Rudraprayag
केदारनाथ की यात्रा में इस बार आस्था का सैलाब अपने चरम पर, पहली बार यात्रा पैदल मार्ग पर 24 घंटे आवाजाही, जयकारों से गूंज रहा बाबा का दरबार।

केदारनाथ धाम – भगवान आशुतोष के द्वादश ज्योतिर्लिंग में एक केदारनाथ की यात्रा में इस बार आस्था का सैलाब अपने चरम पर है। कपाटोद्घाटन से लेकर पहले सप्ताह में यात्रा कई रिकाॅर्ड बना चुकी है। वहीं, पहली बार यात्रा में गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर 24 घंटे आवाजाही हो रही है।
दोनों तरफ से देर रात्रि तक श्रद्धालुओं का आवागमन बना हुआ है। स्थिति यह है कि आठ दिनों में ही पैदल मार्ग से 1.54 लाख से अधिक श्रद्धालु धाम पहुंच चुके हैं। समुद्रतल से 11,750 फीट की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ धाम विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाला क्षेत्र है। धाम को जोड़ने वाला पैदल मार्ग 16 किमी लंबा है, जिस पर कई जगहों पर तीखी चढ़ाई है।
वहीं, जैसे-जैसे श्रद्धालु इस रास्ते से धाम की तरफ बढ़ते हैं, ऑक्सीजन कम होती जाती है। यह श्रद्धालुओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है। इन सबके बाद भी बाबा के भक्तों का उल्लास और उत्साह अपने चरम पर है। स्थिति यह है कि दिनरात यात्रा संचालित हो रही है। पैदल मार्ग पर 24 घंटे यात्रियों का आवागमन हो रहा है। यात्री रात तीन बजे के बाद भी केदारनाथ से गौरीकुंड के लिए लौट रहे हैं और मध्य रात्रि के बाद पहुंच रहे हैं।


बाबा केदार की यात्रा में आठ दिनों में 10,070 श्रद्धालु हेलीकाॅप्टर से धाम पहुंच चुके हैं, जबकि 9,500 से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर वापस लौटे हैं। इस बार केदारनाथ यात्रा में आठ हेली कंपनियों के नौ हेलीकाॅप्टर केदारघाटी के अलग-अलग हैलिपैड से धाम के लिए उड़ान भर रहे हैं।

केदारनाथ में उमड़ रही भीड़ को देखते हुए श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा बाबा के भक्तों को सभामंडप से ही स्वयंभू लिंग के दर्शन कराए जा रहे हैं। यहां कपाट खुलने के बाद से प्रतिदिन औसतन 25 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा के दर्शनों को पहुंच रहे, जो यात्रा में नया रिकाॅर्ड है। बीकेटीसी के कार्याधिकारी रमेश चंद्र तिवारी ने बताया, सुबह चार बजे से धर्म दर्शन शुरू हो रहे हैं, जो अपराह्न तीन बजे तक चल रहे हैं। इसके बाद भगवान केदारनाथ को भोग लगाया जा रहा है, जिसके लिए लगभग 40 मिनट मंदिर को बंद रखा जा रहा है। साफ-सफाई के बाद पुन: 3.45 बजे से शाम सात बजे तक धर्म दर्शन कराए जा रहे हैं। इसके बाद सांयकालीन आरती के बाद श्रद्धालु बाबा के शृंगार दर्शन कर रहे हैं।
Rudraprayag
बाबा तुंगनाथ के दरबार में उमड़ा जनसैलाब, अब तक किए 1.18 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन

Rudraprayag News : उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में समुद्र तल से करीब 3,680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम में इस वर्ष श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक है। 21 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद से अब तक 1,18,381 श्रद्धालु बाबा तुंगनाथ के दर्शन कर चुके हैं।
Table of Contents
बाबा तुंगनाथ के दरबार में उमड़ा जनसैलाब
चोपता से तुंगनाथ तक का पैदल मार्ग इन दिनों श्रद्धालुओं से गुलजार है। हिमालय की बर्फीली चोटियां, प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक वातावरण यात्रा को खास बना रहे हैं। बढ़ती श्रद्धालु संख्या से चोपता, बणियाकुंड और आसपास के क्षेत्रों में होटल, होमस्टे, रेस्टोरेंट और स्थानीय कारोबार को भी अच्छा लाभ मिल रहा है।
अब तक किए 1.18 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन
मंदिर समिति, वन विभाग, तीर्थ पुरोहित समाज और स्थानीय संस्थाएं मिलकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं का ध्यान रख रही हैं। तुंगनाथ धाम के प्रबंधक प्रकाश पुरोहित के अनुसार, अब तक दर्शन करने वालों में 60,962 पुरुष, 50,815 महिलाएं, 6,384 बच्चे, 151 साधु-संत और 69 विदेशी श्रद्धालु शामिल हैं।

लगातार बढ़ रही है श्रद्धालुओं की संख्या
तुंगनाथ धाम के प्रबंधक ने बताया कि चोपता से सीधे चंद्रशिला जाने वाले पर्यटकों को इस आंकड़े में शामिल नहीं किया गया है। लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या यह साबित कर रही है कि तुंगनाथ धाम अब धार्मिक आस्था के साथ-साथ उत्तराखंड का एक प्रमुख आध्यात्मिक और पर्वतीय पर्यटन केंद्र भी बनता जा रहा है।
Breakingnews
मुनकटिया में पत्थर गिरने से केदारनाथ पैदल मार्ग बाधित, अस्थाई रूप से रोकी गई केदारनाथ यात्रा

Kedarnath Yatra Update : प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। जिसके चलते पहाड़ों पर जमकर बारिश हो रही है। बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भूस्खलन हो गया। जिस कारण केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
Table of Contents
मुनकटिया में पत्थर गिरने से केदारनाथ पैदल मार्ग बाधित
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर गुरुवार सुबह सोनप्रयाग और मुनकटिया के बीच पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने की घटना के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पैदल यात्रा कुछ समय के लिए रोक दी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मार्ग पर आवाजाही फिलहाल बंद कर दी गई है।
अस्थाई रूप से रोकी गई केदारनाथ यात्रा
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि सुबह संबंधित अधिकारियों से मुनकटिया क्षेत्र में पहाड़ी से पत्थर गिरने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही संबंधित विभाग की टीमें जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंच गईं और मार्ग पर गिरे मलबे व बड़े पत्थरों को हटाने का कार्य शुरू कर दिया।

यात्रियों से अफवाहों पर ध्यान ना देने की अपील
प्रशासन का कहना है कि रास्ते का पूरी तरह निरीक्षण कर उसे सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही श्रद्धालुओं की आवाजाही दोबारा शुरू की जाएगी। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक अपडेट का इंतजार करें और सुरक्षा संबंधी सभी निर्देशों का पालन करें।
Uttarakhand
Nagrasu Gurudwara News: नगरासू गुरुद्वारा विवाद सुलझने की ओर डीएम और एसपी की समझाइश के बाद 2 निहंगों ने छोड़ी छत..

Nagrasu Gurudwara News : रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारे में तनाव के बाद स्थिति नियंत्रण में, सुरक्षा बल तैनात
रुद्रप्रयाग : उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित नगरासू गुरुद्वारे में हाल ही में हुए एक विवाद के बाद अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। प्रशासन और स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी के चलते गुरुद्वारे में धार्मिक गतिविधियां और यात्रियों की आवाजाही सुचारु रूप से बहाल कर दी गई है।
क्या है पूरा मामला?
हेमकुंड साहिब यात्रा पर आए कुछ लोगों और गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के बीच लंगर के दौरान किसी बात को लेकर आपसी मतभेद हो गया था। विवाद बढ़ने पर कुछ लोग गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल पर चले गए, जिससे परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रबंधन द्वारा पुलिस को सूचित किए जाने के बाद प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला।
सुरक्षा बलों की तैनाती और वार्ता
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन पुलिस बल के साथ-साथ आईटीबीपी (ITBP) और एटीएस (ATS) के जवानों को गुरुद्वारा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में तैनात कर दिया। जिला प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए प्रदर्शन कर रहे लोगों से कई दौर की वार्ता की।

सकारात्मक बातचीत के बाद रविवार शाम तक विवाद शांत हो गया और 7 में से 2 लोग नीचे आ गए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह उनका आपसी मतभेद था और प्रशासन के सहयोग के बाद अब वे वापस लौट रहे हैं।
अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी और गढ़वाल क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (IG) ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह से दो पक्षों के बीच का आपसी विवाद था, जिसका आम जनता या कानून व्यवस्था से कोई टकराव नहीं है। गुरुद्वारे में किसी भी प्रकार की हिंसा या कब्जे की बातें पूरी तरह से निराधार और असत्य हैं।
प्रशासन की चेतावनी:
गृह सचिव ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर भ्रामक जानकारी या सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
वर्तमान में नगरासू गुरुद्वारे में अरदास और लंगर सामान्य रूप से चल रहे हैं और प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है।
big news6 hours agoफिर गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजा देहरादून, शराब के ठेके के बाहर गोली चलने से दो युवक घायल
Ramnagar6 hours agoरामनगर : खत्म होगा भक्तों का इंतजार, इस दिन खुलेंगे गर्जिया देवी मंदिर के कपाट
Cricket5 hours agoENG-W vs AUS-W ICC Women’s T20 Final : कौन बनेगा विश्व विजेता?
Cricket6 hours agoGloucestershire vs Surrey मैच 77 टी20 ब्लास्ट
Entertainment5 hours agoAlpha Movie Review 2026: क्या आलिया भट्ट और शरवरी की ‘ऐल्फा’ बचा पाएगी YRF स्पाई यूनिवर्स की लाज? जानें पूरी कहानी, कमियां और खूबियां
Rudraprayag3 hours agoबाबा तुंगनाथ के दरबार में उमड़ा जनसैलाब, अब तक किए 1.18 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन
Uttarakhand4 hours ago5 साल पूरे… अब बनेगा एक और नया रिकॉर्ड!, सबसे लंबे कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री बनेंगे CM धामी
Cricket1 hour agoलॉस एंजिल्स नाइट राइडर्स बनाम एमआई न्यूयॉर्क : मैच 20 पिच रिपोर्ट, संभावित प्लेइंग 11..






































