बंद होने से पहले हुई बर्फबारी ने एक बार फिर उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम की चुनौती को सामने ला दिया है। जहां एक ओर तीर्थयात्रा अपने समापन की ओर बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर बारिश, बर्फबारी और तापमान में गिरावट के कारण प्रदेश में ठंड का असर बढ़ने लगा है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
देहरादून, नैनीताल और पिथौरागढ़ में भारी बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार, नौ अक्टूबर को प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं, देहरादून, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। ऐसे में मौसम के बदलते मिजाज के बीच लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
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अब तक 3.58 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे हेमकुंड साहिब, अब कपाट बंद होने की तैयारी

Chamoli News : हेमकुंड साहिब की यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। 10 अक्टूबर को कपाट शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे, लेकिन उससे पहले धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी है। इस बार आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि हेमकुंड साहिब पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए।
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अब तक 3.58 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे हेमकुंड साहिब
हेमकुंड साहिब की इस साल की यात्रा अब समापन की ओर बढ़ रही है। आगामी 10 अक्टूबर को गुरुद्वारा साहिब के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने से पहले धाम में दर्शन और मत्था टेकने के लिए श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
अब कपाट बंद होने की तैयारी
10 अक्टूबर को हेमकुंड साहिब में इस यात्रा की अंतिम अरदास होगी। इसके बाद कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के प्रबंधक सेवा सिंह के अनुसार, कपाट बंद करने की प्रक्रिया को लेकर गुरुद्वारा प्रबंधन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।

10 अक्टूबर को होगी यात्रा की अंतिम अरदास
सेवा सिंह ने बताया कि इस बार हेमकुंड साहिब पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले वर्षों के आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया है। अब तक 3 लाख 58 हजार से अधिक श्रद्धालु धाम में मत्था टेक चुके हैं। पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

















































