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अग्निवीर जवानों के लिए बड़ी खबर ! सेवा के दौरान शादी की तो नहीं मिलेगा…..

Agniveer Update: अग्निवीर जवानों के विवाह को लेकर सेना का रूख सख्त, शादी की तो स्थाई नहीं हो पाएंगे
मुख्य बिंदु
Agniveer Update: अगर आप भी भारतीय सेना में जाने का सपना देखते हैं और सेना भर्ती की तैयारी कर रहे हैं तो ये खबर आपके लिए है। भारतीय सेना ने अग्निवीर सैनिकों के स्थाई कार्यकाल के सम्बन्ध में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। जिसमें सेना की तरफ से साफ़ किया गया है कि अग्निवीर सैनिक सेवा में रहते हुए या सेवामुक्त होने के तुरंत बाद भी शादी नहीं कर सकते हैं।
Indian army latest news ; अग्निवीर भर्ती को लेकर नया नियम
बता दें कि साल 2022 से अग्निवीर योजना शुरू की गई थी। जिसमें भर्ती हुए जवानों का पहला बैच इस साल सेवामुक्त हो जाएगा। इस से पहले सेना की तरफ से अग्निवीर जवानों के नियमितीकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। जिसमें सेवाकाल के दौरान विवाह करने वाले अग्निवीरों को स्थाई सैनिक के रूप में दावेदारी करने के लिए अयोग्य बताया गया है।

Agniveer Retirement : इस साल होंगे 20 हजार अग्निवीर सेवामुक्त
इस वर्ष जून-जुलाई में लगभग 20 हजार अग्निवीर सेवामुक्त होंगे। जिसके बाद उनमे से 25 फीसदी जवानों को उनकी शारीरिक दक्षता और परीक्षा के माध्यम से वापस सेना में परमानेंट कमीशन (Agniveer Permanent Commission) दिया जाएगा। अग्निवीरों के सेवामुक्त होने के बाद परमानेंट कमीशन की ये प्रक्रिया लगभाग 4 से 6 महीने लम्बी हो सकती है। लेकिन इसमें कुछ जवान ऐसे होंगे जो पहले ही इस से बाहर रखे जाएंगे।
Agniveer Marriage Rules: विवाह को लेकर सेना का रुख सख्त
- चार साल के कार्यकाल के बीच में कोई भी अग्निवीर शादी नहीं कर सकता है।
- सेवामुक्त होने के तुरंत बाद भी अग्निवीर शादी नहीं कर सकते अन्यथा वो परमानेंट कमीशन के लिए अयोग्य माने जाएंगे।
- परमानेन्ट कमीशन (Agniveer Permanent Commission) की पूरी प्रक्रिया के बाद परिणाम घोषित होने के बाद ही अग्निवीरों को शादी की अनुमति दी जाएगी।
- परमानेंट कमीशन पाने के लिए देना होगा अनुसाशन और त्याग का परिचय।

क्या Agniveer Soldiers सेवा के दौरान शादी कर सकते हैं?
नहीं, भारतीय सेना के नियमों के अनुसार चार साल के कार्यकाल के दौरान अग्निवीर जवानों को शादी की अनुमति नहीं है।
कितने Agniveer को Permanent Commission मिलेगा?
सेवामुक्त होने वाले कुल अग्निवीरों में से लगभग 25 प्रतिशत जवानों को शारीरिक दक्षता, मेडिकल और लिखित परीक्षा के आधार पर स्थायी कमीशन दिया जाएगा।
agniveer Scheme कब शुरू हुई थी?
अग्निवीर योजना की शुरुआत वर्ष 2022 में भारतीय सेना द्वारा की गई थी।
अगर अग्निवीर ने नियमों के खिलाफ शादी की तो क्या होगा?
यदि कोई अग्निवीर नियमों के विरुद्ध शादी करता है, तो वह स्थायी कमीशन की चयन प्रक्रिया से बाहर हो जाएगा।
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CM ने खोला मुफ्त सुविधाओं का पिटारा, अब एक साल में मिलेंगे 3 LPG सिलेंडर फ्री

Free LPG Cylinder : विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान तमिलनाडु सरकार ने राज्य के परिवारों के लिए बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री विजय ने सदन में कहा कि पात्र परिवारों को हर साल तीन LPG सिलेंडर मुफ्त उपलब्ध कराए जाएंगे। ये योजना पोंगल 2027 से लागू किए जाने की तैयारी है।
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CM ने खोला पिटारा, साल में 3 LPG सिलेंडर मिलेंगे फ्री
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने विधानसभा में नियम 110 के तहत इस योजना की घोषणा की। सरकार के मुताबिक, ‘अन्नपूर्णानी सुपर सिक्स’ नाम की इस योजना के लिए करीब 4,000 करोड़ रुपये का बजट रखा जाएगा। सरकार का अनुमान है कि योजना से करीब 1,38,16,104 परिवार लाभान्वित होंगे।
किन परिवारों को मिलेगा फायदा ?
योजना का लाभ उन परिवारों को देने की बात कही गई है, जिनकी वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम है। इसके दायरे में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के अलावा छोटे और सीमांत किसान तथा ऐसे परिवार भी शामिल होंगे, जिनमें दिव्यांग सदस्य हैं और परिवार की आय निर्धारित सीमा के भीतर है।

सीधे बैंक खाते में पहुंचेगी सिलेंडर की कीमत
सरकार के अनुसार, लाभार्थी जब LPG सिलेंडर के लिए पंजीकरण कराएंगे, तो तेल कंपनियों से संबंधित जानकारी ली जाएगी। इसके बाद मुफ्त सिलेंडर की कीमत लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे जमा किए जाने की व्यवस्था होगी। सरकार ने बताया कि योजना को लागू करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और पोंगल 2027 से इसे लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
चुनावी वादे से जुड़ी है योजना
बता दें कि मुफ्त कुकिंग गैस सिलेंडर उपलब्ध कराना मुख्यमंत्री विजय की TVK पार्टी के प्रमुख चुनावी वादों में शामिल रहा है। विधानसभा में इस घोषणा के साथ सरकार ने अब इसे लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाने का संकेत दिया है।
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NET के 3 पेपर रद्द, NTA के खिलाफ छात्रों का हल्लाबोल, सड़कों पर उतरकर किया विरोध

UGC-NET Exam : UGC-NET जून 2026 में अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के पेपर रद्द होने से विवाद बढ़ गया है। हजारों छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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NET के 3 पेपर रद्द, NTA के खिलाफ छात्रों का हल्लाबोल
UGC-NET जून 2026 की परीक्षा को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र समेत तीन विषयों की परीक्षाएं रद्द किए जाने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ गई है। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा के दौरान कई सवाल दोहराए गए, कुछ प्रश्नों में तथ्यात्मक खामियां थीं और कई जगह भाषा व व्याकरण से जुड़ी गलतियां भी देखने को मिलीं।
सड़कों पर उतरकर किया विरोध
पेपर रद्द होने के फैसले के बाद छात्र संगठनों नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग
छात्र संगठनों की मांग है कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक से जुड़े आरोपों की भी जांच की जाए। दिल्ली के ओखला स्थित NTA कार्यालय के बाहर SFI कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए NTA को समाप्त करने की मांग भी उठाई।
छात्रों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा की स्थिति से उनके परिणाम प्रभावित हो सकते हैं। इसका असर आगे होने वाले PhD दाखिलों और अकादमिक करियर की प्रक्रिया पर भी पड़ने की आशंका है।
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Nag Panchami 2026: 16 या 17 अगस्त कब है नाग पंचमी? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त

Nag Panchami 2026: 16 या 17 अगस्त कब है नाग पंचमी?
सनातन धर्म में सावण (श्रावण) का महीना अत्यंत पवित्र माना जाता है।इसी पावन माह में आने वाली नाग पंचमी (Nag Panchami) का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है।नाग पंचमी का पर्व मुख्य रूप से भगवान शिव (Lord Shiva) के आभूषण स्वरूप नाग देवताओं की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है।
वर्ष 2026 में नाग पंचमी की सही तारीख को लेकर पंचांग गणनाओं के कारण कुछ असमंजस की स्थिति बन रही है।इस लेख में हम नाग पंचमी 2026 की सटीक तिथि, प्रातःकालीन पूजा मुहूर्त, सम्पूर्ण पूजा विधि, पौराणिक महत्व और कालसर्प दोष से मुक्ति के प्रभावी उपायों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
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Nag Panchami 2026 Date: 16 या 17 अगस्त कब मनाई जाएगी नाग पंचमी?
वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है।
वर्ष 2026 की पंचांग गणना के आधार पर इस प्रकार है:
| विवरण | तिथि एवं समय |
| पंचमी तिथि प्रारंभ | 16 अगस्त 2026 (रविवार), शाम 04:52 बजे से |
| पंचमी तिथि समाप्त | 17 अगस्त 2026 (सोमवार), शाम 05:00 बजे तक |
| उदया तिथि नाग पंचमी | 17 अगस्त 2026, सोमवार |
| विशेष योग | तीसरा सावन सोमवार व्रत + सिंह संक्रांति |
शास्त्रों में उदया तिथि (सूर्योदय कालीन तिथि) को ही सर्वमान्य माना जाता है।चूंकि 17 अगस्त की सुबह सूर्योदय के समय पंचमी तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए नाग पंचमी का व्रत और पूजन 17 अगस्त 2026 (सोमवार) को ही किया जाएगा।
विशेष ध्यान दें: 17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी के दिन ही तीसरा सावन सोमवार भी पड़ रहा है।सावन सोमवार और नाग पंचमी का यह दुर्लभ संयोग शिव और नाग देव दोनों की कृपा प्राप्त करने का अत्यंत शुभ अवसर प्रस्तुत करता है।(नोट: गुजरात में अमांत परंपरा के अनुसार नाग पंचमी 1 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी)।
Nag Panchami 2026 Shubh Muhurat (पूजा का शुभ मुहूर्त)
नाग पंचमी पर प्रातःकाल में नाग देवता का पूजन करना अत्यंत श्रेष्ठ फलदायी माना गया है।
की ज्योतिषाचार्य गणना के अनुसार शुभ मुहूर्त समय:
- नाग पंचमी पूजा मुहूर्त:17 अगस्त 2026, सुबह 05:51 AM से सुबह 08:29 AM तक।
- कुल अवधि:लगभग 2 घंटे 38 मिनट।
नाग पंचमी का धार्मिक और पौराणिक महत्व (Significance of Nag Panchami)
सनातन संस्कृति में प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति आभार व्यक्त करने की समृद्ध परंपरा रही है। नाग पंचमी इसी परंपरा का प्रतीक है:
- भगवान शिव और वासुकि नाग:भगवान शिव अपने गले में नागराज वासुकि को आभूषण स्वरूप धारण करते हैं।
- भगवान विष्णु और शेषनाग:भगवान विष्णु क्षीरसागर में शेषनाग की शैया पर विराजमान रहते हैं।
- श्रीकृष्ण और कालिय दमन:पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी तिथि के आसपास भगवान श्रीकृष्ण ने यमुना नदी को विषमुक्त करने के लिए कालिय नाग का दमन किया था।
- पर्यावरणीय महत्व:कृषि प्रधान भारत में सर्प किसानों के मित्र माने जाते हैं।वे खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले चूहों और कीटों का भक्षण कर फसलों की रक्षा करते हैं।
बारह प्रमुख नाग देवताओं के नाम
नाग पंचमी की पूजा के दौरान बारह प्रमुख नाग देवों का स्मरण और आवाहन करना शुभ होता है:
- अनंत
- वासुकि
- शेष
- पद्म
- कम्बल
- कर्कोटक
- अश्वतर
- धृतराष्ट्र
- शंखपाल
- कालिया
- तक्षक
- पिंगल
Nag Panchami Puja Vidhi: नाग पंचमी की सम्पूर्ण पूजा विधि
शास्त्रों के अनुसार नाग पंचमी के दिन निम्नलिखित विधि से पूजन करना चाहिए:
- स्नान एवं संकल्प:प्रातःकाल सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण कर पूजा का संकल्प लें।
- आकृति निर्माण:घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर गोबर, हल्दी या रोली से नाग देव की आकृति बनाएं।
- शिवलिंग पर जलाभिषेक:सावन सोमवार होने के कारण सबसे पहले तांबे के पात्र से शिवलिंग पर जल व कच्चा दूध अर्पित करें।
- नाग देव पूजन:मिट्टी, पीतल या चांदी की नाग प्रतिमा पर अक्षत, चंदन, हल्दी, रोली, फूल और दूर्वा अर्पित करें।
- भोग अर्पण:नाग देवता को भुने हुए चने, लावा (खील), दूध, गुड़ और सात्विक मिठाई का भोग लगाएं।
- मंत्र जाप:पूजा के समय
ॐ नमः शिवायतथाॐ नागदेवताय नमःमंत्रों का जप करें। - कथा श्रवण व आरती:अंत में नाग पंचमी की प्रामाणिक व्रत कथा सुनें और धूप-दीप से आरती उतारकर प्रसाद वितरित करें।
जीवदया संदेश: जीवित सांपों को जबरन दूध पिलाने से बचना चाहिए, क्योंकि दूध सांपों की पाचन क्रिया के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है।अतः केवल प्रतिमा या चित्र पर ही प्रतीकात्मक रूप से दूध अर्पित करना शास्त्रसम्मत है।
नाग पंचमी पर कालसर्प दोष निवारण के अचूक उपाय
ज्योतिष शास्त्र में नाग पंचमी को कालसर्प दोष, राहु-केतु दोष और सर्प दोष की शांति कराने के लिए अत्यंत सिद्ध दिन माना गया है।
- चांदी के नाग-नागिन का दान:इस दिन चांदी के बने नाग-नागिन के जोड़े का पूजन करके उसे बहते जल में प्रवाहित करें अथवा मंदिर में दान करें।
- महामृत्युंजय और रुद्राभिषेक: भगवान शिव का दूध व गंगाजल से रुद्राभिषेक कराएं और महामृत्युंजय मंत्र की कम से कम 108 बार एक माला का जाप करें।
- राहु-केतु शांति: नाग गायत्री मंत्र (
ॐ नवकुलाय विद्महे विषदन्ताय धीमहि तन्नो सर्पः प्रचोदयात्) का जाप करने से राहु-केतु की अशुभ महादशा का प्रभाव कम होता है। - पीपल वृक्ष पूजन: पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और नाग देव से परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. नाग पंचमी 2026 में किस तारीख को है?
उत्तर: उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में नाग पंचमी 17 अगस्त 2026 (सोमवार) को मनाई जाएगी।
Q2. नाग पंचमी 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?
उत्तर: 17 अगस्त 2026 को पूजा का शुभ मुहूर्त प्रातः 05:51 AM से 08:29 AM तक रहेगा।
Q3. क्या नाग पंचमी पर सुई-धागे या तवे का प्रयोग मना होता है?
उत्तर: कई स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं में नाग पंचमी के दिन लोहे के तवे पर रोटी बनाना, सिलाई-कढ़ाई करना अथवा भूमि की खुदाई करना वर्जित माना जाता है।
Q4. सावन सोमवार और नाग पंचमी एक साथ पड़ने का क्या लाभ है?
उत्तर: शिवजी नागों के स्वामी हैं।अतः सोमवार को नाग पंचमी पड़ने से महादेव और नाग देव दोनों का एक साथ आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
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