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जी.जी.आई.सी कौलागढ़ का नाम पूर्व विधायक हरंबंस कपूर के नाम पर रखा जायेगा: सीएम धामी
देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कौलागढ़ के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास झड़ीपानी का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास कौलागढ़ एवं कस्तूरबा गांधी आवासीय छात्रावास कोरबा के शिलान्यास के साथ शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए स्मार्टशाला टी.वी. डिवाइस तथा स्पोकन इंग्लिश कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कौलागढ़ का नाम पूर्व विधायक हरबंस कपूर के नाम से किए जाने की घोषणा भी की। इस अवसर पर उन्होंने संपर्क स्मार्टशाला टी.वी. डिवाइस के माध्यम से चल रही कक्षाओं का अवलोकन किया एवं छात्राओं से संवाद भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। समाज के गरीब एवं वंचित वर्गों के लोगों को भी शिक्षा के लिए पूरे अवसर मिले इसके लिए राज्य में जहां भी आवासीय छात्रावास बनाने की आवश्यकता होगी, इस दिशा में तेजी से प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि देश आजादी के अमृत महोत्सव में प्रवेश कर गया है। आने वाले 25 साल भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। हमारे नौनिहाल भारत का भविष्य हैं। इनको अच्छी शिक्षा और संस्कार मिले यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके नेतृत्व में भारत द्वारा अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर जो भी प्रस्ताव रखे जाते हैं, उन पर गम्भीरता से सुनवाई भी होती है, और फैसले भी लिये जाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत 2023 में जी 20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा है। यह देश के लिए ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ को बढ़ावा देने का अच्छा अवसर है। भारत के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2023 को अन्तरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष भी घोषित किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत के प्रस्ताव पर समर्थन मिलने पर पूर्व में संयुक्त राष्ट्र महासभा से प्रतिवर्ष 21 जून को अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने मंजूरी मिली थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड भी विकास पथ पर तेजी से अग्रसर है। 2025 तक उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में हो इस दिशा में निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू हो गई है। जिसके तहत 05 हजार बाल वाटिकाओं का संचालन पूरे राज्य में किया जा रहा है। प्रदेश में करीब 11 लाख छात्र – छात्राओं को किताबें, कपड़े, बैग, जूते, एवं अन्य सामग्री सरकार द्वारा मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही। राज्य में 9वीं से 12वीं कक्षा तक के सभी सरकारी एवं अशासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों को भी मुफ्त में किताबें देने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है।

राज्य में कक्षा 01 से 08वीं कक्षा के सभी विद्यार्थियों को पहले से ही मुफ्त में किताबें दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम में ‘हमारी विरासत’ पुस्तक बच्चों को पढ़ाई जायेगी। इसमें उत्तराखण्ड के महापुरूषों की जानकारी के अलावा राज्य की ऐतिहासिक एवं सामाजिक पृष्ठभूमि की जानकारी भी बच्चों दी जायेगी। राज्य में स्कूलों के पाठ्यक्रम में स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं कृषि से सबंधित जानकारियों का समावेश किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही एलटी अध्यापकों को नियुक्ति दी जायेगी। इन शिक्षकों को मुख्यमंत्री नियुक्ति पत्र सौंपेंगे।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए अनेक कार्य किये गये हैं। बच्चों को हिन्दी के अलावा अंग्रेजी माध्यम में भी अच्छी शिक्षा मिले इसके लिए अटल आदर्श विद्यालय खोले गये हैं। उन्होंने कहा प्रदेश के दूरस्थ गांवों में शिक्षा से संबंधित कार्यक्रम हो इसके लिए भी हमें प्रयास करने चाहिए।
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उत्तराखंड में खुली मिठाई पर लगेगी एक्सपायरी डेट, 26 अक्टूबर से बदलेगा नियम

देहरादून: उत्तराखंड में मिठाई खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक अहम बदलाव होने जा रहा है। अब दुकानों में खुली मिठाइयां खरीदते समय ग्राहकों को उनकी निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट की जानकारी भी मिल सकेगी। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने 26 अक्टूबर 2026 से राज्य में खुली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों की ट्रे तथा काउंटर पर निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट अथवा यूज बाई डेट प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया है। खाद्य संरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। इस फैसले का उद्देश्य उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थों की ताजगी और उनकी उपयोग अवधि के बारे में जागरूक करना है।
निरीक्षण के दौरान सामने आई थी समस्या
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से मिठाई की दुकानों में किए गए निरीक्षण के दौरान सामने आया कि खुली मिठाइयों के निर्माण और उपयोग की अंतिम तिथि की जानकारी ग्राहकों को नहीं मिल पा रही थी। दुकानों में मिठाइयां बिक्री के लिए रखी होती थीं, लेकिन उन्हें कब बनाया गया और कब तक उनका सेवन किया जा सकता है, यह स्पष्ट नहीं होता था।
मिठाई की ट्रे और काउंटर पर दिखानी होगी तारीख
नए नियम के तहत दुकानदारों को बिक्री के लिए रखी खुली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों के काउंटर या ट्रे पर निर्माण तिथि के साथ एक्सपायरी डेट अथवा यूज बाई डेट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी। यह व्यवस्था पूरे उत्तराखंड में लागू होगी।इससे ग्राहकों को मिठाई खरीदते समय उसके निर्माण और उपयोग की अंतिम तिथि जानने में आसानी होगी।
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डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने ली उत्तराखंड के राज्यपाल पद की शपथ, मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ

देहरादून। उत्तराखंड को आज नया राज्यपाल मिल गया है। डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने सोमवार को प्रदेश के नौवें राज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें शपथ दिलाई। उनके शपथ ग्रहण के साथ ही उत्तराखंड में राज्यपाल के रूप में उनकी नई पारी की शुरुआत हो गई है। अब प्रदेश की संवैधानिक व्यवस्था में उनकी भूमिका और आगामी कार्यों पर सभी की नजरें रहेंगी।
Table of contents
1.डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने ली राज्यपाल पद की शपथ
2.नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ
डॉ. ढाल सिंह बिसेन बने उत्तराखंड के नए राज्यपाल
डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने आज उत्तराखंड के नए राज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। उनकी नियुक्ति प्रदेश की संवैधानिक व्यवस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। राज्यपाल प्रदेश के संवैधानिक प्रमुख होते हैं और संविधान के प्रावधानों के अनुसार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। उनकी भूमिका राज्य सरकार और संवैधानिक संस्थाओं के बीच समन्वय बनाए रखने में भी अहम होती है।

मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने डॉ. ढाल सिंह बिसेन को राज्यपाल पद की शपथ दिलाई। इस समारोह के साथ उन्होंने संवैधानिक रूप से राज्यपाल की जिम्मेदारियां संभालीं।राज्यपाल पद की शपथ संविधान के प्रति निष्ठा और राज्य के संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। राज्यपाल को अपने कार्यकाल के दौरान संवैधानिक मर्यादाओं और नियमों के अनुरूप काम करना होता है।
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उत्तराखंड में आज भी बारिश-बर्फबारी के आसार, मौसम विभाग ने 3 जिलों के लिए जारी किया अलर्ट

Uttarakhand Weather : उत्तराखंड में आज भी मौसम का मिजाज बिगड़ा रहने के अनुमान है। पहाड़ों पर बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग के लिए अलर्ट जारी किया है।
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उत्तराखंड में आज भी बारिश-बर्फबारी के आसार
उत्तराखंड में मौसम के मिजाज में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। बृहस्पतिवार को अचानक बदले मौसम के बाद शुक्रवार को प्रदेशभर में मौसम साफ रहा और आसमान में चटक धूप खिली। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड से कुछ राहत मिली, जबकि मैदानी इलाकों में भी मौसम सुहावना बना रहा।
मौसम विभाग ने 3 जिलों के लिए जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश में मौसम का ये मिजाज ज्यादा समय तक स्थिर रहने की संभावना नहीं है। शनिवार को एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम बदल सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र ने कुछ जिलों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई है।

बर्फबारी होने से ठंड में होगा इजाफा
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 17 अक्टूबर को उत्तराखंड के पांच पर्वतीय जिलों में मौसम बदल सकता है। बागेश्वर, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और पिथौरागढ़ के कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश होने की संभावना है।
इसके साथ ही 3,800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अनुमान जताया गया है। ऐसे में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बढ़ सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए पर्वतीय इलाकों में मौसम की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा।
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