Dehradun
जनसुनवाई कार्यक्रम में 112 शिकायत हुई प्राप्त, डीएम ने वरिष्ठ नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जल्द निस्तारण करने के दिए निर्देश।

देहरादून – जिलाधिकारी सोनिका की अध्यक्षता में आज ऋषिपर्णा सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनसुनवाई में आज 112 शिकायत प्राप्त हुई। जनसुनवाई में आज अधिकतर शिकायत भूमि संबंधी प्राप्त हुई, इसके अतिरिक्त भरणपोषण, पारिवारिक विवाद, वित्तीय धोखाधड़ी, आर्थिक सहायता,नौकरी दिलाने, भूमि पर भूमाफियाओं द्वारा अवैध खनन, सड़क के साथ ही नगर निगम, एमडीडीए, विद्युत, पेयजल, जलसंस्थान, समाज कल्याण आदि विभाग से सम्बंधित शिकायत प्राप्त हुई।

जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वरिष्ठ नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निस्तारण करना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने समस्त उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत ग्राम समाज तथा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही करें। जनसुनवाई में ईस्ट हॉपटाउन वासियों द्वारा चाय मार्ग पर सड़क निर्माण न होने देने की शिकायत करते हुए सर्वे कराते हुए, सड़क निर्माण की मांग पर उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदार विकासनगर को वस्तुस्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए।
गुच्चूपानी में मंदिर की भूमि पर अवैध रूप से बिक्री कर कब्जा कराने, जोहड़ी गांव में भूमाफियाओं द्वारा जेसीबी लगाकर अवैध खनन करने की शिकायत पर उप जिलाधिकारी सदर को जांच कर वस्तुस्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए। तहसील ऋषिकेश अन्तर्गत ग्राम दाबडा भोगपुर में खाले की सफाई कराने की मांग पर नगर आयुक्त ऋषिकेश को कार्रवाई के निर्देश दिए। बेटों द्वारा माता को घर से बाहर निकालने की शिकायत पर उपजिलाधिकारी डोईवाला को कार्यवाही के निर्देश दिए।
उत्तरकाशी निवासी एक व्यक्ति अपनी शिकायत लेकर पंहुचा जिस पर जिलाधिकारी ने उक्त प्रकरण को जिलाधिकारी उत्तरकाशी से पत्राचार करने के निर्देश दिए। एक बुजुर्ग महिला शिकायतकर्ता ने वनखंडी ऋषिकेश में उनकी विरासत गलत नंबर पर चढ़ने की शिकायत पर एसडीएम, तहसीलदार ऋषिकेश को अभिलेखों में शुद्धिकरण करते हुए अवगत करने के निर्देश दिए। हरबर्टपुर में कुंजाग्रांट में संबंधियों द्वारा रास्ता बन्द करने की शिकायत पर तहसीलदार विकासनगर को जांच कर कार्यवाही के निर्देश। नंदा एनक्लेव में नगर निगम के कार्मिकों द्वारा नाली सफाई न किए जाने की शिकायत पर नगर निगम के अधिकारियों को नाली, नालियों की सफाई करवाने के निर्देश दिए। बुल्लावाला, मारखमग्रांट 2 में ग्रामसमाज की भूमि की शिकायत पर उपजिलाधिकारी डोईवाला तत्काल कार्यवाई के निर्देश।
जनसुनवाई में मुख्य विकास अधिकारी सुश्री झरना कमठान, प्रभागीय वनाधिकारी कालसी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन जयभारत सिंह, अपर मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम बीर सिंह बुदियाल, नगर मजिस्टेªट प्रत्युष सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ संजय जैन, निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह, उप जिलाधिकारी सदर हर गिरि, उप जिलाधिकारी मुख्यालय शालिनी नेगी, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ विद्याधर कापड़ी, सहित विद्युत, लोनिवि, एमडीडीए, सिंचाई, पेयजल, जलंसस्थान सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे तथा अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।
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देहरादून में ऑटो रिक्शा चालकों का सीएम आवास कूच, रेपिडो को बंद करने की है मांग

Dehradun News : देहरादून में दून ऑटो रिक्शा यूनियन ने आज अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर सीएम आवास कूच किया। पुलिस ने प्रदर्शन कारियों को ग्लोब चौक के पास बेरिकेट लगा कर रोक दिया है।
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देहरादून में ऑटो रिक्शा चालकों का सीएम आवास कूच
Dehradun में ऑटो रिक्शा चालकों का सीएम आवास कूच किया। पुलिस ने उन्हें सीएम आवास से पहले ही बैरिकेड लगाकर रोक लिया। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के जरिए सरकार को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान प्रर्दशनकारियों ने जमकर नारेबाजी भी की।
Dehradun में चक्का जाम करने की दी चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वो पूर्व में भी कई बार सरकार को अपनी मांगों को लेकर पत्र लिख चुके हैं। लेकिन सरकार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। प्रदर्शन कारियों ने सरकार को चेतावनी दी। अगर उनकी मांगों पर कोई विचार नहीं करती तो वो आने वाले दिनों में देहरादून में चक्का जाम करेंगे।
लंबे समय से ऑटो चालक कर रहे हैं मांग
- 1. निजी नंबर प्लेट पर चल रहे दोपहिया वाहन लंबे समय से ऑनलाइन माध्यम से वाणिज्यिक गतिविधियां कर रहे हैं। इससे सीएनजी ऑटो रिक्शा चालकों के रोजगार पर सीधा और गंभीर असर पड़ रहा है, इसलिए ऐसे वाहनों पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए।
- 2. शहर में इलेक्ट्रॉनिक ऑटो और ई-रिक्शाओं की संख्या जरूरत से कहीं अधिक हो चुकी है। इसके कारण पारंपरिक सीएनजी ऑटो चालकों को सवारी नहीं मिल पा रही है और ट्रैफिक दबाव भी बढ़ रहा है। ऐसे में नए ई-ऑटो/ई-रिक्शाओं का रजिस्ट्रेशन कम से कम 10 वर्षों के लिए बंद किया जाना आवश्यक है।
- 3. ऑटो रिक्शा (3+1) परमिट की वर्तमान 25 किलोमीटर सीमा को बढ़ाकर 40 किलोमीटर किया जाए या फिर ऑटो चालकों को जौलीग्रांट एयरपोर्ट तक सवारी ले जाने की अनुमति दी जाए।

- 4. वर्तमान में ई-रिक्शा मुख्य मार्गों पर संचालित हो रहे हैं, जबकि शासन के गजट नोटिफिकेशन के अनुसार इन्हें मोहल्लों की आंतरिक गलियों तक सीमित किया जाना चाहिए। इस विषय में कई बार प्रशासन से वार्ता के बावजूद नियमों का पालन नहीं हो रहा है।
- 5.देहरादून जनपद में फिटनेस सेंटर को शहर के केंद्र में स्थापित किया जाए या उसकी व्यवस्था को बेहतर किया जाए। साथ ही आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त फिटनेस सेंटर भी खोले जाएं।
- 6. इलेक्ट्रॉनिक ऑटो और ई-रिक्शा के क्रय-विक्रय एवं रजिस्ट्रेशन के समय मूल निवास प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र और वैध ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य किए जाएं। वाहन बेचने या खरीदने वाला चालक उत्तराखंड का स्थायी निवासी होना चाहिए।
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मुजफ्फरनगर के युवक की डोईवाला में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, पुलिस जांच में जुटी

Doiwala News : देहरादून के डोईवाला में युवक की संदिग्ध मौत से हड़कंप
Doiwala News : देहरादून के डोईवाला में मुजफ्फरनगर के युवक की डोईवाला में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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Doiwala में युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
डोईवाला नगर पालिका के मिसर वाला में आज सुबह एक युवक अचेत अवस्था में मिला। जिसके बाद आसपास के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पर डोईवाला पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक को 108 की सहायता से अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरो ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मुजफ्फरनगर का रहने वाला था युवक
पुलिस द्वारा जांच करने पर युवक की पहचान शुभम त्यागी 29 वर्षीय मुजफ्फरनगर निवासी के रूप में हुई है। युवक Doiwala के मिसर वाला में किराए के मकान में रहता था। डोईवाला के एक निजी अस्पताल में लैब टेक्नीशियन के रूप में कार्यरत था।

हार्ट अटैक से मौत की जताई जा रही आशंका
डॉक्टरों ने बताया कि प्रथमदृष्टया युवक की मौत टहलने के दौरान हार्ट अटैक से होना प्रतीत हो रहा है। फिलहाल युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा चुका है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी गई है। खबर मिलने पर युवक के परिजन मौके पर पहुंच गए हैं।
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DEHRADUN: जर्जर स्कूलों पर प्रशासन सख्त, CM के आदेश से 76 भवन ध्वस्तीकरण के लिए चिन्हित

DEHRADUN: हजारों बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम, 76 जर्जर स्कूल भवन गिरेंगे
देहरादून (DEHRADUN): जिले में वर्षों से जर्जर अवस्था में पड़े विद्यालय भवनों को लेकर जिला प्रशासन ने पहली बार ठोस एवं निर्णायक कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी सविन बसंल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है। कि माननीय मुख्यमंत्री जी के सख्त निर्देश है कि नौनिहालों के जीवन से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी कड़ी में जर्जर एवं निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों की पहचान, आकलन और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है।
मुख्य बिंदु
सीएम के निर्देश पर बच्चों की जान का जोखिम बने जिले के 76 जर्जर स्कूल भवन ध्वस्त
जिलाधिकारी देहरादून की सख्ती के बाद महज 10 दिनों के भीतर 100 विद्यालयों के जर्जर भवनों की रिपोर्ट प्राप्त हुई। रिपोर्ट में देरी को लेकर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया था, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। शिक्षा विभाग ने स्कूलों की सूची पूर्ण रिपोर्ट के साथ जिला प्रशासन को सौंप दी है।
डीएम ने दिखाई सख्ती तो 10 दिन में आ गई 100 स्कूलों के जर्जर भवन की रिपोर्ट
जिलाधिकारी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) को निष्प्रोज्य एवं आंशिक निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों के आंगणन (एस्टिमेट) तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए 1 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है, ताकि ध्वस्तीकरण एवं आवश्यक सुरक्षा उपायों में कोई विलंब न हो। जनपद में कुल 79 विद्यालयों के सम्पूर्ण भवन निष्प्रोज्य पाए गए हैं, इनमें 13 माध्यमिक एवं 66 प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं।
63 विद्यालयों में शिक्षण की वैकल्पिक व्यवस्था पहले ही सुनिश्चित कर दी गई है। 16 विद्यालय ऐसे हैं, जहाँ अभी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो पाई है। इनके लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। 17 विद्यालय आंशिक रूप से निष्प्रोज्य घोषित किए गए हैं। 8 विद्यालय ऐसे हैं, जहाँ ध्वस्तीकरण की आवश्यकता नहीं पाई गई है।
जिलें में वर्षों से जर्जर पड़े स्कूल भवन पहलीबार हुए निष्प्रोज्य; ध्वस्तीकरण जल्द; 1 करोड़ स्वीकृत
जिलाधिकारी ने पूर्णतः निष्प्रोज्य विद्यालयों में तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जाएगी। जिन विद्यालयों में वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था नहीं है, वहाँ पहले वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित कर उसके बाद ध्वस्तीकरण किया जाएगा। आंशिक निष्प्रोज्य भवनों में सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक मरम्मत/प्रतिबंध लागू किए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसी भी विद्यालय में जोखिमपूर्ण भवनों में शिक्षण संचालित नहीं होगा। प्रशासन समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
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