big news
पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे कर्मचारी, कलेक्ट्रेट के गेट पर ताला जड़कर किया प्रदर्शन

Udham Singh Nagar : उत्तराखंड में एक बार फिर से पुरानी पेंशन बहाली की मांग तेजी से उठने लगी है। इसे लेकर आज उधम सिंह नगर में कर्मचारी और विभिन्न संगठनों के लोगों ने प्रदर्शन किया।
Table of Contents
रानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे लोग
उधम सिंह नगर में पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर शिक्षक, कर्मचारी और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग सड़कों पर उतर (OPS Protest) आए। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
NMOPS के बैनर तले कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
उधम सिंह नगर में आज बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी और विभिन्न विभागों के लोग एकत्र हुए, जहां पुरानी पेंशन बहाली को लेकर आंदोलन तेज होता नजर आया।

नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (NMOPS) के बैनर तले कर्मचारियों ने प्रदर्शन (OPS Protest) करते हुए सरकार के सामने अपनी मांगों को दोहराया और पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने की अपील की।
एक कर्मचारी ने साइकिल चलाकर दिया खास संदेश
इस दौरान एक अलग पहल भी देखने को मिली, जहां एक कर्मचारी ने साइकिल चलाकर अपनी मांग को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया। सितारगंज से रुद्रपुर तक मोहित तिवारी ने साइकिल यात्रा कर लोगों और प्रशासन का ध्यान इस मुद्दे की ओर खींचने का प्रयास किया।
big news
नैनीताल में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ कार्रवाई, 17 स्कूलों को नोटिस जारी, 15 दिन का अल्टीमेटम

Nainital News : नैनीताल में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। जिला प्रशासन ने निजी स्कूलों पर सख्त कार्रवाई करते हुए 17 स्कूलों को नोटिस जारी किया है।
Table of Contents
नैनीताल में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ कार्रवाई
नैनीताल के हल्द्वानी में जिला प्रशासन ने निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए 17 संस्थानों को नोटिस जारी किया है। इन स्कूलों पर आरोप है कि वे एनसीईआरटी के बजाय महंगी और अतिरिक्त किताबें अनिवार्य कर अभिभावकों पर आर्थिक दबाव बना रहे हैं।
17 प्राईवेट स्कूलों को नोटिस जारी
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी ने संबंधित स्कूलों को 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने और आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि नियमों का पालन न करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करने का बड़ा कदम
जिले में शिक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने और अभिभावकों पर पड़ रहे अतिरिक्त आर्थिक भार को कम करने के उद्देश्य से प्रशासन ने अहम पहल की है। जिलाधिकारी नैनीताल के निर्देश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी ने हल्द्वानी, रामनगर और भीमताल क्षेत्र के 17 निजी स्कूलों को नोटिस जारी किए हैं।
जांच के दौरान ये पाया गया कि कुछ विद्यालय एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के अलावा निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें छात्रों के लिए अनिवार्य कर रहे थे, जिससे अभिभावकों पर अनावश्यक खर्च का दबाव बढ़ रहा था।
big news
धामी कैबिनेट की बैठक हुई समाप्त, उत्तराखंड मोटरयान संशोधन नियमावली 2026 सहित कई प्रस्तावों को मंजूरी

Dhami Cabinet Decisions : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक समाप्त हो गई है। बैठक में कुल 18 प्रस्ताव आए। जिसमें उत्तराखंड मोटरयान संशोधन नियमावली 2026 सहित कई प्रस्तावों को मंजूरी मिली।
Table of Contents
धामी कैबिनेट की अहम बैठक हुई समाप्त
गुरुवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में कुल 18 प्रस्तावों पर चर्चा की गई, जिनमें से कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। इनमें उत्तराखंड मोटरयान संशोधन नियमावली 2026 भी शामिल है। बैठक के बाद सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगोली ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी।
उत्तराखंड मोटरयान संशोधन नियमावली 2026 सहित कई प्रस्तावों को मंजूरी
नए नियमों के तहत अब प्रवर्तन अधिकारी वर्दी में नजर आएंगे। इसके अलावा शहरी विकास से जुड़े कार्यों, खासकर कुंभ मेले की तैयारियों के लिए स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।
नई व्यवस्था के अनुसार, मेला अधिकारी को 1 करोड़ रुपये तक के कार्यों की मंजूरी का अधिकार होगा, मंडलायुक्त 5 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं को स्वीकृति दे सकेंगे, जबकि इससे अधिक राशि के प्रस्ताव शासन स्तर पर मंजूर किए जाएंगे।

धामी कैबिनेट की बैठक में लिए गए ये बड़े फैसले
- 1. उत्तराखंड कैबिनेट ने अधीनस्थ वन सेवा नियमावली 2016 में संशोधन को मंजूरी दी।
- 2. वन दरोगा की आयु सीमा 21 से 35 वर्ष निर्धारित की गई। वन आरक्षी की आयु सीमा 18 से बढ़ाकर 25 वर्ष कर दी गई।
- 3. जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को अब सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा।
- 4. उत्तराखंड अल्पसंख्यक अधिनियम 2025 के तहत मदरसों की मान्यता प्रक्रिया में बदलाव किया गया।
- 5. कक्षा 1 से 8 तक चल रहे 452 मदरसों को अब जिला स्तर से मान्यता मिलेगी। केवल कक्षा 9 से 12 तक के मदरसों (करीब 52) को उत्तराखंड बोर्ड से मान्यता लेनी होगी। इस संबंध में अध्यादेश लाया जाएगा
- 6. 50 हजार से अधिक छात्र 8वीं तक मदरसों में पढ़ रहे हैं। कार्मिक विभाग में निर्णय: प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) अब अधिकतम एक वर्ष तक ही मान्य होगी। यदि एक वर्ष के भीतर नियुक्ति मिलती है, तो प्रतीक्षा सूची वैध मानी जाएगी।
- 7. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप विशेष शिक्षा शिक्षकों की अर्हता तय करते हुए विशेष शिक्षक शिक्षा नियमावली को मंजूरी दी गई। शैक्षिक संवर्ग नियमावली को स्वीकृति: सहायक अध्यापकों के 62 पदों के लिए पहली बार सेवा नियम तय किए गए।
big news
हरिद्वार में जिला योजना समिति की बैठक में हंगामा, मंत्री के पहुंचते ही विपक्षी विधायकों ने टेबल पर रखी बुकलेट फेंकी…

Uttarakhand Politics : हरिद्वार में जिला योजना समिति की बैठक में आज जोरदार हंगामा देखने को मिला। मंत्री सतपाल महाराज के बैठक में पहुंचते ही विपक्षी विधायकों ने हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी।
Table of Contents
हरिद्वार में जिला योजना समिति की बैठक में हंगामा
हरिद्वार में जिला योजना समिति की बैठक उस वक्त तीखे टकराव में बदल गई जब बैठक की शुरुआत होते ही कांग्रेस और बसपा के विधायकों ने विरोध का मोर्चा खोल दिया। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के सभागार में पहुंचते ही विपक्षी विधायकों ने टेबल पर रखी बुकलेट उठाकर फेंक दी और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। पूरे परिसर में “धामी सरकार मुर्दाबाद” के नारे गूंजते रहे और माहौल कुछ देर के लिए पूरी तरह असंतुलित नजर आया।
जनप्रतिनिधियों ने बैठक की प्रक्रिया पर उठाए सवाल
कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत, रवि बहादुर, वीरेंद्र जाती, फुरकान अहमद, ममता राकेश और बसपा विधायक शहजाद अली समेत कई जनप्रतिनिधियों ने बैठक की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे जनहित से भटककर ठेकेदारों के हितों की बैठक करार दिया। विपक्ष का आरोप है कि विकास योजनाओं में पारदर्शिता नहीं है और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की राय को दरकिनार किया जा रहा है।

बसपा विधायकों ने भी खुलकर कांग्रेस का किया समर्थन
बसपा विधायकों ने भी खुलकर कांग्रेस का समर्थन करते हुए बैठक के तरीके को गलत ठहराया।हंगामे के चलते कुछ समय के लिए बैठक की कार्यवाही प्रभावित रही और प्रशासनिक अधिकारियों को स्थिति संभालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। बाद में हालात सामान्य करने की कोशिश की गई, लेकिन विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा था।
इस बीच कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में बैठक जारी रही, जिसमें भाजपा के विधायक और जिला पंचायत सदस्य मौजूद रहे। दूसरी ओर कांग्रेस और बसपा के विधायक जिला कलेक्टर परिसर में धरना देकर विरोध जताते रहे। पूरे घटनाक्रम ने जिला योजना बैठक की पारदर्शिता और कार्यशैली पर नए सिरे से सवाल खड़े कर दिए हैं।
विधायकों के साथ नहीं हुआ कोई पक्षपात
पूरे मामले को लेकर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने सफाई देते हुए कहा कि विधायकों के साथ कोई पक्षपात नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि बैठक सुचारू रूप से चली है, बजट भी पूरा दिया गया है। इसके बावजूद ये लोग जानबूझकर हंगामा कर रहे हैं।
Dehradun5 hours agoमानसून अलर्ट ! देहरादून में नदी किनारे बसने वालों के लिए बड़ा खतरा , NDMA की बड़ी चेतावनी
big news6 hours agoनैनीताल में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ कार्रवाई, 17 स्कूलों को नोटिस जारी, 15 दिन का अल्टीमेटम
uttarakhand weather8 hours agoसावधान, उत्तराखंड में अगले 48 घंटे भारी, बारिश, ओलावृष्टि व तूफान की चेतावनी, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
Roorkee2 hours agoमहाराष्ट्र में तरबूज खाने से 4 की मौत, उत्तराखंड में एक्शन में खाद्य विभाग, यहां मंडी में ताबड़तोड़ छापेमारी
Uttarakhand4 hours agoयुवा कांग्रेस के 470 नए पदाधिकारियों ने ग्रहण किया पदभार, ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक नए चेहरों को मिली जिम्मेदारी






































