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157 लाख से अधिक की राशि से तालाब का जीर्णोधार, डीएम ने किया सहयोगी संस्थाओ का धन्यवाद।
सितारगंज\उधम सिंह नगर- सितारगंज विकास खंड स्थित गोविंदपुर ग्राम में शनिवार को जिलाधिकारी युगल किशोर पन्त ने 157.72 लाख रुपये की लागत से 2.1 हेक्टेयर क्षेत्रफल के अमृत सरोवर (तालाब) एंव जल पुनर्भरण संरचना का लोकार्पण किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामवासी, ग्राम प्रधान श्रीमती अमरजीत कौर, तालाब जीर्णोधार और जल पुनर्भरण की संरचनाओं हेतु सहयोगी कम्पनी रैकिट बैंकाईजर के प्रतिनिधिगण और कार्यकारी संस्था पार्टनर्स इन प्रोस्पेरिटी के वरिष्ठ सहयोगीगण उपस्थित थे। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने तालाब लोकार्पण के साथ-साथ फलदार पौधों का रोपण भी किया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी युगल किशोर पन्त ने कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार भूजल स्तर गिर रहा है। सभी को जल की कीमत और महत्व को समझना होगा, क्योंकि जल ही जीवन है और जल है तो कल है। उन्होंने कहा कि हमारा भूजल स्तर बना रहे और आने वाली पीढ़ियों को भी भूजल मिले, इसके लिए हमे जल का मितव्ययता से उपयोग करना चाहिए। हमे जल संरक्षण एंव संवर्धन की दिशा में सामूहिक प्रयास करने होंगे। जिलाधिकारी ने रैकिट बैंकाईजर और पार्टनर्स इन प्रोस्पेरिटी के प्रयासों की सराहना की और ग्रामवासियों को तालाब और उसके महत्व बताते हुए अपनी शुभकामनायें दी।
गौरतलब है कि विशाल क्षेत्र में फैले इस तालाब की गहराई ज्यादा नहीं थी और वर्षा होते ही आस पास की कृषि भूमि जलमग्न और अनुपयोगी हो जाती थी। सितारगंज सिडकुल स्थित रैकिट बैंकाईजर ने इस तालाब के गहरीकरण और भूजल पुनर्भरण के माध्यम से भूजल स्तर की स्थिति में सुधार लाने हेतु हल्द्वानी स्थित पार्टनर्स इन प्रोस्पेरिटी नामक संस्था का सहयोग लिया। जिस तालाब की औसत गहराई आधा मीटर हुआ करती थी उसे 2.5 मीटर गहरा किया और तालाब के समीप ही जल पुनर्भरण केतु 2 रिचार्ज संरचनाओं का भी निर्माण किया जिससे भूजल स्तर में सुधार किया जा सके | इन कार्यों से हर वर्ष 72000 घन मीटर जल का पुनर्भरण संभव हो सकेगा। तालाब को मजबूती देने हेतु संरचना के चारों और वृक्षारोपण भी किया गया है। साथ ही साथ जल संरचनाओं के रखरखाव हेतु जल एवं पर्यावरण समूह का गठन कर, गाँव की महिलाओं को जागरूक किया गया। ग्राम स्थित विद्यालय में छात्रों के साथ कई सत्र आयोजित किये गए जिससे उनमे भी इन संरचनाओं के प्रति जानकारी बढे और वे इन संसाधनों के महत्व को समझ कर इनकी देखरेख में अपना योगदान दे सकें। गाँव के अधिकतर परिवार जो कृषि पर निर्भर हैं उन्हें जल कुशल तकनीकों जैसे श्री विधि, एकांतर गीला और सूखा पद्यति पर प्रशिक्षित किया गया और कृषकों को AWD tube भी उपलब्ध कराये गए।
अच्छी पैदावार के लिए कृषक विभिन्न दवाओं और उर्वरकों के विकल्प के उपयोग से कृषि की लागत को इतना बढ़ा देते हैं की लाभांश बहुत कम रह जाता है, ऐसे में कुछ ग्रामीण महिलाओं को पन्त नगर विश्वविद्यालय में मृदा परीक्षण हेतु प्रशिक्षित किया गया और मृदा परीक्षण केतु किट भी उपलब्ध कराये गए। जिससे महिलाओं ने 100 मृदा नमूनों की जांच संपन्न कर ली है जिसके आधार पर वे कृषि में उपयोग होने वाले व्यय को नियंत्रित कर पाने में सहयोग करेंगी। ग्रामवासियों को फलदार पौधे भी वितरित किये जा रहे हैं।
समारोह में उप जिलाधिकारी तुषार सैनी, रेकिट बेनीकाईजर के साइट निर्देशक श्री सचिन्द्र कुमार, पर्यावरण अधिकारी अशोक कुमार, मानव संसाधन प्रबंधक अंकित भरद्वाज पार्टनर्स इन प्रोस्पेरिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री नरेश चौधरी, डा. दीपंकर साहा, धीरेन्द्र तिवारी, सावन नेगी, ज्ञानदीप और ममता उपस्थित रहे ।
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दून जिला प्रशासन ने पिटकुल को किया बैन, XEN व ठेकेदार पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज

Dehradun News : देहरादून जिला प्रशासन ने पिटकुल को बैन कर दिया है। इसके साथ ही XEN और ठेकेदार पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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दून जिला प्रशासन ने पिटकुल को किया बैन
रोड कटिंग कार्य में अनुमति की शर्तों के उल्लंघन पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। देहरादून जिला प्रशासन ने पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखण्ड (पिटकुल) की रोड कटिंग अनुमति निरस्त करते हुए कार्य को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया है।
XEN व ठेकेदार पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज
जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) को दी गई रोड कटिंग की अनुमति को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। इसके साथ ही संबंधित कार्य पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई है।
लगातार लोगों के घायल होने की घटनाएं आ रही थी सामने
एलआईसी भवन के पास चल रहे विद्युत केबल अंडरग्राउंड कार्य के दौरान लगातार लोगों के घायल होने की घटनाएं सामने आ रही थीं। इस गंभीर स्थिति का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
प्रशासनिक आदेश के अनुपालन में पिटकुल की अनुमति पर बैन लगाते हुए संबंधित एक्सईएन (XEN) और ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जन सुरक्षा से समझौता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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छह प्रमुख भर्ती परीक्षाओं की तिथियां घोषित, UKPSC ने जारी किया परीक्षा कैलेंडर, देखें यहां

UKPSC Exam Calendar 2026 हुआ जारी, यहां देखें कब होगी कौन सी परीक्षा
UKPSC Exam Calendar 2026 : उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने भर्तियों का एग्जाम कैलेंडर जारी कर दिया है। छह प्रमुख भर्ती परीक्षाओं की तिथियां घोषित कर दी गई हैं।
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UKPSC Exam Calendar 2026 हुआ जारी
यूकेपीएससी यानी उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने छह प्रमुख भर्ती परीक्षाओं की तिथियों का कैलेंडर जारी कर दिया है। पीसीएस मुख्य परीक्षा 2025 की तिथि की भी घोषणा की गई है। PCS की मुख्य परीक्षा 27 से 30 अप्रैल के बीच किया जाएगा।
14 मार्च को होगी अपर निजी सचिव की परीक्षा
आयोग के परीक्षा नियंत्रक जयवर्धन शर्मा द्वारा जारी कैलेंडर के अनुसार सचिवालय और लोक सेवा आयोग में भर्ती की अपर निजी सचिव परीक्षा 2024 की मुख्य परीक्षा 14 मार्च को होगी। जबकि महिला कल्याण विभाग की अधीक्षिका स्क्रीनिंग परीक्षा 2025 का आयोजन 22 मार्च को किया जाएगा।


UKPSC Exam Calendar 2026 : FAQS
Q1. उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) ने कितनी भर्तियों का कैलेंडर जारी किया है?
UKPSC ने कुल छह प्रमुख भर्ती परीक्षाओं का परीक्षा कैलेंडर जारी किया है।
Q2. उत्तराखंड PCS मुख्य परीक्षा 2025 कब होगी?
PCS मुख्य परीक्षा 27 अप्रैल से 30 अप्रैल 2025 के बीच आयोजित की जाएगी।
Q3. अपर निजी सचिव की मुख्य परीक्षा की तिथि क्या है?
सचिवालय और लोक सेवा आयोग में भर्ती के लिए अपर निजी सचिव परीक्षा 2024 की मुख्य परीक्षा 14 मार्च 2025 को होगी।
Q4. महिला कल्याण विभाग की अधीक्षिका परीक्षा कब होगी?
महिला कल्याण विभाग की अधीक्षिका स्क्रीनिंग परीक्षा 22 मार्च 2025 को आयोजित की जाएगी।
Q5. परीक्षा कैलेंडर किसने जारी किया है?
ये कैलेंडर UKPSC के परीक्षा नियंत्रक जयवर्धन शर्मा द्वारा जारी किया गया है।
Q6. क्या परीक्षा तिथियों में बदलाव हो सकता है?
हां, परिस्थितियों के अनुसार परीक्षा तिथियों में बदलाव संभव है। अभ्यर्थियों को UKPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
Q7. अभ्यर्थी आधिकारिक जानकारी कहां से प्राप्त कर सकते हैं?
सभी अपडेट और नोटिफिकेशन उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
Uttarakhand
रुद्रप्रयाग में 5 साल का मासूम बना गुलदार का निवाला, ग्रामीणों ने विभाग पर लगाए गंभीर आरोप

Rudraprayag: सिन्द्रवाणी में मासूम को उठा कर ले गया गुलदार, घटना से क्षेत्र में दहशत
मुख्य बिंदु
रुद्रप्रयाग (Rudraprayag): उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहे मानव वन्य जीव संघर्ष के मामले अब बेहद चिंताजनक हो चुके हैं. बीती शाम एक मामला उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले से सामने आया है. जहाँ पर एक पांच साल के नन्हे मासूम को गुलदार उसकी माँ के सामने से उठा कर ले गया. घटना के बाद से वन विभाग की कार्य प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
रुद्रप्रयाग में मासूम बना गुलदार का निवाला
दरअसल, रुद्रप्रयाग जिले के सिन्द्रवाणी (छिनका नगरासू) से गुलदार एक पांच साल के मासूम को उठा कर ले गया. जिसके बाद से मौके पर हड़कंप मच गया. बच्चे के लापता होते ही ग्रामीणों ने तत्काल सर्च अभियान शुरू किया. घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर वन विभाग, DDRF और जिला प्रशासन के जवानों ने मौके पर पहुंचकर बच्चे की तलाश शुरू की.
रात 11 बजे बरामद हुआ शव
सर्च अभियान में सात अलग अलग टीमों ने देर रात तक बच्चे को ढूढने के प्रयास किए. जिसके बाद रात करीब 11 बजे बच्चे का शव बरामद कर लिया गया. मृतक मासूम की पहचान –
- दक्ष (5 वर्ष) पुत्र हेमंत बिष्ट
घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे लोग
घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है. जबकि, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. लोग अब गुलदार के डर से घरों से बाहर निकलने में भी कतरा रहे हैं. साथ ही अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से भी डर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार खुलेआम आबादी वाले क्षेत्र में घूम रहा है, लेकिन प्रशासन और वन विभाग की तरफ से अभी तक कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की जा रही है.
वन विभाग पर लापरवाही के गंभीर आरोप
घटना की जानकारी मिलने के बावजूद ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग और प्रशासन ने समय रहते कोई ठोस सर्च अभियान शुरू नहीं किया. न तो मौके पर प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम भेजी गई, न ही गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए गए. इसके अलावा ड्रोन कैमरों और खोजी कुत्तों जैसी आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल नहीं किया गया. ऐसे में ये सवाल स्वाभाविक रूप से उठ रहा है कि आखिर सिस्टम कब हरकत में आएगा और जिम्मेदार अधिकारी कब जवाबदेही तय करेंगे.
ग्रामीणों में गुस्सा, प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
इस दर्दनाक घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से तत्काल गुलदार को पकड़ने, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की है. ग्रामीणों का साफ कहना है कि अगर जल्द और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे.
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