big news
मौत का तांडव! घने कोहरे में 7 बसें भिड़ीं, विस्फोट के साथ लगी आग, 13 की जिंदा जलकर मौत

yamuna expressway accident : सर्दियों में कोहरे के कारण अक्सर लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार ये सड़क दुर्घटना का भी कारण बनता है। आज सुबह यमुना एक्सप्रेसवे पर कोहरे के कारण दर्दनाक सड़क हादसा (yamuna expressway accident) हो गया। जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई।
Table of Contents
yamuna expressway accident में चार की मौत
मंगलवार तड़के उत्तर प्रदेश के के मथुरा जिले में बड़ा सड़क हादसा हो गया। मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर घने कोहरे के कारण एक के बाक एक सात बसें और तीन छोटी गाड़ियां एक दूसरे से टकरा गईं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि इसके बाद जोरदार धमाके के साथ ही बसों में आग लग गई। मिली जानकारी के मुताबिक हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है। जबकि 30 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

घने कोहरे में एक के बाद एक 7 बसें भिड़ीं
मिली जानकारी के अनुसार घना कोहरा लगा होने के कारण सड़क पर दृश्यता बेहद कम हो गई थी। जिस कारण एक के बाद एक सात बसें आपस में टकरा गईं। बताया जा रहा है कि ये हादसा मथुरा के बलदेव थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुआ है। इस हादसे (yamuna expressway accident) की वजह घना कोहरा बताया जा रहा है। लेकिन बसों में आग कैसे लगी इसके कारण का अब तक पता नहीं लग पाया है।

13 की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत
मथुरा के यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए इस हादसे yamuna expressway accident में 13 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई है। हादसे की भयावहता का अंदाजा इस से लगाया जा सकता है कि मृतकों के जले हुए अवशेषों को करीब 17 थैलियों में भरकर पोस्टमार्टम हाउस ले जाया गया। शवों की पहचान के लिए डीएन टेस्ट करवाया जाएगा। हादसे के बारे में प्रशासन की तरफ से जानकारी दी गई है कि दुर्घटनाग्रस्त वाहनों में कुल 70 लोग सवार थे, जिनमें से 33 यात्री घायल हैं।
FAQs: यमुना एक्सप्रेसवे हादसा (Yamuna Expressway Accident)
Q1. यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसा कब और कहां हुआ?
➡️ यह हादसा मंगलवार तड़के उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के बलदेव थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुआ।
Q2. यमुना एक्सप्रेसवे हादसे की मुख्य वजह क्या बताई जा रही है?
➡️ शुरुआती जांच में हादसे की मुख्य वजह घना कोहरा और बेहद कम दृश्यता बताई जा रही है।
Q3. इस हादसे में कितनी बसें आपस में टकराईं?
➡️ घने कोहरे के कारण एक के बाद एक 7 बसें और तीन छोटी गाड़ियां आपस में टकरा गईं।
Q4. यमुना एक्सप्रेसवे हादसे में कितने लोगों की मौत हुई है?
➡️ अब तक 13 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है।
Q5. हादसे में कितने लोग घायल हुए हैं?
➡️ इस दुर्घटना में 33 यात्री घायल हुए हैं, जिनमें से 30 से ज्यादा की हालत गंभीर बताई जा रही है।
Q6. हादसे के बाद बसों में आग कैसे लगी?
➡️ बसों में आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, जांच जारी है।
Q7. मृतकों के शवों की पहचान कैसे की जाएगी?
➡️ जले हुए अवशेषों को करीब 17 थैलियों में भरकर पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया है और डीएनए टेस्ट के जरिए पहचान की जाएगी।
big news
धामी कैबिनेट की अहम बैठक आज, ग्रेड-पे से लेकर मानसून सत्र तक बड़े फैसलों पर नजर

Dhami Cabinet : उत्तराखंड सरकार की धामी कैबिनेट बैठक आज कई मायनों में महत्वपूर्ण रहने वाली है। बैठक में अलग-अलग विभागों से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय होने की संभावना है।
Table of Contents
धामी कैबिनेट की अहम बैठक आज
सीएम धामी की अध्यक्षता में आज दोपहर 12 बजे से मंत्रिमंडल की बैठक होगी। जिसमें सबसे प्रमुख मामला सहायक अध्यापक व्यायाम के पद के ग्रेड वेतन को 4600 से घटाकर 4200 किए जाने से जुड़ा बताया जा रहा है।
इसके अलावा स्वास्थ्य, शिक्षा और शहरी विकास विभाग से संबंधित प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने आ सकते हैं। वहीं विधानसभा के आगामी मानसून सत्र को लेकर भी सरकार की ओर से महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।
सहायक अध्यापक व्यायाम के ग्रेड-पे पर नजर
कैबिनेट बैठक में सहायक अध्यापक व्यायाम के पद को लेकर प्रस्ताव चर्चा में आ सकता है। इसके तहत मौजूदा 4600 ग्रेड वेतन को घटाकर 4200 किए जाने का प्रस्ताव बताया जा रहा है। अगर सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो संबंधित पद की वेतन व्यवस्था में बदलाव हो सकता है। ग्रेड-पे कर्मचारियों की वेतन संरचना से जुड़ा महत्वपूर्ण हिस्सा होने के कारण इस फैसले का वित्तीय प्रभाव भी पड़ सकता है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है या इसमें किसी तरह का संशोधन किया जाता है। इसी वजह से कर्मचारियों की नजर भी आज होने वाली कैबिनेट बैठक के फैसले पर रहेगी।
स्वास्थ्य विभाग के मामलों पर भी हो सकती है चर्चा
बैठक के एजेंडे में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल होने की संभावना है। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित व्यवस्थाओं, विभागीय जरूरतों और कर्मचारियों से जुड़े विषयों पर निर्णय ले सकती है। स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े फैसलों के जरिए आने वाले समय में विभागीय कामकाज और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं भी सामने आ सकती हैं।

शहरी विकास से जुड़े प्रस्ताव भी अहम
शहरी विकास विभाग के कई प्रस्तावों पर भी कैबिनेट में विचार संभव है। प्रदेश के शहरों में लगातार बढ़ते विकास दबाव, बुनियादी सुविधाओं और स्थानीय निकायों से जुड़े विषयों को देखते हुए इस विभाग के फैसले महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। कैबिनेट में प्रस्तावों पर होने वाली चर्चा से यह संकेत भी मिल सकता है कि सरकार आने वाले महीनों में शहरी क्षेत्रों से जुड़े किन मुद्दों को प्राथमिकता देने वाली है।
मानसून सत्र को लेकर सरकार ले सकती है फैसला
उत्तराखंड विधानसभा के आगामी मानसून सत्र को लेकर भी आज की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय होने की संभावना है। सत्र कब आयोजित किया जाएगा और इसकी अवधि समेत अन्य तैयारियों को लेकर सरकार की ओर से फैसला लिया जा सकता है।
मानसून सत्र में विपक्ष सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी में रहेगा। ऐसे में सत्र से पहले कैबिनेट में होने वाले फैसले राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माने जा रहे हैं।
big news
बड़ी खबर : कल से तीन दिन देश में बंद रहेंगे बैंक, जानें क्यों और कहां रहेगी बैंकों की छुट्टी ?

Bank Holidays : आज के समय में बैंकिंग से जुड़े ज्यादातर काम मोबाइल और इंटरनेट के जरिए आसानी से किए जा सकते हैं। पैसे ट्रांसफर करने से लेकर क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन और लोन की प्रक्रिया तक कई सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। इसके बावजूद कुछ जरूरी कामों के लिए बैंक की शाखा में जाना पड़ता है। ऐसे में अगर बैंक पहुंचने के बाद शाखा बंद मिले तो परेशानी होना तय है। खासकर तब, जब लगातार कई दिनों तक बैंक बंद रहने वाले हों।
Table of Contents
कल से तीन दिन देश में बंद रहेंगे बैंक
11 सितंबर से 13 सितंबर तक बैंक की छुट्टियों को लेकर अलग-अलग दिनों में अलग-अलग वजहें हैं। आइए जानते हैं इन तीन दिनों में कहां बैंक बंद रहेंगे और किस दिन पूरे देश में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी। 11 सितंबर को बैंक की छुट्टी पूरे देश में एक जैसी नहीं है।
राजस्थान में जहां चुनाव आयोजित किए जा रहे हैं, वहां संबंधित बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। इसके अलावा जयपुर नगर निगम क्षेत्र में होने वाले चुनाव के चलते शुक्रवार यानी 11 सितंबर को बैंक शाखाओं में अवकाश रहेगा।
राजधानी दिल्ली में भी बंद रहेंगे बैंक
दिल्ली में 11 सितंबर को 18वें BRICS सम्मेलन के आयोजन के कारण सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था में कई बदलाव किए गए हैं। कुछ स्कूलों और सरकारी कार्यालयों को भी बंद रखने की व्यवस्था की गई है। हालांकि, दिल्ली में बैंक बंद रखने को लेकर अलग से कोई सामान्य बैंक अवकाश आदेश सामने नहीं आया है।

12 सितंबर को पूरे देश में बैंक बंद
अब बात करते हैं 12 सितंबर की। शनिवार यानी 12 सितंबर को महीने का दूसरा शनिवार है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बैंक हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक शाखाओं में अवकाश रहता है। इसलिए 12 सितंबर को देशभर में सरकारी और निजी क्षेत्र के बैंकों की शाखाएं बंद रहेंगी। हालांकि, बैंक की कई डिजिटल सेवाएं जैसे UPI, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग सामान्य तौर पर उपलब्ध रह सकती हैं।
13 सितंबर को भी बैंक नहीं खुलेंगे
अगर आपको लगता है कि 12 सितंबर की छुट्टी के बाद 13 सितंबर को बैंक खुल जाएंगे, तो ऐसा नहीं है। 13 सितंबर को रविवार है, इसलिए देशभर में बैंक शाखाओं का साप्ताहिक अवकाश रहेगा। यानी सरकारी और प्राइवेट दोनों बैंकों की शाखाएं रविवार को बंद रहेंगी।
big news
नैनीताल के ज्योलीकोट में दूषित पानी से 2 की मौत, 200 से भी ज्यादा लोग हुए बीमार

Nainital News : पानी जिसके बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। लेकिन नैनीताल के ज्योलीकोट में यही पानी जिंदगी बचाने के बजाय जिंदगी छीन रहा है। जिस पानी को लोग भरोसे के साथ पी रहे थे, वही पानी बीमारी का ऐसा जहर बन गया कि दो जिंदगियां चली गईं और सैकड़ों लोग अस्पताल पहुंच गए।
Table of Contents
नैनीताल के ज्योलीकोट में दूषित पानी से 2 की मौत
नैनीताल के ज्योलीकोट में दूषित पेयजल का मामला अब गंभीर स्वास्थ्य संकट बन चुका है। पांच गांवों के करीब 200 लोग पीलिया, बुखार और उल्टी-दस्त की चपेट में हैं। 60 से ज्यादा मरीज नैनीताल, हल्द्वानी, बरेली और दिल्ली के अस्पतालों में भर्ती हैं। दो लोगों की मौत भी हो चुकी है।
200 से भी ज्यादा लोग हुए बीमार
ग्रामीणों का आरोप है कि 20 जून से ही पानी में झाग, बदबू और लोगों के बीमार पड़ने की शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन करीब दो महीने तक कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के अनशन के बाद 27 अगस्त को दूषित पेयजल लाइन काटी गई। सबसे गंभीर बात यह है कि जल संस्थान की जांच में पेयजल स्रोत में सीवेज मिलने की पुष्टि हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक दुर्गापुर पेयजल संयंत्र के ऊपर ही सीवर ट्रीटमेंट प्लांट है और लंबे समय से सीवर का पानी पेयजल लाइन में रिस रहा था।

दो लोगों की मौत के बाद जागा प्रशासन
दूषित पानी से बीमार 26 वर्षीय नीमा की बरेली में और 16 वर्षीय उमेश्वर जीना की दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में मौत हो गई। वहीं 50 से 60 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं और बीडी पांडे अस्पताल में 25 से ज्यादा पीलिया पीड़ित भर्ती बताए जा रहे हैं।
अब जल संस्थान ने दूषित स्रोत बंद कर दिया है। सीवर और पेयजल लाइनों को अलग करने का काम चल रहा है और दूसरे स्रोतों से पानी की आपूर्ति की जा रही है। डीएम ने सात दिन के लिए स्कूल बंद करने, जल स्रोतों के क्लोरीनेशन और घर-घर स्वास्थ्य शिविर के निर्देश दिए हैं।
uttarakhand weather18 hours agoउत्तराखंड में आज सात जिलों में बारिश के आसार, अगले दो दिन ऐसा रहेगा मौसम का मिजाज
Rudraprayag18 hours agoकेदारनाथ पैदल मार्ग पर फिर हादसा, चीरबासा में बोल्डर गिरने से एक शख्स की मौत
Almora16 hours agoपहाड़ में इलाज की ऐसी बेबसी! 6 अस्पतालों के चक्कर, फिर मां और दोनों बच्चों की मौत
Uttarakhand11 hours agoविधानसभा सत्र को लेकर बड़ा अपडेट, सत्र का काउंटडाउन शुरू! डेट और जगह जल्द होगी फाइनल






































