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9 जनवरी से खुलेगा भारत कोकिंग कोल का IPO , जानिए प्राइस बैंड , लॉट साइज और लिस्टिंग तारीख…

Bharat Coking Coal IPO: 9 जनवरी से खुलेगा सब्सक्रिप्शन
भारत के सार्वजनिक क्षेत्र (PSU) से जुड़ी एक बड़ी फाइनेंशियल खबर सामने आई है। Bharat Coking Coal Limited अपना बहुप्रतीक्षित Bharat Coking Coal IPO लेकर आ रही है। यह आईपीओ कुल Rs1,071.11 करोड़ का होगा और इसे बुक बिल्डिंग इश्यू के तौर पर पेश किया जाएगा। निवेशकों के लिए यह आईपीओ न सिर्फ कोल सेक्टर बल्कि PSU निवेश के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
Table of Contents
🔔 Bharat Coking Coal IPO क्या है?
Bharat Coking Coal IPO पूरी तरह से Offer For Sale (OFS) आधारित इश्यू है। यानी इस आईपीओ में कंपनी कोई नए शेयर जारी नहीं कर रही है, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपने हिस्से के शेयर बाजार में बेचेंगे।
- कुल शेयर ऑफर: 46.57 करोड़ इक्विटी शेयर
- कुल इश्यू साइज: Rs1,071.11 करोड़
- फेस वैल्यू: Rs10 प्रति शेयर
यह आईपीओ बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के तहत आएगा, जिसमें निवेशक तय प्राइस बैंड के भीतर बोली लगा सकेंगे।
📅 Bharat Coking Coal IPO: महत्वपूर्ण तारीखें
निवेश से पहले आईपीओ से जुड़ा पूरा टाइमटेबल जानना जरूरी है:
| कार्यक्रम | तिथि |
|---|---|
| IPO खुलने की तारीख | 9 जनवरी 2026 (शुक्रवार) |
| IPO बंद होने की तारीख | 13 जनवरी 2026 (मंगलवार) |
| अलॉटमेंट की तारीख | 14 जनवरी 2026 (बुधवार) |
| रिफंड प्रक्रिया | 15 जनवरी 2026 (गुरुवार) |
| शेयर क्रेडिट | 15 जनवरी 2026 (गुरुवार) |
| लिस्टिंग | 16 जनवरी 2026 (शुक्रवार) |
💰 Bharat Coking Coal IPO Price Band और Lot Size
Bharat Coking Coal IPO का प्राइस बैंड निवेशकों के लिए किफायती रखा गया है:
- प्राइस बैंड: Rs21 से Rs23 प्रति शेयर
- लॉट साइज: 600 शेयर
🔹 रिटेल निवेश के लिए
- न्यूनतम निवेश: Rs13,800
(600 शेयर × Rs23)
🔹 NII (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स)
- sNII (Small NII):
- 15 लॉट (9,000 शेयर)
- निवेश राशि: Rs2,07,000
- bNII (Big NII):
- 73 लॉट (43,800 शेयर)
- निवेश राशि: Rs10,07,400
🏢 लिस्टिंग डिटेल्स: BSE और NSE पर होगी एंट्री
Bharat Coking Coal IPO की लिस्टिंग देश के दोनों प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों पर होगी:
- 📈 BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज)
- 📉 NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज)
👉 संभावित लिस्टिंग डेट: 16 जनवरी 2026
🧾 IPO स्ट्रक्चर और शेयरहोल्डिंग
| विवरण | आंकड़े |
|---|---|
| इश्यू टाइप | Bookbuilding IPO |
| सेल टाइप | Offer For Sale |
| कुल शेयर (इश्यू) | 46,57,00,000 |
| प्री-इश्यू शेयरहोल्डिंग | 4,65,70,00,000 |
| पोस्ट-इश्यू शेयरहोल्डिंग | 4,65,70,00,000 |
👉 चूंकि यह OFS है, इसलिए पोस्ट-इश्यू शेयरहोल्डिंग में कोई बदलाव नहीं होगा।
👨💼 Employee Discount
इस आईपीओ में कर्मचारियों को भी लाभ दिया गया है:
- Employee Discount: Rs1 प्रति शेयर
यह कदम PSU कर्मचारियों को शेयर बाजार में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करता है।
🏦 IPO से जुड़े प्रमुख इंटरमीडियरी
- बुक रनिंग लीड मैनेजर:
👉 IDBI Capital Markets Services Ltd. - रजिस्ट्रार:
👉 KFin Technologies Ltd.
इन संस्थाओं की भूमिका आईपीओ की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारु बनाने में अहम होती है।
Bharat Coking Coal Limited (BCCL) – संक्षिप्त परिचय
Bharat Coking Coal Limited (BCCL) भारत सरकार के Coal India Limited की एक सहायक कंपनी है। यह देश की प्रमुख कोकिंग कोल (Coking Coal) उत्पादक कंपनी मानी जाती है, जो इस्पात उद्योग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्य तथ्य
- स्थापना: 1972
- मुख्यालय: धनबाद, झारखंड
- स्वामित्व: Coal India Limited (भारत सरकार)
- कार्य क्षेत्र: झारखंड (मुख्यतः झरिया कोयला क्षेत्र)
- उत्पाद: कोकिंग कोल, नॉन-कोकिंग कोल
BCCL का महत्व
- भारत के स्टील सेक्टर को कोकिंग कोल की आपूर्ति
- झरिया कोयला क्षेत्र में खदानों का संचालन
- भूमिगत और खुली खदानें (Underground & Opencast Mines)
प्रमुख गतिविधियाँ
- कोयला खनन और प्रसंस्करण
- आग-प्रभावित क्षेत्रों का प्रबंधन (Fire Control in Jharia)
- पुनर्वास एवं पर्यावरण प्रबंधन
- कर्मचारियों के लिए आवास, स्वास्थ्य और कल्याण योजनाएँ
भर्ती और करियर
BCCL समय-समय पर ITI, डिप्लोमा, ग्रेजुएट और मैनेजमेंट ट्रेनी पदों के लिए भर्ती निकालती है। भर्तियाँ आमतौर पर:
- GATE स्कोर
- Apprenticeship नियमों
- डायरेक्ट नोटिफिकेशन के माध्यम से होती हैं।
आधिकारिक वेबसाइट
📊 Bharat Coking Coal IPO: निवेशकों के लिए क्या मायने?
🔹 PSU सेक्टर में अवसर
BCCL जैसी सरकारी कंपनी का आईपीओ निवेशकों को PSU सेक्टर में सीधे भागीदारी का मौका देता है।
🔹 कोल और स्टील सेक्टर की भूमिका
कोकिंग कोल स्टील इंडस्ट्री के लिए बेहद जरूरी है। भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ के साथ इसकी मांग बनी रहने की संभावना है।
🔹 लॉन्ग टर्म बनाम शॉर्ट टर्म
- लिस्टिंग गेन चाहने वाले निवेशक GMP और सब्सक्रिप्शन ट्रेंड पर नजर रखें
- लॉन्ग टर्म निवेशक कंपनी की बुनियादी स्थिति और सेक्टर आउटलुक पर ध्यान दें
❓ FAQs – Bharat Coking Coal IPO
Q1. Bharat Coking Coal IPO कब खुलेगा?
👉 9 जनवरी 2026 को।
Q2. न्यूनतम निवेश कितना है?
👉 ₹13,800 (रिटेल निवेशकों के लिए)।
Q3. यह IPO किस प्रकार का है?
👉 Bookbuilding IPO और पूरी तरह Offer For Sale।
Q4. लिस्टिंग कहां होगी?
👉 BSE और NSE दोनों पर।
Q5. अलॉटमेंट कब होगा?
👉 14 जनवरी 2026 को।
🔚 निष्कर्ष
Bharat Coking Coal IPO भारतीय शेयर बाजार में 2026 की शुरुआत में आने वाले बड़े PSU आईपीओ में से एक माना जा रहा है। ₹1,071 करोड़ के इस बुक बिल्डिंग इश्यू में निवेश से पहले RHP का अध्ययन, जोखिम मूल्यांकन और अपने निवेश लक्ष्य स्पष्ट करना जरूरी है। सही जानकारी और रणनीति के साथ यह आईपीओ निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बन सकता है।
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⚠️ अस्वीकरण
यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। निवेश से पहले किसी वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें और आधिकारिक RHP देखें।
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Omnitech Engineering IPO: निवेश का सुनहरा मौका या जोखिम? जानें GMP, वित्तीय स्थिति और पूरी डिटेल्स..

Omnitech Engineering IPO
भारतीय शेयर बाजार में साल 2026 में IPOs की धूम मची हुई है। इसी कड़ी में गुजरात की दिग्गज कंपनी Omnitech Engineering Limited अपना धमाकेदार IPO लेकर आ रही है। यदि आप भी एक ऐसी कंपनी की तलाश में हैं जो हाई-प्रिसिजन इंजीनियरिंग (High-Precision Engineering) और एक्सपोर्ट मार्केट में अपनी धाक जमा चुकी है, तो यह आर्टिकल आपके लिए है।
Omnitech Engineering IPO की महत्वपूर्ण तिथियां और प्राइस बैंड
Omnitech Engineering का यह IPO 25 फरवरी 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 27 फरवरी 2026 को बंद होगा। कंपनी ने इस इश्यू के लिए Rs216 से Rs227 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।
| इवेंट | तारीख / विवरण |
| IPO खुलने की तारीख | 25 फरवरी, 2026 |
| IPO बंद होने की तारीख | 27 फरवरी, 2026 |
| प्राइस बैंड | ₹216 – ₹227 प्रति शेयर |
| लॉट साइज | 66 शेयर (न्यूनतम ₹14,982 निवेश) |
| इश्यू साइज | ₹583 करोड़ |
| अलॉटमेंट की तारीख | 2 मार्च, 2026 |
| लिस्टिंग की तारीख | 5 मार्च, 2026 (BSE, NSE) |

कंपनी का प्रोफाइल: क्या करती है Omnitech Engineering?
राजकोट (गुजरात) स्थित Omnitech Engineering उच्च परिशुद्धता वाले इंजीनियर घटकों (High-precision engineered components) और असेंबली की एक प्रमुख निर्माता है। इसके उत्पाद ऊर्जा (Energy), ऑटोमेशन, औद्योगिक उपकरण और एयरोस्पेस जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उपयोग किए जाते हैं।
कंपनी की सबसे बड़ी ताकत इसका एक्सपोर्ट बिजनेस है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का करीब 75% रेवेन्यू विदेशी बाजारों से आया है। वर्तमान में यह 24 से अधिक देशों में 250 से ज्यादा ग्राहकों को अपनी सेवाएं दे रही है।
Omnitech Engineering IPO GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम)
ग्रे मार्केट में निवेशकों का उत्साह काफी संतुलित नजर आ रहा है। वर्तमान में Omnitech Engineering IPO GMP लगभग ₹13 से ₹16 के बीच ट्रेड कर रहा है।
AEO Insight: ₹227 के ऊपरी प्राइस बैंड पर, यह करीब 6% से 7% के लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है। हालांकि, मार्केट की अस्थिरता को देखते हुए GMP में बदलाव संभव है।
पिछले वर्षों का वित्तीय प्रदर्शन (Previous Year Performance)
कंपनी ने पिछले दो वर्षों में वित्तीय मोर्चे पर शानदार रिकवरी और ग्रोथ दिखाई है।
| विवरण (₹ करोड़ में) | FY 2024 | FY 2025 | Sep 2025 (6 माह) |
| कुल आय (Revenue) | ₹181.95 | ₹349.71 | ₹236.69 |
| शुद्ध लाभ (PAT) | ₹18.91 | ₹43.87 | ₹27.78 |
| ऑर्डर बुक | – | – | ₹1,764.70 |
- राजस्व में उछाल: FY25 में कंपनी के रेवेन्यू में करीब 92.5% की भारी बढ़ोतरी देखी गई।
- प्रॉफिट ग्रोथ: कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) 132% बढ़कर Rs43.87 करोड़ हो गया।
- मजबूत ऑर्डर बुक: सितंबर 2025 तक कंपनी के पास Rs1,764 करोड़ से अधिक के ऑर्डर्स हैं, जो भविष्य में रेवेन्यू की स्थिरता का संकेत देते हैं।

Pros & Cons: निवेश से पहले इन बातों पर गौर करें
Pros (फायदे):
- विशाल ऑर्डर बुक: कंपनी के पास अपनी सालाना आय के मुकाबले 5 गुना से ज्यादा के ऑर्डर्स मौजूद हैं।
- ग्लोबल प्रेजेंस: फॉरेन मार्केट पर मजबूत पकड़ और 75% एक्सपोर्ट रेवेन्यू कंपनी को ग्लोबल प्लेयर बनाता है।
- फंड का सही उपयोग: IPO से मिलने वाले Rs418 करोड़ (फ्रेश इश्यू) का उपयोग कर्ज चुकाने और नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स लगाने में किया जाएगा।
- बेहतर मार्जिन: कंपनी का EBITDA मार्जिन ~34% के करीब है, जो इंडस्ट्री में काफी प्रतिस्पर्धी है।
Cons (जोखिम):
- ग्राहक एकाग्रता (Client Concentration): कंपनी का बड़ा हिस्सा चुनिंदा बड़े ग्राहकों से आता है। अगर कोई बड़ा क्लाइंट हटता है, तो असर पड़ सकता है।
- विदेशी मुद्रा का जोखिम: चूंकि आय का बड़ा हिस्सा डॉलर/यूरो में है, इसलिए करेंसी के उतार-चढ़ाव का असर मुनाफे पर पड़ सकता है।
- महंगा वैल्यूएशन: 53.2x के P/E रेशियो पर यह IPO थोड़ा महंगा लग सकता है, खासकर जब हम इसकी तुलना MTAR या Azad Engineering जैसे दिग्गजों से करते हैं।
निष्कर्ष: क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
Omnitech Engineering IPO उन निवेशकों के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है जो मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग सेक्टर में लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं। हालांकि, लिस्टिंग गेन (Listing Gain) के लिहाज से फिलहाल ग्रे मार्केट बहुत ज्यादा उम्मीदें नहीं दिखा रहा है।
हमारा सुझाव: यदि आप रिस्क ले सकते हैं और मध्यम से लंबी अवधि (1-3 साल) का नजरिया रखते हैं, तो इसमें निवेश पर विचार किया जा सकता है। छोटे निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे सब्सक्रिप्शन के दूसरे दिन के डेटा को देखकर ही अंतिम फैसला लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. Omnitech Engineering IPO का अलॉटमेंट स्टेटस कब आएगा?
इसका अलॉटमेंट 2 मार्च 2026 को फाइनल होगा। आप इसे Intime India की वेबसाइट पर चेक कर पाएंगे।
2. इस IPO में न्यूनतम कितना निवेश करना होगा?
एक रिटेल निवेशक को कम से कम 1 लॉट (66 शेयर) के लिए ₹14,982 का निवेश करना होगा।
3. क्या कंपनी के पास कर्ज है?
हां, कंपनी पर सितंबर 2025 तक करीब ₹382 करोड़ का कर्ज था, जिसे कम करने के लिए कंपनी IPO फंड का इस्तेमाल करेगी।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी IPO में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।
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Gaudium IVF & Women Health IPO : 20 फरवरी से खुलेगा सब्सक्रिप्शन , निवेश करें या बचें? यहाँ देखें Pros & Cons”

Gaudium IVF & Women Health IPO : भारत का पहला फर्टिलिटी लिस्टिंग धमाका
भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में साल 2026 की शुरुआत काफी हलचल भरी रही है। इस कड़ी में एक अनोखा और सेक्टर-स्पेसिफिक आईपीओ दस्तक दे रहा है — Gaudium IVF & Women Health Limited IPO। यह न केवल एक सामान्य पब्लिक इश्यू है, बल्कि भारत के फर्टिलिटी और रिप्रोडक्टिव हेल्थकेयर (ART) सेक्टर की पहली ऐसी कंपनी है जो मेनबोर्ड एक्सचेंज (BSE & NSE) पर लिस्ट होने जा रही है।
अगर आप एक निवेशक हैं और हेल्थकेयर सेक्टर के इस उभरते हुए सेगमेंट में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। यहाँ हम इस IPO की बारीकियों, इसके ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP), वित्तीय स्थिति और इसमें निवेश के जोखिमों का गहराई से विश्लेषण करेंगे।
Gaudium IVF & Women Health IPO: मुख्य विवरण (Key Details)
गॉडियम आईवीएफ का यह आईपीओ 20 फरवरी 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 24 फरवरी 2026 को बंद होगा। कंपनी ने इस इश्यू के जरिए बाजार से Rs165 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है।
IPO का ढांचा और प्राइस बैंड
| विवरण | जानकारी |
| प्राइस बैंड (Price Band) | ₹75 – ₹79 प्रति शेयर |
| लॉट साइज (Lot Size) | 189 शेयर (न्यूनतम निवेश: ₹14,931) |
| कुल इश्यू साइज | ₹165 करोड़ |
| फ्रेश इश्यू (Fresh Issue) | ₹90 करोड़ |
| ऑफर फॉर सेल (OFS) | ₹75 करोड़ |
| फेस वैल्यू (Face Value) | ₹5 प्रति शेयर |

महत्वपूर्ण तारीखें (IPO Timeline)
निवेशकों को इन तारीखों का खास ख्याल रखना चाहिए:
- आईपीओ ओपन डेट: 20 फरवरी 2026
- आईपीओ क्लोज डेट: 24 फरवरी 2026
- अलॉटमेंट फाइनल: 25 फरवरी 2026
- रिफंड/डीमैट क्रेडिट: 26 फरवरी 2026
- लिस्टिंग डेट: 27 फरवरी 2026 (BSE & NSE)
Gaudium IVF IPO GMP Today (ग्रे मार्केट प्रीमियम की स्थिति)
ग्रे मार्केट में इस आईपीओ को लेकर निवेशकों के बीच काफी उत्साह देखा जा रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, Gaudium IVF IPO GMP लगभग ₹12 से ₹15 के आसपास चल रहा है।
इसका मतलब है कि अगर अपर प्राइस बैंड ₹79 को आधार माना जाए, तो यह शेयर करीब ₹91 से ₹94 के बीच लिस्ट हो सकता है। यह निवेशकों के लिए लगभग 15% से 19% तक का संभावित लिस्टिंग गेन (Listing Gain) दर्शा रहा है। हालांकि, बाजार की अस्थिरता के साथ GMP में बदलाव संभव है।
कंपनी का बिजनेस मॉडल: क्या है खास?
2015 में डॉ. मनिका खन्ना द्वारा स्थापित, गॉडियम आईवीएफ (Gaudium IVF) आज भारत के प्रमुख फर्टिलिटी सेंटर्स में से एक है। कंपनी “हब एंड स्पोक” (Hub-and-Spoke) मॉडल पर काम करती है।
- नेटवर्क: वर्तमान में कंपनी के पास 7 मुख्य हब और 28 स्पोक सेंटर्स हैं।
- सेवाएं: आईवीएफ (IVF), आईसीएसआई (ICSI), आईयूआई (IUI), और अन्य जटिल फर्टिलिटी इलाज।
- तकनीक: कंपनी अपनी लैब में अगली पीढ़ी की ‘INTEGRA Ti’ तकनीक का उपयोग करती है, जो सफलता दर (Success Rate) बढ़ाने में मदद करती है।
आईपीओ के पैसों का क्या होगा?
कंपनी फ्रेश इश्यू से मिलने वाले ₹90 करोड़ का इस्तेमाल मुख्य रूप से 19 नए आईवीएफ सेंटर खोलने (₹50 करोड़) और अपने मौजूदा कर्ज को चुकाने (₹20 करोड़) के लिए करेगी।
वित्तीय स्थिति (Financial Performance)
कंपनी के वित्तीय नतीजे काफी ठोस नजर आ रहे हैं:
- राजस्व (Revenue): वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का कुल राजस्व ₹70.96 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में 47% की शानदार वृद्धि है।
- मुनाफा (PAT): कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹19.13 करोड़ रहा, जिसमें करीब 85% की भारी बढ़त दर्ज की गई है।
- मार्जिन: EBITDA मार्जिन 40.48% के स्तर पर है, जो हेल्थकेयर सेक्टर के लिहाज से काफी आकर्षक है।
Pros & Cons: निवेश से पहले क्या देखें?
Pros (फायदे):
- फर्स्ट मूवर एडवांटेज: स्टॉक मार्केट में इस सेगमेंट की पहली कंपनी होने के नाते इसे निवेशकों से प्रीमियम वैल्यूएशन मिल सकता है।
- मजबूत मार्जिन: 40% से अधिक का EBITDA मार्जिन कंपनी की परिचालन कुशलता को दर्शाता है।
- ग्रोइंग मार्केट: भारत में देर से शादी और बदलती जीवनशैली के कारण आईवीएफ मार्केट 13% CAGR से बढ़ रहा है।
- एसेट-लाइट मॉडल: कंपनी लीज्ड प्रॉपर्टीज पर काम करती है, जिससे विस्तार करना आसान और सस्ता होता है।
Cons (जोखिम):
- विशेषज्ञों पर निर्भरता: कंपनी केवल 4-5 मुख्य एम्ब्रियोलॉजिस्ट पर निर्भर है। अगर टैलेंट रिटेंशन में दिक्कत आती है, तो बिजनेस प्रभावित हो सकता है।
- हाई एट्रिशन रेट: कंपनी का एम्प्लॉई एट्रिशन रेट (कर्मचारी छोड़ने की दर) 50% से ऊपर रहा है, जो चिंता का विषय है।
- रेगुलेटरी रिस्क: ART Act 2021 के कड़े नियम और भविष्य में होने वाले बदलाव कंपनी के खर्चों को बढ़ा सकते हैं।
- राजस्व का संकेंद्रण: कंपनी का 90% से अधिक राजस्व केवल आईवीएफ सेवाओं से आता है।
Expert Opinion: क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि Gaudium IVF & Women Health IPO लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। कंपनी का वैल्यूएशन (P/E ratio लगभग 23x-25x) इसके प्रतिस्पर्धियों की तुलना में तर्कसंगत लगता है।
लिस्टिंग गेन के लिए: यदि GMP ₹15 के ऊपर बना रहता है और बाजार में सकारात्मक माहौल रहता है, तो छोटे निवेशक लिस्टिंग गेन के लिए हाथ आजमा सकते हैं।
लंबी अवधि के लिए: अगर आप भारत की बढ़ती फर्टिलिटी डिमांड पर दांव लगाना चाहते हैं, तो पोर्टफोलियो में इस शेयर को जगह दी जा सकती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
गॉडियम आईवीएफ का आईपीओ एक विशिष्ट निवेश अवसर पेश करता है। मजबूत बैलेंस शीट और विस्तार की योजनाओं के साथ, कंपनी खुद को भविष्य के लिए तैयार कर रही है। हालांकि, कर्मचारियों के ऊंचे टर्नओवर और रेगुलेटरी चुनौतियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
अस्वीकरण (Disclaimer): शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी आईपीओ में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।
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Aye Finance IPO Review: आज से खुला 1010 करोड़ का बड़ा IPO, क्या आपको पैसा लगाना चाहिए? जानिए GMP, Price Band और पूरा सच!

Aye Finance IPO भारतीय शेयर बाजार में आज (9 फरवरी, 2026) से दस्तक दे चुका है। अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं या नए IPO की तलाश में हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। गुरुग्राम स्थित यह NBFC (Non-Banking Financial Company) छोटे व्यवसायों को लोन देने के लिए जानी जाती है।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है—क्या Aye Finance IPO में पैसा लगाना सुरक्षित है? क्या यह लिस्टिंग पर मुनाफा देगा या नुकसान? आज हम इस आर्टिकल में कंपनी की कुंडली, वित्तीय हालत (Financials), ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) और रिस्क फैक्टर का पूरा ‘पोस्टमार्टम’ करेंगे।
Aye Finance IPO: एक नज़र में (Key Highlights)
सबसे पहले, उन आंकड़ों पर नज़र डालते हैं जो हर निवेशक के लिए जानना ज़रूरी है।
| विवरण (Particulars) | जानकारी (Details) |
| IPO खुलने की तारीख | 9 फरवरी, 2026 (सोमवार) |
| IPO बंद होने की तारीख | 11 फरवरी, 2026 (बुधवार) |
| प्राइस बैंड (Price Band) | ₹122 से ₹129 प्रति शेयर |
| लॉट साइज़ (Lot Size) | 116 शेयर |
| न्यूनतम निवेश (Retail Min) | ₹14,964 (1 लॉट के लिए) |
| कुल इश्यू साइज़ (Total Size) | ₹1,010 करोड़ |
| फ्रेश इश्यू (Fresh Issue) | ₹710 करोड़ (पैसा कंपनी के पास जाएगा) |
| ऑफर फॉर सेल (OFS) | ₹300 करोड़ (पुराने निवेशक अपना हिस्सा बेचेंगे) |
| फेस वैल्यू (Face Value) | ₹2 प्रति शेयर |
| लिस्टिंग (Listing) | BSE और NSE |
Company Business: आखिर Aye Finance करती क्या है?
निवेश करने से पहले यह समझना ज़रूरी है कि आप पैसा किस धंधे में लगा रहे हैं। Aye Finance Limited की स्थापना 1993 में हुई थी, लेकिन इसका मुख्य कारोबार अब ‘माइक्रो एंटरप्राइजेज’ (Micro Enterprises) को लोन देना है।
सरल भाषा में कहें तो, भारत में ऐसी लाखों छोटी दुकानें, कारखाने और धंधे हैं जिन्हें बड़े बैंक आसानी से लोन नहीं देते क्योंकि उनके पास कागजात कम होते हैं। Aye Finance इन्हीं ‘मिसिंग मिडिल’ (Missing Middle) को टारगेट करती है।
- ग्राहक: छोटी किरण दुकानें, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, डेरी वाले, और सर्विस प्रोवाइडर्स।
- तकनीक: कंपनी ‘क्लस्टर-आधारित’ (Cluster-based) मॉडल का उपयोग करती है, जिससे वे बिना भारी-भरकम दस्तावेज़ों के भी ग्राहक की साख (Creditworthiness) का पता लगा लेते हैं।
- नेटवर्क: कंपनी के पास 20 से अधिक राज्यों में सैकड़ों शाखाएं हैं।
Financial Health: क्या कंपनी मुनाफे में है? (Financial Analysis)
किसी भी IPO की जान उसके फाइनेंशियल होते हैं। आइए देखते हैं पिछले 3 सालों में कंपनी ने कैसा प्रदर्शन किया है।
Revenue और Profit का लेखा-जोखा:
| वित्तीय वर्ष (Financial Year) | कुल आय (Revenue) | शुद्ध मुनाफा (Net Profit) |
| FY 2023 | ₹623 करोड़ | ₹43 करोड़ |
| FY 2024 | ₹1,040 करोड़ | ₹171 करोड़ |
| FY 2025 | ₹1,460 करोड़ (लगभग) | ₹175 करोड़ (लगभग) |
विश्लेषण (Analysis):
- जबरदस्त ग्रोथ: कंपनी की आय में पिछले 3 सालों में लगभग 50% CAGR की वृद्धि हुई है, जो कि बहुत प्रभावशाली है।
- मुनाफा: कंपनी घाटे से उबरकर अब अच्छे मुनाफे में आ चुकी है। FY24 में मुनाफे में भारी उछाल देखा गया था।
- AUM (Assets Under Management): कंपनी का लोन बुक (AUM) लगभग ₹5000 करोड़ के पार जा चुका है।
Aye Finance IPO GMP Today: ग्रे मार्केट का क्या हाल है?
यह वो हिस्सा है जिसका इंतज़ार हर रिटेल निवेशक करता है। GMP (Grey Market Premium) यह बताता है कि लिस्टिंग पर कितना फायदा हो सकता है।
- आज का GMP (9 फरवरी, 2026): ₹0 से ₹2 (Flat)
- अनुमानित लिस्टिंग प्राइस: ₹129 (यानी इश्यू प्राइस के आसपास ही)।
सच्चाई: फिलहाल, ग्रे मार्केट में Aye Finance IPO को लेकर कोई खास उत्साह (Hype) नहीं दिख रहा है। इसका प्रीमियम ‘शून्य’ या बहुत कम है। इसका मतलब है कि बाज़ार अभी इसे लेकर सतर्क है और लिस्टिंग पर ‘बंपर कमाई’ (Listing Gain) की उम्मीद कम है। हालांकि, बाजार का मूड पल भर में बदल सकता है, इसलिए आखिरी दिन तक GMP पर नज़र रखना ज़रूरी है।
Positive vs Negative: निवेश करें या नहीं?
निर्णय लेने में मदद के लिए, यहाँ इस IPO के गुण और दोष दिए गए हैं:
✅ ताकत (Pros – Why to Invest)
- मजबूत निवेशक (Backing): कंपनी में CapitalG (Google की पेरेंट कंपनी Alphabet का फंड) और Elevation Capital जैसे दिग्गज निवेशकों का पैसा लगा है। यह भरोसे का प्रतीक है।
- तेज़ ग्रोथ: राजस्व और लोन बुक में लगातार वृद्धि हो रही है। यह दिखाता है कि कंपनी का बिजनेस मॉडल काम कर रहा है।
- विशाल बाज़ार: भारत में MSME सेक्टर बहुत बड़ा है और अभी भी बहुत से लोगों को लोन नहीं मिल पाता। कंपनी के पास फैलने का पूरा मौका है।
- फ्रेश इश्यू ज्यादा: ₹1010 करोड़ में से ₹710 करोड़ कंपनी के विकास में लगेंगे, न कि सिर्फ पुराने मालिकों की जेब में।
❌ जोखिम (Cons – Risks)
- अनसिक्योर्ड लोन (Unsecured Loans): कंपनी का एक बड़ा हिस्सा ‘बिना गारंटी वाले लोन’ का है। अगर आर्थिक मंदी आती है, तो छोटे व्यापारी लोन नहीं चुका पाएंगे, जिससे कंपनी का NPA (Non-Performing Asset) बढ़ सकता है।
- कड़ी टक्कर: इस क्षेत्र में Bajaj Finance जैसे बड़े दिग्गजों के साथ-साथ Small Finance Banks से भी कड़ी टक्कर है।
- GMP का ठंडा होना: फिलहाल ग्रे मार्केट में कोई डिमांड न होना एक खतरे की घंटी है। लिस्टिंग डिस्काउंट पर भी हो सकती है।
- ब्याज दरें: अगर बाज़ार में ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो कंपनी का मार्जिन कम हो सकता है।
Aye Finance IPO Dates & Timeline (महत्वपूर्ण तारीखें)
अगर आप अप्लाई करने का सोच रहे हैं, तो इन तारीखों को अपने कैलेंडर में मार्क कर लें:
- IPO ओपन: 9 फरवरी, 2026
- IPO क्लोज: 11 फरवरी, 2026 (शाम 5 बजे तक)
- अलॉटमेंट डेट (Allotment): 12 फरवरी, 2026 (गुरुवार)
- रिफंड शुरू: 13 फरवरी, 2026
- शेयर क्रेडिट: 13 फरवरी, 2026
- लिस्टिंग डेट (Listing): 16 फरवरी, 2026 (सोमवार)
निष्कर्ष (Verdict): क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
Aye Finance IPO एक लंबी अवधि (Long Term) के नजरिए से अच्छी कंपनी हो सकती है क्योंकि इसका ट्रैक रिकॉर्ड सुधर रहा है और यह एक ऐसे सेक्टर में है जहाँ मांग कभी खत्म नहीं होगी।
लेकिन, शॉर्ट टर्म (Listing Gain) के लिए:
वर्तमान GMP (₹0) को देखते हुए, यह जोखिम भरा हो सकता है। अगर आप सिर्फ लिस्टिंग वाले दिन मुनाफा कमाकर निकलना चाहते हैं, तो अभी स्थिति बहुत उत्साहजनक नहीं है।
मेरी सलाह:
- High Risk Investors: छोटा दांव लगा सकते हैं, लेकिन नुकसान के लिए तैयार रहें।
- Safe Investors: आखिरी दिन (11 फरवरी) तक का इंतज़ार करें। अगर QIB (बड़े संस्थागत निवेशक) इसमें भारी पैसा लगाते हैं और GMP में सुधार होता है, तभी निवेश करें।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. Aye Finance IPO का रजिस्ट्रार कौन है?
Ans: इस IPO का रजिस्ट्रार KFin Technologies Limited या Link Intime हो सकता है (आधिकारिक पुष्टि के लिए RHP देखें)। अलॉटमेंट स्टेटस इनकी वेबसाइट पर चेक किया जा सकेगा।
Q2. मैं Aye Finance IPO का अलॉटमेंट कैसे चेक करूं?
Ans: आप 12 फरवरी को रजिस्ट्रार की वेबसाइट या BSE की वेबसाइट पर जाकर अपने PAN नंबर से अलॉटमेंट चेक कर सकते हैं।
Q3. क्या यह IPO SME है या Mainboard?
Ans: यह एक Mainboard IPO है, इसलिए यह BSE और NSE दोनों पर लिस्ट होगा।
Q4. एक रिटेल निवेशक अधिकतम कितने लॉट के लिए अप्लाई कर सकता है?
Ans: एक रिटेल निवेशक अधिकतम ₹2 लाख तक का निवेश कर सकता है। चूँकि एक लॉट लगभग ₹15,000 का है, आप अधिकतम 13 लॉट के लिए आवेदन कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से लिखा गया है। यह कोई निवेश सलाह (Investment Advice) नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।
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