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Aye Finance IPO Review: आज से खुला 1010 करोड़ का बड़ा IPO, क्या आपको पैसा लगाना चाहिए? जानिए GMP, Price Band और पूरा सच!

Aye Finance IPO भारतीय शेयर बाजार में आज (9 फरवरी, 2026) से दस्तक दे चुका है। अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं या नए IPO की तलाश में हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। गुरुग्राम स्थित यह NBFC (Non-Banking Financial Company) छोटे व्यवसायों को लोन देने के लिए जानी जाती है।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है—क्या Aye Finance IPO में पैसा लगाना सुरक्षित है? क्या यह लिस्टिंग पर मुनाफा देगा या नुकसान? आज हम इस आर्टिकल में कंपनी की कुंडली, वित्तीय हालत (Financials), ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) और रिस्क फैक्टर का पूरा ‘पोस्टमार्टम’ करेंगे।
Aye Finance IPO: एक नज़र में (Key Highlights)
सबसे पहले, उन आंकड़ों पर नज़र डालते हैं जो हर निवेशक के लिए जानना ज़रूरी है।
| विवरण (Particulars) | जानकारी (Details) |
| IPO खुलने की तारीख | 9 फरवरी, 2026 (सोमवार) |
| IPO बंद होने की तारीख | 11 फरवरी, 2026 (बुधवार) |
| प्राइस बैंड (Price Band) | ₹122 से ₹129 प्रति शेयर |
| लॉट साइज़ (Lot Size) | 116 शेयर |
| न्यूनतम निवेश (Retail Min) | ₹14,964 (1 लॉट के लिए) |
| कुल इश्यू साइज़ (Total Size) | ₹1,010 करोड़ |
| फ्रेश इश्यू (Fresh Issue) | ₹710 करोड़ (पैसा कंपनी के पास जाएगा) |
| ऑफर फॉर सेल (OFS) | ₹300 करोड़ (पुराने निवेशक अपना हिस्सा बेचेंगे) |
| फेस वैल्यू (Face Value) | ₹2 प्रति शेयर |
| लिस्टिंग (Listing) | BSE और NSE |
Company Business: आखिर Aye Finance करती क्या है?
निवेश करने से पहले यह समझना ज़रूरी है कि आप पैसा किस धंधे में लगा रहे हैं। Aye Finance Limited की स्थापना 1993 में हुई थी, लेकिन इसका मुख्य कारोबार अब ‘माइक्रो एंटरप्राइजेज’ (Micro Enterprises) को लोन देना है।
सरल भाषा में कहें तो, भारत में ऐसी लाखों छोटी दुकानें, कारखाने और धंधे हैं जिन्हें बड़े बैंक आसानी से लोन नहीं देते क्योंकि उनके पास कागजात कम होते हैं। Aye Finance इन्हीं ‘मिसिंग मिडिल’ (Missing Middle) को टारगेट करती है।
- ग्राहक: छोटी किरण दुकानें, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, डेरी वाले, और सर्विस प्रोवाइडर्स।
- तकनीक: कंपनी ‘क्लस्टर-आधारित’ (Cluster-based) मॉडल का उपयोग करती है, जिससे वे बिना भारी-भरकम दस्तावेज़ों के भी ग्राहक की साख (Creditworthiness) का पता लगा लेते हैं।
- नेटवर्क: कंपनी के पास 20 से अधिक राज्यों में सैकड़ों शाखाएं हैं।
Financial Health: क्या कंपनी मुनाफे में है? (Financial Analysis)
किसी भी IPO की जान उसके फाइनेंशियल होते हैं। आइए देखते हैं पिछले 3 सालों में कंपनी ने कैसा प्रदर्शन किया है।
Revenue और Profit का लेखा-जोखा:
| वित्तीय वर्ष (Financial Year) | कुल आय (Revenue) | शुद्ध मुनाफा (Net Profit) |
| FY 2023 | ₹623 करोड़ | ₹43 करोड़ |
| FY 2024 | ₹1,040 करोड़ | ₹171 करोड़ |
| FY 2025 | ₹1,460 करोड़ (लगभग) | ₹175 करोड़ (लगभग) |
विश्लेषण (Analysis):
- जबरदस्त ग्रोथ: कंपनी की आय में पिछले 3 सालों में लगभग 50% CAGR की वृद्धि हुई है, जो कि बहुत प्रभावशाली है।
- मुनाफा: कंपनी घाटे से उबरकर अब अच्छे मुनाफे में आ चुकी है। FY24 में मुनाफे में भारी उछाल देखा गया था।
- AUM (Assets Under Management): कंपनी का लोन बुक (AUM) लगभग ₹5000 करोड़ के पार जा चुका है।
Aye Finance IPO GMP Today: ग्रे मार्केट का क्या हाल है?
यह वो हिस्सा है जिसका इंतज़ार हर रिटेल निवेशक करता है। GMP (Grey Market Premium) यह बताता है कि लिस्टिंग पर कितना फायदा हो सकता है।
- आज का GMP (9 फरवरी, 2026): ₹0 से ₹2 (Flat)
- अनुमानित लिस्टिंग प्राइस: ₹129 (यानी इश्यू प्राइस के आसपास ही)।
सच्चाई: फिलहाल, ग्रे मार्केट में Aye Finance IPO को लेकर कोई खास उत्साह (Hype) नहीं दिख रहा है। इसका प्रीमियम ‘शून्य’ या बहुत कम है। इसका मतलब है कि बाज़ार अभी इसे लेकर सतर्क है और लिस्टिंग पर ‘बंपर कमाई’ (Listing Gain) की उम्मीद कम है। हालांकि, बाजार का मूड पल भर में बदल सकता है, इसलिए आखिरी दिन तक GMP पर नज़र रखना ज़रूरी है।
Positive vs Negative: निवेश करें या नहीं?
निर्णय लेने में मदद के लिए, यहाँ इस IPO के गुण और दोष दिए गए हैं:
✅ ताकत (Pros – Why to Invest)
- मजबूत निवेशक (Backing): कंपनी में CapitalG (Google की पेरेंट कंपनी Alphabet का फंड) और Elevation Capital जैसे दिग्गज निवेशकों का पैसा लगा है। यह भरोसे का प्रतीक है।
- तेज़ ग्रोथ: राजस्व और लोन बुक में लगातार वृद्धि हो रही है। यह दिखाता है कि कंपनी का बिजनेस मॉडल काम कर रहा है।
- विशाल बाज़ार: भारत में MSME सेक्टर बहुत बड़ा है और अभी भी बहुत से लोगों को लोन नहीं मिल पाता। कंपनी के पास फैलने का पूरा मौका है।
- फ्रेश इश्यू ज्यादा: ₹1010 करोड़ में से ₹710 करोड़ कंपनी के विकास में लगेंगे, न कि सिर्फ पुराने मालिकों की जेब में।
❌ जोखिम (Cons – Risks)
- अनसिक्योर्ड लोन (Unsecured Loans): कंपनी का एक बड़ा हिस्सा ‘बिना गारंटी वाले लोन’ का है। अगर आर्थिक मंदी आती है, तो छोटे व्यापारी लोन नहीं चुका पाएंगे, जिससे कंपनी का NPA (Non-Performing Asset) बढ़ सकता है।
- कड़ी टक्कर: इस क्षेत्र में Bajaj Finance जैसे बड़े दिग्गजों के साथ-साथ Small Finance Banks से भी कड़ी टक्कर है।
- GMP का ठंडा होना: फिलहाल ग्रे मार्केट में कोई डिमांड न होना एक खतरे की घंटी है। लिस्टिंग डिस्काउंट पर भी हो सकती है।
- ब्याज दरें: अगर बाज़ार में ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो कंपनी का मार्जिन कम हो सकता है।
Aye Finance IPO Dates & Timeline (महत्वपूर्ण तारीखें)
अगर आप अप्लाई करने का सोच रहे हैं, तो इन तारीखों को अपने कैलेंडर में मार्क कर लें:
- IPO ओपन: 9 फरवरी, 2026
- IPO क्लोज: 11 फरवरी, 2026 (शाम 5 बजे तक)
- अलॉटमेंट डेट (Allotment): 12 फरवरी, 2026 (गुरुवार)
- रिफंड शुरू: 13 फरवरी, 2026
- शेयर क्रेडिट: 13 फरवरी, 2026
- लिस्टिंग डेट (Listing): 16 फरवरी, 2026 (सोमवार)
निष्कर्ष (Verdict): क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
Aye Finance IPO एक लंबी अवधि (Long Term) के नजरिए से अच्छी कंपनी हो सकती है क्योंकि इसका ट्रैक रिकॉर्ड सुधर रहा है और यह एक ऐसे सेक्टर में है जहाँ मांग कभी खत्म नहीं होगी।
लेकिन, शॉर्ट टर्म (Listing Gain) के लिए:
वर्तमान GMP (₹0) को देखते हुए, यह जोखिम भरा हो सकता है। अगर आप सिर्फ लिस्टिंग वाले दिन मुनाफा कमाकर निकलना चाहते हैं, तो अभी स्थिति बहुत उत्साहजनक नहीं है।
मेरी सलाह:
- High Risk Investors: छोटा दांव लगा सकते हैं, लेकिन नुकसान के लिए तैयार रहें।
- Safe Investors: आखिरी दिन (11 फरवरी) तक का इंतज़ार करें। अगर QIB (बड़े संस्थागत निवेशक) इसमें भारी पैसा लगाते हैं और GMP में सुधार होता है, तभी निवेश करें।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. Aye Finance IPO का रजिस्ट्रार कौन है?
Ans: इस IPO का रजिस्ट्रार KFin Technologies Limited या Link Intime हो सकता है (आधिकारिक पुष्टि के लिए RHP देखें)। अलॉटमेंट स्टेटस इनकी वेबसाइट पर चेक किया जा सकेगा।
Q2. मैं Aye Finance IPO का अलॉटमेंट कैसे चेक करूं?
Ans: आप 12 फरवरी को रजिस्ट्रार की वेबसाइट या BSE की वेबसाइट पर जाकर अपने PAN नंबर से अलॉटमेंट चेक कर सकते हैं।
Q3. क्या यह IPO SME है या Mainboard?
Ans: यह एक Mainboard IPO है, इसलिए यह BSE और NSE दोनों पर लिस्ट होगा।
Q4. एक रिटेल निवेशक अधिकतम कितने लॉट के लिए अप्लाई कर सकता है?
Ans: एक रिटेल निवेशक अधिकतम ₹2 लाख तक का निवेश कर सकता है। चूँकि एक लॉट लगभग ₹15,000 का है, आप अधिकतम 13 लॉट के लिए आवेदन कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से लिखा गया है। यह कोई निवेश सलाह (Investment Advice) नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।
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Gold Silver Price Today: सोने में फिर उछाल, चांदी भी तेज, जानिए आज का ताजा भाव…

Gold Silver Price Today 04-02-2026
जनवरी का महीना देश के सर्राफा बाजार के लिए बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा। Gold Silver Price Today को लेकर निवेशकों और आम लोगों की नजरें लगातार बदलती कीमतों पर टिकी रहीं। कभी रिकॉर्ड तेजी तो कभी अचानक गिरावट ने बाजार की चाल को और भी दिलचस्प बना दिया। इसकी बड़ी वजहें रहीं वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर अनिश्चित माहौल और रुपये की कमजोरी। इन सब कारणों से सोना एक बार फिर सुरक्षित निवेश के रूप में लोगों की पहली पसंद बनता दिखा।
जनवरी में क्यों उछले सोने-चांदी के दाम?
जनवरी की शुरुआत से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात सहज नहीं रहे। कई देशों के बीच तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और डॉलर के मुकाबले कई मुद्राओं की कमजोरी ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्प की ओर मोड़ा। ऐसे समय में सोना और चांदी हमेशा से भरोसेमंद माने जाते हैं। नतीजा यह हुआ कि कुछ ही हफ्तों में सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली।
बाजार से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, जनवरी के अंत तक सोने की कीमतें ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई थीं। हालांकि, इसके बाद मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों में थोड़ी राहत आने से कीमतों में तेज गिरावट भी दर्ज की गई। यही वजह है कि Gold Silver Price Today निवेशकों के लिए सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि बाजार की दिशा समझने का अहम संकेत बन चुका है।
रिकॉर्ड हाई से तेज गिरावट तक का सफर
GoodReturns के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत 29 जनवरी को अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 17,885 रुपये प्रति ग्राम तक पहुंच गई थी। यह स्तर अपने आप में चौंकाने वाला था, क्योंकि कुछ ही समय पहले तक ऐसे आंकड़ों की कल्पना भी मुश्किल लगती थी।
लेकिन इसके बाद बाजार ने तेजी से करवट ली। महज छह दिनों के भीतर सोने की कीमत में करीब 2,492 रुपये प्रति ग्राम और 10 ग्राम पर लगभग 24,920 रुपये की गिरावट देखने को मिली। मंगलवार, 3 फरवरी को 24 कैरेट सोना 15,393 रुपये प्रति ग्राम पर आ गया, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 14,110 रुपये प्रति ग्राम दर्ज की गई।
यह गिरावट उन लोगों के लिए राहत लेकर आई, जो लंबे समय से सोने की खरीदारी का इंतजार कर रहे थे। वहीं, ऊंचे स्तर पर खरीदारी करने वाले निवेशकों के लिए यह दौर थोड़ा मुश्किल रहा।
आज का सोने का भाव: फिर लौटी तेजी
बुधवार को बाजार में एक बार फिर हल्की तेजी देखने को मिली। Gold Silver Price Today की बात करें तो 24 कैरेट सोने की कीमत आज 16,053 रुपये प्रति ग्राम है, जो कल के मुकाबले 660 रुपये ज्यादा है। इसी तरह 22 कैरेट सोना भी 605 रुपये की बढ़त के साथ 14,715 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गया।
18 कैरेट सोने की कीमत में भी मजबूती दर्ज की गई है। आज इसका भाव 495 रुपये बढ़कर 12,040 रुपये प्रति ग्राम हो गया। यह साफ संकेत है कि गिरावट के बाद बाजार में दोबारा खरीदारी का रुझान लौट रहा है।
देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतें
भारत में सोने के दाम शहरों के हिसाब से थोड़े बहुत बदलते रहते हैं, लेकिन आज ज्यादातर बड़े शहरों में भाव लगभग एक जैसे रहे।
- दिल्ली, जयपुर, लखनऊ, चंडीगढ़, अयोध्या, गुड़गांव, गाजियाबाद, नोएडा, कानपुर, लुधियाना, अमृतसर जैसे शहरों में
- 24 कैरेट सोना: 16,068 रुपये प्रति ग्राम
- 22 कैरेट सोना: 14,730 रुपये प्रति ग्राम
- 18 कैरेट सोना: 12,055 रुपये प्रति ग्राम
- मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, केरल, पुणे, विजयवाड़ा, नागपुर, भुवनेश्वर, विशाखापत्तनम, मैसूर, अमरावती में
- 24 कैरेट सोना: 16,053 रुपये प्रति ग्राम
- 22 कैरेट सोना: 14,715 रुपये प्रति ग्राम
- 18 कैरेट सोना: 12,040 रुपये प्रति ग्राम
- चेन्नई, मदुरै, सेलम, त्रिची जैसे दक्षिण भारतीय शहरों में
- 24 कैरेट सोना: 16,256 रुपये प्रति ग्राम
- 22 कैरेट सोना: 14,900 रुपये प्रति ग्राम
- 18 कैरेट सोना: 12,750 रुपये प्रति ग्राम
इन आंकड़ों से साफ है कि दक्षिण भारत में सोने की कीमतें उत्तर और पश्चिमी हिस्सों की तुलना में थोड़ी ज्यादा बनी हुई हैं।
चांदी की कीमतों में भी बड़ा उतार-चढ़ाव
सिर्फ सोना ही नहीं, चांदी की कीमतों में भी जनवरी के दौरान जबरदस्त हलचल देखने को मिली। Gold Silver Price Today में चांदी का जिक्र करना इसलिए जरूरी है, क्योंकि हाल के दिनों में इसकी चाल सोने से भी ज्यादा तेज रही है।
आज भारत में चांदी की कीमत 320 रुपये प्रति ग्राम है, जो कल के मुकाबले 40 रुपये ज्यादा है। वहीं, एक किलो चांदी का भाव 3,20,000 रुपये पहुंच गया है, जिसमें एक ही दिन में करीब 40,000 रुपये का उछाल दर्ज किया गया।
जनवरी में चांदी ने निवेशकों को चौंका दिया था। महीने के दौरान इसकी कीमतें 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार चली गई थीं। हालांकि, इसके बाद तेज गिरावट आई और सिर्फ एक हफ्ते के भीतर चांदी 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के नीचे आ गई। इस उतार-चढ़ाव ने साफ कर दिया कि चांदी में मुनाफे के साथ जोखिम भी बराबर बना हुआ है।
आगे क्या रह सकता है रुझान?
बाजार जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में Gold Silver Price Today पूरी तरह से वैश्विक संकेतों पर निर्भर करेगा। अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बना रहता है और डॉलर मजबूत होता है, तो सोने-चांदी में फिर तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं, अगर हालात सुधरते हैं और निवेशक जोखिम लेने को तैयार होते हैं, तो कीमतों में नरमी भी आ सकती है।
आम निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
जो लोग गहनों के लिए सोना खरीदना चाहते हैं, उनके लिए मौजूदा गिरावट और हल्की तेजी के बीच का समय ठीक माना जा सकता है। वहीं, निवेश के नजरिये से देखें तो एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश करना ज्यादा सुरक्षित रहेगा।
कुल मिलाकर, जनवरी ने यह साफ कर दिया कि सोना और चांदी आज भी भरोसेमंद निवेश विकल्प हैं, लेकिन इनमें उतार-चढ़ाव अब पहले से कहीं ज्यादा तेज हो गया है। ऐसे में Gold Silver Price Today पर नजर रखना और सोच-समझकर फैसला लेना ही सबसे बेहतर रणनीति है।
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Gold Silver Rate Today : सोने और चांदी की कीमतों में आज भी गिरावट जारी , जाने आज का ताज़ा भाव…

Gold Silver Rate Today: सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट
Gold Silver Rate Today (2 फरवरी 2026): भारतीय सर्राफा बाजार में पिछले कुछ दिनों से जो कोहराम मचा है, उसने निवेशकों की नींद उड़ा दी है। रिकॉर्ड ऊंचाइयों को छूने के बाद सोने और चांदी की कीमतें अब ताश के पत्तों की तरह ढह रही हैं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) से लेकर हाजिर बाजार तक, हर तरफ ‘लोअर सर्किट’ और ‘पैनिक सेलिंग’ का माहौल है।
विशेष रूप से चांदी में आई गिरावट ने दशकों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अगर आप भी सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो बाजार का ताजा हाल और एक्सपर्ट्स की राय जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।
चांदी की कीमतों में ‘महाविस्फोट’, 37% तक टूटे दाम
पिछले कुछ दिनों में चांदी की कीमतों में जो उतार-चढ़ाव देखा गया है, वह किसी रोलर-कोस्टर राइड से कम नहीं है। 23 जनवरी 2026 को जो चांदी Rs3.34 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर थी, वह अब अपने उस शिखर से करीब 37% नीचे ट्रेड कर रही है।
- MCX का हाल: रविवार को विशेष सत्र के दौरान चांदी 9% लुढ़क कर Rs2.65 लाख के स्तर पर आ गई थी।
- आज का भाव: 2 फरवरी 2026 को चांदी का भाव Rs2,30,000 प्रति किलोग्राम के आसपास बना हुआ है, जो पिछले सप्ताह के Rs 4,20,000 (30 जनवरी) के ऑल-टाइम हाई से Rs1.20 लाख सस्ता है।
सोने में भी भारी गिरावट, ₹1.36 लाख पहुंचा भाव
सोने के निवेशकों के लिए भी समय चुनौतीपूर्ण है। गुरुवार को सोना Rs1.93 लाख प्रति 10 ग्राम के अपने उच्चतम स्तर पर था, लेकिन अब यह वहां से लगभग 20% सस्ता हो चुका है।


क्यों आई बाजार में इतनी बड़ी गिरावट? 4 मुख्य कारण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस भारी गिरावट के पीछे कोई एक वजह नहीं, बल्कि कई वैश्विक और घरेलू कारकों का मेल है:
- केविन वार्श की नियुक्ति और मजबूत डॉलर: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने केविन वार्श को अगला फेड चेयरमैन बनाने का संकेत दिया है। वार्श को ‘महंगाई के प्रति सख्त’ (Inflation Hawk) माना जाता है। इस खबर से डॉलर इंडेक्स में जबरदस्त उछाल आया, जिससे डॉलर-प्राइस वाली धातुओं (सोना-चांदी) पर दबाव बढ़ गया।
- CME मार्जिन में बढ़ोतरी: अंतरराष्ट्रीय बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को देखते हुए CME ग्रुप ने सोने और चांदी के वायदा अनुबंधों (Futures) पर मार्जिन बढ़ा दिया है। चांदी के लिए इसे 11% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया है, जिससे सट्टेबाजों को अपनी पोजीशन छोड़नी पड़ी।
- बजट 2026 का असर: भारत सरकार द्वारा बजट में आयात शुल्क (Import Duty) को लेकर जो अनिश्चितता थी, उसने भी निवेशकों को मुनाफावसूली के लिए उकसाया।
- तकनीकी सुधार (Technical Correction): एक्सपर्ट्स का मानना है कि कीमतें अपनी वास्तविक वैल्यू से बहुत ऊपर चली गई थीं। व्हाइट ओक कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार, गोल्ड-सिल्वर रेश्यो जो आमतौर पर 80:1 होता है, गिरकर 46:1 पर आ गया था। इतिहास गवाह है कि जब भी चांदी सोने के मुकाबले इतनी महंगी हुई है, उसके बाद उसमें बड़ी गिरावट आई है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स? अब क्या करें निवेशक?
जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के प्रणव मेर के अनुसार, “कीमतें जितनी तेजी से ऊपर गई थीं, उतनी ही तेजी से नीचे आ रही हैं। अगले कुछ दिनों में बाजार में और तकनीकी सुधार देखा जा सकता है।”
निवेशकों के लिए सलाह: > व्हाइट ओक कैपिटल म्यूचुअल फंड की रिपोर्ट चेतावनी देती है कि साल 2011 में जब चांदी ने टॉप बनाया था, तो उसे रिकवर होने में 9 साल लग गए थे। इसलिए, इस समय ‘पैनिक’ होकर सारा पैसा एक साथ न लगाएं।
रणनीति क्या होनी चाहिए?
- किश्तों में खरीदारी (Staggered Buying): अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो मौजूदा गिरावट खरीदारी का अच्छा मौका है, लेकिन इसे किश्तों में करें।
- स्टॉप लॉस का ध्यान रखें: शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि बाजार में ‘लोअर सर्किट’ लगने का खतरा अभी टला नहीं है।
- रुपये की चाल पर नजर: यदि वैश्विक स्तर पर गिरावट जारी रहती है, तो गिरता हुआ रुपया भी आपके निवेश को डूबने से नहीं बचा पाएगा।
निष्कर्ष: सावधानी ही बचाव है
सोने और चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट नए खरीदारों के लिए दरवाजे जरूर खोल रही है, लेकिन “गिरते हुए चाकू को पकड़ने” की कोशिश न करें। बाजार को स्थिर होने दें और अपनी रिस्क क्षमता के अनुसार ही निवेश करें।
National
संसद में पेश हुआ आम बजट 2026-27, जानिए किसके हिस्से क्या आया….

Budget 2026-27: विकसित भारत की दिशा में तीन कर्तव्यों पर आधारित दूरदर्शी रोडमैप
मुख्य बिंदु
Budget 2026-27: केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 प्रस्तुत किया। इस बजट को तीन राष्ट्रीय कर्तव्यों से प्रेरित बताया गया. सरकार ने इसे युवा शक्ति संचालित, गरीब-कल्याण केंद्रित और समावेशी विकास का बजट करार दिया है।
आम बजट 2026-27 विकसित भारत 2047 के लिए निर्णायक: वित्त मंत्री
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि ये बजट भारत को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर निर्णायक रूप से आगे ले जाने का प्रयास है, जिसमें आर्थिक वृद्धि, मानव क्षमता निर्माण और सबका साथ-सबका विकास को समान प्राथमिकता दी गई है।
बजट की मूल भावना: तीन राष्ट्रीय कर्तव्य
वित्त मंत्री के मुताबिक, बजट 2026-27 तीन प्रमुख कर्तव्यों पर आधारित है—
1️⃣ आर्थिक वृद्धि को तेज करना और बनाए रखना
इस कर्तव्य का उद्देश्य उत्पादकता बढ़ाना, वैश्विक अनिश्चितताओं से निपटने की क्षमता विकसित करना और भारत की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक रूप से मजबूत बनाना है।
2️⃣ लोगों की आकांक्षाओं की पूर्ति और क्षमता निर्माण
युवाओं, महिलाओं, पेशेवरों और श्रमिकों को सशक्त बनाकर उन्हें भारत की विकास यात्रा का भागीदार बनाना इस कर्तव्य का मूल उद्देश्य है।
3️⃣ सबका साथ, सबका विकास
ये दृष्टिकोण सुनिश्चित करता है कि हर परिवार, समुदाय और क्षेत्र को संसाधनों, अवसरों और सुविधाओं तक समान पहुंच मिले।
युवा शक्ति और वंचित वर्गों पर विशेष फोकस
वित्त मंत्री ने कहा कि ये बजट गरीब, शोषित और वंचित समुदायों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। सरकार का लक्ष्य समावेशी विकास के साथ महत्वाकांक्षा का संतुलन बनाते हुए देश को आगे बढ़ाना है।
आर्थिक वृद्धि के लिए छह रणनीतिक हस्तक्षेप क्षेत्र
पहले कर्तव्य के अंतर्गत सरकार ने छह प्रमुख क्षेत्रों में हस्तक्षेप की घोषणा की—
- रणनीतिक और सीमावर्ती क्षेत्रों में विनिर्माण विस्तार
- विरासत औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्निर्माण
- एमएसएमई को “चैम्पियन” के रूप में विकसित करना
- अवसंरचना पर सशक्त निवेश
- दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता
- शहरी आर्थिक क्षेत्रों का विकास
बायोफॉर्मा शक्ति: भारत को वैश्विक फार्मा हब बनाने की तैयारी
भारत को वैश्विक बायोफॉर्मा निर्माण केंद्र बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के परिव्यय से बायोफॉर्मा शक्ति योजना की घोषणा की गई। इसके तहत—
- बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा
- 3 नए NIPER और 7 मौजूदा संस्थानों का उन्नयन
- 1000 मान्यता प्राप्त क्लिनिकल ट्रायल साइट्स
- दवा नियामक प्रणाली को और सशक्त करना
वस्त्र और एमएसएमई सेक्टर को मजबूती
श्रम-गहन वस्त्र क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना, टेक्स-इको पहल और समर्थ 2.0 जैसी योजनाएं लाई गई हैं।
वहीं, एमएसएमई को भविष्य का विकास इंजन मानते हुए 10,000 करोड़ रुपये का SME विकास कोष प्रस्तावित किया गया है।
रिकॉर्ड सार्वजनिक पूंजीगत व्यय
सरकार ने सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को—
- 2025-26 में 11.2 लाख करोड़ से
- 2026-27 में 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है
यह अवसंरचना, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को गति देगा।
हाई-स्पीड रेल और लॉजिस्टिक्स में बड़ा कदम
पर्यावरण-अनुकूल यात्री परिवहन के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिनमें दिल्ली-वाराणसी, मुंबई-पुणे और चेन्नई-बेंगलुरु जैसे मार्ग शामिल हैं।
इसके अलावा नए फ्रेट कॉरिडोर और राष्ट्रीय जलमार्गों के विस्तार की भी घोषणा की गई।
शिक्षा, कौशल और पर्यटन पर विशेष जोर
- 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट लैब
- हर जिले में छात्राओं के लिए छात्रावास
- 20 पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइडों का कौशल उन्नयन
- राष्ट्रीय आतिथ्य संस्थान की स्थापना
खेलो इंडिया मिशन: खेल क्षेत्र में क्रांति
खेलो इंडिया मिशन के माध्यम से अगले दशक में खेल अवसंरचना, प्रशिक्षण, कोचिंग और खेल विज्ञान को नई दिशा दी जाएगी।
कृषि और ग्रामीण सशक्तिकरण
- भारत विस्तार नामक बहुभाषी AI कृषि टूल
- लखपति दीदी योजना का विस्तार
- सहकारी समितियों को अतिरिक्त कर रियायतें
प्रत्यक्ष कर सुधार: नया आयकर अधिनियम 2025
- नया आयकर कानून अप्रैल 2026 से लागू
- सरल नियम और फॉर्म
- TCS और TDS दरों में कटौती
- दंड और अभियोजन को युक्तिसंगत बनाना
आईटी, क्लाउड और विदेशी निवेश को बढ़ावा
- आईटी सेवाओं के लिए एकल सेफ हार्बर श्रेणी
- सीमा 300 करोड़ से बढ़ाकर 2000 करोड़ रुपये
- विदेशी क्लाउड सेवा प्रदाताओं को 2047 तक टैक्स हॉलीडे
सीमा शुल्क और व्यापार सुगमता
- निजी उपयोग के आयात पर टैरिफ 20% से घटाकर 10%
- 17 जीवनरक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क छूट
- डिजिटल सिंगल विंडो कस्टम क्लीयरेंस
राजकोषीय स्थिति और घाटा
- FY 2026-27 में राजकोषीय घाटा GDP का 4.3%
- ऋण-GDP अनुपात में गिरावट
- मजबूत वित्तीय अनुशासन का संकेत
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